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प्रतिदिन का नित्यकर्म

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क्या आप अपने बार­बार दोहराई जानेवाले अपने दैनिक जीवन से ऊब और थक गए हैं? एक नौकरी देनेवाली वेबसाइट के द्वारा किए गए एक सर्वेक्षण के अनुसार, कर्मचारियों के लिए सबसे अधिक संशयी क्षण तब होता है जब उन्हें ऐसा लगता है कि उनका प्रतिदिन का नित्यकर्म बार­बार दोहराया जा रहा है।

यदि आप उस गिलहरी के समान जो एक पहिये पर दौड़ती रहती है एक ही प्रकार के काम दिन प्रतिदिन करते रहें, तो कभी­कभी आप ऊब और थक जाते हैं। लेकिन आप अपने विचार बदलकर अपने जीवन को बदल सकते हैं। एक सुशी बनाने में माहिर रसोइये ने जिसने 60 से ज्यादा सालों तक सुशी बनाई है, कहा, “किसी चीज में माहिर बनने के लिए आपको वही काम दिन प्रतिदिन बार­बार दोहराना चाहिए।”

यदि आप एक ही चीज को करते रहें, तो आप एक माहिर या उस क्षेत्र में एक महान विशेषज्ञ बन जाएंगे। क्षमता एक ही दिन में नहीं बनती लेकिन प्रतिदिन के नित्यकर्म के द्वारा थोड़ा थोड़ा करके जमा की जाती है।

यदि आप सोचते हैं कि आपका दैनिक जीवन उबाऊ है, तो आप अपने आज को बीते हुए कल के समान और आनेवाले कल को आज के समान बनने से नहीं रोक सकते। लेकिन यदि आप विश्वास करें कि आज आप उस क्षेत्र में सर्वोत्तम होने की प्रक्रिया में एक कदम आगे बढ़ रहे हैं, तो आप आज को बीते हुए कल से और आनेवाले कल को आज से बेहतर बना देंगे।

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