महान नबी बन जाओ

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बाइबल एक “नबी” का ऐसे व्यक्ति के रूप में उल्लेख करती है जो परमेश्वर की इच्छा को पहले समझता है और परमेश्वर के कार्य को पूरा करता है। परमेश्वर अपने नबियों पर अपना मर्म बिना प्रगट किए कुछ भी नहीं करते, और वह प्रत्येक युग में अपने चुने हुओं के पास बार-बार अपने नबियों को भेजते हैं(आम 3:7; यिर्म 29:19)।

पुराना नियम उन नबियों के कार्यों का ठीक वर्णन करता है जिन्होंने उस समय इस्राएलियों को चेतावनी दी जब कभी वे भटक गए, परमेश्वर की सच्ची इच्छा को उन तक पहुंचाया, और आनेवाली विपत्तियों और मसीह के उद्धार की भविष्यवाणियां कीं। नया नियम भी सुसमाचार के उन नबियों के बारे में बताता है जिन्होंने मसीह के इस पृथ्वी पर आने पर सबसे पहले उद्धार के सुसमाचार को ग्रहण किया और पूरे संसार में उसका प्रचार किया। वास्तव में, बाइबल की सभी 66 पुस्तकें परमेश्वर के वचन हैं जिन्हें पवित्र आत्मा से प्रेरित हुए नबियों ने लिखा है, और वे नबियों के द्वारा पूरे संसार में पहुंचाई गई परमेश्वर की आवाज भी है।

परमेश्वर चाहते हैं कि सिय्योन के सभी सदस्य अच्छे नबी बन जाएं। यदि हम परमेश्वर के नबी हैं, तो हमें सबसे पहले तो परमेश्वर की इच्छा को अच्छे से जानना चाहिए और अच्छे से सुसमाचार का प्रचार करने के अतिरिक्त उसके अनुरूप व्यवहार भी करना चाहिए। अब, आइए हम इसके बारे में सोचने के लिए कुछ समय लें कि हमें वह महान नबी बनने के लिए क्या करना चाहिए जिसे परमेश्वर चाहते हैं।

जानने और न जानने में फर्क

पेनिसिलिन नामक सबसे ज्यादा मशहूर एंटीबायोटिक दवा घावों के संक्रमण के इलाज के लिए बहुत कारगर है। लेकिन, जब पहली बार पेनिसिलिन का इंजेक्शन बनाया गया था, तो लोग उसे लेने से हिचकिचाते थे। इसका कारण यह था कि वे पेनिसिलिन की कारगरता के बारे में बहुत कम जानते थे। कोई दिलेर व्यक्ति भी इस भय के साथ कि, “क्या मैं सच में इस इंजेक्शन से अच्छा हो जाऊंगा? यदि मेरा हाल और बुरा हो गया तो क्या होगा?” पेनिसिलिन का इंजेक्शन लेने से हिचकिचाता था। यह सब इसलिए था कि लोग उसकी कारगरता के बारे में बहुत कम जानते थे।

परन्तु, जैसे-जैसे पेनिसिलिन की कारगरता के बारे में सब को मालूम होने लगा, लोगों की प्रतिक्रिया बदलने लगी। जैसे-जैसे पेनिसिलिन का इंजेक्शन लेने से चंगे हुए लोगों ने उसकी कारगरता की घोषणा की, लोगों को पेनिसिलिन पर विश्वास होने लगा। उस समय से लोग स्वयं अस्पताल आने लगे और पेनिसिलिन का इंजेक्शन लेने के लिए कतार में खड़े होकर प्रतीक्षा करने लगे, और इसके परिणामस्वरूप, बहुत से लोगों का जीवन बच गया।

एंटीवायरल दवा टैमीफ्लू के साथ भी ऐसा ही हुआ था। स्वाइन फ्लू के महामारी बनने से पहले, केवल कुछ ही लोग उस दवा का मूल्य जानते थे। लेकिन, ज्यों ही स्वाइन फ्लू वायरस पूरी दुनिया में फैल गया, टैमीफ्लू प्रतिदिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक गंभीर चर्चा का विषय बन गया। जब लोगों ने जाना कि वह टैमीफ्लू जिसके विषय में उन्होंने कभी सुना भी नहीं था, स्वाइन फ्लू की एकमात्र कारगर दवा थी, तब उन देशों की सरकारों को, जो एंटीवायरल दवा टैमीफ्लू को हासिल नहीं कर पाई थीं, अपनी जनता द्वारा कड़ी आलोचना और निंदा झेलनी पड़ी। उस समय से, पूरी दुनिया में सभी देश टैमीफ्लू दवा को हासिल करने के लिए मेहनत करते रहे हैं।

आत्मिक रूप से बिल्कुल वैसा ही है। बीमारियों के इलाज के लिए, इस संसार की दवाओं का केवल क्षणिक असर होता है, लेकिन हमारे स्वर्गीय पिता और माता के द्वारा दी गई नई वाचा उद्धार की दवा है जो पाप और मृत्यु के दासत्व में पड़े मनुष्यों को अनन्त जीवन देती है और जातियों को फिर जीवित करती है और चंगा करती है। लेकिन, संसार के लोग इस पवित्र आत्मा के युग के उद्धारकर्ता, आत्मा और दुल्हिन को नहीं जानते, इसलिए चाहे वे हमें जीवन का जल देते हैं जो हमें सर्वदा के लिए उद्धार दे सकता है, लोग उन्हें ग्रहण करने से हिचकिचाते हैं(प्रक 22:17)।

इसके लिए हम जिम्मेदार हैं, क्योंकि हमने पहले से सत्य की सामर्थ्य के बारे में जानते हुए भी लोगों को सत्य का पूर्ण रूप से प्रचार नहीं किया है और उसका मूल्य नहीं समझाया है। उन्होंने सत्य के बारे में पहले कभी नहीं सुना है और उसका मूल्य नहीं जाना है, तो क्या स्वाभाविक नहीं कि वे उसे आसानी से ग्रहण नहीं कर सकते? यदि हम संसार के लोगों को नई वाचा के बारे में पूर्ण रूप से समझाएं और एलोहीम परमेश्वर, यानी आत्मा और दुल्हिन के बारे में, जिन्होंने हमें नई वाचा दी है, साहसपूर्वक बताएं, तो चाहे उनसे सिय्योन में आने के लिए न कहा जाए, वे सब बाइबल की भविष्यवाणी के अनुसार स्वेच्छा से उद्धार की आशीष पाने के लिए सिय्योन में उमड़ आएंगे।

मूसा के दिनों में जब इस्राएली लोगों ने तम्बू बनाने के लिए सामग्रियों को इकट्ठा किया, उस समय उन्होंने अपनी मर्ज़ी से और खुशी-खुशी परमेश्वर के लिए सामग्रियां चढ़ाईं, क्योंकि उन्होंने इस बात को जान लिया था कि परमेश्वर के तम्बू के लिए अर्पण करना कितना ज्यादा आशीर्वादित है। जब लोगों ने स्वेच्छा से तम्बू बनाने के लिए जितनी जरूरत थी उससे भी ज्यादा सामग्रियां लाना जारी रखा, तब मूसा ने उन्हें और ज्यादा न लाने के लिए विवश किया(निर्ग 35:20-29; 36:2-7)।

यह एक भविष्यवाणी है जिसका इस युग में पुनरावर्तन होगा जब स्वर्गीय मंदिर की सामग्रियों के रूप में दर्शाई गई परमेश्वर की सन्तान इकट्ठी की जाएंगी। इसलिए हमें सबसे पहले लोगों के पास जाना चाहिए और उन्हें सुसमाचार का मूल्य जानने देना चाहिए। जब हम, जो इस युग के नबी हैं, संसार के लोगों को परमेश्वर के वचन का प्रचार करेंगे, तो जिस प्रकार इस्राएलियों ने आशीर्वादों का मूल्य समझकर, परमेश्वर का तम्बू बनाने के लिए स्वेच्छा से भेंट देना जारी रखा था, ठीक वैसे ही बहुत से लोग सत्य के मूल्य और उसके आशीर्वाद को समझकर स्वेच्छा से सिय्योन के दरवाजे को खटखटाएंगे और उद्धार की आशा धारण करेंगे।

सुसमाचार के नबी जो संसार को जगाएंगे

इन दिनों, जैसे कबूतर अपने दरबों की ओर उड़ आते हैं, वैसे ही पूरी दुनिया से विदेशी मुलाकाती दल के सदस्य स्वर्गीय माता की बांहों में उड़ आते हैं। क्योंकि अब सिय्योन के हमारे भाई और बहनें, जो पूरे संसार में गए हैं, बाइबल के द्वारा विदेश में सब लोगों को सत्य के आत्मिक औषधि के प्रभाव का प्रचार करते हैं। उनकी विस्तार से की गई व्याख्या को सुनने के बाद, विदेश के सदस्य अब समझते हैं कि पवित्र आत्मा के युग के उद्धारकर्ता कौन हैं, नई वाचा क्या है, और नई यरूशलेम माता का अस्तित्व क्यों होना चाहिए। हमारे भाई-बहनों ने उन्हें समझाने में बहुत मेहनत की है, इसलिए वे बहुत ही कम समय में ही बड़ा विश्वास धारण कर सके हैं और लगातार पवित्र भूमि की यात्रा करने आ रहे हैं।

संसार में अभी भी ऐसे बहुत से लोग हैं जो सत्य को नहीं जानते। सिय्योन के सभी सदस्यों को सुसमाचार का महान नबी बनना चाहिए और उन्हें मेहनत से वचन का प्रचार करना चाहिए ताकि वे भी सत्य ग्रहण कर सकें। हमें उन्हें नई वाचा की सामर्थ्य, नए नाम का मूल्य, और नई यरूशलेम की महिमा पूर्ण रूप से और सही ढंग से बतानी चाहिए, ताकि वे अपने सभी डरों से पीछा छुड़ा सकें और उद्धार के सत्य को ग्रहण कर सकें।

बहुत से लोग जो पहली बार सत्य को सुनते हैं, ऐसा कहते हुए बहुत आश्चर्यचकित हो जाते हैं कि, “मैं ने इस पृथ्वी पर इतने अद्भुत सत्य को कभी पहले क्यों नहीं सुना?” हमें इस अद्भुत सत्य को केवल अपने तक ही सीमित नहीं रखना चाहिए। यह परमेश्वर का हमें दिया हुआ कार्य है कि हम उन्हें परमेश्वर की ओर से चिताएं।

हे मनुष्य के सन्तान, मैं ने तुझे इस्राएल के घराने के लिए पहरुआ नियुक्त किया है; तू मेरे मुंह की बात सुनकर, उन्हें मेरी ओर से चिताना। यहेज 3:17

चूंकि परमेश्वर ने हमें संसार को जगाने का कार्य सौंपा है, हमें सत्य पर पूर्ण विश्वास के साथ लोगों को निडरतापूर्वक सत्य का प्रचार करना चाहिए। हमें इसके बारे में चिन्ता करते हुए हिचकिचाने की बिल्कुल जरूरत नहीं कि वे सुनेंगे या नहीं। जब हम सत्य को, जैसा वह है, वैसा ही प्रचार करें, तो वह दिन शीघ्र ही आएगा जब संसार के सभी लोग उद्धार पाएंगे।

सुसमाचार जिसकी परमेश्वर ने हमें घोषणा की है, वह सर्वोत्तम गुणों वाली दाखलता के समान है(यश 5:1-2)। चूंकि लोग इस सर्वोत्तम गुणों वाले सत्य के बारे में नहीं जानते, इसलिए वे इसे ग्रहण नहीं करते। यदि हम सामरिया और पृथ्वी की छोर तक जाएं और सब लोगों को सुसमाचार का प्रचार करें, तो निश्चय ही वे उस समय की तुलना में, जब वे इसके बारे में नहीं जानते थे, बहुत अलग रवैया दिखाएंगे।

बहुत से फल पैदा करने के तरीके

यदि हम केवल अपनी क्षमताओं और परिस्थितियों के बारे में सोचते हुए हिचकिचाएं, तो हम कुछ भी नहीं कर सकते। नबियों के समान यह पवित्र कार्य करते समय, हमें ऐसे नकारात्मक विचारों को छोड़ना चाहिए कि, “मैं यह नहीं कर सकता क्योंकि मेरे पास क्षमता नहीं है,” या “मैं यह नहीं कर सकता क्योंकि मैं अच्छे से नहीं बोल सकता,” और केवल एलोहीम परमेश्वर पर भरोसा करते हुए और उनकी क्षमताओं पर निर्भर रहते हुए आगे बढ़ना चाहिए।

जो मुझे सामर्थ्य देता है उसमें मैं सब कुछ कर सकता हूं। फिलि 4:13

परमेश्वर ने सब कुछ तैयार किया है कि हम परमेश्वर की सामर्थ्य के द्वारा सब कुछ कर सकें। इसलिए हमारे लिए कुछ भी नामुमकिन नहीं है। फिर भी यदि हम कुछ काम नहीं कर सकते, तो यह सिर्फ इसलिए है कि हम उसे करने का प्रयत्न नहीं करते।

जब एक बीज बोया जाता है, वह अंकुरित होता है और फल उत्पन्न करता है। सुसमाचार के बीज के लिए भी वैसा ही है; जो हम बोते हैं, वही हम काट सकते हैं। परमेश्वर की यह पूर्व योजना प्रकृति के नियम में दिखाई देती है।

सच्ची दाखलता मैं हूं, और मेरा पिता किसान है। जो डाली मुझ में है और नहीं फलती, उसे वह काट डालता है; और जो फलती है, उसे वह छांटता है ताकि और फले। तुम तो उस वचन के कारण जो मैं ने तुम से कहा है, शुद्ध हो। तुम मुझ में बने रहो, और मैं तुम में। जैसे डाली यदि दाखलता में बनी न रहे तो अपने आप से नहीं फल सकती, वैसे ही तुम भी यदि मुझ में बने न रहो तो नहीं फल सकते। मैं दाखलता हूं: तुम डालियां हो। जो मुझ में बना रहता है और मैं उसमें, वह बहुत फल फलता है, क्योंकि मुझ से अलग होकर तुम कुछ भी नहीं कर सकते। यूह 15:1-5

हम उस समय बहुत से फल उत्पन्न करने के लिए सृजे गए हैं जब हम परमेश्वर की डालियों के रूप में परमेश्वर में बने रहें। परमेश्वर जड़ों से रस खींचते हैं और हमें सब प्रकार के पोषण देते हैं कि हम फल उत्पन्न कर सकें।

फल उत्पन्न करना, यह दाखलता की डालियों की एकमात्र भूमिका है। परमेश्वर ने हमें डालियों का कार्य दिया है, फिर भी यदि हम फल उत्पन्न न करें तो क्या होगा? परमेश्वर ने हमें दाखलता की डालियां बनाया है, तो क्या परमेश्वर हमें फल नहीं देंगे? परमेश्वर अपनी सन्तानों को, जो उत्सुकता से मांगती हैं और उसके लिए मेहनत करती हैं, निश्चय ही फल देंगे(मत 7:7-11)।

परमेश्वर सब कार्य करने में हमारी सहायता करते हैं; इसलिए हमें फल उत्पन्न करने में किसी प्रकार की परेशानी महसूस नहीं होनी चाहिए। यदि हम फल उत्पन्न करने में असफल रहते हैं, तो यह शायद इसलिए होगा कि हम परमेश्वर की सामर्थ्य पर नहीं, लेकिन अपने विचारों पर निर्भर होकर उसे करने की कोशिश करते हैं।

यदि हम परमेश्वर के जैसे एक आत्मा को बचाने के लिए उत्सुक या उत्कंठित न रहें और सिर्फ अपनी वाक्पटुता से या ज्ञान के बल पर ही वचनों का प्रचार करने का प्रयास करते हैं, तो हम कुछ भी हासिल नहीं कर सकते। यदि हम परमेश्वर की शिक्षाओं को भूलें कि हमें दीनता से दूसरे को अपने से बेहतर समझते हुए निडरतापूर्वक और उत्साहपूर्वक वचन का प्रचार करना चाहिए, और यदि हम परमेश्वर से अलग होकर केवल अपनी सामर्थ्य से इसे करने की कोशिश करें, तो हम कभी भी फल उत्पन्न नहीं कर सकते।

परमेश्वर ने साफ साफ कहा है कि, “जो मुझ में बना रहता है और मैं उसमें, वह बहुत फल फलता है।” जब हम उन परमेश्वर में बने रहते हैं जो उस सामर्थ्य का स्रोत है जिससे हम फल उत्पन्न कर सकते हैं, और जो जीवन के जल और उद्धार का स्रोत है, तब हम बहुत से फल उत्पन्न कर सकते हैं। यदि हम पिता और माता की शिक्षाओं में बने रहें, तो हमारे लिए कुछ भी नामुमकिन नहीं है।

पूरे संसार में अनन्त जीवन की नई वाचा का प्रचार करें

यदि अच्छी दवाओं की प्रभावशीलता का लोगों को अच्छे से प्रचार न किया जाता, तो वे दवाएं कभी भी लोगों के जीवन को नहीं बचा पातीं, और लोग उनसे सिर्फ घबरा जाते। मानव जाति को अनन्त जीवन देनेवाली नई वाचा के साथ भी वैसा ही है; जब तक उसका प्रचार नहीं किया जाता तब तक वह व्यर्थ है। हमें इस अनन्त जीवन देनेवाली नई वाचा की पूरे संसार में घोषणा करनी चाहिए; कहीं ऐसा न हो कि कोई उसके बारे में न जानने के कारण उसे ग्रहण करने से घबराए।

परमेश्वर और मसीह यीशु को गवाह करके, जो जीवतों और मरे हुओं का न्याय करेगा, और उसके प्रगट होने और राज्य की सुधि दिलाकर मैं तुझे आदेश देता हूं कि तू वचन का प्रचार कर, समय और असमय तैयार रह, सब प्रकार की सहनशीलता और शिक्षा के साथ उलाहना दे और डांट और समझा। क्योंकि ऐसा समय आएगा जब लोग खरा उपदेश न सह सकेंगे, पर कानों की खुजली के कारण अपनी अभिलाषाओं के अनुसार अपने लिये बहुत से उपदेशक बटोर लेंगे, और अपने कान सत्य से फेरकर कथा-कहानियों पर लगाएंगे। पर तू सब बातों में सावधान रह, दु:ख उठा, सुसमाचार प्रचार का काम कर, और अपनी सेवा को पूरा कर। 2तीम 4:1-5

परमेश्वर हमसे अपनी सेवा पूरी करने के लिए कहते हैं, तो क्या इसका मतलब यह नहीं कि हमें दाखलता की डालियों के रूप में बहुत से फल उत्पन्न करने हैं? जब तक हम प्रचार न करें, संसार के लोगों के लिए परमेश्वर के सत्य के बारे में जानने का और कोई मार्ग नहीं है, और इसके कारण वे उसे ग्रहण करने से डरते हैं। कोई भी उद्धार नहीं पा सकता यदि वह सत्य की उपेक्षा करे।

चूंकि परमेश्वर ने हमें नबियों का कार्य सौंपा है, हमें परमेश्वर की ओर से पूरे संसार को जागृत करना चाहिए। आइए हम सिय्योन की सन्तानों के रूप में पिता और माता के द्वारा सिखाए गए नई वाचा के सत्य का और अधिक लोगों को प्रचार करें, ताकि हम संसार को उद्धार दिला सकें। मैं आशा करता हूं कि सिय्योन के हमारे सभी भाई और बहनें सुसमाचार के महान नबी बनें जो परमेश्वर के सौंपे गए कार्य को ईमानदारी के साथ पूरा करते हुए बहुत सी आत्माओं को जीवन के मार्ग की ओर ले आएंगे।