दूसरी बार आने वाले मसीह
दूसरी बार आने वाले यीशु कहां से आएंगे? पूर्व से आने वाले परमेश्वर की भविष्यवाणियां
दूसरी बार आने वाले मसीह नई वाचा को पुनर्स्थापित करते हैं
दूसरी बार आने वाले मसीह | शरीर में यीशु के दूसरी बार आने का कारण
अंजीर के पेड़ से यह दृष्टांत सीखो: यीशु के दूसरी बार आने के समय के बारे में भविष्यवाणी
बादल और शरीर
पुराने नियम में मसीह के आने के बारे में बहुत सी भविष्यवाणियां थीं। 2,000 वर्ष पहले धार्मिक नेताओं के लिए यीशु को मसीह के रूप में स्वीकार करना बहुत मुश्किल था, क्योंकि वह गुप्त रूप से आए थे। इसलिए प्रेरित यूहन्ना ने इस प्रकार लिखा: “जो आत्मा मान लेती है कि यीशु मसीह शरीर में होकर आया है वह परमेश्वर की ओर से है, और जो आत्मा यीशु को नहीं मानती, वह परमेश्वर की ओर से नहीं; और वही तो मसीह के विरोधी की आत्मा है (1यूह 4:2–3)।” यह दिखाता है कि उस समय यह विश्वास करना बहुत कठिन था कि मसीह शरीर में आए। इसलिए एक महत्वपूर्ण सिद्धांत जो प्रथम चर्च के संतों के पास था, वह यह था…
हारून की रीति और मलिकिसिदक की रीति
बाइबल में याजक के दो प्रकार के दल(रीति) हैं: हारून की रीति और मलिकिसिदक की रीति। 1. हारून की रीति हारून की रीति एक याजक के दल की रीति है, जिसमें याजक पुरानी वाचा के नियम और विधियों के अनुसार परमेश्वर को बलिदान चढ़ाते थे। हारून लेवीय गोत्र का था, इसलिए हारून की रीति को लेवीय याजक पद(लेवियों की रीति) भी कहा जाता है। अब्राहम से, जो विश्वास का पूर्वज था, इसहाक उत्पन्न हुआ, इसहाक से याकूब उत्पन्न हुआ, और याकूब से 12 पुत्र उत्पन्न हुए। याकूब और उसकी पत्नी लिआ का तीसरा बेटा लेवी था। जब याकूब का बेटा यूसुफ मिस्र का शासक बन गया, तब याकूब और उसका परिवार मिस्र में चले गए, और उन्होंने 430 सालों के…
आन सांग होंग जो जीवन के वृक्ष का फल लेकर आया
परमेश्वर के मानव जाति को बाइबल देने का अभिप्राय हमारी आत्मा का उद्धार है। इसलिए बाइबल के द्वारा हमें निश्चय ही हमारे उद्धारकर्ता परमेश्वर से मिलना चाहिए। बाइबल में अनेक दृष्टान्त हैं। उनमें से उत्पत्ति ग्रंथ में लिखा अदन वाटिका का इतिहास हमें यह बताता है कि मानव स्वर्ग में क्या पाप करके इस धरती पर गिरा दिया गया है। यदि हम इस दृष्टान्त में छिपे सच्चे अर्थ को समझ लें तो हम मृत्यु की जंजीर को, जिससे मानव बांधा हुआ है, उधेड़ सकते हैं। जैसा परमेश्वर ने कहा, “तुम्हें यह प्रदान किया गया है कि स्वर्ग के राज्य के भेदों को जानो, परन्तु उन्हें नहीं।”(मत 13:10–16) जिसे इस भेद को जानने की अनुमति दी गई है वह बहुत आशीषित…
मलिकिसिदक और मसीह
बाइबल की 66 पुस्तकों में परमेश्वर के असंख्य रहस्य रखे हुए हैं। जब हम उन रहस्यों को एक एक करके हल करते हैं तब परमेश्वर के चिरस्थायी उद्धार का प्रबन्ध महसूस कर सकते हैं। उनमें से परमेश्वर का सबसे बड़ा रहस्य मसीह है। परमेश्वर के रहस्य, मसीह, को महसूस करने के द्वारा ही हम उद्धार के अनुग्रह में वास कर सकते हैं, और बुद्धि और ज्ञान के समस्त भण्डार पा सकते हैं।(कुल 2:2–3) बाइबल जो उद्धार में पहुंचने के लिए बुद्धि देती है, वह मसीह के बारे में भी साक्षी देती है।(2तीम 3:15–17, यूह 5:39 संदर्भ) बाइबल के अनेक रहस्यों में से मलिकिसिक के बारे में भविष्यवाणी की जांच करने के द्वारा, आइए हम उद्धार के केन्द्र बिन्दु और मुख्य…
नए नाम का मूल्य
परमेश्वर को ग्रहण करने का अर्थ है, उसके नाम पर विश्वास करना।(यूह 1:12) हम, सिय्योन के सब परिवार, पहले से परमेश्वर के नामों को जानते हैं पिता, पुत्र और पवित्र आत्मा के नाम। हम ने नया नाम लेकर आए मसीह को ग्रहण किया है, और हम उसके गवाह बने हैं जो साक्षी देते हैं कि नया नाम पवित्र आत्मा के युग का उद्धारकर्ता है। और हम नए नाम से प्रार्थना करते और नए नाम की स्तुति करते हैं, और हमने नए नाम के द्वारा उद्धार पाया है। परमेश्वर का नाम आत्मिक संसार में अपार सामर्थ्य प्रकट करता है। आइए हम बाइबल की शिक्षा के द्वारा जानें कि नया नाम जो पवित्र आत्मा के युग के उद्धारकर्ता के रूप में…
परमेश्वर का शरीर में आने का कारण
आजकल यीशु के पवित्र चित्र में, जो यीशु का चित्रण करता है, यीशु की आकृति, जिसकी कल्पना लोग करते हैं, अति पवित्र और ईश्वरीय दिखती है। लेकिन जब यीशु आया, उस समय के लोग ‘यीशु को कैसा समझते थे?’, ‘जिस चर्च को यीशु ने स्थापित किया उसे कैसे देखते थे?”, और “स्वर्ग के सुसमाचार को जिसे यीशु ने सुनाया उसे कैसे सोचते थे?” जब तक हम इसे न जाने तब तक हम मसीह को नहीं जान सकते। मसीह मूल रूप से परमेश्वर का स्वरूप था, और वह बालक रूप में पैदा होने से पहले सर्वशक्तिमान पिता परमेश्वर था।(फिलि 2:5, यश 9:6 संदर्भ) लेकिन जब यीशु ने कहा, “मैं और पिता एक हैं।”, यहूदियों ने उस पर पथराव करने के लिए…
मसीह आन सांग होंग का आगमन
2,000 वर्ष पहले, मानवजाति को बचाने के लिए यीशु का जन्म इस पृथ्वी पर हुआ था। 30 वर्ष की आयु में उनका बपतिस्मा हुआ था, और उन्होंने लगभग साढ़े तीन सालों की अपनी सेवकाई के दौरान नई वाचा के सुसमाचार का प्रचार किया। अपने मिशन को पूरा करने के बाद, वह स्वर्ग को चले गए। जब मसीह स्वर्ग को चले गए, तब उन्होंने इस पृथ्वी पर वापस आने की प्रतिज्ञा की(प्रे 1:6–11)। वर्ष 2018 मसीह आन सांग होंग जो बाइबल की भविष्यवाणियों के अनुसार दूसरी बार आए यीशु हैं, उनके जन्मदिवस की 100वीं सालगिरह का अर्थपूर्ण वर्ष है। आइए हम बाइबल के द्वारा खोजें कि क्यों परमेश्वर इस पृथ्वी पर आए। अंधेरी दुनिया जहां सत्य अस्पष्ट है यीशु के स्वर्गारोहण…