विश्वास का तेल

स्वर्ग के राज्य में प्रवेश करने के लिए हमें विश्वास की निश्चित ही आवश्यकता है। जैसे बाइबल कहती है, “विश्वास के बिना परमेश्वर को प्रसन्न करना अनहोना है(इब्र 11:6),” विश्वास एक आवश्यक तत्व है जो स्वर्ग के राज्य में जाने के लिए हमारे पास होना चाहिए। तब, यह जानने का तरीका क्या है कि हमारे पास कितना विश्वास है? जब हम बीमार होते हैं, तब हमारा शरीर लक्षण दिखाता है। उसी तरह, जब हम अपने हृदयों को विश्वास से भरने में नाकाम हों, तब हम आत्मिक बीमारी के बहुत से लक्षण दिखाएंगे; हम हमेशा कुड़कुड़ाते और शिकायत करते हैं, परमेश्वर के वचनों पर संदेह करते हैं और परमेश्वर की शक्ति पर विश्वास नहीं करते। ऐसे गलत विचारों और व्यवहारों की…

हमें परमेश्वर को क्या देना चाहिए?

संसार में जीते हुए हमारे पास कुछ विशेष दिन होते हैं, जैसे कि जन्मदिवस, एडमिशन और गे्रजुएशन दिवस, शादी की सालगिरह इत्यादि। इन दिनों का परिवार के सदस्यों के लिए खास अर्थ होता है। इसलिए जब परिवार के सदस्यों में से एक सदस्य के पास कोई एक विशेष दिन होता है, तो परिवार के बाकी सदस्य यह सोचते हुए उत्सुक होते हैं कि उसके लिए क्या उपहार तैयार करें। फिर, जब हम अपने आत्मिक घर स्वर्ग वापस जाएं, तब हमें अपने आत्मिक माता–पिता, यानी पिता परमेश्वर और माता परमेश्वर को क्या देना चाहिए? परमेश्वर के लिए सबसे मनपसंद उपहार क्या है? हमने परमेश्वर की संतानों के रूप में अब तक सिर्फ परमेश्वर से पाया है; जीवन, प्रेम और बाकी सब…

पवित्रशास्त्र में लिखा है कि ऐसा ही होना अवश्य है

आज दुनिया में बहुत से चर्च हैं, और उनमें से हर एक दावा करता है कि उसके पास सच्चा विश्वास है। लेकिन किसी के विश्वास का मानक परमेश्वर का वचन है। वह कभी मनुष्य का विचार नहीं हो सकता। जब हम बाइबल के वचनों को अपने विश्वास का केंद्र बनाएंगे, तब हम विश्वास के सही मार्ग पर जाकर अनन्त स्वर्ग के राज्य की ओर चल सकते हैं। बाइबल में परमेश्वर की भविष्यवाणियां हैं, जो दिखाती हैं कि भविष्य में क्या होगा। इसलिए ध्यान से बाइबल का अध्ययन करके, हम विश्वास का सही मार्ग खोज सकते हैं। अब, आइए हम बाइबल के द्वारा इस बात की पुष्टि करें कि परमेश्वर ने अपनी उन संतानों के लिए उद्धार की प्रतिज्ञा की है…

लोग जो आशीषें पहुंचाते हैं

सर्वशक्तिमान परमेश्वर सभी मनुष्यों के जीवन, मृत्यु, सौभाग्य और दुर्भाग्य का नियंत्रण करते हैं। वह उन्हें जो उनके वचनों को मानते हैं, आशीष देते हैं और जो नहीं मानते, उन्हें दण्ड देते हैं। आशीषों की प्रतिज्ञा उन्हें दी जाती है जो परमेश्वर को अपना खजाना मानते हैं और उनकी शिक्षाओं का पालन करते हैं(व्य 30:15–16; अय 22:21–28)। इसलिए आइए हम स्वर्ग की संतानों के रूप में दृढ़ता से विश्वास करें कि जैसी प्रतिज्ञा परमेश्वर ने हमसे की है, उसी प्रकार सब कुछ सफलतापूर्वक पूरा किया जाएगा, और आइए हम स्वर्ग के राज्य में बलपूर्वक प्रवेश करने का प्रयास करें ताकि हम उन सभी आशीषों को पा सकें जो परमेश्वर हमें देंगे। चूंकि हम सिय्योन के लोगों के रूप में दूसरों…

ज्योति और अंधकार

समय बिना रुके चलता रहता है जब हम सोते हैं, काम करते हैं, आराम लेते हैं और खाते हैं; चाहे हम कुछ भी करें, समय बीतता जाता है। चूंकि हम समय को बहता हुआ नहीं देख सकते, इसलिए हमने एक उपकरण का आविष्कार किया है, जिससे हम दिखाई न देने वाले समय को देख सकते हैं। वह घड़ी है। आत्मिक रूप से भी ऐसा ही है। चूंकि हम दिखाई देनेवाली शारीरिक दुनिया में रहते हैं, इसलिए हम आत्मिक दुनिया की चीजों को देख या महसूस नहीं कर सकते। जैसे दिखाई न देने वाले समय के बहाव को मापने और देखने के लिए एक घड़ी बनाई गई, ठीक वैसे ही हमें उस आत्मिक दुनिया को दिखाने के लिए जिसे हम देख…

कर्म सहित विश्वास

बाइबल कहती है कि राज्य का सुसमाचार इस संसार में रहनेवाले सभी जातियों के लोगों को प्रचार किया जाएगा(मत 24:14)। और वह यह भी स्पष्ट रूप से गवाही देती है कि सुसमाचार के स्वर सारी पृथ्वी पर, और उसके वचन जगत की छोर तक पहुंचेंगे(रो 10:18)। अब दुनिया के कोने–कोने से यह सिय्योन की सुगंध पहुंच रही है कि भविष्यवाणी के वचनों को सुनकर हमारे भाई और बहनें जागृत हुए हैं और वे दुनिया भर में सभी जातियों के लोगों को निडरता से परमेश्वर के सुसमाचार का प्रचार कर रहे हैं। लेकिन अब भी कुछ सदस्य हैं जो सुसमाचार के प्रचार में भाग लेने में हिचकिचाते हैं। बाइबल की भविष्यवाणी के अनुसार आज सभी 7 अरब लोगों को सुसमाचार का…

स्वर्ग के शब्द और उद्धार के शब्द

आज सिय्योन के सदस्यों की संख्या लगातार बढ़ रही है, और भविष्यवाणी के अनुसार बड़ी भीड़ इकट्ठी होकर आ रही है। इसलिए उनमें से कुछ ऐसे सदस्य हैं जिन्होंने सिय्योन में शिष्टता से बोलना नहीं सीखा है और बाइबल की शिक्षाओं को नहीं समझा है, और इसलिए वे संसार के द्वारा सीखे गए रीति–रिवाज के अनुसार बोलना जारी रखते हैं। नया वर्ष 2016 आरम्भ होने से पहले आइए हम यह सोचने का समय लें कि हम कैसे स्वर्ग के शब्द और उद्धार के शब्द बोल सकते हैं। “आनन्द” शब्द बोलने की आदत डालने से स्वर्ग का आनन्द फैल जाता है कुछ समय पहले मुझे एक सदस्य का ईमेल पत्र मिला, जिसमें लिखा था कि उसके चर्च का पुरोहित–कर्मचारी और उसकी…

स्वर्गीय मूल्य और स्वर्गीय गणना–पद्धति

दुनिया में रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति का मूल्य गिनने का अपना मानक और तरीका होता है। कुछ लोग भौतिक चीजों या धन–दौलत को ज्यादा मूल्य देते हैं, कुछ लोग ज्ञान को ज्यादा मूल्य देते हैं, और कुछ लोग मनोरंजन या शौक को ज्यादा मूल्य देते हैं। दुनिया के लोगों के विपरीत, हम अदृश्य और अनन्त चीजों की आशा करते हैं। चूंकि हम “स्वर्ग के नागरिक” हैं, इसलिए हमें ‘लोग इसके बारे में क्या सोचेंगे?’ सोचने के बजाय ऐसा सोचना चाहिए कि, ‘परमेश्वर इसके बारे में क्या सोचेंगे?’ इस तरह हमें स्वर्गीय मानकों को प्राथमिकता देने की जरूरत है(2कुर 4:18; फिलि 3:20)। स्वर्गीय मानकों के अनुसार, हम सभी मूल्यवान हैं। सड़क के किनारे लुढ़कने वाले एक पत्थर के टुकड़े का भी…

बुराई को छोड़ और भलाई कर

आज हम हर दिन न्यूज चैनलों में ऐसी क्रुर और भयंकर खबरें सुनते हैं कि मामूली सी बात से गलतफहमी होने के कारण लोग लड़ाई शुरू करते हैं और वह लड़ाई इतनी बढ़ जाती है कि वे बिना झिझक के दूसरों की हत्या करते हैं। बाइबल सिखाती है कि हम बुराई को छोड़ें और भलाई करें। यदि हमारे मन में बहुत ही अल्प या थोड़ी मात्रा में बुराई हो, तो हमें उसे अपने मन से हटाना चाहिए और स्वर्गीय संतान होने के नाते अपने दैनिक जीवन में परमेश्वर की शिक्षाओं पर और अधिक ध्यान देना चाहिए। आइए हम अपने मन से सारे गुस्से, ईर्ष्या व घृणा को दूर करें और प्रेम से भरपूर परमेश्वर का मन अपनाएं। अब आइए हम…

वचन के अनुसार, भविष्यवाणी के अनुसार

चर्च ऑफ गॉड ने हाल ही में इंग्लैंड की रानी का स्वयंसेवा पुरस्कार प्राप्त किया है। यह पुरस्कार सिय्योन में सभी सदस्यों को दिया गया है जिन्होंने परमेश्वर की शिक्षाओं को अभ्यास में लाने के लिए पूरे मन और निष्ठा से एक साथ मिलकर मेहनत की है। चूंकि यह पुरस्कार हमारे सदस्यों को दूसरों के लिए बलिदान और सेवा करने के सम्मान में प्रदान किया गया है, इसलिए हमें यह पुरस्कार बहुत मूल्यवान लगता है। चर्च ऑफ गॉड को अमेरिकी राष्ट्रपति का स्वयंसेवा पुरस्कार और कोरियाई राष्ट्रपति का संगठन प्रशस्ति पत्र सहित अनेक पुरस्कार मिलने की खबर दुनिया के कोने-कोने से पहुंच रही है। आइए हम बाइबल के द्वारा इसके बारे में सोचने का समय लें कि क्यों परमेश्वर आज…

सारा की हंसी और सिय्योन

बाइबल में अब्राहम पिता परमेश्वर को दर्शाता है।(लूक 16:19–31) इसहाक जो उसकी विरासत का वारिस बना, परमेश्वर के लोगों, यानी प्रतिज्ञा की संतानों को दर्शाता है(गल 4:28)। और सारा जो अब्राहम की पत्नी और इसहाक की माता थी, हमारी माता को दर्शाती है जो नई वाचा की असलियत हैं।(गल 4:21–26) चूंकि इस अंधेरे और निर्दय संसार में परमेश्वर ने सत्य के नगर सिय्योन को स्थापित किया, इसलिए शैतान की शक्ति धीरे धीरे कम हो रही है, जबकि सिय्योन हर्ष, आनन्द, धन्यवाद और भजन गाने के शब्द से हर दिन भर रहा है(यश 51:3)। हम सिय्योन में अपने स्वर्गीय पिता और माता से मिले हैं। इसलिए हमें हमेशा आनन्दित रहकर अपनी स्वर्गीय माता को वैसी खुशी देनी चाहिए, जैसे सारा अपने…

परमेश्वर केवल विश्वास के द्वारा दिखाई देते हैं

जब हम परमेश्वर के वचन का प्रचार करते हैं, तब हम अक्सर ऐसे लोगों से मिलते हैं जो कहते हैं कि अगर हम उन्हें परमेश्वर दिखाएं, तो वे परमेश्वर पर विश्वास करेंगे। और वे यह भी कहते हैं, “अगर मैं परमेश्वर को नहीं देख सकता, तो कैसे मैं उन पर विश्वास कर सकता हूं?” एक ऐसी कहावत है: “देखना ही विश्वास करना है।” एक बार एक व्यक्ति ने कहा, “मुझे परमेश्वर दिखाओ। चूंकि यह कहा गया है कि देखना ही विश्वास करना है, यदि मैं परमेश्वर को देख सकूंगा, तो उन पर विश्वास करूंगा।” आपको क्या लगता है, परमेश्वर ने उससे क्या कहा? “मुझ पर विश्वास करो, तो तुम मुझे देखोगे।” परमेश्वर ने नहीं कहा, “देखना विश्वास करना है,” लेकिन…

जिन्हें पवित्र आत्मा की लालसा है और जिन्हें शरीर की लालसा है

परमेश्वर ने हमसे हमेशा पवित्र आत्मा की लालसाएं रखने के लिए कहा है। चूंकि पवित्र आत्मा परमेश्वर हैं, इसलिए पवित्र आत्मा की लालसाएं वो लालसाएं हैं जो परमेश्वर हमें देते हैं, और जो परमेश्वर के हृदय के अनुकूल हैं। इसके विपरीत, शरीर की लालसाएं वो लालसाएं है जो शैतान आत्मिक चीजों की ओर से हमारा ध्यान मोड़ने के लिए हमारे मन में बिठा देता है। जब यीशु ने अपनी सेवकाई प्रारंभ की, तब शैतान ने यीशु की परीक्षा ली। उस समय भी शैतान ने जगत के धन, उच्च पद और वैभव जैसी शरीर की लालसाओं का उपयोग करके यीशु को लुभाने का प्रयास किया। हालांकि, यीशु ने परमेश्वर के वचनों का उपयोग करके, जो हमारे अंदर पवित्र आत्मा की लालसाओं…

संत जो परीक्षा पर विजयी होते हैं

जब हम इस्राएलियों की जंगल की यात्रा को देखें, तब हम परीक्षा पर विजयी होने की बुद्धि पा सकते हैं। इस्राएलियों ने मिस्र के अधीन 430 वर्षों तक गुलामी का जीवन काटने के दौरान हर प्रकार के कष्टों को सहन किया और परमेश्वर के अनुग्रह के द्वारा मिस्र से आजाद होकर कनान देश की ओर कदम बढ़ाए जहां दूध और मधु की धाराएं बहती थीं। वे परमेश्वर की चुनी हुई प्रजाएं थीं, और उन्होंने फसह का पर्व मनाया और परमेश्वर से वाचा के वचन अर्थात् दस आज्ञाएं और व्यवस्थाएं, विधियां व नियम प्राप्त किए। मगर उनमें से अधिकतर कनान देश में नहीं पहुंच पाए और जंगल में नष्ट किए गए। इसका कारण यह था कि वे परीक्षा पर विजयी नहीं…

सदा आनन्दित रहो

स्वर्ग का राज्य जहां हम जा रहे हैं, वह जगह कितने आनंद और उल्लास से भरी रहेगी! बाइबल हमें कहती है कि इस पृथ्वी की वस्तुएं स्वर्ग की वस्तुओं का प्रतिरूप और प्रतिबिम्ब है(इब्र 8:5)। इसलिए अगर हम ध्यान से आनन्द की भावनाओं को जांचेंगे जो परमेश्वर ने हम मनुष्यों को दी हैं, तो हम सच्चे आनन्द को महसूस कर सकते हैं जो हम स्वर्ग में भोगेंगे। आनन्द और खुशी जो हम महसूस करते हैं, वह मुस्कान और हंसी के द्वारा व्यक्त होते हैं। हर दिन की बातचीत में जब हम भारी विषयों या नकारात्मक चीजों के बारे में बातें करते हैं, तब हम असहज महसूस करते हैं और हमारे चेहरे सख्त हो जाते हैं। इसके विपरीत, जब हम कुछ…

यह परमेश्वर की दृष्टि में अच्छा है

जब परमेश्वर ने कहा, “उजियाला हो,” उजियाला हो गया, और जब परमेश्वर ने एक अन्तर बनाकर उसके नीचे के जल और उसके ऊपर के जल को अलग अलग किया, वैसा ही हो गया। वे परमेश्वर की दृष्टि में अच्छे थे। हालांकि, इस युग में जो पवित्र आत्मा और दुल्हिन की आवाज का पालन करते हैं और उनके बुलाने पर उनके पास आते हैं, वे लोग परमेश्वर की दृष्टि में सबसे सुंदर हैं। हम अनन्त स्वर्ग के राज्य में प्रवेश करने के लक्ष्य की दिशा में विश्वास के मार्ग की ओर जा रहे हैं। इस विश्वास के जंगल की यात्रा में कुछ लोग मनुष्यों को प्रसन्न करने के लिए विश्वास के मार्ग पर चल रहे हैं, और दूसरे परमेश्वर को प्रसन्न…

न्याय का सिंहासन और कार्यों का अभिलेख

हम प्रकाशितवाक्य में देखते हैं कि एक पुस्तक जिसमें हर व्यक्ति के अपने जीवनकाल में किए गए कार्यों का अभिलेख है, न्याय के सिंहासन के सामने खोली जाएगी जब परमेश्वर मानवजाति का न्याय करेंगे। जो कुछ उस पुस्तक में लिखा है उसके अनुसार, परमेश्वर जांचेंगे कि क्या उसने धर्म का काम किया है या अधर्म का काम किया है, और क्या उसने परमेश्वर की इच्छानुसार भला काम किया है या दुष्ट काम किया है; इस तरह परमेश्वर इस पृथ्वी पर हमारे जीवन के पूरे पाठ्यक्रम के द्वारा हमें जांचेंगे और हमारे कामों के अनुसार हमारा न्याय करेंगे। इसलिए हर पल जो हमें हर दिन दिया जाता है, बहुत ही महत्वपूर्ण है। जिनके कार्यों का अभिलेख दुष्ट कामों से भरा है,…

प्रचार जो उद्धार की बातचीत है

हम एक दिन में भी बहुत सी बातचीत करते हैं; हम अपने व्यवसाय के लिए बातचीत करते हैं और घर में अपने परिवार वालों के साथ मैत्रीपूर्ण बातचीत करते हैं और चर्च में सदस्यों के हाथ थामकर “परमेश्वर आपको आशीष दें” कहते हुए अभिवादन करते हैं। मुझे लगता है कि मानव जीवन में बातचीत का बड़ा महत्व है। बातचीत के बिना दूसरों को समझना और अपने विचारों एवं भावनाओं का आदान–प्रदान करना मुश्किल है। इस तरह बातचीत करना अत्यंत आवश्‍यक है। लेकिन हम बातचीत करने के दौरान व्यर्थ और निकम्मी बातें भी करते हैं।(मत 12:34–37) इसलिए परमेश्वर ने हमें सुन्दर बातचीत करने का ढंग सिखाया है। वही प्रचार है। प्रचार एक बातचीत है, जिसे हम परमेश्वर के वचनों को विषय…

योना का जहाज और पौलुस का जहाज

जब मनुष्य मरता है, तब वह न्याय का सामना करता है।(इब्र 9:27) एक व्यक्ति अपराधी है या नहीं, और यदि वह अपराधी है तो उसका अपराध कितना बड़ा है, इसका आखिरी निर्णय करने की प्रक्रिया ही न्याय है। आत्मिक दुनिया में भी ऐसा ही होता है। लोग जो नहीं जानते कि नरक का दुख कितना भयंकर है, वे इस पृथ्वी पर अपना कीमती समय बर्बाद करते हैं। वे अपने जीवन के अन्त में उस हालत का सामना करेंगे, जिसमें उन्हें अपने किए पर अफसोस होगा। चूंकि परमेश्वर जानते हैं कि मनुष्य के जीवन के अन्त में क्या होगा, इसलिए वह इस पृथ्वी पर शरीर धारण करके आए। उन्होंने हमारे पापों के लिए क्रूस पर एक पापबलि के रूप में अपना…

अनन्त दुनिया के लिए तैयारी करना

बाइबल में लिखा है कि, “मनुष्य की आयु घास के समान होती है, वह मैदान के फूल के समान फूलता है।”(भज 103:15) इससे यह प्रतीत होता है कि मनुष्य का जीवन कितना छोटा और व्यर्थ है। इस पृथ्वी पर जीवन सब कुछ नहीं है; इस पृथ्वी पर के हमारे जीवन के बाद एक नया जीवन है; हम जिस स्थान से आए हैं, वहां वापस जाएंगे। इस जीवन के समाप्त होने के बाद, हम सभी को मरणोत्तर जीवन में प्रवेश करना चाहिए। तब आइए हम यह सोचने के लिए कुछ समय लें कि जिस स्वर्ग के राज्य में हम जा रहे हैं, हम उस स्थान के लिए कितना समय या प्रयास लगा रहे हैं। एक सेवक की सलाह पुराने समय में…