अंत तक परमेश्वर के प्रति विश्वासयोग्य रहो

हम स्वर्ग के अनंत जीवन की आस लगाते हुए परमेश्वर पर विश्वास करते हैं। हालांकि, बिना परिश्रम के हम अनंत जीवन नहीं प्राप्त कर सकते; बिना श्रम के हमें अनंत जीवन का मुकुट नहीं दिया जा सकता। अंत तक परमेश्वर के प्रति विश्वासयोग्य रहने का दृढ़ संकल्प लेते हुए जब हम विश्वास करते हैं, तब हम जीवन का मुकुट प्राप्त कर सकते हैं। इस संसार में बहुत से लोग भक्ति का भेष तो धरते हैं, पर उसकी भीतरी शक्ति को नकार देते हैं। वे धर्म के दिखावटी रूप का पालन तो करते हैं, किन्तु वास्तव में वे विश्वास नहीं रखते और आसानी से गिर जाते हैं। जब मेंह बरसता है, और बाढ़ें आती हैं, और आन्धियां चलती हैं – जब…

धर्मी कौन है?

इस दुनिया के असंख्य लोग परमेश्वर पर विश्वास करने का दावा करते हैं। हालांकि, परमेश्वर कहते हैं कि कोई धर्मी नहीं, एक भी नहीं; कोई भलाई करनेवाला नहीं, एक भी नहीं। जैसा लिखा है: “कोई धर्मी नहीं, एक भी नहीं... कोई परमेश्वर का खोजनेवाला नहीं... कोई भलाई करनेवाला नहीं, एक भी नहीं। रो 3:10–12 धर्मी कौन है जिसे परमेश्वर स्वीकार करते हैं? बाइबल कहती है कि धर्मी को छोड़कर, कोई परमेश्वर का खोजनेवाला और परमेश्वर के पास आनेवाला नहीं है। मानव जाति के पूर्वज, आदम ने पाप करने से पहले परमेश्वर को ढूंढ़ा, और वह उनके पास गया। लेकिन भले और बुरे के ज्ञान के वृक्ष का फल खाने के द्वारा उसने पाप किया, और उसके बाद जब परमेश्वर ने…

बड़ा पात्र बन जाओ

पूर्व दिशा से शुरू हुआ परमेश्वर का मुहर लगाने का कार्य, अब बहुतायत से फल उत्पन्न कर रहा है। बहुत सी जातियां और लोग सिय्योन से निकलते सत्य के वचनों को सुनने के लिए, सिय्योन की ओर आ रहे हैं। पूरे संसार में सुसमाचार का सक्रिय रूप से प्रचार हो रहा है। सत्य की ज्योति जो यीशु के प्रथम आगमन के समय चमकी ज्योति से भी सात गुना अधिक प्रकाशमान है, अब शीघ्रता से सभी महाद्वीपों और महासागरों में फैल रही है। दुनिया के सभी कोनों में सुसमाचार को पहुंचते देखकर, हमें महसूस होता है कि यह भविष्यवाणी पूरी हो रही है कि “पृथ्वी की छोर तक तुम मेरे गवाह होगे।” और राज्य का यह सुसमाचार सारे जगत में प्रचार…

फिलो से

ग्रीक भाषा के शब्द ‘ (फिलो से)’ का अर्थ होता है, “मैं आपसे प्रेम करता हूं।” यह पतरस का उत्तर था जब यीशु ने उसे तीन बार पूछा था कि “क्या तू मुझ से प्रेम रखता है?” क्या तू मुझ से प्रेम रखता है? आज, इस संसार के सभी कोनों में बहुत से अपराध हो रहे हैं। विगत समय की तुलना में आज अपराध और भी क्रूर और भयंकर हो गए हैं। लोगों ने इंसानियत को खो दिया है, और यहां तक कि वे अपनी मूलभूत नैतिकता को भी भूल गए हैं। इसका कारण यह है कि उनका खुद के प्रति और दूसरों के प्रति प्रेम ठण्डा पड़ गया है। यहां तक कि बहुत से ईसाई परमेश्वर का पालन नहीं…

लोग जो परमेश्वर के सरूप हैं

सिय्योन के लोग परमेश्वर के और उनके परमेश्वरत्व के सरूप होते हैं। अपने आपको देखते हुए हम जान सकते हैं कि जब हमने विश्वास की शुरुआत की थी, हम अब उस समय से और ज्यादा परमेश्वर के सरूप हो गए हैं, क्योंकि हम लगातार परमेश्वर में आत्मिक रूप से बढ़ रहे हैं। मैं उस दिन का इंतजार कर रहा हूं जब सिय्योन के सभी लोग संपूर्ण रूप से परमेश्वर के सरूप हो जाएंगे। सन्तान अपने माता–पिता के सरूप होती हैं अब जरा अपनी सन्तानों को ध्यान से देखिए। क्या वे आपके समान नहीं दिखते? अपने माता–पिता के बारे में सोचिए। क्या आप शारीरिक रूप–रंग और व्यक्तित्व दोनों ओर से उनके सरूप नहीं हैं? जैसा कि कहा जाता है, “खून बोलता…

मसीह आन सांग होंग का आगमन

2,000 वर्ष पहले, मानवजाति को बचाने के लिए यीशु का जन्म इस पृथ्वी पर हुआ था। 30 वर्ष की आयु में उनका बपतिस्मा हुआ था, और उन्होंने लगभग साढ़े तीन सालों की अपनी सेवकाई के दौरान नई वाचा के सुसमाचार का प्रचार किया। अपने मिशन को पूरा करने के बाद, वह स्वर्ग को चले गए। जब मसीह स्वर्ग को चले गए, तब उन्होंने इस पृथ्वी पर वापस आने की प्रतिज्ञा की(प्रे 1:6–11)। वर्ष 2018 मसीह आन सांग होंग जो बाइबल की भविष्यवाणियों के अनुसार दूसरी बार आए यीशु हैं, उनके जन्मदिवस की 100वीं सालगिरह का अर्थपूर्ण वर्ष है। आइए हम बाइबल के द्वारा खोजें कि क्यों परमेश्वर इस पृथ्वी पर आए। अंधेरी दुनिया जहां सत्य अस्पष्ट है यीशु के स्वर्गारोहण…

मसीह आन सांग होंग का आगमन

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