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15 अक्टूबर, 2020

परमेश्वर का राज्य मुतरे में भी स्थापित हुआ

हरारे, जिम्बाब्वे से एनोस मुटाजु

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जब मैं दुनिया भर में सिय्योन को अविश्वसनीय तेज रफ्तार से स्थापित होते हुए देखता हूं, तब मुझे यकीन होता है कि अब हम उस भविष्यवाणी के समय में जी रहे हैं, “ठीक समय पर यह सब कुछ शीघ्रता से पूरा करूंगा।”(यश 60:22) इतने महत्वपूर्ण समय में हम कैसे कुछ न करते हुए बैठे रह सकते हैं? इसलिए जिम्बाब्वे के हरारे में हमारे सिय्योन के सदस्यों ने सुसमाचार की नई भूमि को जोतने के लिए तैयार किया। लेकिन, योजना जो हमने महत्वाकांक्षा के साथ बनाई, शुरुआत से उसमें मुश्किलें आईं; मुतरे नामक क्षेत्र में, जहां हमने शॉर्ट टर्म मिशन के लिए जाने का फैसला किया था, वहां मिशन यात्रा के दौरान रहने के लिए जगह खोजना आसान नहीं था। मुतरे में सिय्योन स्थापित करने के लिए निरंतर प्रार्थना करते हुए हम उचित जगह को खोजते रहे।

तब हम एक बहन से संपर्क कर सके जो मुतरे में रहती है। बहन ने दक्षिण अफ्रीका के गणराज्य के डरबन सिय्योन में सत्य को ग्रहण किया था, और वह काम करने के लिए अपनी निजभूमि, मुतरे में आई है, लेकिन पिछले एक वर्ष से हमसे उसका संपर्क टूट गया था। हमने कई बार उससे संपर्क करने की कोशिश की थी, लेकिन उससे कोई जवाब नहीं आया था। लेकिन, जब हमने परमेश्वर से प्रार्थना करने के बाद फिर से उससे संपर्क किया, तब हम उससे मिल सके।

उस क्षण हमें उस समय का याद आया जब राजा दाऊद ने पलिश्तियों पर हमला किया था। युद्ध पर जाने से पहले, दाऊद ने परमेश्वर से पूछा, “क्या मैं जा कर पलिश्तियों को मारूं?” तब परमेश्वर ने उससे कहा, “जाओ, क्योंकि मैं निश्चय पलिश्तियों को तेरे हाथ में कर दूंगा।” परमेश्वर के वचनों से सामर्थ्य पाकर, दाऊद आत्मविश्वास से गया कि परमेश्वर उसके साथ हैं, और उसने युद्ध में विजय हासिल की। फोन पर बहन की आवाज सुनकर, हमें आत्मविश्वास महसूस हुआ कि परमेश्वर ने आत्मिक विजय के लिए मुतरे को हमारे हाथ में कर दिया है।

हम बहन को बोझ देने के लिए खेदित थे, लेकिन शुक्र है कि उसने हमारा स्वागत किया और कहा कि वह शॉर्ट टर्म मिशन के दौरान हमारी सेवा करने के लिए खुश है। हम भी खुश थे, कि इस शॉर्ट टर्म मिशन के द्वारा मुतरे में न केवल एक आत्मा लौट आई, बल्कि उस आत्मा ने सुसमाचार के विश्वासयोग्य सहकर्मी के रूप में हमारी मदद भी की।

आखिरकार, हम हरारे से निकले और चार घंटों के बाद मुतरे में पहुंचे। भले ही हम इस बात के अलावा कि वह हमारे प्रचार करने की जगह है, मुतरे के बारे में अधिक नहीं जानते थे, लेकिन इससे कोई र्फक नहीं पड़ा क्योंकि हम जानते थे कि परमेश्वर ने सभी द्वार खोल दिए हैं।

शॉर्ट टर्म मिशन टीम के सात सदस्य छह दिनों के लिए मुतरे में रहे। चूंकि यह एक सप्ताह भी नहीं था, तो जब तक आकाश में सूर्य चमक रहा था, तब तक हम सिर्फ प्रचार ही किया। यह सोचकर कि हमारे पास मुतरे वापस आने का मौका नहीं हो सकता, हमने हर मिनट और हर सेकंड में ईमानदारी से शुभ संदेश का प्रचार किया। परिणाम स्वरूप, हमने ग्यारह स्वर्गीय भाइयों और बहनों को खोज लिया, और उनमें से सातों ने हमारे साथ सब्त के दिन की आराधना मनाई।

शॉर्ट टर्म मिशन के दौरान कुछ विशेष क्षण भी थे। यह तब था जब एक भाई, जिसने हमसे कहा कि काम के कारण वह आराधना में नहीं आ सकता, वह आखिरकार समय निकालकर सिय्योन में आया। हम बस स्टॉप पर उसका इंतजार कर रहे थे जहां हमने एक दूसरे से मिलने का वादा किया, और जब वह बस स्टॉप में पहुंचा, तब एक दूसरे को गले लगाकर हम खुशी से चिल्ला उठे। हम पूरे तन–मन से महसूस कर सके कि हम सचमें परिवार के सदस्य हैं; हमने एक मन से आशा की कि वह भाई घर वापस आए और जब वह वापस आया, तब हमने हमारे पूरे हृदय से उसका स्वागत किया।

उस दिन सिय्योन में और भी अधिक छू लेनेवाली बात हुई। एक भाई का बपतिस्मा हुआ। तब दूसरा भाई, जिसने तीन दिनों पहले नए जीवन की आशीष पाई थी, उसके पास गया और उससे यह कहकर कसकर गले लगाया, “फिर से जन्म लेने पर बधाई हो।” उन्हें एक दूसरे को आनंद से गले लगाते हुए देखकर हम अभिभूत हुए। दो नए भाइयों ने कहा, “हमने आखिर में माता को खोज लिया है।” हम उन्हें देखकर बहुत खुश थे लेकिन एक ही समय में हम दुखी भी थे कि हमें इन आत्माओं को छोड़कर जाना है।

ठीक जैसे पिता ने किया, हम सब अपने नए जन्मे भाइयों और बहनों के बारे में चिंतित थे। इसलिए एक भाई, जिसने हाल ही में डेंटल स्कूल से स्नातक स्तर की पढ़ाई पूरी की थी, ने मुतरे में नौकरी करने और वहां भाइयों और बहनों की देखभाल करने की योजना बनाई। अपनी संतानों की बड़ी बारीकी से देखभाल करने के लिए हम स्वर्गीय पिता और माता के प्रति आभारी थे और उस भाई के प्रति भी जिसने सुसमाचार के लिए हिम्मत बांधी।

जब हम इच्छा रखते हैं, तब परमेश्वर मार्ग, यानी एक खुला हुआ राजमार्ग खोलते हैं। चूंकि परमेश्वर ने हमें अफ्रीका का पूरा महाद्वीप दिया है, तो हम आत्मविश्वास से आगे बढ़ेंगे। हम उन क्षेत्रों में दौड़ेंगे जहां अब तक सुसमाचार का प्रचार नहीं हुआ है और सिय्योन स्थापित करने के लिए हमारी ताकत लगाएंगे।

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