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मेरे पिता

आन्यांग, कोरिया से थाक जिन सल

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यह तब था जब मैं अपनी शादी के बाद पहली राष्ट्रीय छुट्टियों में अपने माता–पिता के घर गई थी। एक कमरे में आराम करते हुए, मैंने सुना कि मेरे पिता और पति बैठक कक्ष में बात कर रहे थे। बाद में, मेरे पति कमरे में आए और मैंने पूछा,

“आपने और पिता ने क्या बात की?” “हमने राजनीति के बारे में बात की।” “पिता राजनीति के बारे में बात करते हैं?”

मैं आश्चर्यचकित थी। मुझे लगा कि उन्हें राजनीति में कोई दिलचस्पी नहीं है।

अगली राष्ट्रीय छुट्टियों पर, मां और मैं सॉना जाने के लिए निकली, इसलिए घर में सिर्फ मेरे पिता औरे पति रुक रहे थे। चूंकि पिता अपनी छुट्टी पर अपने कमरे में टीवी देखते थे या व्यायाम करने के लिए बाहर जाते थे, इसलिए मुझे लगा कि वे दोनों व्यक्तिगत रूप से अपना समय बिताएंगे। लेकिन जब हम कुछ घंटों में घर लौट आईं, बैठक कक्ष की मेज पर शतरंज की बिसात थी। मेरे पति ने कहा कि उसने केवल पहले राउंड में ही जीत लिया और अन्य दो राउंड में वह पूरी तरह से हार गया था, और उसने मेरे पिता के शतरंज कौशल की प्रशंसा की। जब मैं छोटी थी, तब से घर पर शतरंज की बिसात थी, लेकिन मुझे यह बिल्कुल नहीं पता था कि यह मेरे पिता की है और वह शतरंज खेलने में अच्छे हैं।

मेरे पति ने कहा कि मेरे पिता थोड़े कठोर हैं, लेकिन जब वह मुस्कुराते हैं तो वह कोमल और अच्छे दिखते हैं। मैंने ध्यान से सोचा तो पाया कि मैंने अपने पिता के साथ अपने दैनिक जीवन के बारे में बात करने में बहुत कम समय बिताया। पिता, मां, मेरी बड़ी बहन और मैं… परिवार में पिता एकमात्र पुरुष हैं। इस वजह से, वह अकेले सॉना में जाते थे, और अकेले बल्ब बदलने और भारी सामान उठाने जैसे कठिन काम करते थे। जब हम खरीदारी करने गईं तो वह कभी हमारे साथ नहीं आए। जब मैंने उसके कंधों की मालिश करने की कोशिश की, तो उन्होंने यह कहते हुए इनकार कर दिया कि वह ठीक हैं। जैसे कि उन्हें अकेले रहने पर सहज महसूस हुआ और वह इसके आदी हो गए थे। इसलिए मुझे अपने पिता के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी।

जब मैं कभी–कभी उन्हें फोन करती हूं, वह केवल मेरा हालचाल पूछते हैं और मां को फोन पकड़ा देते हैं, या यह कहते हुए, “जब घर आओगी तब देखेंगे,” फोन काट देते हैं। मैंने उनके विचारों और दैनिक जीवन में कोई दिलचस्पी नहीं रखी, शायद इस कारण मैं उनके साथ सहज बातचीत नहीं कर सकती। यद्यपि उन्होंने कभी इस पर अपनी निराशा व्यक्त नहीं की, लेकिन अपनी दो बेटियों की बढ़ाते हुए उन्हें कितना अकेला महसूस हुआ होगा! “मेरे पिता शांत और कठोर हैं।”

जब भी किसी ने मुझसे मेरे पिता के बारे में पूछा तो मैंने यही उत्तर दिया। शायद मैंने ही अपने पिता को इस तरह बना दिया। अब से, मैं अपने पिता के करीब जाऊंगी और उन्हें जानने की कोशिश करूंगी कि वह क्या सोचते हैं, उन्हें क्या पसंद है, इत्यादि।