2026 महासभा

नई आशा: प्रेम के साथ संसार को पहुंचाया गया उद्धार का संदेश

दक्षिण कोरिया

15,556 बार देखा गया
लेख सुनें 30:28

पवित्र कैलेंडर के नए साल के अवसर पर बहुप्रतीक्षित ‘2026 महासभा’ आयोजित की गई। महासभा 16 मार्च को उद्घाटन आराधना के साथ शुरू हुई और पवित्र कैलेंडर के अनुसार पहले महीने के पहले दिन, 19 मार्च तक, नई यरूशलेम फानग्यो मंदिर में तीन रात और चार दिनों तक आयोजित की गई। पवित्र आत्मा की उपस्थिति में, विश्व के विभिन्न स्थानों से नई वाचा के सुसमाचार के प्रचार में समर्पित पुरोहित कर्मचारी इस सभा में उपस्थित हुए। उन्होंने बीते वर्ष पर विचार किया, नए साल के विजन की पुष्टि की और सुसमाचार को पूरा करने के अपने संकल्प को नवीनीकृत किया।

“प्रेम का बीज बोएं और प्रेम का फल काटें”

16 तारीख की उद्घाटन आराधना में, माता ने प्रार्थना की कि आत्माओं के उद्धार में अग्रणी भूमिका निभाने वाले और नबियों के मिशन को पूरा करने वाले पुरोहित कर्मचारियों को भरपूर आशीष और पुरस्कार मिलें। साथ ही उन्होंने यह आशा भी व्यक्त की कि 2026 में वे परमेश्वर की इच्छा के अनुसार अपनी सभी योजनाओं को पूरा करें और इस प्रकार आत्मिक रूप से भरपूर चरागाह तैयार करें। इसके अतिरिक्त, उन्होंने यह शिक्षा दी, “मनुष्य जो बोता है, वही काटता है। केवल प्रेम बोने से ही हम प्रेम का फल काट सकते हैं,” और कहा, “हर परिस्थिति और हालात में, आइए हम सही मानसिकता और परमेश्वर से प्राप्त उस हार्दिक प्रेम के साथ अपने भाइयों और बहनों की देखभाल करें, और सभी आत्माओं को बचाएं”(गल 6:7-9)।

प्रधान पादरी किम जू चिअल ने इस बात पर जोर दिया, “परमेश्वर का कार्य परमेश्वर के तरीके से किया जाना चाहिए, और परमेश्वर ने जो तरीका दिखाया है, वह प्रेम है।” उसने कहा, “यदि पुरोहित कर्मचारी सबसे पहले पिता और माता से सीखे हुए प्रेम के उदाहरण को आचरण में लाएं और सदस्य भी उसी का अनुसरण करें, तो सुसमाचार का महान कार्य पल भर में घटित होगा।” और उसने अनुरोध किया कि इस वर्ष हर पहलू में ‘प्रेम का अभ्यास’ को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए(यश 54:13-17; यूह 6:45; 15:1-9)।

इस बार की महासभा का कार्यक्रम 2025 की परिणाम प्रस्तुति, 2026 की योजनाओं और विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट मामला प्रस्तुतियों को शामिल करते हुए परिणामों की समीक्षा तथा भविष्य की दिशा प्रस्तुत करने पर केंद्रित रहा। पिछले एक वर्ष के दौरान, चर्च ऑफ गॉड ने सुसमाचार के न जोते हुए क्षेत्रों तक भी सक्रिय रूप से प्रचार कार्य किया और ‘माता के प्रेम के शब्द’ अभियान के नेतृत्व में विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से चर्च के भीतर और बाहर सकारात्मक प्रभाव डाला। इस वर्ष, तेजी से बढ़ रहे सदस्यों को विश्वास में परिपक्व होने में सहायता करने और सुसमाचार प्रचार को तेज करने के लिए, चर्च दुनिया भर के चर्चों को व्यवस्थित रूप से सहायता देने वाले रणनीतिक केंद्र स्थापित करने और अपनी प्रणालियों को और बेहतर बनाने की योजना बना रहा है।

इसके लिए, महासभा ने कुछ खास प्रस्ताव पेश किए जिनमें प्रत्येक देश और चर्च के लिए अनुकूलित पुरोहित रोडमैप और कोरिया और विदेशों के चर्चों के बीच संबंधों के माध्यम से आपसी सहयोग के उपाय शामिल थे। पुरोहित कर्मचारियों और विश्व मुख्यालय के विभागों के अधिकारियों ने इन विषयों पर सक्रिय रूप से चर्चा की और मिलकर सुसमाचार की पूर्णता के लिए खाका तैयार किया। माता पूरे कार्यक्रम के दौरान उपस्थित रहीं। उन्होंने प्रार्थना के द्वारा उन्हें आशीष दी और भरपूर प्रोत्साहन दिया, ताकि वे पिछले वर्ष अधूरे रह गए सुसमाचार के लक्ष्यों को भी पूरा कर सकें।

कठिन परिस्थितियों पर विजय पाकर चर्च की स्थापना और पुरोहित कर्मचारियों के प्रशिक्षण के माध्यम से सुसमाचार के विकास को प्राप्त करने जैसे उत्कृष्ट उदाहरणों की प्रस्तुतियों का सार एक ही संदेश, ‘प्रेम’ में सिमट गया। जब पुरोहित कर्मचारियों ने पहले माता की शिक्षाओं के अनुसार सदस्यों पर ध्यान देते हुए देखभाल और सेवा का अभ्यास किया, तब सदस्यों का विश्वास बढ़ा, एकता मजबूत हुई, और ‘स्नेहपूर्ण चर्च’ स्थापित होकर लगातार बढ़ते गए। इस प्रकार एक सकारात्मक चक्र बना।

पुरोहित कर्मचारियों ने वीडियो और प्रत्यक्ष प्रस्तुतियों के माध्यम से दुनिया भर के सुसमाचार कार्यों के वास्तविक उदाहरणों को जीवंत रूप से देखा और सुना, और अपने कर्तव्य पर फिर से विचार किया। जापान के टोक्यो से आए पादरी गो होंग जुन ने कहा, “मैंने यह सोचकर आत्मचिंतन किया और पश्चाताप किया कि कहीं मैं व्यस्त होने के बहाने प्रेम के महत्व को भूल तो नहीं गया था। मैं इस बात को अपने हृदय में अंकित करूंगा और उसे अमल में लाऊंगा कि इस युग में किसी भी चीज से अधिक प्रेम की आवश्यकता है।” कोरिया के छंगवॉन से आए पादरी किम जिन-ह्वा ने भी कहा, “पिता और माता ने हमें जो वचन सिखाए और जो उदाहरण दिखाया, वही सबसे उत्तम पाठ्यपुस्तक है। मैं सबसे पहले अपने शब्दों और व्यवहार में गर्मजोशी लाऊंगा, ताकि हर सदस्य उस प्रेम को अपने जीवन में अपना सके।”

चर्च ऑफ गॉड को सभी मानव जाति के लिए एक स्नेहपूर्ण घर बनाना

19 मार्च(पवित्र कैलेंडर के अनुसार पहले महीने का पहला दिन) को, पुरोहित कर्मचारियों और विश्व मुख्यालय के कर्मचारियों सहित 1,600 लोगों की उपस्थिति में नई यरूशलेम फानग्यो मंदिर में महासभा स्मृति आराधना आयोजित की गई। इस अवसर पर भी माता ने एक बार फिर ‘प्रेम’ पर जोर दिया। उन्होंने प्रार्थना की कि नए साल में सुसमाचार सामरिया और पृथ्वी के छोर तक प्रचारित किया जाए, और कहा, “आइए हम ऐसे स्नेहपूर्ण चर्च बनाएं जहां इस कठोर और कठिन दुनिया में थकी हुई आत्माएं सांत्वना पा सकें। मैं आशा करती हूं कि आप प्रेम के ऐसे नबी बनें जो अपने अच्छे कार्यों से परमेश्वर की महिमा प्रकट करें और प्रेम के बहुत से फल उत्पन्न करें।”

“परमेश्वर की शिक्षाएं हमारे जीवन के मार्गदर्शक चिन्ह हैं,” इन वचनों के साथ अपना उपदेश शुरू करते हुए प्रधान पादरी किम जू चिअल ने कहा, “परमेश्वर ने क्रूस के कष्ट से भी पीछे न हटते हुए स्वयं को बलिदान किया और हमें आज्ञा दी, ‘जैसा मैं ने तुम से प्रेम रखा है, वैसा ही तुम भी एक दूसरे से प्रेम रखो,’ और ‘क्या तुम मुझसे प्रेम करते हो? मेरी भेड़ों को चराओ।’ नए वर्ष में नए संकल्प के साथ, आइए हम ऐसे चर्च बनाएं जहां परमेश्वर के प्रेम की शिक्षा जीवित हो और उसका अभ्यास किया जाता हो”(मत 28:18-20, 22:35-38; यूह 13:34-35, 21:15-17)।

दोपहर में, समापन आराधना हुई। प्रधान पादरी किम जू चिअल ने नबी की मानसिकता को जागृत करते हुए कहा, “स्वर्गीय कनान, अर्थात् स्वर्ग के राज्य की ओर बढ़ते हुए विश्वास के जंगल में, आइए हम शैतान के प्रलोभनों और चालों पर विजय प्राप्त करें और दृढ़ विश्वास के साथ धार्मिकता के सही मार्ग पर चलें”(2तीम 3:12-17; 1कुर 6:18-20; इफ 5:1-5; इब्र 12:14-17; नीत 2:16-19)। माता ने विश्व सुसमाचार प्रचार की अग्रिम पंक्ति में महत्वपूर्ण कर्तव्य निभा रहे पुरोहित कर्मचारियों के प्रति बार-बार आभार व्यक्त किया और उन्हें प्रोत्साहित करते हुए कहा, “जो बातें अपने बल से कठिन लगती हैं, वे भी हमें सामर्थ्य देने वाले परमेश्वर में प्रार्थना और प्रयास के द्वारा अपेक्षा से भी बढ़कर पूरी की जा सकती हैं। अंत तक प्रयास करके सभी मानव जाति को सुसमाचार सुनाएं और ऐसे पुरोहित कर्मचारी बनें जो पिता से प्रशंसा और प्रेम पाएं।”

माता के प्रेम की शिक्षा को अपने हृदय में अंकित करके अपने-अपने चर्चों में लौटने वाले पुरोहित कर्मचारियों का संकल्प विशेष था। भारत में पुरोहित कार्य कर रहे एल्डर अनिल कुमार ने कहा, “महासभा के दौरान माता के साथ रहकर मैं इतना खुश था कि ऐसा लगा मानो मैं किसी दूसरे ही आयाम में हूं। भारत लौटने के बाद, मैं माता के समान प्रेम के साथ पुरोहित कार्य करूंगा।” अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को से आए पादरी छोए ग्वांग-सू ने अपनी आकांक्षा व्यक्त करते हुए कहा, “संघर्षों से बंटे हुए समाज में भी चर्च ऑफ गॉड संस्कृतियों और पीढ़ियों से परे सामंजस्य स्थापित करता है। इसके केंद्र में परमेश्वर का प्रेम है। मैं गर्व और विश्वास के साथ पूरे अमेरिका में, और आगे अन्य देशों में भी, नई वाचा के सुसमाचार और प्रेम का प्रचार करूंगा।”

2026 महासभा पुरस्कार समारोह: माता के मार्गदर्शन और प्रोत्साहन से संकल्प और जोश को फिर से जागृत करने का समय

15 तारीख को, महासभा का कार्यक्रम शुरू होने से एक दिन पहले, ओकछन गो एन्ड कम प्रशिक्षण संस्थान में महासभा पुरस्कार समारोह आयोजित किया गया, जिसमें कोरिया और विदेशों के पुरोहित कर्मचारियों के साथ-साथ पद और शीर्षक धारकों सहित लगभग 11,000 सदस्य उपस्थित हुए।

पहले भाग में आराधना के दौरान माता ने पिछले एक वर्ष में अपने-अपने स्थानों पर आत्माओं के उद्धार के लिए समर्पित रहे पुरोहित कर्मचारियों और सदस्यों की प्रशंसा की। साथ ही उन्होंने उन्हें यह समझाया कि पवित्र कैलेंडर के नए साल का स्वागत किस मनोभाव से करना चाहिए। उन्होंने प्रोत्साहित करते हुए कहा, “प्रार्थना परमेश्वर की शक्ति को प्राप्त करने का एक निश्चित तरीका है। आइए प्रतिदिन नए विश्वास के साथ उत्साहपूर्वक प्रार्थना करें और स्वर्ग के राज्य की ओर पूरे जोश से दौड़ें।” प्रधान पादरी किम जू चिअल ने जोर देते हुए कहा, “सुसमाचार का जितना अधिक प्रचार किया जाएगा, उतना ही अधिक फल अवश्य उत्पन्न होगा। आइए संसार नामक विशाल खेत में सुसमाचार के बीज बोएं, अनेक आत्माओं को बचाएं और स्वर्ग के राज्य में आयोजित होने वाले पुरस्कार समारोह में हम सब पुरस्कार प्राप्त करें”(लूक 19:11-26)।

पुरस्कार समारोह के दूसरे भाग में प्रचार, शिक्षा, चर्च स्थापना आदि सहित कुल पांच श्रेणियों में पुरस्कार प्रदान किए गए। सियोल में सांगाम चर्च, बुसान में साहा चर्च, न्यूज़ीलैंड में ऑकलैंड चर्च और मोजाम्बिक में मापुटो चर्च सहित कोरिया और विदेशों के चर्चों को कुल 79 पुरस्कार प्रदान किए गए। मसीहा आर्केस्ट्रा और गायक दल की बधाई प्रस्तुतियों के साथ-साथ, 2025 में जोश और एकता के साथ किए गए सुसमाचार कार्यों का सार प्रस्तुत करने वाले एक विशेष वीडियो ने पुरस्कार समारोह की खुशी और आत्मिक अनुभूति को और बढ़ा दिया।

कार्यक्रम के समापन पर, माता ने कहा, “विवादों और संघर्षों से भरे इस युग में, आइए हम मानव जाति को आशा देने के मिशन को पूरा करें।” इस पर उपस्थित सभी लोगों ने एक स्वर में “आमीन” कहा और सुसमाचार प्रचार में अपनी पूरी शक्ति लगाने का संकल्प लिया।

2026 महासभा

30:28
0:00 30:28

प्लेबैक गति

1x

यह आवाज़ AI द्वारा उत्पन्न है। कुछ भिन्नताएँ हो सकती हैं।