WATV.org is provided in English. Would you like to change to English?

शैकलटन और उसका कर्मी दल (l): शानदार वापसी

520 देखे जाने की संख्या

दिसंबर 1914 में, कप्तान अर्नेस्ट शैकलटन(1874-1922) और उसके कर्मी दल के 27 सदस्य दुनिया में पहली बार अंटार्कटिका को पार करने के लक्ष्य के साथ यात्रा पर रवाना हुए। उनके जहाज का नाम एंड्यूरेंस था, लेकिन उनका जहाज हिमखंड में फंस गया और अंत में तैरते बर्फ के दबाव के कारण चूर-चूर होकर डूबने लगा।

-50°C के औसत तापमान वाले विशाल बर्फीले समुद्र में फंसे कर्मी दल ने अपने लक्ष्य को बदल दिया कि वे जीवित घर लौटेंगे। वे अपना सामान और छोटी नाव लेकर बर्फ पर चले और बर्फ पिघलने पर छोटी नाव में बैठकर आगे बढ़ने के बाद एलिफेंट द्वीप पहुंचे। प्रवाह के साथ आगे बढ़ते हुए उन्होंने छह महीने में एक भूमि पर कदम रखा लेकिन वह एक निर्जन द्वीप था। बहुत सोच-विचार करने के बाद, कप्तान शैकलटन ने आखिरकार मदद मांगने के लिए दक्षिण जॉर्जिया में व्हेलिंग स्टेशनों की ओर जलयात्रा करने का फैसला किया, जो लगभग 1,000 किमी दूर था।

बिना किसी बिजली आपूर्ति के एक छोटी नाव के साथ कठिन तेज हवाओं वाला जलडमरूमध्य को पार करना एक दुस्साहस चुनौती थी। लेकिन शैकलटन और उसके कर्मी दल के पांच सदस्यों ने बड़े संघर्ष के बाद इसे कर दिया। कर्मी दल के अन्य सभी 22 सदस्य, जिन्होंने दृढ़ता से शैकलटन पर भरोसा किया था, उसका इंतजार कर रहे थे और चार महीने के इंतजार के बाद सुरक्षित रूप से उन्हें बचाया जा सका। यह अभियान शुरू करने के बाद 635 दिनों में हुआ था।

इस अत्यंत हताश स्थिति में, वे कप्तान के नेतृत्व और कर्मी दल के टीम वर्क के द्वारा एक व्यक्ति को भी विपत्ति-ग्रस्त हुए बिना जीवित रहे।