उपदेश
यह आपको परमेश्वर के वचनों पर जो आपकी आत्मा को पुनर्जीवित करते हैं, दिन-रात ध्यान करने में सहायता करने के लिए है।
आइए हम स्वर्ग की नागरिकता प्राप्त करें
परमेश्वर की इस भविष्यवाणी के अनुसार कि, ‘तेरी सन्तान अपने दरबों की ओर उड़ते हुए कबूतरों के समान दूर से आ रही हैं,’ अब हमारे बहुत से आत्मिक भाई और बहनें संसार के विभिन्न क्षेत्रों से आ रहे हैं। यह हमें दिखाता है कि परमेश्वर की भविष्यवाणियों में से कोई भी बिना पूरी हुए नहीं गुजर जाएगी। चाहे वे सब अलग–अलग जातियों से हैं, लेकिन उन सब के पास आत्मा और दुल्हिन के प्रति एक समान विश्वास है और वे सब सुसमाचार का कार्य ईमानदारी से करते हैं। यह देखते हुए कि वे सत्य के वचनों को समझने में कितने तेज हैं, हमें महसूस हो सकता है कि नियत समय आ गया है और परमेश्वर सिय्योन के सभी भाइयों और…
मनुष्य जिसका परमेश्वर इस्तेमाल करते हैं
परमेश्वर ने कहा है, “जिन्हें नई वाचा सौंपी गई है वे यदि ‘दीनता’ शब्द को अपने मन में अंकित कर लें, तो परमेश्वर का सुसमाचार अत्यन्त समृद्ध हो जाएगा।” नबियों से लेकर नए सदस्यों तक, आइए हम सब दीनता के बारे में सोचें और हम सब उस गुण को धारण करने वाले सुसमाचार के सेवक बन जाएं। मसीह के जैसा दीनता का गुण धारण करो ... पर दीनता से एक दूसरे को अपने से अच्छा समझो। हर एक अपने ही हित की नहीं, वरन् दूसरों के हित की भी चिन्ता करे। जैसा मसीह यीशु का स्वभाव था वैसा ही तुम्हारा भी स्वभाव हो। जिसने परमेश्वर के स्वरूप में होकर भी परमेश्वर के तुल्य होने को अपने वश में रखने की…
जाओ, लोगों को चेला बनाओ
परमेश्वर ने हमसे कहा है, “जाओ, सब जातियों के लोगों को चेला बनाओ।” इस वचन के अनुसार, हम सोचते हैं कि यह कार्य किसी अन्य कार्य से अधिक महत्वपूर्ण है, और लोगों को चेले बनाने की कोशिश करते हैं। जो भी हो, सभी सदस्य इस कार्य के लिए योग्य नहीं ठहरते। इस समय प्रचारक जिन्हें परमेश्वर भेजने के लिए प्रसन्न होते हैं उनकी योग्यताओं का अध्ययन करने के द्वारा, आइए हम स्वयं पर विचार करें और जांच करें कि हम सुसमाचार के प्रचारक के लिए योग्य हैं या नहीं। ... इसलिये तुम जाओ, सब जातियों के लोगों को चेला बनाओ; और उन्हें पिता, और पुत्र, और पवित्र आत्मा के नाम से बपतिस्मा दो, और उन्हें सब बातें जो मैं ने…
बड़े और सामर्थी लोग
इन दिनों में, नई वाचा के सुसमाचार की ज्योति तेजी से फैल रही है। इस बीच दुष्ट शैतान सुसमाचार के कार्य में बाधा डालने के लिए हर संभव उपाय कर रहा है। दुष्ट आत्माओं के विरुद्ध हमारी लड़ाई में, हम परमेश्वर के सारे हथियार, यानी परमेश्वर के प्रति विश्वास, उद्धार की आशा और अंत तक सत्य की रक्षा करने का दृढ़ संकल्प करते हुए, और पांवों में मेल के सुसमाचार की तैयारी के जूते पहनते हुए जीत हासिल कर रहे हैं। यद्यपि हमारा दुश्मन, शैतान हर तरह की बुरी बातों के साथ हमें रोकता है, हम सुसमाचार का प्रचार इस दृढ़ विश्वास के साथ करते हैं कि निश्चित रूप से हम शैतान पर विजय पाएंगे। इसलिए सुसमाचार का कार्य रुकता…
मनुष्य, मसीह यीशु
आजकल हम जो मसीह का प्रचार कर रहे हैं, प्रथम चर्च के जैसी स्थिति में कभी-कभी पड़ते हैं। आइए हम देखते हैं, मसीह के विषय में जो इस धरती पर शरीर पहन कर आया, प्रथम चर्च के सुसमाचारक कैसे साक्षी देते और सुसमाचार का प्रचार करते थे? और उस समय के धार्मिक नेता किस बात पर अत्याचार करते थे? आइए हम विस्तार से उनके बारे में जांच करें जो स्वर्ग में जाते हैं और जिन्हें नरक जाना पड़ता है। इसके द्वारा हमें अनुग्रहमय विश्वास लेना है ताकि हम परमेश्वर के न्याय करने आते समय उससे प्रशंसा पा सकें। मसीह यीशु मनुष्य था "जो यह चाहता है कि सब लोग उद्धार प्राप्त करें और सत्य को जानें। क्योंकि परमेश्वर एक ही…
एलोहीम परमेश्वर
अपने माता–पिता का पालन करना यह हर एक सन्तान का कर्तव्य होता है। उसी तरह से, मनुष्य का मूलभूत कर्तव्य परमेश्वर को जानना और उनकी आज्ञाओं का पालन करना है। सभी लोगों को इस संसार में ज्योति के रूप में आए परमेश्वर को पहचानना चाहिए। हालांकि, उनके लिए उन्हें पहचानना आसान नहीं है, क्योंकि, शैतान ने, जो “इस संसार का प्रभु” कहलाता है, लोगों के मनों को अंधा कर दिया है, ताकि वे मसीह के महिमा की ज्योति को देख न सकें।(2कुर 4:4) ... आओ, हम ज्ञान ढूंढ़ें, वरन् यहोवा का ज्ञान प्राप्त करने के लिये यत्न भी करें; क्योंकि यहोवा का प्रगट होना भोर का निश्चित है; वह वर्षा के समान हमारे ऊपर आएगा, वरन् बरसात के अन्त की…
शैतान की निन्दा और परमेश्वर की विजय
अब, सुसमाचार पूरे संसार में, पूर्व से पश्चिम तक प्रचार किया जा रहा है। परमेश्वर का कार्य नियत समय आने पर शीघ्रता से पूरा हो जाएगा। जैसे जैसे समय निकट आता जा रहा है, शैतान और भी उग्रतापूर्वक हमारी निन्दा कर रहा है। हम, परमेश्वर की सन्तानों को जो पहले नहीं सहे उन परीक्षणों, परेशानियों, सतावों और प्रलोभनों को सहना पड़ सकता है। आइए हम, बाइबल के द्वारा यह देखें कि शैतान परमेश्वर के सत्य की कैसे निन्दा करता है, और परमेश्वर कैसे अन्त में उस पर विजय पाते हैं,(प्रक 18) ताकि हम भी खुशी के साथ विश्वास में दृढ़ता से खड़े रहते हुए, उस पर विजय पा सकें। बाइबल भविष्यवाणी करती है कि परमेश्वर शैतान के प्रतिरोध पर विजय…
परमेश्वर का शरीर में आने का कारण
आजकल यीशु के पवित्र चित्र में, जो यीशु का चित्रण करता है, यीशु की आकृति, जिसकी कल्पना लोग करते हैं, अति पवित्र और ईश्वरीय दिखती है। लेकिन जब यीशु आया, उस समय के लोग ‘यीशु को कैसा समझते थे?’, ‘जिस चर्च को यीशु ने स्थापित किया उसे कैसे देखते थे?”, और “स्वर्ग के सुसमाचार को जिसे यीशु ने सुनाया उसे कैसे सोचते थे?” जब तक हम इसे न जाने तब तक हम मसीह को नहीं जान सकते। मसीह मूल रूप से परमेश्वर का स्वरूप था, और वह बालक रूप में पैदा होने से पहले सर्वशक्तिमान पिता परमेश्वर था।(फिलि 2:5, यश 9:6 संदर्भ) लेकिन जब यीशु ने कहा, “मैं और पिता एक हैं।”, यहूदियों ने उस पर पथराव करने के लिए…
दासों की मानसिकता और पुत्रों की मानसिकता
हम ऐसे सेवक हैं जिन्हें परमेश्वर ने योग्य ठहराकर सुसमाचार का कार्य सौंपा है, और हम परमेश्वर के महान मिशन में भाग ले रहे हैं। फिर, सुसमाचार के कार्य के प्रति हमारा रवैया कैसा है? यह बहुत ही महत्वपूर्ण बात है। हम आत्मिक लवनेवालों के रूप में जो सुसमाचार के बीज फैलाते हैं और गेहूं इकट्ठे करते हैं, हमारे पास कौन सी मानसिकता है, दासों की मानसिकता या पुत्रों की मानसिकता? क्या हम सिर्फ आंगनों पर चलते हुए दासों की मानसिकता के साथ काम नहीं कर रहे हैं? दासों की मानसिकता और पुत्रों की मानसिकता में बड़ा अंतर है। पुत्र की मानसिकता वाला मनुष्य परमेश्वर के साथ दुख उठाता है कि उनके साथ महिमा भी पाए आइए हम ऐसा मानें…
प्रभु! मैं एक पापी मनुष्य हूं!
हमने स्वर्ग में पाप किया, और हम इस शरणनगर, पृथ्वी पर निकाल दिए गए थे। यह बहुत स्वाभाविक है कि हम अपने निज देश की अभिलाषा करते हैं। हम सभी उत्साह से स्वर्ग में वापस जाने की इच्छा रखते हैं, पर हम आसानी से भूल जाते हैं कि हम पापी हैं। अब आइए हम देखें कि हम पापियों का, जिन्हें पश्चाताप करने की जरूरत है, कर्तव्य क्या है, ताकि हम स्वर्ग के राज्य में लौट सकें। पापी होने की पहचान और बोध होना आवश्यक है बहुत से लोग खुद के बारे में नहीं जानते। हम भी नहीं जानते थे कि हम कौन हैं: पृथ्वी पर हमारे आने की वजह क्या था? क्यों हम अपने 70 या 80 वर्षों के जीवनकाल…
अपने जीवन का अंदाज़ सुसमाचार के सुयोग्य होने दे
अब, जैसे कि परमेश्वर ने योजना की थी, सुसमाचार का कार्य संपूर्ण हो रहा है; हमारे स्वर्गीय परिवार के बहुत सदस्य जो पूरे संसार में बिखर गए थे, अब सिय्योन की ओर आ रहे हैं। सुसमाचार का और परमेश्वर के पवित्र नाम का प्रचार करने वालों के पांव अब और तेज़ी से चल रहे हैं। परमेश्वर को बहुत धन्यवाद! मैं अच्छे से जानता हूं कि अब सुसमाचार का प्रचार करना सिय्योन के सभी भाइयों और बहनों में एक रीति बन गया है। अब, परमेश्वर की शिक्षाओं के द्वारा, आइए हम इस बात पर विचार करें कि कैसे हम सुसमाचार के सुयोग्य जीवन जी सकते हैं। कुछ देने में पाने से ज्यादा आशीष है हम प्रार्थना करने, अध्ययन करने और प्रचार…
आत्मिक दुनिया को देखो
हम इस पृथ्वी पर स्वर्गीय घर की आशा करते हुए, मुसाफिर के समान जी रहे हैं। इस दृश्य और सीमित संसार में शरीर पहनने के कारण, हम आसानी से बाहरी चीजों में तल्लीन हो जाते हैं कि हम आत्मिक दुनिया के बारे में नहीं सोच सकते। जब हम शारीरिक चीजों में लिप्त हो जाते हैं, हम परमेश्वर के पूर्व विचार को नहीं समझ सकते; हम अपने विश्वास में आगे नहीं बढ़ सकते, और यहां तक कि जो विश्वास हमारे पास है वह भी धीरे धीरे शांत हो जाता है। विश्वास के हमारे पूर्वजों ने कहा है कि अदृश्य दुनिया का अस्तित्व है और वह एक अनन्त दुनिया है। और हम तो देखी हुई वस्तुओं को नहीं परन्तु अनदेखी वस्तुओं को…
प्रचार करने का समय
परमेश्वर हमें कुछ सौंपते हैं ताकि अंत में वह हमें अच्छी वस्तुओं से आशीर्वादित कर सकें। इस समय हमें सुसमाचार का प्रचार सौंपा गया है। यह हमारे खुद के और दूसरों के उद्धार के लिए परमेश्वर का एक आशीर्वाद है। हमें इस बात को समझते हुए अपने विश्वास के मार्ग पर चलना चाहिए। 3,000 लोगों का नष्ट होना और 3,000 लोगों का उद्धार पाना मूसा के समय में, इस्राएलियों ने परमेश्वर के अनुग्रह से मिस्र के दासत्व से छुटकारा पाया और कनाना की ओर चल दिए। जब वे जंगल में से गुजर रहे थे, वे सांसारिक आचरण में फंस गए; जब मूसा दस आज्ञाओं को लेने के लिए सीनै पर्वत पर गया था, तब उन्होंने एक मूर्ति की पूजा की।…
छोटी शुरुआत और समृद्ध भविष्य
हम ऐसी आशा के साथ जीते हैं कि चाहे हमारी शुरुआत छोटी प्रतीत होती है, हमारा भविष्य परमेश्वर की कृपा के द्वारा समृद्ध होगा। परमेश्वर ने इस संसार में दूसरे लोगों को नहीं, लेकिन हम से प्रतिज्ञा की है। उस प्रतिज्ञा के शब्द ऐसे हैं: चाहे तेरा भाग पहले छोटा ही रहा हो, परन्तु अन्त में तेरी बहुत बढ़ती होती। अय 8:7 इस संसार में सब बातों के लिए एक समय होता है: शुरू होने का समय और समाप्त होने का समय। इसलिए, सुसमाचार के कार्य के लिए भी एक समय है। चाहे हमारे सुसमाचार के कार्य की शुरुआत छोटी थी, लेकिन जैसे जैसे वह आगे बढ़ता जाता है, वैसे वैसे वह और भी ज्यादा समृद्ध होता जाता है। पिछले…
फसह का पर्व और परमेश्वर की मुहर
अब, इस दुनिया में बहुत सी विपत्तियां आ रही हैं: देशों के बीच में युद्ध, जातियों के बीच में संघर्ष, आतंकवाद, अकाल, भूकम्प, और मौसम में बदलाव की वजह से आने वाली जानलेवा ठंड या गर्मी। जब कभी भी ऐसी घटनाएं घटित होती हैं, लोग इस बात को न जानते हुए कि उन्हें अपने मन किस पर और कहां लगाने चाहिए, भय से थरथराते हैं। बाइबल ने पहले से विपत्तियों के विषय में भविष्यवाणी की है और यह भी बताया है कि उन विपत्तियों के आने पर लोग क्या करेंगे। क्योंकि चाहे वे खोदकर अधोलोक में उतर जाएं, तो वहां से मैं हाथ बढ़ाकर उन्हें लाऊंगा; चाहे वे आकाश पर चढ़ जाएं... चाहे वे कर्म्मेल में छिप जाएं... और चाहे…
अपनी पड़ती भूमि को जोतो
बसंत ऋतु में, सभी किसान शरद ऋतु में बंजर पड़े अपने खेतों को जोतते हैं, और सभी घास–फूस और पेड़ों की जड़ों को निकालते हैं। बीज बोने के बाद, वे उन बीजों का ख्याल रखते हैं कि वे अंकुरित हो सकें; फिर वे अच्छी खाद डालते हैं, और जब तक वे पतझड़ के मौसम में अच्छे फल नहीं पाते तब तक घास–फूस को निकालते रहते हैं। सुसमाचार के फल पैदा करने में भी वैसा ही है। क्योंकि बाइबल कहती है: अपने लिये धर्म का बीज बोओ, तब करुणा के अनुसार खेत काटने पाओगे; अपनी पड़ती भूमि को जोतो; देखो, अभी यहोवा के पीछे हो लेने का समय है, कि वह आए और तुम्हारे ऊपर उद्धार बरसाए।हो 10:12 क्या एक किसान…
यरीहो और बेबीलोन
सिय्योन के हमारे भाई-बहनों में से छात्र विद्यालय में, कर्मचारी कार्यस्थल में, सैनिक सेना में, और गृहिणियां अपने पड़ोस में पूरे उत्साह से सुसमाचार का प्रचार कर रहे हैं। क्योंकि हम अभी अपनी परिस्थितियों में पूरा मन लगाकर प्रचार कर रहे हैं, इसलिए परमेश्वर ने बेबीलोन की शक्ति को कमजोर कर दिया है। इन दिनों में वे लोग भी, जो लंबे समय से बेबीलोन में हैं, अभी बाइबल के अनुसार सत्य को ढूंढ़ रहे हैं और सत्य ग्रहण कर रहे हैं। यह सुसमाचार में एक वर्तमान प्रवृत्ति है। बाइबल की भविष्यवाणी के अनुसार बेबीलोन गिरने वाला है। बेबीलोन का पतन यहोशू के दिनों में हुए यरीहो के पतन के समान है। यह परमेश्वर का कार्य था कि यरीहो की दृढ़…
जब तक परमेश्वर के सुसमाचार का राज्य स्थापित न हो जाए
संसार में लोगों के जीवन में अपने विभिन्न उद्देश्य होते हैं। वे अपने मन में आशा संजोकर भविष्य के लिए योजनाएं बनाते हैं कि वे कब एक घर खरीदेंगे, वे कैसे अपने बच्चों को पढ़ाएंगे, इत्यादि। वे नौकरी की जगह पर तभी आनन्द महसूस करते हैं जब उनके पास आशा होती है। जब उनके पास एक अच्छा पद पाने की और निकट भविष्य में एक आनन्दमय जीवन जीने की आशा होती है, तो क्या वे अपनी नौकरी की जगह पर शक्ति नहीं पाते और मेहनत से काम नहीं करते? परमेश्वर के लोगों के पास भी अपने भविष्य के लिए उद्देश्य होने चाहिए। अब, आइए हम उन योजनाओं के बारे में सोचते हुए जो हमने अपने विश्वास के जीवन के भविष्य…
महान नबी बन जाओ
बाइबल एक “नबी” का ऐसे व्यक्ति के रूप में उल्लेख करती है जो परमेश्वर की इच्छा को पहले समझता है और परमेश्वर के कार्य को पूरा करता है। परमेश्वर अपने नबियों पर अपना मर्म बिना प्रगट किए कुछ भी नहीं करते, और वह प्रत्येक युग में अपने चुने हुओं के पास बार-बार अपने नबियों को भेजते हैं(आम 3:7; यिर्म 29:19)। पुराना नियम उन नबियों के कार्यों का ठीक वर्णन करता है जिन्होंने उस समय इस्राएलियों को चेतावनी दी जब कभी वे भटक गए, परमेश्वर की सच्ची इच्छा को उन तक पहुंचाया, और आनेवाली विपत्तियों और मसीह के उद्धार की भविष्यवाणियां कीं। नया नियम भी सुसमाचार के उन नबियों के बारे में बताता है जिन्होंने मसीह के इस पृथ्वी पर आने…
अंतिम तीन इच्छाएं
सिय्योन के सदस्य सभी मानव जाति के उद्धार के लिए अभी ईमानदारी से सुसमाचार का प्रचार कर रहे हैं। भले ही प्रचार करने के हमारे प्रयास छोटे-छोटे हैं, फिर भी परमेश्वर हमारे लिए महान और अतुल्य आशीष, और पुरस्कार तैयार कर रहे हैं। यह अमेरिका में घटी एक सच्ची घटना है। एक दिन, एक कॉलेज का विद्यार्थी रास्ते पर चल रहा था। उसे प्यास लगी, और उसने एक फार्म हाउस का दरवाजा खटखटाया। तब एक लड़की बाहर आई, और उसने उससे एक ग्लास पानी मांगा। लड़की ने एक बड़े ग्लास में दूध डाल दिया और बड़े प्यार से उस विद्यार्थी को परोसा जो उसके लिए एक अजनबी था। समय गुजरा, और वह लड़की बड़ी हो गई। फिर एक दिन वह…