सिय्योन की खुशबू
सत्य के वचन सुनकर विश्वास द्वारा बदल गए सदस्यों की प्रेरणादायक कहानियां
प्रेम के द्वारा रची गई आशीष
मेरे परिवार के सदस्यों के बीच बहुत घनिष्ठ और आत्मीय संबंध होता है। मेरे माता–पिता मेरे साथ हमेशा एक दोस्त की तरह पेश आते हैं, और जब हम एक साथ होते हैं, तो हमेशा हंसी–खुशी का माहौल बना रहता है। मेरी सहेलियां जिनके पास बड़े भाई हैं, कहती हैं कि वे अक्सर एक दूसरे से झगड़ते और बहस करते हैं, लेकिन मेरा अपने बड़े भाई के साथ बहुत ही अच्छा रिश्ता है। शायद इसलिए अपने उच्च विद्यालय के दिनों में जब मैंने अपनी एक सहेली के द्वारा सत्य प्राप्त किया, तब सबसे पहले मेरे मन में अपने परिवार का ख्याल आया। उस समय मुझे एक ग्रामीण क्षेत्र से शहर में स्थानांतरित हुए थोड़ा ही समय बीता था, इसलिए मुझे इस…
आनयांग, कोरिया से किम ह्ये जी
माता–पिता का प्रेम जो लौट आई संतान के कारण खुश होते हैं
माता–पिता के लिए जो फूल के समान सुन्दर और प्रिय हैं, वे उनकी संतान हैं। माता–पिता अपनी खुशियों के स्रोत, यानी अपनी संतानों के लिए अपना जीवन तक दे सकते हैं। उनके समर्पित प्रेम की तुलना इस संसार में किसी भी चीज से नहीं की जा सकती। माता–पिता का प्रेम समझना मुश्किल है, यह शायद इसलिए है क्योंकि वह गहरे समुद्र में छिपा बहुमूल्य मणि जैसा है। जब मैं छोटा था, मेरे पिता जहां कहीं जाते थे, मुझे हमेशा अपने साथ ले जाते थे। अपने पिता के कार्यस्थल से घर वापस आते समय, जब भी मैं कुछ बच्चों को बाहर खेलते हुए देखता था, मैं भी उनके साथ खेलना चाहता था, लेकिन मेरे पिता नहीं चाहते थे कि मैं ऐसा…
काठमांडू, नेपाल से जॉन परियार
जहां मुझे लौट जाना है
अपने तीन बच्चों की परवरिश करते हुए मैं शारीरिक और मानसिक रूप से बेहद थक गई थी, शायद इसलिए मैं हमेशा बीमार पड़ी थी। चूंकि बहुत रातों तक मैं सो नहीं सकी थी, इसलिए मैं डॉक्टर के पास गई। मुझे पता चला कि मैं विषाद–रोग के शुरुआती दौर में हूं। डॉक्टर ने उसके इलाज के लिए तरह–तरह की सलाह दी थी, और मैंने विभिन्न चीजें करने का प्रयास किया; मैंने नई चीजों को सीखने का समय लिया, और मैं अपने दोस्तों से मिली और उनके साथ मजेदार बातें कीं और स्वादिष्ट भोजन किया। लेकिन यद्यपि मैंने नई चीजें सीखने, भोजन करने और यात्रा करने इत्यादि में अधिक समय लिया और पैसा गंवाया, फिर भी मेरा दर्द एक जैसा रहा। जैसे…
नागोया, जापान से ओइटा, आइ
मेरे देश में मिला एक नया सपना
जब मैं माध्यमिक स्कूल में प्रवेश करने वाला था, मेरे परिवार की परिस्थिति एकाएक बहुत ही खराब हो गई, और मुझे अपने परिवार को छोड़कर अमेरिका में रहने वाली चाची के पास रहने जाना पड़ा; अनपेक्षित ढंग से मुझे अपने प्रेमी परिवार को छोड़कर जाना पड़ा। सौभाग्य से अपने देश की विपरीत दिशा में जीवन उतना बुरा नहीं था। स्कूल में मेरी उम्र के कोरियाई छात्र बहुत से थे, और मैं जल्दी से अमेरिकी छात्रों का भी दोस्त बन गया। मेरे अमेरिका आने के थोड़े ही समय बाद, मेरी दादी जो मेरे लिए चिंता करती रहती थी, अमेरिका में आ गई और मुझे अकेला या परदेशी जैसा महसूस नहीं होता था। लेकिन फिर भी मैं कोरिया को याद करता था।…
सोंगनाम, कोरिया से इ मिन ग्यु
बदलाव
मैं पैदा होने से पहले ही चर्च ऑफ गॉड में जाती आई हूं। जिसका अर्थ है कि मैं बचपन से ही चर्च ऑफ गॉड की सदस्य हूं। जब मैं माध्यमिक स्कूल में थी, तब मैंने अपनी माता के विश्वास पर नहीं, परन्तु अपने स्वयं के विश्वास पर खड़ा रहना शुरू किया। जब मैं स्कूल में अपने अन्य दोस्तों से मिलती थी जिनका धर्म मुझसे अलग था, तो मैं सोचती थी कि, ‘वह कौन सा सत्य है जो स्वर्ग के राज्य तक मेरी अगुआई कर सकता है?’ इस प्रश्न का जवाब मिलने में ज्यादा समय नहीं लगा। जब मैंने मेहनत से सिय्योन में बाइबल का अध्ययन किया, तो मैं नई वाचा के सत्य को सही ढंग से समझ सकी। लेकिन जब…
आनसान, कोरिया से जांग ये जीन
क्योंकि मैं उनसे प्रेम करती हूं
सुबह से बरसात की आवाज बहुत अच्छी सुनाई देती है। यह मुझे उस समय की याद दिलाती है जब लंबे समय पहले मैं चर्च ऑफ गॉड के सदस्यों से मिली थी। जहां तक मुझे याद है, दुनिया के भविष्य को लेकर जिससे मुझे डर लगता था, मैंने पहले कभी किसी के साथ वैसी ईमानदार बातचीत नहीं की। मुझे बौद्ध धर्म के मंदिर जाने का शौक था और यही मेरा विश्वास था कि यदि मैं दूसरों को कोई नुकसान न पहुंचाकर अच्छा जीवन जीऊंगी, तो मैं स्वर्गलोक जाऊंगी। बेशक मेरा जीवन तो इतना काफी अच्छा नहीं था कि मेरे हाथ में उस बात की गारंटी थी, फिर भी मैंने विश्वास किया कि मैं अपना बाकी जीवन अच्छा काम करते हुए बिताऊंगी।…
गिम्हे, कोरिया से यांग संग रिम
अंत में तेरा भला ही होगा
17 फरवरी 2016 को मेरे बेटे का प्राथमिक स्कूल से ग्रेजुएशन पूरा हो गया। उसके ग्रेजुएशन समारोह में मेरे साथ भाग लेने के लिए मेरे पति ने भी छुट्टी ले ली जो घर से दो घंटे की दूरी पर काम करता था। ग्रेजुएशन समारोह में ग्रेजुएट हुए छात्रों के नाम एक–एक करके बुलाए गए, और उन्हें ग्रेजुएशन के प्रमाणपत्र दिए गए। कुछ छात्रों को पुरस्कार प्राप्त करने के लिए मंच पर बुलाया गया, और मेरा बेटा उनमें से एक था। मैं इतनी खुश थी कि मेरी आंखों में आंसू उमड़ आए। लोग शायद ऐसा सोच सकते हैं कि उसे एक शैक्षिक उत्कृष्टता पुरस्कार या ऐसा ही कुछ और प्राप्त हुआ है, लेकिन उसे जो प्राप्त हुआ, वह एक एथलेटिक पुरस्कार…
गुमी, कोरिया से इ सुन दक
सबसे बड़ी खुशी
कंधों के नीचे तक आनेवाले लंबे बाल, दाढ़ी, डेनिम जींस, धूप का चश्मा और काऊबॉय बूट्स! सत्य प्राप्त करने से पहले मैं ऐसा था। मैंने अपने बाल और दाढ़ी को बढ़ने दिया क्योंकि उस वक्त मैं एक फिल्म की शूटिंग कर रहा था। मैंने एक अभिनेता के रूप में काफी सारी फिल्मों में काम किया था और मैंने खुद एक या दो फिल्में बनाई थीं। मुझे अपनी प्रतिभा से संतुष्टि होती थी और मैं अपने मानदंड के अनुसार जीवन जीता था, बिना इस बात की परवाह किए कि लोग किस नजरिए से मुझे देखते हैं। लेकिन जब धर्म की बात आती थी, मेरी स्थिति अलग थी। भले ही मैं परमेश्वर पर विश्वास और बाइबल जानने का दावा करता था, फिर…
उलानबातर, मंगोलिया से एम. डोर्जदागवा
अत्याचार आशीष में बदल गया
चिलचिलाती गर्मी और तेज धूप में भी जो त्वचा भी छील सकती थी, भाइयों और बहनों ने एक मन से प्रचार समारोह में भाग लिया। उनकी सिय्योन की सुगंध पूरे उत्तर भारत में फैल गई। मैं शिलांग चर्च की एक अनुग्रहपूर्ण कहानी साझा करना चाहता हूं। कई महीने पहले, प्रचार करते समय शिलांग चर्च के दो युवा वयस्क सदस्यों को प्रोटेस्टेंट चर्च के एक पादरी और कुछ सदस्यों द्वारा गंभीर रूप से सताया गया था। उस समय आसपास में कई राहगीर थे। उनमें से, एक महिला वयस्क ने घर लौटने के मार्ग पर उन्हें देखा और अपने निरंतर बहते आंसुओं को रोक नहीं पाई क्योंकि उसे दिल टूटने का एहसास हुआ था। उसे पता नहीं था कि उसे ऐसा क्यों…
भारत में शिलांग चर्च
जब आप उत्सुकता से प्रार्थना करते हैं
पंद्रह साल की उम्र में बपतिस्मा लेने और सच्चाई प्रान्त करने के बाद मेरा जीवन पूरी तरह से बदल गया है। चूंकि मेरा व्यवहार पहले जैसा नहीं था, तो मेरे आस-पास के हर व्यत्कि ने कहा, “तुम आजकल बहुत अलग हो।” भले ही मेरे दोस्तों, परिवार, या रिश्तेदारों ने मुझसे पूछा, “तुम कहां जा रहे हो?” या “तुम्हारे साथ क्या हो रहा है?” लेकिन मैंने उन्हें कोई जवाब नहीं दिया। इसका कारण यह था कि मुझे डर था यदि उन्हें पता चले कि मैं चर्च ऑफ गॉड में जाता हूं तो मेरी हंसी उड़ाई जाएगी। लेकिन बाइबल की भविश्यवाणियों का अध्ययन करने के बाद, जो एक मात्रा या एक बिन्दु को भी छोड़े बिना पूरी हुईं, मैं बस और अधिक…
पुडुचेरी, भारत से राकेश कुमारकुंता रथिनम
सिय्योन की महिला पुरोहित कर्मचारी का खुशहाल मार्ग
मैं अपने परिवार में सबसे बड़ी बेटी हूं, और मेरे माता-पिता ने शमूएल नबी की माता के समान हमेशा मुझे परमेश्वर को अर्पित करना चाहा। मेरे माता-पिता ने मुझे धर्मशास्त्रीय स्कूल में भेज दिया ताकि मैं पादरी बनकर परमेश्वर की सेवा कर सकूं। सत्य प्राप्त करने से पहले, मेरा सपना पादरी बनना था जो परमेश्वर की सेवा करता है। भारत में, पादरियों को समाज में मान्यता मिलती है; उन्हें ईसाइयों के द्वारा परम जीव के रूप में सम्मान किया जाता और सेवा की जाती है। जब उनका किसी निश्चित संगठन में पंजीकृत होता है तो उन्हें अधिक आमदनी की गारंटी दी जाती है। इससे ज्यादा, मुझ में परमेश्वर की सेवा करने का जुनून था। लेकिन मुझे इस बात पर गर्व…
ठाणे, भारत से एंजेला बेरी
माता-पिता के हृदय से और सैनिक की मानसिकता से
मेरा जन्म एक गरीब किसान के परिवार में आठ बच्चों के सबसे छोटे बेटे के रूप में हुआ था। मैं बचपन से ही इस बात को लेकर हमेशा चिंतित रहता था कि बिना भूखे रहे जीने के लिए मुझे क्या करना चाहिए। बहुत विचार करने के बाद, मैंने पेशेवर सैनिक बनने का निर्णय लिया। चूंकि मुझे वैसे भी सेना में जाना पड़ा, इसलिए मैं अपने चचेरे भाई के समान विशेष बल में एक गैर-कमीशन अधिकारी बनना चाहता था। मुझे लगा कि मासिक वेतन प्राप्त करते हुए अपने जीवन को स्थिर बनाना अच्छा होगा। लेकिन, मेरे चचेरे भाई ने यह कहते हुए मुझे रोका कि वह बहुत कठिन होगा। इसलिए मैंने विशेष बल में भर्ती होना छोड़ दिया। इसके बजाय, मैंने…
पाजु ,कोरिया से पार्क इन सब
चूंकि परमेश्वर सुसमाचार का नेतृत्व करते हैं और हमारे सदस्य हैं जो सुसमाचार के लिए खुद को समर्पित करते हैं
वर्तमान में, मैं ब्राजील के साओ पाउलो में एक मिशनरी के रूप में अपने सुसमाचार के कर्तव्य को पूरा कर रहा हूं। मैंने परमेश्वर के अनुग्रह का अनुभव करने के द्वारा सीखा है कि मुझे सुसमाचार के लिए किस मानसिकता की आवश्यकता है। इसलिए मैं एलोहिस्ट में इस लेख के माध्यम से उस अहसास को साझा करना चाहूंगा। साओ पाओलो चर्च रिबराव प्रेटू में शाखा चर्च का प्रबंधन करता है। 2019 में, रिबराव प्रेटू शाखा चर्च को परमेश्वर के अनुग्रह के तहत एक नया मंदिर प्रदान किया गया था। हम आभारी थे लेकिन साथ ही मंदिर के निर्माण को लेकर चिंतित थे। चूंकि रिबराव प्रेटू साओ पाउलो से 300 किमी दूर था, इसलिए साओ पाउलो के सदस्यों के लिए उसके…
साओ पाउलो, ब्राजील से सल यून दक
सबसे मूल्यवान कार्य
‘क्या यीशु वास्तव में परमेश्वर हैं? क्या परमेश्वर का असतित्व है?’ एक ईसाई परिवार में बढ़ते हुए मैंने अपने स्कूल वर्षों के दौरान एक चर्च में जाता था, लेकिन जैसा मैंने हाई स्कूल में जाकर जीव विज्ञान और क्रम-विकास को सीखा, मुझे परमेश्वर के अस्तित्व पर संदेह होने लगा। विज्ञान में, यहां तक कि एक साधारण सिद्धांत का भी सबूत है जो उसे साबित करता है। लेकिन ऐसा लगता था कि परमेश्वर के अस्तित्व को साबित करने के लिए कोई सबूत नहीं था। मैं बाइबल को नहीं समझ सकता था और विश्वास करने के लिए बहुत सारे कठिन हिस्से थे। यद्यपि मैं परमेश्वर पर विश्वास नहीं कर सकता था, मैं परमेश्वर से यह प्रार्थना करते हुए मुश्किल से अपना विश्वास…
डेनवर, सीओ, अमेरिका से नटनेल अससेफ सेलटीन
परमेश्वर के प्रेम का एहसास करते हुए
यह उस समय के आसपास था जब मेरी बहन प्रोटेस्टेंट चर्च जाती थी। एक दिन, वह अपने पूरे शरीर पर चोट के साथ घर वापस आई। हैरान होकर, मैंने उससे पूछा कि क्या हुआ। उसने बताया कि उसे चर्च के धार्मिक क्रिया के दौरान चोटें लगी हैं। ‘सदस्यों को चोट पहुंचाने वाला चर्च कैसे सही हो सकता है? मुझे यकीन है कि कोई परमेश्वर नहीं हैं!’ मैं चर्च पर अविश्वास करने लगा और यह निष्कर्ष निकाला कि परमेश्वर का अस्तित्व नहीं है। मेरी बहन ने भी उस चर्च में जाना बंद कर दिया। जैसे-जैसे समय बीत गया और मेरी बहन ने चर्च ऑफ गॉड नामक एक चर्च में जाना शुरू कर दिया। मैं यह बिल्कुल समझ नहीं पा रही थी…
इनचान, कोरिया से कांग यन सुक
एक लंबे इंतजार के बाद
मैं और मेरे पति एक छोटा सा खाद्य व्यापार करते हैं। हम आम तौर पर सुबह 6 बजे से शाम 4 बजे तक काम करते हैं, लेकिन एक दिन दोपहर 2 बजे के आसपास हम काम से निकल गए और घर आ गए क्योंकि मुझे जुकाम हो गया और बहुत बीमार थी। लेटने और थोड़ा आराम करने के लिए जब मैं खिड़की बंद कर रही थी, तब मैंने कुछ लोगों को घर-घर जाते हुए देखा। चूंकि वह बहुत ही भीषण गर्मी का दिन था, तो मुझे आश्चर्य हुआ कि वे झुलसाने वाली धूप के नीचे क्या कर रहे हैं। जब उन्होंने मेरे दरवाजे पर दस्तक दी, तो मैंने अपने पति से तुरंत दरवाजा खोलने के लिए कहा। फिर उसने मुझसे…
फेरा डे सैन्टाना, ब्राजील से एलिसेंजेला डे ओलिविरा सिल्वा असुनकाओ
परमेश्वर के अनुग्रह का बदला चुकाने का समय जिन्होंने लंबे समय तक मेरा इंतजार किया
बंजर जंगल में जहां एक पौधे का बढ़ना भी मुश्किल था, मन्ना जो परमेश्वर ने इस्राएलियों को भेजा, एक चमत्कार का भोजन था। लेकिन चूंकि उन्होंने चालीस वर्षों तक हर समय मन्ना खाया, वे मन्ना को निकम्मी रोटी के रूप में मानने लगे। जब मैं पांच महीने का था, तब मेरे माता-पिता ने सत्य को ग्रहण किया और कुछ साल बाद उन्होंने नबी के मार्ग पर चलने का फैसला किया। उसके कारण मैं सिय्योन में बहुत से भाइयों और बहनों के प्रेम और देखभाल में बड़ा हुआ। सिय्योन में मेरा जीवन खुशी से भरा था, लेकिन मेरे स्कूल के दिनों के दौरान मेरा जीवन थोड़ा-थोड़ा बदलने लगा। जब हर सप्ताहांत में मेरे सभी दोस्त मिलकर मजे से खेलते थे, मुझे…
सियॉन्गनाम, कोरिया से स जुन यंग
माता को मन में रखकर मैं जागृत हुई
दस वर्षों में पहली बार मैंने अपने दादा जी का 80वां जन्मदिन मनाने के लिए अपने गांव का दौरा किया। मेरी याद में दादा जी सख्त और मजबूत थे और वह बहुत मेहनती भी थे, इसलिए वह कटनी के समय के अलावा अपनी फसलों की देखभाल अकेले ही किया करते थे। मुझे यकीन था कि वह बहुत मजबूत और स्वस्थ हैं। लेकिन दस वर्षों के बाद, मैं उन्हें देखकर चकित हो गई क्योंकि वह बहुत कमजोर हो गए थे। वह मुश्किल से हिल सकते थे और अधिक बात भी नहीं कर सकते थे। वह ज्यादातर समय अपनी दोलन-कुर्सी पर ही रहते थे और सोते थे। और जब उन्हें खड़े होना या बैठना होता था, तब उन्हें सहायता की जरूरत पड़ती…
मंडलुयोंग, फिलीपींस से जो मैरी सुपोलो
सबसे बहुमूल्य कार्य, सबसे विशेष आशीषें
अन्य कोरियाई पिताओं की तरह, मैं भोर में तारों को देखते हुए काम पर जाता था और देर रात को फिर से तारों को देखते हुए घर वापस आता था। ऐसे दिनों की शृंखला में मेरी जिन्दगी गुजर रही थी। उस समय मैं नहीं जानता था कि बहुत दूर के तारों से जड़ी हुई वह दुनिया क्या है और वे तारे किसके लिए चमक रहे हैं। मैंने एक परिवार का मुखिया होने के नाते किसी से सहायता मांगे बिना सिर्फ अपने परिवार को एक आरामदायक जीवन देने का लक्ष्य रखा था। इस लक्ष्य के साथ, मैं पूरे साल एक भी छुट्टी लिए बिना कड़ी मेहनत करता था। अपनी पत्नी से सत्य के वचन सुनने के बाद मेरे मन में यह…
ऑस्टिन टाउन, भारत से छवे सु ह्यन
प्रेरितों के काम की नई पुस्तक के नायक बनने की आशा करते हुए
‘ओ परमेश्वर, यदि मैं स्वर्ग जा सकती हूं, तो मैं कुछ भी करूंगी। कृपया मुझे अपने उद्धार का यकीन होने दीजिए।' यह वह बात थी जिसे मैं हमेशा प्रार्थना करते समय जरूर कहती थी, क्योंकि भले मैं चर्च जाती थी, लेकिन मुझे अपने उद्धार का यकीन नहीं था। मैं छोटी बच्ची थी, लेकिन मुझे नरक जाने से इतना डर लगता था कि मैं गिरजाघर की सारी सभा, स्तुति-आराधनाओं और भोर की आराधनाओं में शामिल होती थी। मैं हर दिन बाइबल भी पढ़ती थी और इंतजार करती थी कि मुझे स्वर्ग जाने का यकीन हो। एक सर्दी के दिन मैं दो स्वर्गदूतों से मिली जो सत्य का प्रचार कर रहे थे, और मैंने सब्त का दिन, फसह का पर्व और दूसरे…
सैंटियागो डे लॉस कैबेलोस, डोमिनिकन गणराज्य से सोंग ह्ये जु