WATV.org is provided in English. Would you like to change to English?

रूढ़िबद्ध धारणा को त्याग दें

590 देखे जाने की संख्या

चलो, मैं आपको एक दिलचस्प खेल देता हूं। अपना हाथ हटाए बिना चार सीधी रेखाएं खींचें और बाईं ओर वाली सभी नौ बिंदुओं को जोड़ें।

क्या आप सफल हुए? यहां उन लोगों के लिए जवाब है जिन्हें पता नहीं है कि इसे कैसे हल किया जाए। यह मानें कि आपने पहली लाइन की शुरुआत से लेकर नीचे की लाइन के अंत तक क्रम में ① से ⑨ के नंबर डाल दिए हैं, और नंबर ①, ④ और ⑦ को पहले जोड़ दें। इस समय, रेखा को ⑦ पर न रोकें, बल्कि ④ और ⑦ के बीच की लंबाई जितना नीचे की ओर वह रेखा खींचें। फिर एक विकर्ण रेखा से ⑧ और ⑥ को जोड़ें। यहां से फिर ⑥ पर न रुकें, बल्कि ③ की दाईं ओर खींचें। फिर ③, ②, ①, और अंत में ⑤ और ⑨ के क्रम में एक और लेखा खींचें!

जवाब जानने के बाद, यह खेल आसान लगता है, है न? लेकिन पहली बार देखने पर यह इतना कठिन क्यों लगा? यह शायद एक रूढ़िबद्ध धारणा की वजह से है। हमने अनजाने में सोचा होगा कि किसी भी रेखा को बिंदुओं के पार क्षेत्र से बाहर नहीं जाना चाहिए, जो एक रूढ़िबद्ध धारणा है। यदि आप अपने रूढ़िबद्ध धारणा को तोड़ते हैं और अपने क्षितिज को व्यापक बनाते हैं, तो कभी-कभी आप समस्याओं को आसानी से हल कर सकते हैं। क्या ऐसा हमारे जीवन के साथ भी नहीं होना चाहिए जब हम हल करने के लिए कई समस्याओं से गुजर रहे होंगे?