खजाने की खोज हर दिन जारी है
इलोइलो, फिलीपींस से हेजल विक्टोरिनो

लोग उसके लिए जीते हैं जिसे वे मूल्यवान मानते हैं। मेरे जीवन में सबसे मूल्यवान चीज थी, पैसा। मैं एक गरीब परिवार में पली–बड़ी थी, शायद इसलिए मैं मानती थी कि आर्थिक बल जीवन की सबसे महत्वपूर्ण चीज है। जब मैं विश्वविद्यालय में पढ़ती थी, तब मैं पैसे कमाने के लिए लगातार काम की तलाश करती थी।
एक दिन, मैं अपनी अगली क्लास का इंतजार करते हुए कैंपस में एक बेंच पर बैठी हुई थी। दो कोरियाई मेरी ओर चले आ रहे थे, तो मैंने सोचा कि वे मुझसे कुछ पूछने वाले हैं। उन्होंने मुझसे सवाल तो पूछा, लेकिन वह ऐसा सवाल था जिसका मैं जवाब नहीं दे सकी।
“क्या आपने कभी स्वर्गीय माता के बारे में सुना है?”
उस सवाल से जो आसान था और साथ ही रहस्यमय भी था, शुरू करके उन्होंने मुझे बाइबल की बहुत सी शिक्षाएं बताईं। उन्होंने उन चीजों को बताया जो बाइबल में निश्चित रूप से मौजूद थीं। भले ही मैं उन्हें अपनी आंखों से देख रही थी और अपने कानों से सुन रही थी, लेकिन मेरे लिए उस पर विश्वास करना कठिन था। उसके बाद मैंने उनसे मिलकर कई बार वचन पढ़ा, लेकिन सब्त का दिन शनिवार है, स्वर्गीय माता का अस्तित्व है, इन सब बातों को मैं स्वीकार नहीं कर सकी। बड़ी उलझन में आकर, मैंने अपने एक परिचित व्यक्ति से पूछा जो बाइबल को मुझ से बेहतर जानती थी। मैं उसके पादरी के पास भी गई और उससे सवाल पूछे। लेकिन वे एक चीज भी ठीक से बता नहीं सके। जब मैंने उन्हें तर्कहीनता से इधर उधर की बातें करते देखा, तब मैं जान सकी कि सत्य कहां है, और मैंने अपने हृदय से स्वर्गीय पिता और माता को ग्रहण किया।
उसके बाद, मेरा जीवन बदल गया। मैंने सत्य को जाना है, केवल इस तथ्य के लिए मैं हर समय हृदय से कृतज्ञ थी और मैंने सुसमाचार के कार्य के लिए भाइयों और बहनों के साथ खुद को समर्पित करने का आनन्द और दूसरे लोगों की सेवा करने का आनन्द भी महसूस किया। मेरा खुशी का मानदंड अब पैसा नहीं रहा। मुझे महसूस हुआ कि मेरे जीवन की गुणवत्ता को जो बढ़ा सकता है, वह पैसा नहीं, लेकिन प्रेम है, और वह प्रेम परमेश्वर के द्वारा सदा तक दिया गया है।
परमेश्वर के नमूने का पालन करने के लिए प्रचार करना मानो खजाने की खोज करने जैसा था। मैंने स्वर्ग में पाप किया था, लेकिन परमेश्वर ने मुझे बहुमूल्य खजाना मानकर इस पृथ्वी पर आए और मुझे खोजा। परमेश्वर के इस नमूने का पालन करके, मैंने भी अपने भाइयों और बहनों को जो खजाने के समान हैं, खोज करने की कोशिश की।
सत्य में एक आत्मा की अगुवाई करना मुझे हमेशा खुशी नहीं देता था। बहुत बार मेरे दिल में दर्द हुआ। एक बार मुझे सब कुछ बहुत मुश्किल लगा और सब कुछ छोड़ने का मन हुआ। जब कभी वैसा हुआ, मैंने पिता और माता के बारे में सोचकर अपने आपको संभालने की कोशिश की। जब मैंने परमेश्वर के अनुग्रह को नाप लिया, जिन्होंने मुझे अनन्त मृत्यु के दुख से बचाने के लिए सहर्ष खुद को बलिदान किया, तो थोड़ी सी कठिनाई आने पर हार मान लेना शर्मनाक बात थी।
थोड़ा सा दर्द जो मुझे सुसमाचार का फल उत्पन्न करने के लिए सहन करना था, वह पूरी तरह से चला गया जब मैंने एक फल उत्पन्न किया। जब सूरज ढल रहा था, मैं एक युविका से मिली। वह स्वर्गीय माता के बारे में सुनने के बाद और अधिक बाइबल सीखना चाहती थी। जब मैंने उसे चर्च में आमंत्रित किया, तब उसने स्वेच्छा से मेरा निमंत्रण स्वीकार किया और वह परमेश्वर की संतान बन गई।
फल उत्पन्न करने के बाद जैसे मैंने हमेशा किया, मैंने चिंता की कि वह तरह–तरह के अफवाहों और बहकावों के कारण विश्वास में डगमगाएगी। लेकिन मेरे विचार के विपरीत, स्वर्गीय पिता और माता की सुरक्षा में उसने लगातार वचन का अध्ययन किया, विश्वास में बढ़ती गई और सुसमाचार की सेविका बनी।
जिनसे मिलने की अनुमति परमेश्वर ने मुझे दी है, उन स्वर्गीय परिवारवालों में से एक भाई रोनी है। मैं सब्त के दिन प्रचार करते हुए उससे मिली। जैसे ही उसने सत्य सुना, उसने उसे तुरन्त ग्रहण किया। चाहे जो भी वचन हो, वह परमेश्वर के वचनों का पालन करता है। वह सिय्योन से बहुत दूर रहता है, इसलिए शाम की आराधना के बाद उसे जीपनी(फिलीपींस में एक सार्वजनिक यातायात का साधन) मिलना मुश्किल होता है। उसे कभी–कभी घर जाने के लिए कुछ घंटों तक इंतजार करना पड़ता है, फिर भी उसने एक बार भी इस परिस्थिति की शिकायत नहीं की। वह हर दिन परमेश्वर को धन्यवाद देता है और आनन्द से ही परमेश्वर के नियमों का पालन करता है। जब मैं उसे ऐसा करते हुए देखती हूं, तब मेरी खुशी थमने का नाम नहीं लेती।
मैं मानती हूं कि परमेश्वर हमें ईमानदारी से वचन का प्रचार करने को इसलिए कहते हैं क्योंकि हर जगह ऐसी आत्माएं हैं जो सत्य का इंतजार कर रही हैं। एक आत्मा की अगुवाई करना अब भी आसान नहीं है, लेकिन मैं प्रचार करने से खुद को नहीं रोक सकती, क्योंकि मैं जानती हूं कि कई तरह की रुकावटों को पार करने के बाद खोजे गए स्वर्गीय परिवार के सदस्य कितने प्यारे और सुंदर होते हैं। मैं खुद पिता और माता के मार्ग पर चलते हुए उनके बलिदान का थोड़ा सा अनुभव कर रही हूं, और बहुत बड़ी और भव्य आशीषें स्वर्ग में इकट्ठी हो रही हैं… सच में प्रचार करना खजाने की खोज करना है।
मुझमें बहुत सी कमियां हैं, मगर पिता और माता ने मुझे इस आशीष की अनुमति दी है। मैं कितनी कृतज्ञ हूं!
परमेश्वर के द्वारा दिए हुए अनुग्रह के बारे में सोचते हुए मैं फिलीपींस के सभी द्वीपों में परमेश्वर की महिमा चमकाना चाहती हूं। मैं इसे सिर्फ अपने दिमाग से ही नहीं सोचूंगी, लेकिन स्पष्ट लक्ष्य बनाऊंगी और एक एक करके उन्हें पूरा करूंगी। बहुत बार मैं अपने लक्ष्यों को पूरा करने में नाकाम हुई, लेकिन मैं वही गलती फिर से नहीं दोहराऊंगी। उसके लिए, मुझे सबसे पहले खुद पर काबू रखना चाहिए। पिता और माता से यह जानने की बुद्धि मांगते हुए कि मुझे खुद को किससे भरना है और खुद से क्या निकालना है, मैं सुसमाचार की अच्छी सेविका के रूप में फिर से जन्म लेने का प्रयत्न करूंगी।
मैं आज भी यह आशा करते हुए खजाने की खोज करने निकलती हूं कि मैं परमेश्वर को प्रसन्न करने वाली एक अच्छी बेटी बनूंगी और पिता और माता जब भी मेरे बारे में सोचें तो मुस्कुराएं।