उपदेश
यह आपको परमेश्वर के वचनों पर जो आपकी आत्मा को पुनर्जीवित करते हैं, दिन-रात ध्यान करने में सहायता करने के लिए है।
माता का हृदय और सुसमाचार
जब भी शरद ऋतु आती है, हम सड़कों पर ‘जिनको’ पेड़ों के पीले रंग के पत्तों को देख सकते हैं, जो एक सुंदर वातावरण बनाते हैं। जब हम ध्यान से पेड़ों को देखते हैं, उनमें से कुछ में अधिक फल लटके होते हैं, और कुछ दूसरों में एक भी फल नहीं होता। यह इसलिए है क्योंकि उनमें नर ‘जिनको’ पेड़ और नारी ‘जिनको’ पेड़ होते हैं, और केवल नारी पेड़ पर ही फल लगते हैं। सभी चीजों के सृष्टिकर्ता परमेश्वर की ईश्वरीय योजना बहुत ही गहरी है।(प्रक 4:11) सभी जीवित प्राणी अपनी माता के द्वारा जीवन पाते हैं और फल फलते हैं। सिय्योन में, परमेश्वर ने हमें सुसमाचार का फल फलने की अनुमति दी है; हम तभी फल फल सकते…
सुसमाचार का कार्य परमेश्वर की योजना के अनुसार होता है
परमेश्वर हमें हमेशा साहस देते हैं, ताकि हम हिम्मत जुटाकर निडर हो सकें। लेकिन जब कभी हम सुसमाचार का प्रचार करते हुए मुश्किल स्थिति का सामना करते हैं, तब हम मारे डर के जम–से जाते हैं। परमेश्वर कहते हैं, “मत डर, क्योंकि मैं तेरे संग हूं (यश 41:10)।” भले ही हम परमेश्वर के इन वचनों को सुनते हैं, लेकिन कभी–कभी हम अंदरूनी पहलू के बजाय सिर्फ बाहर से दिखाई देने वाली स्थिति पर ध्यान देते हैं। यदि सत्य के प्रचारक हिचकिचाएं या पीछे हटें, तो सुसमाचार का कार्य पूरा नहीं हो सकेगा। जब हम महसूस करें कि हमारे परमेश्वर कितने महान हैं और दृढ़ता से विश्वास करें कि परमेश्वर स्वयं सुसमाचार के कार्य की अगुवाई कर रहे हैं, सिर्फ तब…
नए सिरे से जन्मे लोग
हाल ही में पूरे संसार से ऐसी खबरों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है कि सदस्य पश्चाताप करते हुए सुंदर ढंग से एकजुट हो रहे हैं। और दुनिया के कोने–कोने से यह समाचार आ रहा है कि बहुत सदस्य जो स्वर्गीय माता के अच्छे उदाहरण और शिक्षाओं के द्वारा प्रेरित हुए हैं, आंसुओं के साथ अपनी गलती के लिए पहले माफी मांगकर समझौता कर रहे हैं और पश्चाताप का जीवन जीने का संकल्प कर रहे हैं। “माफ कीजिए” या “क्षमा कीजिए” जैसी बात अब हमारे मन में गहरी गूंज पैदा कर रही है। परमेश्वर ने कहा है कि जब स्वर्ग का राज्य निकट है, तब परमेश्वर सदस्यों के हृदयों को एक होने देंगे और हमारे कठोर हृदयों…
हमारे घर के मालिक कौन हैं?
एक घर अपने मालिक की गरिमा या शैली को पूरी तरह से दिखाता है। जब आप अन्य लोगों के घरों में जाते हैं, तो उनमें से कुछ घर एक हार्दिक और दोस्ताना माहौल पेश करता है, लेकिन दूसरा ठंडा और अमित्र वातावरण पेश करता है। बस कुछ ही मिनटों के लिए घर में रहकर, आप आसानी से पता लगा सकते हैं कि घर के मालिक किस तरह के व्यक्ति हैं कि क्या वह आलसी हैं या मेहनती, या क्या वह हर चीज के बारे में शांतचित्त हैं या सख्त। तो, एक घर ऐसी जगह है जो अपने मालिक के आंतरिक रूप को जसैा है वैसा ही प्रकट करता है। फिर, आइए हम इस बारे में सोचें कि हमारे घर के…
भविष्यवाणी की तुरही की आवाज
बाइबल ने पहले ही से भविष्यवाणी की है कि स्वर्ग के राज्य का सुसमाचार कैसे चलाया जाएगा और पूरा होगा। परमेश्वर ने बाइबल में सब कुछ लिखा है, जिसमें इस युग में होने वाली बातें और वह प्रक्रियाएं शामिल हैं जिनसे हमें स्वर्ग जाने तक गुजरना चाहिए। जब हम उन्हें एक-एक करके देखें, तो हम परमेश्वर की पूर्वनिर्धारित इच्छा देख सकते हैं जो अद्भुत है। फिर, कौन सी भविष्यवाणी पूरी होनी बाकी है और हमें अब क्या करना चाहिए? पिता आन सांग होंग ने कहा, “सैनिक तुरही की आवाज पर चलते हैं, और विश्वासी भविष्यवाणी की आवाज पर चलते हैं।” पिता के वचनों को मन की गहराई में अंकित करते हुए, हमें भविष्यवाणी की तुरही की आवाज पर ध्यान देना…
अदृश्य दुनिया और सच्चा विश्वास
विश्वास उद्धार के लिए आवश्यक है। बाइबल स्पष्ट रूप से उल्लेख करती है कि विश्वास के बिना लोग उद्धार नहीं पा सकते। यह इसलिए क्योंकि केवल विश्वास रखनेवाले लोग हमारे उद्धार के लिए स्थापित हुई परमेश्वर की आज्ञाओं और नियमों का पालन कर सकते हैं। परमेश्वर ने दृश्य और अदृश्य दुनिया की सृष्टि की। विश्वास की दुनिया भी अदृश्य है, इसलिए सामान्य समय में यह जानने का कोई तरीका नहीं कि हमारा विश्वास बड़ा है या छोटा। तब, हमारा विश्वास कब और कैसे प्रकट किया जाता है, और हमें किस प्रकार का विश्वास रखना चाहिए? आइए हम बाइबल की शिक्षाओं के द्वारा इसकी पुष्टि करें। अपने आप को परखो कि विश्वास में हो कि नहीं सभी ने अपने स्कूल के…
परमेश्वर की प्रतिज्ञा और स्वर्ग
पुराना वर्ष चला गया है, और एक नया वर्ष शुरू हुआ है। अतीत को देखते हुए, मुझे लगता है कि मेरे सभी दिन इतनी जल्दी बीत गए कि जैसे मैं एक ही रात की नींद से जाग गया हूं। यह मुझे याद दिलाता है कि वह दिन नजदीक आ रहा है जब हम स्वर्ग जाएंगे। हमें बहुत आभारी होना चाहिए कि हमारे लिए स्वर्ग का राज्य है। जब यीशु 2,000 वर्ष पहले इस पृथ्वी पर आए थे, तो उन्होंने सिखाया कि स्वर्ग और नरक का अस्तित्व वास्तव में है और हमसे उस मार्ग का अनुसरण करने को कहा जो उन्होंने हमारे लिए खोला था, ताकि हम सभी स्वर्ग जा सकें। फिर उन्होंने पृथ्वी पर अपने जीवन के दौरान सत्य की…
पिन्तेकुस्त का दिन
नए नियम के पिन्तेकुस्त के दिन को पुराने नियम में “सप्ताहों का पर्व” कहा जाता था। 2,000 वर्ष पहले, यीशु के पुनरुत्थान और स्वर्गारोहण के बाद, इस दिन परमेश्वर ने अपने लोगों पर पवित्र आत्मा की सामर्थ्य उंडेली, ताकि वे यीशु मसीह के बारे में गवाही दे सकें। उन्होंने संसार की सभी जातियों को स्वर्ग के राज्य के सुसमाचार का प्रचार किया, जो यीशु ने उन्हें सिखाया था। मसीह ने स्वर्गारोहण के दिन पर विश्व सुसमाचार का मिशन घोषित किया। यह पिन्तेकुस्त का दिन था जो विश्व सुसमाचार की आग को प्रज्वलित कराने के लिए एक चिंगारी बना। पिन्तेकुस्त के दिन पर चेलों पर उंडेला गया पवित्र आत्मा प्रथम चर्च के सुसमाचार के विकास के लिए प्रेरक शक्ति बन गया।…
हम मनुष्य कहां से आए हैं और कहां जा रहे हैं?
जब से मनुष्य इस पृथ्वी पर हैं, सभ्यता का विकास निरंतर हो रहा है। हालांकि, ऐसे अनगिनत रहस्य हैं जिन्हें मनुष्य हल नहीं कर सके हैं। उनमें से एक मनुष्य की आत्मा का सत्य है जिसे जानने के लिए सभी युगों के और देशों के लोग जिज्ञासु रहे हैं: इस पृथ्वी पर पैदा होने से पहले हम कहां थे? क्या मृत्यु सब बातों का अंत है या मृत्यु के बाद एक और दुनिया है? जीवन से संबंधित इन सभी सवालों के जवाब न पा सकने के कारण, वे सभी अज्ञात रूप से मृत्यु से डरते हैं; चूंकि वे नहीं जानते कि वे कहां जा रहे हैं, वे इस बात को लेकर आश्वस्त नहीं हैं कि उनके भविष्य में क्या होने…
झूठे भविष्यद्वक्ता की पहचान और सच्चा चर्च
जिस पृथ्वी के पारिस्थितिकी तंत्र में हम रहते हैं, वह इतने नाजुक और उत्कृष्ट रूप से व्यवस्थित किया गया है कि हम असहाय होकर सोचते हैं कि किसी न किसी ने तो इसका निर्माण किया है। क्या होता यदि पृथ्वी वर्तमान आकार से थोड़ी बड़ी या छोटी होती? क्या होता यदि पृथ्वी सूरज से थोड़ा करीब या दूर होती? यदि पृथ्वी का आकार या सूरज तक की दूरी में थोड़ा सा भी परिवर्तन हो जाए और यदि उपग्रह चांद का अस्तित्व न होता, तो पृथ्वी पर जीवन न होता। पृथ्वी को पानी या ऑक्सीजन की कमी होती और इसका तापमान अधिक हद तक गर्म या ठंड होता; तो जैसा अब है वैसा ही पृथ्वी का पर्यावरण मानव निवास के लिए…
वे जो क्षणभर के लिए जीते हैं और वे जो अनन्तकाल के लिए जीते हैं
बाइबल गवाही देती है कि परमेश्वर की सन्तान, जो उद्धार पाएंगी, वे स्वर्ग के नागरिक हैं।(फिलि 3:20) स्वर्गीय नागरिक होने के तौर पर, हमें अपना मन पृथ्वी की नहीं पर स्वर्ग की बातों पर लगाना चाहिए। परमेश्वर हमें, अपनी सन्तानों को, सिर्फ हमारे शारीरिक जीवन में नहीं फंसाना चाहते। इसलिए परमेश्वर हमें सिखाते हैं कि हमें उन अनन्त चीजों के लिए जीना चाहिए जो हम स्वर्ग में वापस जाकर भोगेंगे। जिस प्रकार इस पृथ्वी पर सब के पास एक देश के नागरिक होने के नाते कुछ अधिकार और कर्तव्य होते हैं, उसी प्रकार हम सभी के पास स्वर्ग के नागरिक होने के नाते कुछ अधिकार और कर्तव्य होते हैं। आइए हम देखें कि पृथ्वी पर हमारा जीवन हमारे लिए क्या…
प्रायश्चित्त के दिन का अर्थ
सब्त और तीन बार में सात पर्व इत्यादि परमेश्वर के पर्व, जिनका वर्णन बाइबल में है, वे सिर्फ पुराने नियम की व्यवस्था नहीं हैं, लेकिन उनमें से हर एक के पास मानवजाति के उद्धार के लिए महान अर्थ है। परमेश्वर सिय्योन के लोगों को बचाते हैं जो पर्व मनाते हैं और जिन्होंने पर्वों के अनुसार बलिदान(आराधना) चढ़ाकर परमेश्वर से वाचा बांधी है, उन्हें “मेरे भक्त” कहकर बुलाते हैं(यश 33:20-24; भज 50:1-5)। परमेश्वर यह भी कहते हैं कि वह अपनी संतानों को इकट्ठा करेंगे जो अंतिम दिनों में पर्व मनाने के लिए प्रयास करती हैं, और पृथ्वी के सभी लोगों में उनकी कीर्ति और प्रशंसा फैलाएंगे(सपन 3:14-20)। बाइबल में परमेश्वर की प्रतिज्ञाओं के अनुसार, लोग जो परमेश्वर के नियत पर्वों सहित…
मेरी खोज करो
परमेश्वर ने मानव जाति से कहा, “मेरी खोज करो।” परमेश्वर की खोज करने के लिए, हमें उनका ज्ञान रखना चाहिए। बाइबल में दिए गए सारे संकेतों के द्वारा हमें यह जानना चाहिए कि परमेश्वर कहां निवास करते हैं और यह कि जब परमेश्वर इस पृथ्वी पर आएंगे तो क्या ले आएंगे। केवल तब ही हम परमेश्वर को खोजकर सही तरह से ग्रहण कर सकेंगे। परमेश्वर इस पृथ्वी पर आ चुके हैं, लेकिन अब तक भी दुनिया में बहुत से चर्च परमेश्वर को न तो जानते और न ही उनकी खोज करते। यदि बाइबल कहती है कि परमेश्वर सिय्योन में निवास करते हैं, तो हमें जानना चाहिए कि सिय्योन किसे संकेत करता है, और यदि बाइबल कहती है कि परमेश्वर सिय्योन…
जो मुकुट पहनना चाहता है उसे उस मुकुट का भार उठाना चाहिए
स्वर्ग का राज्य जो परमेश्वर ने अपनी संतानों के लिए तैयार किया है, किसी आंख ने नहीं देखा, किसी कान ने नहीं सुना और न ही किसी के चित में चढ़ा है। लेकिन, स्वर्ग जाने का मार्ग समतल नहीं है। अगर हम स्वर्ग बिना किसी कठिनाई के आसानी से जा सकते तो अच्छा होता। लेकिन, इस मार्ग पर हमें रोकने वाली बड़ी रुकावटें हैं और ऐसी बाधाएं भी हैं जो हमारे काबू से बहार हैं। प्रेरितों सहित जिन्होंने मसीह की आज्ञा के प्रति आज्ञाकारी होकर सुसमाचार प्रचार किया था, प्रथम चर्च के संतों के साथ भी ऐसा ही था। वे कठिनाई और उत्पीड़न में भी विश्वास के मार्ग पर चले, वह समतल अर्थात् सरल मार्ग नहीं था। परमेश्वर ने अपनी…
फसह वह सत्य है जो जीवन बचाता है
पृथ्वी दुनिया में लोगों के लिए विशाल लग सकती है, लेकिन यह ब्रह्मांड की विशालता में बस एक छोटी सी बिंदु है। बाइबल हमें बताती है कि यह पृथ्वी डोल में की एक बूंद या पलड़ों पर की धूल के तुल्य ठहरी(यश 40:15)। परमेश्वर ने हम, मनुष्यों के लिए, जो इस छोटी पृथ्वी पर रहते हैं, एक वाचा स्थापित की है। सभी व्यवस्था, नियम और आज्ञाओं में, जो महान ब्रह्मांड का प्रबंधन करने वाले परमेश्वर द्वारा दिए गए हैं, परमेश्वर की ऐसी इच्छा शामिल है कि वह हमें स्वर्ग में सर्वदा अनंत जीवन और आनंद भोगने देंगे। परमेश्वर ने नई वाचा का फसह पुन:स्थापित किया है और हमें इस युग में इसे मनाने की अनुमति दी है। यह भी परमेश्वर…
विश्व सुसमाचार प्रचार और हमारा मिशन
सिय्योन में हमारे भाई और बहनें सभी सात अरब लोगों को बचाने की इच्छा के साथ सुसमाचार प्रचार करने में अपना पूरा मन लगा रहे हैं। जैसे स्वर्गीय पिता ने भविष्यवाणी की थी, हमारे खोए हुए स्वर्गीय परिवार के सदस्यों को ढूंढ़ने के उद्धार का कार्य दुनिया में कोलाहल मचा रहा है और सुसमाचार जो सप्ताह भर का प्रकाश की तरह तेजी से फैल रहा है, पूरी दुनिया को आश्चर्यचकित करता है। इस समय, आइए हम विश्व सुसमाचार प्रचार के बारे में बाइबल की भविष्यवाणियां और परमेश्वर द्वारा हमें सौंपे गए मिशन को एक बार फिर अपने मन में अंकित करें। सुसमाचार जो पूरी दुनिया में फैल रहा है बाइबल की भविष्यवाणियों के अनुसार परमेश्वर का सुसमाचार पूरी दुनिया में…
मैं तुझे देता हूं
परमेश्वर ने हम से कहा, “सदा आनन्दित रहो, निरंतर प्रार्थना में लगे रहो, और हर बात में धन्यवाद करो”(1थिस 5:16-18)। “हर बात में धन्यवाद करो।” इसका अर्थ है कि हमें हमेशा आभारी रहना चाहिए चाहे परिस्थिति कैसी भी हो - अच्छी या बुरी, आसान या मुश्किल। जब परमेश्वर हम से हर बात में धन्यवाद करने को कहते हैं, तो धन्यवादी होने का कारण होना चाहिए। हम हमेशा परमेश्वर से प्रचुर प्रेम पा रहे हैं। वास्तव में, हमारी बुद्धि और प्रतिभा से लेकर परमेश्वर के प्रति हमारे विश्वास तक सब कुछ जो हमारे पास है, परमेश्वर से है। सिय्योन के लोगों के रूप में, हमें अपने भविष्य के लिए सब कुछ प्रदान करने के लिए हर दिन परमेश्वर को धन्यवाद और…
भले काम करें
परमेश्वर अपने लोगों को “संसार की ज्योति और नमक” कहते हैं। संसार की ज्योति और नमक बनने के लिए हमें परमेश्वर की दृष्टि में भले काम करना और अच्छा मन रखना चाहिए। बाइबल हमसे कहती है कि इस संसार के सदृश्य न बनो(रोम 12:2), और हमें स्वर्ग की संतान के रूप में भले काम करना सिखाती है। वे भी जो परमेश्वर पर विश्वास नहीं करते अक्सर कहते हैं, “यदि आप भले काम करें तो स्वर्ग जाएंगे और यदि आप बुरे काम करें तो नरक जाएंगे।” हम सभी को याद रखना चाहिए कि हमारे विश्वास के साथ ही हमारे भले काम भी एक महत्वपूर्ण कारक बनेगा जो तय करता है कि हम स्वर्ग जाएंगे या नरक। संत जो परमेश्वर की महिमा…
बुरी आदतें और अच्छी आदतें
लोग कहते हैं कि आदत एक दूसरा स्वभाव है। सभी के पास अपना–अपना विशिष्ट स्वभाव है और उसका उन पर भारी प्रभाव होता है क्योंकि उसके बार–बार दोहराए जाने से वह उनकी आदत बन जाती है। हम सभी के पास अच्छी और बुरी आदतें हैं। अच्छी आदतें हमारे विश्वास के जीवन के लिए उपयोगी हैं, लेकिन बुरी आदतें सुसमाचार के कार्य के लिए बाधाएं हैं। इसलिए परमेश्वर ने हमें सिखाया है कि हमें अपनी बुरी आदतों को छोड़कर उन्हें अच्छी आदतों में बदलना चाहिए ताकि हम फिर से जन्म लेकर स्वर्ग के राज्य में प्रवेश कर सकें। बाइबल के द्वारा, आइए हम अच्छी और बुरी आदतों के बारे में सोचें और फिर से जन्म लेने के लिए अपनी सभी बुरी…
परमेश्वर का बचानेवाला प्रेम
परमेश्वर प्रेम हैं(1यूह 4:8)। वह पूरे अंतरिक्ष का संचालन करते और शासन करते हैं, और वह असंख्य स्वर्गदूतों से आदर और महिमा पाने के योग्य हैं। लेकिन वह स्वर्ग की महिमा पीछे छोड़कर अपनी संतानों को बचाने के लिए इस छोटी सी पृथ्वी पर आए। वह पापियों के समान शरीर में आए और उन्होंने पापियों के द्वारा हर प्रकार की निन्दा और अपमान को सहन किया। वह सिर्फ अपनी संतानों के उद्धार की आशा रखते हुए बलिदान के मार्ग पर चले। इसलिए बाइबल कहती है कि परमेश्वर प्रेम हैं। परमेश्वर के महान प्रेम ने हमें वह बनाया है जो आज हम हैं, इस तथ्य को फिर से सोचते हुए, आइए हम पिता और माता जो अपनी संतानों को बचाने के…