हारून की रीति और मलिकिसिदक की रीति

बाइबल में याजक के दो प्रकार के दल(रीति) हैं: हारून की रीति और मलिकिसिदक की रीति। 1. हारून की रीति हारून की रीति एक याजक के दल की रीति है, जिसमें याजक पुरानी वाचा के नियम और विधियों के अनुसार परमेश्वर को बलिदान चढ़ाते थे। हारून लेवीय गोत्र का था, इसलिए हारून की रीति को लेवीय याजक पद(लेवियों की रीति) भी कहा जाता है। अब्राहम से, जो विश्वास का पूर्वज था, इसहाक उत्पन्न हुआ, इसहाक से याकूब उत्पन्न हुआ, और याकूब से 12 पुत्र उत्पन्न हुए। याकूब और उसकी पत्नी लिआ का तीसरा बेटा लेवी था। जब याकूब का बेटा यूसुफ मिस्र का शासक बन गया, तब याकूब और उसका परिवार मिस्र में चले गए, और उन्होंने 430 सालों के…

इस्राएल का इतिहास

इस्राएल का इतिहास पढ़ने का कारण हमें इस्राएल का इतिहास इसलिए पढ़ना चाहिए क्योंकि शारीरिक इस्राएलियों के इतिहास में वो चीजें हैं जो हम आत्मिक इस्राएलियों के साथ घटित होंगी। शारीरिक इस्राएलियों के इतिहास में भविष्यवाणी संबंधी बातों के द्वारा हम पहले ही समझ सकते हैं कि हमारे साथ क्या घटित होगा। इसलिए, आइए हम परमेश्वर की संतान के रूप में हमारे पद और स्थिति को दृढ़ रखें और विश्वास की ऐसी मानसिकता का निर्माण करें जो हमें परमेश्वर के बेटे और बेटियों के रूप में रखनी चाहिए। इस्राएल का इतिहास निम्नानुसार वर्गीकृत किया जा सकता है: आदम से लेकर नूह तक नूह से लेकर अब्राहम तक अब्राहम से लेकर मूसा तक निर्गमन से लेकर कनान में प्रवेश और न्यायियों…

पूरीम

हामान ने सारे फारस[मादी-फारस] में हर यहूदी को मार डालने के दिन को “पूर(चिट्ठी)” डालकर नियुक्त किया(एस 3:7)। मगर उसी दिन जिसे हामान ने यहूदियों को मारने के दिन के रूप में चुना, एस्तेर और मोर्दकै ने हामान को पराजित किया(एस 9:1)। इस घटना का स्मरण करने का दिन पूरीम है। मूसा की व्यवस्था में तीन बार में सात पर्व हैं जो परमेश्वर ने मूसा के द्वारा स्थापित किए। लेकिन “पूरीम” इस्राएलियों का एक पर्व है जो तीन बार के सात पर्वों में शामिल नहीं है। आइए हम “पूरीम” की शुरुआत के बारे में देखें। 1. ऐतिहासिक पृष्ठभूमि यहूदियों को बेबीलोन में बंदी बनाया गया था। हालांकि, बेबीलोन थोड़े समय के बाद फारस[मादी-फारस] के द्वारा नष्ट हो गया। इसलिए फारस…

यूनानी दर्शन

नया नियम उस यूनानी भाषा में लिखा गया था, जो उन दिनों में अंतर्राष्ट्रीय भाषा थी। दर्शन के लिए यूनानी शब्द “फिलोसोफिया”(φιλοσοφια) है, जिसका मतलब है, “बुद्धि से प्रेम करना।” हेलाज(यूनान) एक देश था जहां दर्शनशास्त्र प्राचीन समय से विकसित हुआ और बहुत से दार्शनिक जैसे कि सुकरात, प्लेटो, अरस्तू इत्यादि उत्पन्न हुए। कुरिन्थुस, इफिसुस और आर्डेन हेलाज के मशहूर नगर थे जहां प्रेरित पौलुस प्रचार किया करता था। प्रेरितों की पुस्तक में एक दृश्य है जहां प्रेरित पौलुस ने प्रचार करते समय इपिकूरी और स्तोईकी दार्शनिकों के साथ विवाद किया। तब इपिकूरी और स्तोईकी दार्शनिकों में से कुछ उससे तर्क करने लगे, और कुछ ने कहा, “यह बकवादी क्या कहना चाहता है?” परन्तु दूसरों ने कहा, “वह अन्य देवताओं…

यूनानी दर्शन

13:32
0:00 13:32

प्लेबैक गति

1x

यह आवाज़ AI द्वारा उत्पन्न है। कुछ भिन्नताएँ हो सकती हैं।