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जीवन का सत्य
फसह और प्रतिज्ञा का चिह्न
आज दुनिया के तमाम हिस्सों में हो रही विपत्तियों की खबरों के कारण पूरे विश्व में तनाव बढ़ रहा है। बाइबल युद्ध और संघर्ष सहित भूकंप, सुनामी, ज्वालामुखी विस्फोट, असामान्य मौसम की घटनाओं जैसी विपत्तियों की चेतावनी हजारों वर्ष पहले दे चुकी थी। यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगा कि ऐसी विपत्तियां इस पवित्र आत्मा के युग में जिसमें हम जी रहे हैं, एक ही बार में उंडेली जा रही हैं। परमेश्वर ने अपने लोगों को विपत्तियों से रक्षा करने के लिए, इस युग में फसह को पुनर्स्थापित किया है। 3,500 वर्ष पहले, निर्गमन के समय में परमेश्वर ने इस्राएलियों को किसी भी बात से बढ़कर फसह का ज्ञात कराया। यह इसलिए था क्योंकि मिस्र में एक भयंकर विपत्ति आने वाली…
फसह और उद्धार का सत्य
आज, दुनिया परमेश्वर के वचन सुने बिना आत्मिक प्यास और बड़े पैमाने पर हो रही विपत्तियों से पीड़ित है(आम 8:11; यिर्म 44:23)। फिर भी, कुछ लोग परमेश्वर के वचन का इनकार करके यह दावा करते हैं, “नई वाचा का फसह उद्धार का सत्य नहीं है। इसलिए हमें इसे मनाने की आवश्यकता नहीं है।” यीशु ने उन दिनों के धार्मिक नेता, फरीसियों और शास्त्रियों के कपट पर फटकार लगाई और कहा कि स्वर्ग के राज्य के भेदों की समझ उन्हें नहीं दी गई है। अब भी, ऐसे लोग हैं जो परमेश्वर पर विश्वास करने का दावा तो करते हैं, लेकिन परमेश्वर की इच्छा को सही ढंग से नहीं समझते। जैसा कि बाइबल कहती है कि परमेश्वर के ज्ञान के न होने…
फसह और विपत्तियों से पार होने का कारण
परमेश्वर ने शैतान को नष्ट करने और अपनी संतानों को अनंत जीवन देने के लिए फसह की स्थापना की। जो कोई भी सिय्योन में रहता है, वह फसह के महत्व को अच्छी तरह जानता है। अब, हमें और अधिक सावधानी से विचार करने की आवश्यकता है कि जब हम फसह मनाते हैं तो विपत्तियां हमारे ऊपर से क्यों पार हो जाती हैं। फसह का सही अर्थ क्या है? हमें विपत्तियों से मुक्त करने के लिए फसह की शक्ति का स्रोत क्या है? आइए हम परमेश्वर के सामने विनम्र और शालीन स्वभाव के साथ, बाइबल के द्वारा इन मामलों का अध्ययन करें। फसह के मेमने के लहू के द्वारा विपत्तियों से बचना फसह लगभग 3,500 वर्ष पहले स्थापित किया गया परमेश्वर…
बपतिस्मा क्या है?
विवाह एक प्रेमी जोड़े के लिए जीवन की नई शुरुआत है। विवाह समारोह के दौरान वे अपने जीवन के बाकी समय में पति और पत्नी के रूप में सुख-दुख को बांटने की शपथ लेते हैं। उसी तरह, बपतिस्मा परमेश्वर की ओर जाने के लिए पहला कदम है, और यह एक विधि है जिसमें हम परमेश्वर के साथ वाचा बांधते हैं। बपतिस्मा के द्वारा परमेश्वर हमारे सभी पापों को क्षमा करते हैं, और हम अपने जीवन के पिछले पापमय मार्ग से फिरने और अपने जीवन के बाकी समय में सिर्फ परमेश्वर की सेवा करने के द्वारा परमेश्वर के लोगों के रूप में जीने की प्रतिज्ञा करते हैं। बपतिस्मा हमारे जीवन में एक ऐसा मोड़ होता है, जिसके द्वारा हमारे अतीत के…
फसह का पर्व स्वर्ग के द्वार को खोलने की चाबी है
आज दुनिया में बहुत से चर्च हैं जो कहते हैं कि उन्हें परमेश्वर पर विश्वास है। लेकिन सिर्फ चर्च ऑफ गॉड है जो परमेश्वर के पर्वों में से एक नई वाचा का फसह मनाता है जिसमें उद्धार की प्रतिज्ञा शामिल है। जैसे कि बाइबल कहती है, “मेरे ज्ञान के न होने से मेरी प्रजा नष्ट हो गई(हो 4:6),” बहुत से लोग बाइबल को सही तरह से नहीं समझते और फसह को तुच्छ समझते हैं कि उसे मनाने की जरूरत नहीं है; वे सोचते हैं कि यदि वे परमेश्वर पर सिर्फ विश्वास करें तो स्वर्ग का राज्य उन्हें दिया जाएगा। बाइबल के वचनों के द्वारा आइए हम फसह के अर्थ पर पुनर्विचार करें और झूठ में से सत्य को पहचानें। वे…
विपत्ति और फसह का पर्व
जब हम सुबह उठकर न्यूज चैनल देखते हैं, तब बहुत सारी विपत्तियों और दुर्घटनाओं की खबरें सुनते हैं। विभिन्न प्रकार की विपत्तियों में से सबसे बड़ी विपत्ति क्या है? परमेश्वर ने किस विपत्ति से हमें बचाने के लिए फसह को मानव जाति के लिए औषधि के रूप में निर्धारित किया है? चाहे संसार में घटित होने वाली विपत्तियां कितने ही लंबे समय तक क्यों न जारी रहें, लेकिन वे मनुष्य के जीवनकाल से भी अधिक समय तक नहीं घट सकतीं। लेकिन बाइबल में एक विपत्ति है जो युगानुयुग जारी रहती है; भले ही लोग उस विपत्ति की पीड़ा अत्यधिक होने के कारण मरने की लालसा करेंगे, लेकिन मृत्यु उनसे भागेगी। हमें नई वाचा का फसह देने के पीछे परमेश्वर की…
पिता परमेश्वर, माता परमेश्वर
परमेश्वर ने सारे मानव को सुसमाचार सुनने और इसे महसूस करके उद्धार पाने का मौका दिया है। उस अनुग्रह के द्वारा ही, विश्व में सुसमाचार का प्रचार करने का कार्य आश्चर्य रूप से सफल हो रहा है, और पूरे विश्व में हर क्षेत्रों से बहुतेरी आत्माएं पश्चात्ताप करते हुए परमेश्वर की गोद में वापस आ रही हैं। लोग जिन्होंने यह सुसमाचार सुना है, उनके लिए सब से ज़्यादा अचंभित करने वाला सत्य स्वर्गीय माता है। यूरोप, उत्तर अमेरिका, दक्षिण अमेरिका, ओशिनिया, एशिया, अफ्रीका, आदि किसी भी देश में स्वर्गीय माता के सत्य के सामने सुसमाचार सुनाने के लिए द्वार खुल जाता है। इससे हमें पता चलता है कि देश-देश के लोग स्वर्गीय माता के उद्धार के लिए बहुत तरसते रहे…
पवित्र नगर यरूशलेम
बाइबल की भविष्यवाणी के अनुसार, यरूशलेम की महिमा पूरे विश्व में बहुत तेज रफ्तार से प्रसारित होती जा रही है। यह समाचार जारी हो रहा है कि विश्व के जगह जगह से सिय्योन की सन्तान यरूशलेम की ओर आ रही हैं। जब हम ऐसे चिह्न और लक्षण को देखते हैं, तो हमें लगता है कि यरूशलेम की महिमा सामरिया और पृथ्वी के छोर तक विश्व में सारी जातियों को प्रसारित होने का दिन निकट है, जैसे परमेश्वर ने भविष्यवाणी की है। आइए हम यरूशलेम की वास्तविकता के बारे में जिसकी महिमा पूरे विश्व में प्रसारित होगी, और आशीष के बारे में जो यरूशलेम की महिमा में सम्मिलित होने वाले पाएंगे, बाइबल के वचन को जांचें। पवित्र नगरी यरूशलेम मसीह…
यरूशलेम से प्रेम रखनेवाले हे सब लोगो
एक एक वर्ष करके जैसे जैसे विश्वास के जीवन का वक्त गुज़र रहा है, वैसे वैसे पिता और माता के अनुग्रह के द्वारा सुन्दर स्वर्गदूतों की छवि में बदल जाने का क्षण निकट आ रहा है। इस समय, सिय्योन की सन्तान को, जो प्रतिज्ञा की सन्तान के रूप में बुलाई गई है, यरूशलेम माता के प्रति, जो बाइबल की भविष्यवाणी के अनुसार, सुसमाचार के कार्य का नेतृत्व कर रही है, सही दृष्टिकोण रखना चाहिए। सिर्फ माता का बाह्य स्वरूप नहीं, बल्कि हमें माता का, जो हमारे लिए खुद को बलिदान कर रही है, अंतर्स्वरूप भी देखना चाहिए। तब हम ऐसा विश्वास रख सकेंगे जो परमेश्वर के उत्तराधिकारी, उद्धार पाने वाले के योग्य है। आइए हम बाइबल की भविष्यवाणी के द्वारा…
आन सांग होंग जो जीवन के वृक्ष का फल लेकर आया
परमेश्वर के मानव जाति को बाइबल देने का अभिप्राय हमारी आत्मा का उद्धार है। इसलिए बाइबल के द्वारा हमें निश्चय ही हमारे उद्धारकर्ता परमेश्वर से मिलना चाहिए। बाइबल में अनेक दृष्टान्त हैं। उनमें से उत्पत्ति ग्रंथ में लिखा अदन वाटिका का इतिहास हमें यह बताता है कि मानव स्वर्ग में क्या पाप करके इस धरती पर गिरा दिया गया है। यदि हम इस दृष्टान्त में छिपे सच्चे अर्थ को समझ लें तो हम मृत्यु की जंजीर को, जिससे मानव बांधा हुआ है, उधेड़ सकते हैं। जैसा परमेश्वर ने कहा, “तुम्हें यह प्रदान किया गया है कि स्वर्ग के राज्य के भेदों को जानो, परन्तु उन्हें नहीं।”(मत 13:10–16) जिसे इस भेद को जानने की अनुमति दी गई है वह बहुत आशीषित…
मलिकिसिदक और मसीह
बाइबल की 66 पुस्तकों में परमेश्वर के असंख्य रहस्य रखे हुए हैं। जब हम उन रहस्यों को एक एक करके हल करते हैं तब परमेश्वर के चिरस्थायी उद्धार का प्रबन्ध महसूस कर सकते हैं। उनमें से परमेश्वर का सबसे बड़ा रहस्य मसीह है। परमेश्वर के रहस्य, मसीह, को महसूस करने के द्वारा ही हम उद्धार के अनुग्रह में वास कर सकते हैं, और बुद्धि और ज्ञान के समस्त भण्डार पा सकते हैं।(कुल 2:2–3) बाइबल जो उद्धार में पहुंचने के लिए बुद्धि देती है, वह मसीह के बारे में भी साक्षी देती है।(2तीम 3:15–17, यूह 5:39 संदर्भ) बाइबल के अनेक रहस्यों में से मलिकिसिक के बारे में भविष्यवाणी की जांच करने के द्वारा, आइए हम उद्धार के केन्द्र बिन्दु और मुख्य…
नए नाम का मूल्य
परमेश्वर को ग्रहण करने का अर्थ है, उसके नाम पर विश्वास करना।(यूह 1:12) हम, सिय्योन के सब परिवार, पहले से परमेश्वर के नामों को जानते हैं पिता, पुत्र और पवित्र आत्मा के नाम। हम ने नया नाम लेकर आए मसीह को ग्रहण किया है, और हम उसके गवाह बने हैं जो साक्षी देते हैं कि नया नाम पवित्र आत्मा के युग का उद्धारकर्ता है। और हम नए नाम से प्रार्थना करते और नए नाम की स्तुति करते हैं, और हमने नए नाम के द्वारा उद्धार पाया है। परमेश्वर का नाम आत्मिक संसार में अपार सामर्थ्य प्रकट करता है। आइए हम बाइबल की शिक्षा के द्वारा जानें कि नया नाम जो पवित्र आत्मा के युग के उद्धारकर्ता के रूप में…
पाप की मज़दूरी मृत्यु है
बाइबल कहती है कि मृत्यु सब मनुष्यों में फैल गई, क्योंकि सब ने पाप किया।(रो 5:12) इस पर जो परमेश्वर पर विश्वास नहीं करते हैं, उन्हें बुरा लगता है और वे कभी–कभी झींकते हुए बोलते हैं कि ‘चर्च में लोगों को क्यों पापी कहा जाता है?’ लेकिन दरअसल, सब मनुष्य मूल रूप से पापी हैं। हम परमेश्वर पर विश्वास करते हैं, और हम उस परमेश्वर के अनुग्रह के लिए धन्यवाद देते हुए स्तुति चढ़ाते हैं जिसने हम पापियों को मृत्यु से बचाया। परन्तु आइए हम अपने आप से प्रश्न पूछें– “इस बात में हां–हां करते हुए भी कि मैं पापी हूं, क्या मैं अपने पाप को पूरी तरह से जानता हूं? और क्या यह न जानते हुए भी मैं पछता…
जीवन के जल का सोता
यरूशलेम माता के उद्धार का समाचार पूरे विश्व में प्रसारित होता जा रहा है, जिससे संसार के प्रत्येक महाद्वीप में अनेक आत्माएं परमेश्वर के पास आ रही हैं। माता की सच्चाई आत्मिक मास्टर कुंजी है जो कहीं भी बन्द मनुष्यों के मन को खोल सकती है। यह कितना आश्चर्यजनक है! लोग, जिन्होंने कई वर्ष तक सुसमाचार को नहीं सुना था, थोड़े समय के अन्दर खुले मन से सत्य को स्वीकार करते हैं। माता परमेश्वर के बारे में सत्य ने ही ऐसे असंभव कार्य को संभव कर दिया है। बाइबल ने भविष्यवाणी की कि जीवन का जल यरूशलेम से बह निकलेगा और जहां जहां यह जल बहता है, वहां वहां सभी प्राणी जीवन पाएंगे। आइए हम जीवन के जल के सोते…
पवित्र आत्मा और दुल्हिन
संसार में अनगिनत चर्च परमेश्वर पर विश्वास करने का दावा करते हैं, लेकिन वास्तव में वे सब विभिन्न प्रकार के विचार रखते हैं। हर संप्रदाय अलग तरीके से परमेश्वर की आराधना करता है। यह एक अविवादित सबूत है कि ज्यादातर चर्चों के पास परमेश्वर का ज्ञान नहीं है। प्रेरितों के काम की पुस्तक में पौलुस के बारे में लिखा गया है कि जब वह यूनान में सुसमाचार का प्रचार कर रहा था, तब ‘अनजाने ईश्वर के लिए,’ लिखी हुई एक वेदी देखकर उसे बहुत ज्यादा अफसोस हुआ था। परमेश्वर की सही ढंग से आराधना करने के लिए हमें उन्हें पूर्ण रूप से समझना चाहिए। यह कितना ही बेतुका और मूर्खतापूर्ण है कि हम किसी अनजाने ईश्वर को अर्पण चढ़ाएं और…
मसीह आन सांग होंग का आगमन
2,000 वर्ष पहले, मानवजाति को बचाने के लिए यीशु का जन्म इस पृथ्वी पर हुआ था। 30 वर्ष की आयु में उनका बपतिस्मा हुआ था, और उन्होंने लगभग साढ़े तीन सालों की अपनी सेवकाई के दौरान नई वाचा के सुसमाचार का प्रचार किया। अपने मिशन को पूरा करने के बाद, वह स्वर्ग को चले गए। जब मसीह स्वर्ग को चले गए, तब उन्होंने इस पृथ्वी पर वापस आने की प्रतिज्ञा की(प्रे 1:6–11)। वर्ष 2018 मसीह आन सांग होंग जो बाइबल की भविष्यवाणियों के अनुसार दूसरी बार आए यीशु हैं, उनके जन्मदिवस की 100वीं सालगिरह का अर्थपूर्ण वर्ष है। आइए हम बाइबल के द्वारा खोजें कि क्यों परमेश्वर इस पृथ्वी पर आए। अंधेरी दुनिया जहां सत्य अस्पष्ट है यीशु के स्वर्गारोहण…
क्यों हमें सिय्योन में इकट्ठा होने के लिए प्रयास करना चाहिए
जैसे माता-पिता तब खुश होते हैं जब उनकी संतान इकट्ठी होती हैं, ठीक वैसे ही परमेश्वर चाहते हैं कि उनके लोग इकट्ठे हों, और वह उन्हें आशीष देते हैं जब वे इकट्ठे होते हैं। "फिर मैं तुम से कहता हूं, यदि तुम में से दो जन पृथ्वी पर किसी बात के लिए एक मन होकर उसे मांगें, तो वह मेरे पिता की ओर से जो स्वर्ग में है, उनके लिए हो जाएगी। क्योंकि जहां दो या तीन मेरे नाम पर इकट्ठा होते हैं, वहां मैं उनके बीच में होता हूं।" मत 18:19-20 परमेश्वर का वचन, "जहां दो या तीन मेरे नाम पर इकट्ठा होते हैं, वहां मैं उनके बीच में होता हूं,” इसका मतलब यह नहीं है कि जब हम…
चर्च ऑफ गॉड के दृष्टिकोण से विधर्मी क्या है?
बाइबल के अनुसार, विधर्मी ऐसे लोग हैं जो परमेश्वर पर विश्वास करने का दावा करते हैं लेकिन परमेश्वर की आज्ञाओं का पालन नहीं करते, और मनुष्य द्वारा बनाए नियमों और सिद्धांतों द्वारा लुभाए जाते हैं(2पत 2:1-3)। कोई विश्वासी विधर्मी है या नहीं, यह इस बात से निर्धारित किया जा सकता है कि वह यीशु मसीह की आज्ञाओं का पालन कर रहा है या नहीं। प्रथम चर्च के दिनों में भी, विधर्मियों के खिलाफ चेतावनी दी गई थी(तीत 3:10)। तब से, बुतपरस्ती ने चर्च में प्रवेश किया और वे इस तरह बस गए जैसे कि वह प्रामाणिक ईसाई की आज्ञाएं हों। इस प्रक्रिया में, बाइबल के खिलाफ सिद्धांतों और पंथों ने ईसाई की सिद्धांतों का रूप ले लिया और वे अब…
ओढ़नी
परमेश्वर की सेवा करने वाले संतों के लिए नियमित आराधना मनाते समय उचित वस्त्र पहनना उनका कर्तव्य है। परमेश्वर हमें सिखाते हैं कि हमें पवित्र मन से आराधना की तैयारी करनी चाहिए, और पुरुष को अपना सिर नहीं ढकना चाहिए जबकि स्त्री को अपना सिर ढकना चाहिए। ... हर एक पुरुष का सिर मसीह है और स्त्री का सिर पुरूष है, और मसीह का सिर परमेश्वर है। जो पुरुष सिर ढांके हुए प्रार्थना या भविष्यद्वाणी करता है, वह अपने सिर का अपमान करता है। परन्तु जो स्त्री उघाड़े सिर प्रार्थना या भविष्यद्वाणी करती है, वह अपने सिर का अपमान करती है, क्योंकि वह मुण्डी होने के बराबर है।1कुर 11:3-5 हमारी आराधना का उद्देश्य परमेश्वर की महिमा को प्रदर्शित करना है।…