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पिट्टू बनाते हुए

कोलंबो, श्रीलंका से बेक सो ह्यन

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जब सिय्योन में पुरुष वयस्क ग्रूप की सभा होती है, तो उनके पसंदीदा पकवानों में से एक चुनकर मैं भोजन तैयार करती हूं। भले ही वे पूरे दिन काम करने के बाद थक जाते हैं, फिर भी वे बाइबल का अध्ययन करने के लिए काम के तुरंत बाद चर्च आ जाते हैं। जब भी मैं उन्हें देखती हूं, मैं उनके लिए कुछ बनाना चाहती हूं और मेन्यू चुनने में भी बहुत ध्यान रखती हूं।

एक दिन, मैंने ‘पिट्टू’ बनाने का फैसला किया। पिट्टू पारंपरिक श्रीलंकाई भोजन है। मुझे पिट्टू बनाने के लिए एक विशेष बर्तन की आवश्यकता थी। पिट्टू थोड़ा मोटा और लंबे सिलेंडर के आकार का होता है, और इसलिए एक ऐसे बर्तन की आवश्यकता होती है जिसमें पिट्टू सटीक आकार में बैठ सके। जब आप बर्तन में आटा डालते और उसे लगभग आठ मिनट तक भाप में पकाते हैं, तो एक स्वादिष्ट पिट्टू बनाया जाता है।

भले ही मैंने पिट्टू बनाने का फैसला किया था, लेकिन मैं थोड़ा चिंतित थी क्योंकि मदद करने वाले सदस्यों ने और मैंने पहले कभी पिट्टू नहीं बनाया था और हमें इसे बड़ी मात्रा में भी बनाना था। प्रार्थना करने के बाद, हमने उस रेसिपी के अनुसार जो मुझे पहले ही प्राप्त हो गई थी, पिट्टू बनाना शुरू कर दिया। सौभाग्य से, हमारे पास दो बर्तन थे, इसलिए हमें ऐसा लगा कि यदि हम ठीक से आटा तैयार करते हैं, तो समय पर खाना पकाना पूरा हो जाएगा।

लेकिन, हमने पहले आटे को भाप में पकाने के बाद हमारी योजना में गड़बड़ी हो गई। हमने एक समान समय के लिए एक समान गुंथे हुए आटे को एक समान दो बर्तनों में डाला। हालांकि, एक बर्तन में पिट्टू अच्छी तरह से पक गया, लेकिन दूसरे बर्तन से जैसे ही मैंने पिट्टू बाहर निकाला तो वह टुकड़े-टुकड़े हो गया। मैं सोच में पड़ गई कि क्यों एक ही परिस्थिति में बनाया गया पिट्टू एक बर्तन में टुकड़े-टुकड़े हो गया।

चूंकि यह प्रक्रिया दोहराई जा रही थी, मुझे यह तय करना था कि मैं उस बर्तन का उपयोग करना जारी रखूं या नहीं, क्योंकि उस बर्तन से कुछ मदद मिलने के बजाय हमारा समय बर्बाद हो रहा था। अपनी तसल्ली के लिए मैंने एक और बार उस बर्तन का उपयोग करने का फैसला किया। मैंने सोचा कि अगर पिट्टू फिर से खराब निकले, तो मैं इसका इस्तेमाल करना बंद कर दूंगी। इस बार, मैंने दूसरे बर्तन की तुलना में इसे पकाने का समय बढ़ा दिया।

फिर से बर्तन में आटा डालने के बाद, हम चिंतित होकर इंतजार कर रहे थे। उस पल जब मैंने बर्तन से पिट्टू बाहर निकाला, हम खुशी से चिल्ला उठे, “वाह।” एक बहुत ही खूबसूरत पिट्टू निकल आया और बिल्कुल भी नहीं टूटा। मैं इस बात से खुश थी कि मैंने इंतजार किया। उसके बाद, पुरुष वयस्क ग्रूप की सभा समाप्त होने से पहले, दोनों बर्तनों का इस्तेमाल करके हम अच्छे और स्वादिष्ट दिख रहे पिट्टू पका और बना सके।

उस दिन, मैंने न केवल पिट्टू बनाना सीखा, बल्कि एक आत्मिक सबक भी हासिल किया। बर्तन जिसने काफी देर तक अपनी भूमिका ठीक से नहीं निभाई और फिर हमारे थोड़ी देर और इंतजार करने के बाद ठीक से काम करने लगा, वह हमारी तरह लगा।

इस युग में हम सभी परमेश्वर द्वारा सुसमाचार के उपकरण के रूप में बुलाए गए हैं, लेकिन हमने लंबे समय तक अपने मिशन को अच्छी तरह से पूरा नहीं किया। यदि हम बदल गए हैं, तो इसके लिए केवल परमेश्वर का शुक्र है जो हमारा इंतजार कर रहे हैं। भले ही हम इस बात का एहसास करने में धीमे हैं कि हम कितने आशीषित हैं, फिर भी अंत तक हमसे हार माने बिना पिता और माता हमारा इंतजार कर रहे हैं, क्या इसलिए हम सात अरब लोगों को प्रचार करने के आंदोलन में भाग लेकर आशीषों का ढेर नहीं लगा रहे? मैं अपने सुसमाचार के कर्तव्यों को और अधिक ईमानदारी से पूरा करूंगी और परमेश्वर को उनके अनुग्रह का बदला चुकाऊंगी।