फसह के बलिदान का अर्थ

जैसा वचन है, ‘विश्वास तो आशा की हुई वस्तुओं का निश्चय है।’, सिय्योन के परिवार ने, जो भविष्यवाणी पर सम्पूर्ण विश्वास करता और परमेश्वर के राज्य की अभिलाषा करता है, सारे संसार में यरूशलेम माता की महिमा दिखाई है, जिसके परिणाम-स्वरूप अनेक आत्माएं सिय्योन में वापस आ रही हैं। यदि हम पिता और माता पर गर्व महसूस करते और उनकी महिमा प्रकट करते हैं, तब पिता और माता हमें बहुतायत में आशीषित नतीजा देंगे। इस बार हम फसह के बलिदान का अर्थ हमारे दिल को लगाते हुए, परमेश्वर के मांस और लहू के विषय में साथ विचार करने का समय लेंगे। माँ जिसने अपने मांस और लहू से बच्चे को बचाया यह घटना तब हुई जब रूस में बड़े भूकंप…

माता परमेश्वर का प्रेम

पिछले समय को देखते हुए, हम महसूस कर सकते हैं कि जैसे हम ने शारीरिक माता से प्रचुर प्रेम पाया है, वैसे ही हम ने आत्मिक माता से अगम्य प्रेम पाया है। चाहे हमारी शक्ति कमी हो और हमारे पास कुछ भी नहीं हो, तो भी स्वर्गीय माता हमें चुन कर अनन्त स्वर्ग के राज्य में हमारी अगुवाई करती है। हम इस अनुग्रह के लिए सच्चे दिल से धन्यवाद देते हैं। प्रेम के साथ अनुकूल स्थिति व जरूरी चीजों को देते हुए, माता हमेशा हमारे साथ रहती है। अब इस क्षण भी, माता हम पर, जिन्हें बहुत चीजों में कमी होती है, विश्वास करते हुए और हमें सांत्वना देते हुए, अनन्त स्वर्ग तक हमें ले जा रही है। इस समय,…

इस युग का सबसे महत्वपूर्ण कार्य

हर कोई सहज रूप से मूल्यवान और अर्थपूर्ण कार्य करना चाहता है। बाइबल में लिखा गया है कि, “जैसे मनुष्यों के लिए एक बार मरना और उसके बाद न्याय का होना नियुक्त है।”(इब्र 9:27) इन शब्दों से, बाइबल मनुष्य को सलाह देती है कि वह इस संसार में जीते समय परमेश्वर की धार्मिकता को खोजे और नए सिरे से जन्मे मनुष्य के समान एक नया जीवन जीए। तब, हमारे जीवन में सबसे ज्यादा अर्थपूर्ण और महत्वपूर्ण कार्य क्या है? मुझे विश्वास है कि सिय्योन के लोग इसका उत्तर पहले से जानते हैं। एलोहीम परमेश्वर स्वयं इस पृथ्वी पर आए, हमें उदाहरण दिया और सबसे मूल्यवान कार्य सौंपा। अब, आइए हम इस पर विचार करने का समय लें कि परमेश्वर के…

अकाल के मध्य में जीवन का जल

‘द प्रिन्स ऑफ़ ईजिप्त’ कार्टून में ऐसी बातचीत है, “मरुस्थल में सोने से कहीं अधिक पानी मूल्यवान है, और भटकती भेड़ के लिए राजा से कहीं अधिक चरवाहा मूल्यवान है।” यह बात सच्च है। यदि कोई भेड़ भटकती है, तो उस भेड़ के लिए सब से आवश्यक क्या होगा? चरवाहा है, जो उसका मार्गदर्शन कर सकता है। जब सूखे में एक बूंद पानी भी नहीं रहता, तो सोने की क्या जरूरत है? और अधिकार का क्या मतलब है? सब बेकार है। जीवित प्राणी पानी के बिना नहीं रह सकता। हमारा आत्मिक जीवन भी वैसा ही है। यदि हमें परमेश्वर के सत्य का वचन, यानी जीवन का जल, प्रदान नहीं किया जाए, तो हम आत्मिक सूखे में भूखे-प्यासे होंगे, अत: अनन्त…

परमेश्वर पर ध्यान करो

मैं विश्वास करता हूं कि जब कभी भी नया महिना या नया वर्ष आता है, आप में से हर एक के पास बहुत सारी योजनाएं होती हैं। सभी योजनाओं को सफल बनाने के लिए, हमें अपनी क्षमताओं के बदले परमेश्वर पर निर्भर होना चाहिए। हम बहुत योजनाएं बना सकते हैं, पर जो उन्हें पूरा करते हैं, वह परमेश्वर हैं। हम बाइबल और अपने जीवन के द्वारा इसकी पुष्टि कर सकते हैं। जड़ के बारे में सोचें जब आप फल को देखें जब लोग किसी पेड़ को देखते हैं जिसने बहुत फल उत्पन्न किए हों, तब वे दिखाई देने वाले फल और शाखाओं पर ध्यान देते हैं, पर वे उसकी अदृश्य जड़ की भूमिका और प्रभाव के बारे में सोचना भूल…

नए सिरे से जन्म लेना

लोग अपने जीवन में बहुत कठिनाइयों और परीक्षणों का अनुभव करते हैं। अपने क्रूस को उठाते हुए, वे पीड़ा के मार्ग पर चलते हैं। यह यात्रियों का जीवन है। हमारे बारे में क्या जिन्होंने परमेश्वर को प्राप्त किया है? परमेश्वर के पास हमारे जीवन के लिए योजना है। अगर हम इस सत्य को महसूस करेंगे, हम समझेंगे कि हमारे वर्तमान समय का दुख, हमारे उद्धार और नए सिरे से जन्म लेने की क्रिया के लिए परमेश्वर की महान योजना का एक हिस्सा है। परमेश्वर की योजना में पीड़ा यह वह है जो अमेरिका में हुआ था। शिकागो में एक दुकान में आग लग गई थी, और वह दुकान आग से पूरी तरह नष्ट हो गई। उसका मालिक एक ऐसा मनुष्य…

मत कुड़कुड़ाओ पर धन्यवाद दो

मैंने सुना है कि लोग अपने जीवन भर में शिकायतों के शब्दों को सबसे अधिक बार बोलते हैं। हालांकि, जब तक हमें विश्वास है कि परमेश्वर हमारे साथ हैं और हमसे पे्रम करते हैं, कुड़कुड़ाने के लिए कुछ भी नहीं है। इस समय, आइए हम बाइबल में कुड़कुड़ाने वालों के अंत को देखकर, हमारे लिए परमेश्वर की इच्छा को जानें। हर बात में धन्यवाद करो सदा आनन्दित रहो। निरन्तर प्रार्थना में लगे रहो। हर बात में धन्यवाद करो; क्योंकि तुम्हारे लिये मसीह यीशु में परमेश्वर की यही इच्छा है।1थिस 5:16–18 हम सभी ऊपर के वचन को बहुत अच्छी तरह से जानते हैं, यह परमेश्वर की एक बहुत ही बहुमूल्य शिक्षा है। हमें अनन्त स्वर्ग के राज्य में प्रवेश करने के…

जिसके कान हों वह परमेश्वर की आवाज सुनता है

आज बहुत से चर्च दावा करते हैं कि वे परमेश्वर का वचन सुनते हैं। वास्तव में, वे परमेश्वर के वचन का अर्थ नहीं समझते। बाइबल कहती है कि वे ऊंचा सुनते हैं। हमारे बारे में क्या? हमारे पास देखने के लिए आंखें हैं, सुनने के लिए कान हैं और समझने के लिए मन हैं। परमेश्वर को धन्यवाद देते हुए, आइए हम बाइबल के द्वारा ऊंचे कान के अर्थ को देखें। कानों से ऊंचा सुनने वाले लोग जो दूसरा कहता है उसे धीरे से समझने वाले व्यक्ति के बारे में लोग अक्सर ऐसा कहते हैं, “उसके कान खराब हैं।” इसी तरह, जो परमेश्वर कहते हैं उसे न समझने वाले व्यक्ति के बारे में बाइबल ऐसा कहती है, “उसके पास ऊंचा सुनने…

मेरे साथ तेरा कुछ भी साझा नहीं

हमें परमेश्वर के पक्ष में होना चाहिए यह लगभग 150 वर्ष पहले हुआ जब अमेरिकी गृहयुद्ध भयंकर हो गया। उस समय, अब्राहम लिंकन ने जिसने दासों की मुक्ति का समर्थन किया, दक्षिणी राज्यों के खिलाफ उत्तरी राज्यों की यूनीयन सेना का संचालन किया। हालांकि, वह आसानी से दक्षिणी राज्यों को हरा नहीं सका जिनका कमाण्डर जनरल राबर्ट ई. ली. था। बल्कि, यूनीयन सेना पर दक्षिणी राज्यों ने जमकर हमला किया। सैनिकों को मरते देखकर लिंकन दुखी हुआ, और उसे तीव्रता से महसूस हुआ कि यह युद्ध मनुष्य की शक्ति से खत्म नहीं होगा, और उसने परमेश्वर से हर दिन तीन घंटे से ज्यादा प्रार्थना की। एक दिन उसके मंत्रिमंडल के सदस्यों ने उसे आग्रहपूर्वक प्रार्थना करते देखकर उससे कहा, “हम…

जो परमेश्वर के द्वारा योग्य ठहराए गए हैं

इस संसार में लोग अपने तरीके से और अपने विचार से जीवन जीते हैं। कोई कहता है कि यह सही है, और कोई कहता है कि वह सही है। राजनैतिक समाज में, सत्ताधारी दल और विरोधी दल विभिन्न विचारों को लेकर एक दूसरे के खिलाफ खड़े हो जाते हैं। कभी–कभी लोग अपनी आवाज को ऊंचा करके, अपने पड़ोसी के विरोध में खड़े हो जाते हैं। यहां तक कि एक पति और पत्नी भी अपनी अलग–अलग जीवनशैली के कारण एक दूसरे से झगड़ते हैं। वे सभी अपने आप को सही बताते हैं, तो कौन सही और गलत का न्यान करेगा? बाइबल से देखें तो, केवल परमेश्वर अकेले ही हैं जो अंत में सही और गलत के बीच अंतर कर सकते हैं।…

धर्मियों की दुनिया और पापियों की दुनिया

धर्मियों की दुनिया और पापियों की दुनिया के बीच में क्या अंतर है? धर्मियों की दुनिया में “क्षमा कीजिए” जैसा कोई शब्द नहीं है। लेकिन पापियों की दुनिया में हम अक्सर ऐसे शब्द सुनते हैं कि, ‘मुझे क्षमा कर दीजिए,’ ‘मेरी गलती है।’ आप कौन सी दुनिया में रहना पसंद करेंगे, धर्मियों की या पापियों की? यहां, धर्मियों की दुनिया का मतलब ऐसा नहीं है कि वहां सच्चे धर्मी लोग रहते हैं; ऐसी दुनिया तो केवल स्वर्ग में मुमकिन है। इस दुनिया में ऐसे बहुत से लोग हैं जो अपने आपको धर्मी समझते हैं। इसलिए मैं यहां जिस धर्मियों की दुनिया की बात कर रहा हूं, वह उस दुनिया के बारे में है जहां अपने आपके धर्मी होने का दावा…

स्वर्ग के राज्य में बलपूर्वक प्रवेश होता रहा है

हम ऐसे खुशी के समाचार सुनते हैं कि सुसमाचार की मशाल पूरे संसार में जल रही है और देश भर में और पूरे विश्व भर में, हमारे स्वर्गीय परिवार के सदस्य, बहुतायत से फल पैदा कर रहे हैं। ऐसे अच्छे समाचार सिय्योन में हमारे सभी भाइयों और बहनों के सकारात्मक विचारों का परिणाम है, जो परमेश्वर के वचनों पर निर्भर रहते हैं और ऐसा सोचते हुए कि, ‘परमेश्वर में सब कुछ मुमकिन है,’ सुसमाचार के लिए मेहनत करते हैं। प्रत्येक युग में, संसार का इतिहास उन्हीं के द्वारा रचा गया है जो सकारात्मक रूप से ऐसा सोचते हैं कि, ‘सब कुछ मुमकिन है।’ विख्यात वैज्ञानिक, थोमस एडिसन ने इस विचार के साथ कि, ‘यह मुमकिन है,’ लगातार प्रयोगों से विज्ञान…

आइए हम स्वर्ग की नागरिकता प्राप्त करें

परमेश्वर की इस भविष्यवाणी के अनुसार कि, ‘तेरी सन्तान अपने दरबों की ओर उड़ते हुए कबूतरों के समान दूर से आ रही हैं,’ अब हमारे बहुत से आत्मिक भाई और बहनें संसार के विभिन्न क्षेत्रों से आ रहे हैं। यह हमें दिखाता है कि परमेश्वर की भविष्यवाणियों में से कोई भी बिना पूरी हुए नहीं गुजर जाएगी। चाहे वे सब अलग–अलग जातियों से हैं, लेकिन उन सब के पास आत्मा और दुल्हिन के प्रति एक समान विश्वास है और वे सब सुसमाचार का कार्य ईमानदारी से करते हैं। यह देखते हुए कि वे सत्य के वचनों को समझने में कितने तेज हैं, हमें महसूस हो सकता है कि नियत समय आ गया है और परमेश्वर सिय्योन के सभी भाइयों और…

प्रार्थना

प्रार्थना मसीही विश्वास का एक अनिवार्य अंग है। उत्सुक प्रार्थना के बिना, हम कुछ भी प्राप्त नहीं कर सकते। अदृश्य होने पर भी, प्रार्थना के पास असम्भव को संभव करने की चमत्कारी सामर्थ्य है। प्रार्थना के द्वारा परमेश्वर के साथ बात करना मैं आपको एक अमेरिकी परिवार की कहानी बताता हूं। उसके घर के टेलीफोन कनेक्शन में समस्या थी। परिवार का टेलीफोन दिन के समय में अच्छे से काम करता था, लेकिन रात के समय में वह बंद हो जाता था। ऐसी परिस्थिति कई दिनों तक चली, और उन्हें उसे ठीक करने के लिए मरम्मत करने वाले को बुलाया। जब मरम्मत करने वाले को इसके कारण का पता चला, तो उसके पास बोलने के लिए शब्द ही नहीं थे, क्योंकि…

भाइयों की सुंदर एकता

जैसा कि परमेश्वर ने कहा है कि, “मैं यहोवा हूं; ठीक समय पर यह सब कुछ शीघ्रता से पूरा करूंगा,” परमेश्वर बिना आराम किये हमारे उद्धार के लिए कार्य कर रहे हैं। इन दिनों में, हमें पवित्र नगर सिय्योन में एक दूसरे से एकता से मिल कर, परमेश्वर की इच्छा के अनुसार स्वर्ग के राज्य का सुसमाचार और भी उत्सुकता से प्रचार करना चाहिए। भाइयों की एकता से परमेश्वर प्रसन्न होते हैं अत: यदि मसीह में कुछ शान्ति, और प्रेम से ढाढ़स, और आत्मा की सहभागिता, और कुछ करुणा और दया है, तो मेरा यह आनन्द पूरा करो कि एक मन रहो, और एक ही प्रेम, एक ही चित्त, और एक ही मनसा रखो। फिलि 2:1–2 बाइबल बार–बार कहती है…

मनुष्य जिसका परमेश्वर इस्तेमाल करते हैं

परमेश्वर ने कहा है, “जिन्हें नई वाचा सौंपी गई है वे यदि ‘दीनता’ शब्द को अपने मन में अंकित कर लें, तो परमेश्वर का सुसमाचार अत्यन्त समृद्ध हो जाएगा।” नबियों से लेकर नए सदस्यों तक, आइए हम सब दीनता के बारे में सोचें और हम सब उस गुण को धारण करने वाले सुसमाचार के सेवक बन जाएं। मसीह के जैसा दीनता का गुण धारण करो ... पर दीनता से एक दूसरे को अपने से अच्छा समझो। हर एक अपने ही हित की नहीं, वरन् दूसरों के हित की भी चिन्ता करे। जैसा मसीह यीशु का स्वभाव था वैसा ही तुम्हारा भी स्वभाव हो। जिसने परमेश्वर के स्वरूप में होकर भी परमेश्वर के तुल्य होने को अपने वश में रखने की…

कहना कि प्रभु को इनका प्रयोजन है

कहा जाता है कि सत्य सामान्य ज्ञान में पाया जाता है। कुछ लोग उसे विशेष वस्तुओं में खोजते हैं, लेकिन बाइबल हमें कहती है कि हमारे पास धन मिट्टी के बरतनों में रखा है। इस प्रकार, सत्य सामान्य ज्ञान में होता है। परमेश्वर सब वस्तुओं की बड़ी ही शान्ति से सामान्य ढंग से अगुआई करते हैं। वास्तव में यीशु मसीह के कार्य केवल चमत्कारी चिन्हों और आश्चर्यकर्मों से ही नहीं भरे थे: हम उनके कार्यों में ऐसी बहुत सी बातों को खोज सकते हैं जो सामान्य लगती हैं। हालांकि, उनके चेलों ने और सुसमाचार के लेखकों ने, उन साधारण बातों में कुछ आत्मिक वस्तु देख ली, और उन्होंने लिखा कि पवित्र आत्मा से भरपूर होने से उन्होंने उसे महसूस किया।…

परमेश्वर ऐसे दिन आएंगे जब हम उनकी बाट न जोहते हों

क्या होगा अगर एक मसीही इस सोच में डूबा रहे, “सब कुछ शांत और सुरक्षित है”? वह एक सच्चा मसीही कहलाने के योग्य नहीं है, भले ही वह एक मसीही की तरह बाहरी रूप से कार्य करता है। कुछ लोग उत्पीड़न और कठिनाइयों का सामना करने पर जोश से भरा हुआ विश्वास रखते हैं, परंतु वे जब अनुकूल परिस्थितियों में हैं, परमेश्वर में अपना विश्वास खो देते हैं। बाइबल उन परमेश्वर के द्वारा लिखी गई पुस्तक है जिन्होंने हम मनुष्यों की सृष्टि की, और यह स्पष्ट रूप से हमारे हृदय और मन का वर्णन करती है। जैसे कि परमेश्वर हमारा हृदय जानते हैं, उन्होंने बाइबल की 66 पुस्तकों में सभी शिक्षाएं और चेतावनियां लिखी हैं ताकि शैतान की चाल से…

हे परमेश्वर के जन

हम सब पापी हैं जो पापों के कारण स्वर्ग से निकाल दिए गए थे और पृथ्वी पर गिरा दिए गए थे। मसीह के निष्कलंक और निर्दोष लहू के द्वारा, परमेश्वर ने हमें छुटकारा, यानी पापों की क्षमा दी है, ताकि हम फिर से जन्म ले सकें और परमेश्वर की संतान बन सकें और अपने स्वर्गीय देश वापस जा सकें। हम, परमेश्वर के मनुष्यों को परमेश्वर से पहले क्या मांगना चाहिए? हम, परमेश्वर की संतानों के लिए परमेश्वर की क्या इच्छा है? वह जीवन है, अनन्त जीवन। परमेश्वर सबसे ज्यादा यह चाहते हैं कि उनकी संतान अनन्त जीवन प्राप्त करें और स्वर्ग के राज्य में खुशी से रहें। विश्वास की अच्छी कुश्ती लड़कर, अनन्त जीवन को धर लो पर हे परमेश्वर…

प्रेरित पौलुस का प्रचार

हमारे विश्वास के जीवन में, कभी–कभी हम प्रतिकूल परिस्थितियों के वश में होकर परेशानियों का सामना करते हैं। जब हम तकलीफ आने पर उसी समय उस पर विजय नहीं पाते और उससे समझौता करते हैं, तो परिस्थिति और भी ज्यादा बिगड़ जाती है और हमारा विश्वास संकट में पड़ जाता है। किसी भी परिस्थिति में, हमें परमेश्वर के प्रति अपने प्रेम को न खोते हुए, उन तकलीफों पर विजय पानी चाहिए और परमेश्वर में मजबूत विश्वास के साथ सुसमाचार का प्रचार करना चाहिए। सच्चे विश्वास पर परिस्थितियों का प्रभाव नहीं होता अब, मैं एक बहन का उदाहरण दूंगा। एक दिन, उसने अपने बच्चे को चर्च के किसी सदस्य के पास देखभाल करने के लिए छोड़ा और कुछ महत्वपूर्ण काम–काज के…