उपदेश
यह आपको परमेश्वर के वचनों पर जो आपकी आत्मा को पुनर्जीवित करते हैं, दिन-रात ध्यान करने में सहायता करने के लिए है।
विश्व शांति के लिए प्रार्थना
अब पृथ्वी के एक ओर युद्धों और आतंकवादी हमलों में बहुत से लोग बलिदान हो रहे हैं, जबकि पृथ्वी के दूसरी ओर विविध संक्रामक बीमारियां प्रकट हो रही हैं और पूरी दुनिया में फैल रही हैं। हालांकि, जैसे कि यीशु ने कहा है कि, “तुम लड़ाइयों और लड़ाइयों की चर्चा सुनोगे, तो घबरा न जाना क्योंकि इन का होना अवश्य है,”(मत 24:6) चाहे इन दिनों में विपत्तियां बहुत तेजी से फैल रही हैं, परमेश्वर अपनी सन्तानों को सुरक्षा देते हैं और सांत्वना देते हैं। हम परमेश्वर को उनकी कृपा के लिए बहुत धन्यवाद देते हैं। अब, सुसमाचार पूरे संसार में प्रचार किया जा रहा है। कोई विपत्ति चाहे कितने ही दूर देश में क्यों न हुई हो, अब हम उससे…
मलिकिसिदक और मसीह
बाइबल की 66 पुस्तकों में परमेश्वर के असंख्य रहस्य रखे हुए हैं। जब हम उन रहस्यों को एक एक करके हल करते हैं तब परमेश्वर के चिरस्थायी उद्धार का प्रबन्ध महसूस कर सकते हैं। उनमें से परमेश्वर का सबसे बड़ा रहस्य मसीह है। परमेश्वर के रहस्य, मसीह, को महसूस करने के द्वारा ही हम उद्धार के अनुग्रह में वास कर सकते हैं, और बुद्धि और ज्ञान के समस्त भण्डार पा सकते हैं।(कुल 2:2–3) बाइबल जो उद्धार में पहुंचने के लिए बुद्धि देती है, वह मसीह के बारे में भी साक्षी देती है।(2तीम 3:15–17, यूह 5:39 संदर्भ) बाइबल के अनेक रहस्यों में से मलिकिसिक के बारे में भविष्यवाणी की जांच करने के द्वारा, आइए हम उद्धार के केन्द्र बिन्दु और मुख्य…
मानव जाति का भविष्य हमारे हाथों में है
इन दिनों, समाचार पत्र और टेलीविजन जैसे जनसंपर्क साधन हर रोज चौंकानेवाले और निराशाजनक समाचार देते हुए अंधकारमय भविष्य का पूर्वानुमान लगाते हैं। युद्ध, अकाल, विविध बीमारियां, असामान्य जलवायु परिवर्तन, विश्व अर्थव्यवस्था का पतन, और मानवता की कमी जैसी समस्याओं के संचय के कारण दिन प्रतिदिन अंधकारमय होते जा रहे मनुष्य के भविष्य को लेकर, हर क्षेत्र के विशेषज्ञ बहुत चिंतित हैं। और वे इनका उपाय खोजने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन यह आसान नहीं है। वास्तव में, मानव जाति का भविष्य हमारे हाथों में है। हम में से कुछ शायद इस बात को लेकर शंका कर सकते हैं कि हम वास्तव में इतना बड़ा कार्य कर सकेंगे या नहीं, लेकिन यह तो परमेश्वर की इच्छा है। परमेश्वर ने…
नए नाम का मूल्य
परमेश्वर को ग्रहण करने का अर्थ है, उसके नाम पर विश्वास करना।(यूह 1:12) हम, सिय्योन के सब परिवार, पहले से परमेश्वर के नामों को जानते हैं पिता, पुत्र और पवित्र आत्मा के नाम। हम ने नया नाम लेकर आए मसीह को ग्रहण किया है, और हम उसके गवाह बने हैं जो साक्षी देते हैं कि नया नाम पवित्र आत्मा के युग का उद्धारकर्ता है। और हम नए नाम से प्रार्थना करते और नए नाम की स्तुति करते हैं, और हमने नए नाम के द्वारा उद्धार पाया है। परमेश्वर का नाम आत्मिक संसार में अपार सामर्थ्य प्रकट करता है। आइए हम बाइबल की शिक्षा के द्वारा जानें कि नया नाम जो पवित्र आत्मा के युग के उद्धारकर्ता के रूप में…
कल के दिन के विषय में डींग मत मार
जब हम अपने आसपास देखते हैं, ऐसे बहुत से लोग हैं जो परमेश्वर पर विश्वास करने की जरूरतों को स्वीकार करते हुए भी, परमेश्वर के पास आने में हमेशा देरी करते हैं। वे अक्सर कहते हैं कि, “फिलहाल मैं अपने जीवन को पूर्ण रूप से जीना चाहता हूं। मैं बूढ़ा हो जाने के बाद विश्वास करूंगा,” या कहते हैं कि, “मुझे अभी इस समय में किसी चीज के बारे में ध्यान रखना है। मैं जब कार्यमुक्त हो जाऊंगा तो विश्वास करूंगा।” हालांकि, उनमें से कोई भी इस बात की गारंटी नहीं दे सकता कि वह कल का दिन जिसके विषय में वे योजनाएं बना रहे हैं और सपने देख रहे हैं, वह पक्का आएगा। यही जीवन है। एक बार इंडोनेशिया…
परमेश्वर को ग्रहण कर
बाइबल के सत्य के वचनों में परमेश्वर की इच्छाएं होती हैं, जिससे वह हमें उद्धार का उत्तराधिकरी, सत्य का मार्ग और धार्मिकता के मार्ग पर लेकर जाता है और परमेश्वर के जन के रूप में पूर्णत: सिद्ध करता है। 2 हज़ार वर्ष पहले, बाइबल में जिन्होंने शरीर में आए परमेश्वर को भली भांति ग्रहण किया उन व्यक्तियों का कार्य, आज हमें शिक्षा देने के लिए अच्छा नमूना है। आइए हम उनके द्वारा सही तरह से परमेश्वर को ग्रहण करने के विश्वास की मुद्रा सीखें, और इस उद्धार के समाचार को सारे क्षेत्रों और विदेशों के हर प्रांतों में फैलाएं कि, इस युग में प्रकट हुए ऐलोहीम परमेश्वर को ग्रहण करो। अधिकार, जो परमेश्वर को ग्रहण करने वालों को दिया…
पहरेदारों का कार्य और वर्तमान समय के चिन्ह
पहरेदार वह है जो किसी वस्तु या व्यक्ति पर पहरा देता है। पहरेदार का कार्य है कि चाहे लोग सोते हों, उसे जागते रहना चाहिए, और सब वस्तुओं पर करीबी नजर रखना चाहिए ताकि यदि किसी शत्रु के आक्रमण या किसी विपत्ति का चिन्ह दिखाई दे तो वह उसके बारे में लोगों को बताकर उन्हें तैयार रहने के लिए मदद कर सके। परमेश्वर ने सिय्योन की सन्तानों को आत्मिक पहरेदार का कार्य सौंपा है। आत्मिक पहरेदार का कार्य यह है कि चाहे संसार के लोग सुनें या न सुनें, उन्हें विपत्तियों से बचने में मदद करने के लिए और उद्धार की ओर उनकी अगुआई करने के लिए, परमेश्वर के वचनों के द्वारा उन्हें जगाना है।(यहेज 3:11, 17–18) इन दिनों घटित…
परीक्षा लेने वाला पत्थर
संसार में ऐसा कोई नहीं जिसने संसार में जन्म लेकर, जीवन में परीक्षा एक बार भी नहीं दी। प्राचीन काल के लोगों के अलावा, सब को परीक्षा का अनुभव है। परीक्षा के माध्यम के बिना आदमी आज से और संपन्न जीवन नहीं जी सकता। चाहे एक परीक्षा पास की हो, तो भी और उन्नत जीवन की आशा के लिए उसे दूसरी परीक्षा का सामना करना पड़ता है और उसे पास करने की कोशिश करता है। उसी तरह से परमेश्वर के अनन्त स्वर्ग के राज्य में स्वर्गीय पिता और माता के साथ सनातनकाल तक महिमा और सदा का जीवन पाने के लिए हमें भी अवश्य ही आत्मिक परीक्षा देनी पड़ती है। तब हमें आत्मिक परीक्षाओं को पास करके विजय पाना चाहिए।…
ज्ञान से युक्त विश्वास और कार्यों से युक्त विश्वास
आज, इस संसार में बहुत से चर्च हैं, लेकिन उनमें से ज्यादातर उस नई वाचा के सुसमाचार का पालन नहीं करते, जिसे यीशु ने सिखाया और जिसका पालन करने का उदाहरण उन्होंने हमारे लिए दिया। ज्यादातर सभी तथाकथित ईसाई हठ करते हैं कि वे केवल यीशु पर विश्वास करने से बचाए जा सकते हैं। वे बाइबल पढ़ने का दावा करते हैं, लेकिन वे वास्तव में बाइबल में लिखी मसीह की इस शिक्षा को अनदेखा करते हैं कि हमारे पास कार्यों से युक्त विश्वास होना चाहिए। यही ईसाई धर्म की वास्तविकता है। यद्यपि वे परमेश्वर के वचनों को जानते हैं, यदि वे उन्हें अभ्यास में न लाएं, तो वे परमेश्वर की आज्ञाओं और नियमों में समाई परमेश्वर की इच्छा को नहीं…
सिय्योन में कोने का बहुमूल्य एक पत्थर
लोग सोचते हैं कि, जब परमेश्वर इस धरती पर प्रकट होगा तब अत्यन्त महिमामय रूप में, जिसकी हम कल्पना भी नहीं कर सकते, आएगा। लेकिन बाइबल भविष्यवाणी करती है कि, परमेश्वर अति मामूली रूप में आएगा, इसलिए लोग उसे न पहचानेंगे और परमेश्वर उनके लिए जाल एंव फ़न्दा होगा। इस तरह, परमेश्वर लोगों के सामान्य ज्ञान से अलग रूप में हमारे पास आता है। तब हम कैसे परमेश्वर को ग्रहण कर सकते हैं? आइए हम बाइबल के इतिहास की जांच करते हुए हमारी ओर परमेश्वर की इच्छा समझने का समय लें। गुप्त रूप से आता परमेश्वर कोरिया के जोसन राजवंश के समय गुप्त राजकीय निरीक्षक प्रणाली थी। राजा गुप्त रूप से निरीक्षक को भेजता था कि वे सारे क्षेत्रों का…
भविष्यवाणी के अनुसार जीने वालों की महिमा
बाइबल परमेश्वर की भविष्यवाणियों की किताब है; जब तक बाइबल में सब कुछ पूरा नहीं हो जाता, तब तक बाइबल से एक मात्रा या एक बिन्दु भी नहीं मिट जाएगा। चूंकि परमेश्वर सच्चे, खरे, और न्यायी हैं, जो भी उन्होंने योजना की है और जो भी चाहा है, वह उसे जरूर पूरा करेंगे। इसलिए परमेश्वर की भविष्यवाणियों पर ध्यान देना और परमेश्वर की भविष्यवाणियों के अनुसार जीना सच में एक सुंदर बात है; यही एक खरा और धार्मिक जीवन जीने का सब से अच्छा रास्ता है।(यश 14:24; 2पत 1:19) आइए हम भविष्यवाणियों के अनुसार जीने वालों के आशीर्वादों और महिमा के विषय में बाइबल की शिक्षाओं पर गौर करें, और इसके बारे में सोचें कि इस युग में हमें दी…
क्या आनेवाला तू ही है?
परमेश्वर सर्वज्ञानी और सर्वशक्तिमान है जो सब कुछ जानता है। लेकिन मनुष्य ऐसा नहीं है। जब परमेश्वर मानव के उद्धार के लिए मनुष्य के रूप में धरती पर आता, तब मनुष्य अपनी बुद्धि से परमेश्वर को नहीं समझ सकता। इसलिए, बाइबल कहती है कि परमेश्वर को जानना परमेश्वर का रहस्य है और मसीह में बुद्धि और ज्ञान के समस्त भण्डार छिपे हुए हैं। परमेश्वर का रहस्य, मसीह, को ग्रहण करना चाहें, तो हमें बाइबल को देखना है, जिसमें परमेश्वर की बुद्धि छिपी है। परमेश्वर के द्वारा, जो सर्वज्ञानी है, लिखी गई बाइबल के वचन पर जो पूर्ण भरोसा रखता है, केवल वही उद्धारकर्ता परमेश्वर को सही तरह से देख कर ग्रहण कर सकता है। यूहन्ना बपतिस्मा देने वाले पर सन्देह…
आइए हम परमेश्वर की बड़ाई करो
प्रकाशितवाक्य के 22वें अध्याय में, जो बाइबल का आखिरी अध्याय है, हम वह दृश्य देख सकते हैं जहां परमेश्वर पवित्र आत्मा और दुल्हिन के रूप में इस पृथ्वी पर प्रकट होते हैं और सारी मानवजाति की अगुवाई उद्धार की ओर करते हैं। यह स्पष्ट प्रकाशन है जो प्रेरित यूहन्ना ने देखा, और यह एक भविष्यवाणी है जो जरूर पूरी होनी चाहिए। और फिर बाइबल ने कहा कि हमें न तो कुछ इस भविष्यवाणी की बातों में बढ़ाना है और न ही उन में से कुछ घटाना है।(प्रक 22:17–19) भविष्यवाणी के अनुसार पिता परमेश्वर जो पवित्र आत्मा हैं, और माता परमेश्वर जो दुल्हिन हैं, मनुष्यों को, जिनके लिए सदा मरना नियुक्त किया गया था, जीवन का जल दे रहे हैं, और…
दस तोड़े और मनुष्यों के मछुए
हाल ही में परमेश्वर की इच्छा के अनुसार दुनिया भर में दस तोड़ों का आंदोलन सक्रिय रूप से चल रहा है। मैं विश्वास करता हूं कि सिय्योन के सदस्य यह सोचते हुए कि, ‘मुझे सौंपी गई दस आत्माओं को कैसे बचाना चाहिए?’ इस समय भी बहुत प्रार्थनाओं और अनुरोधों के साथ स्वर्गीय पिता और माता पर निर्भर करते हैं। दस तोड़ों का आंदोलन आत्माओं को बचाने का आंदोलन है, जो परमेश्वर ने हमें सौंपा है और आज्ञा दी है। इसमें परमेश्वर की इच्छा शामिल है कि हमें सोते नहीं रहना चाहिए, बल्कि सावधानी के साथ अपने पर नियन्त्रण रखना चाहिए और मशालें एवं तेल तैयार करके मसीह के आगमन की खुशी से प्रतीक्षा करनी चाहिए।(मत 25:1–13) आइए हम बाइबल के…
पवित्र आत्मा का कार्य प्रचार के द्वारा पूरा किया जाता है
मैं यह विश्वास करता हूं कि सिय्योन के हमारे सभी भाई और बहनें उस पिछली वर्षा के पवित्र आत्मा की आशीष मांग रहे हैं, जिसे परमेश्वर ने अपने लोगों को देने का वचन दिया है। जैसे किसान पृथ्वी की बहुमूल्य फसल की आशा रखता हुआ प्रथम और अन्तिम वर्षा होने तक धीरज धरता है(याक 5:7–8), वैसे ही हम परमेश्वर को प्रसन्न करने वाले बहुमूल्य फल उत्पन्न करने के लिए पवित्र आत्मा की वर्षा का इंतजार कर रहे हैं। हमें अपने अन्दर जीवन के जल को नहीं जमा होने देना चाहिए, लेकिन हमेशा बहने देना चाहिए, ताकि हमारे अन्दर पवित्र आत्मा न बुझे, जिसे परमेश्वर ने उंडेल दिया है, और हमेशा हमारे हृदय से फूट निकले। इसके लिए, हमें पवित्र आत्मा…
बोओ, तो काटोगे
आत्मिक रूप से यह समय पतझड़ का मौसम है, और सिय्योन में फसल की कटनी अपने चरम पर है। परमेश्वर ने अपनी प्यारी संतानों को सुसमाचार–लवनेवालों का मिशन सौंपा है, जो जीवन के वचनों का प्रचार करके आत्माओं को बचाते हैं, और हम में से हर एक को एक चोखा हंसुआ भी दिया है।(मर 4:29; योए 3:13) प्रचुर मात्रा में फसल काटने के लिए बोने का प्रयास पहले होना चाहिए। अगर हम बोने और काटने के प्रयास के बिना सिर्फ फल की इच्छा करेंगे, हम कुछ भी नहीं पा सकते। जब हम मेहनत से सुसमाचार का बीज लोगों के मनों में बोते हैं, तब वह बढ़ता है और फल फलता है, है न? बीज की सृष्टि करते समय परमेश्वर ने…
सब कुछ परमेश्वर को सौंपने वाला और परमेश्वर को सौंपने से हिचकने वाला
संसार में बहुतेरे लोग परमेश्वर पर विश्वास करने का दावा तो करते हैं, लेकिन यदि वे परमेश्वर के वचन पर सम्पूर्ण रूप से आज्ञाकारी न हों, तो वे सच्चे विश्वासी नहीं हो सकते। हम कभी–कभी मसीहियों में से ऐसे लोग देखते हैं जो परमेश्वर को जानने का दावा करते हैं, परन्तु अपने कार्यों से परमेश्वर का इनकार करते हैं। वे हठ करते हैं कि ‘परमेश्वर का वचन चाहे जैसा हो, तो भी मेरे विचार से ऐसा करना ही बेहतर होगा’। ऐसे लोग परमेश्वर पर विश्वास तो करते हैं, लेकिन परमेश्वर की केवल उस इच्छा का पालन करते हैं जो उन्हें ठीक लगती है, और बाकी परमेश्वर की इच्छाओं को छोड़ देते हैं जो उन्हें ठीक नहीं लगती हैं। वे सिर्फ़…
जिन्हें ज्योति और नमक का मिशन सौंपा है
पिछली गर्मियों में, मैंने यूरोप में स्थित चर्च ऑफ गॉड का दौरा किया। वहां मैं बहुत भाइयों और बहनों से मिल सका, जिन्होंने परमेश्वर की इच्छा का पालन करते हुए बड़े जोश के साथ सुसमाचार के लिए दिन–रात कड़ी मेहनत की। उन्होंने मुझे बहुत सी चीजों का मार्मिक एहसास कराया है। अगर मैं यूरोप के दौरे के दौरान प्राप्त अनुभूत भाव को संक्षेप में कहूं, तो यूरोप अंधेरी जगह थी जहां सत्य की ज्योति अभी तक पूरी तरह से नहीं चमकी है। चूंकि वह गहरे अंधेरे में था, बाइबल का सत्य प्रदूषित और विकृत किया गया। लेकिन लोगों ने उसे बिल्कुल भी महसूस नहीं किया। एक बड़े पुराने चर्च के बाहर दर्जनों मूर्तियां लगी थीं, और वहां पर लोग उद्धार…
यरूशलेम की महिमा संसार में प्रकट करो
बाइबल की भविष्यवाणी में से हर एक पिछले समय संपूर्ण रूप से पूरी हुई है, और अब, इस समय भी पूरी होती जा रही है। कुछ भविष्यवाणी भी, जो अब तक पूरी नहीं हुई, थोड़ी ही देरी में परमेश्वर की योजना के अनुसार पूरी हो जाएगी। अब, हमारे सामने बची हुई एक सब से महत्वपूर्ण भविष्यवाणी यह है कि यरूशलेम की महिमा पूरे विश्व में सारे लोगों में फैल जाएगी। यद्यपि यह भविष्यवाणी बाइबल में लिखी है, तो भी यदि कोई यह पूरी होने के लिए परमेश्वर से विनती नहीं करेगा और कोशिश नहीं करेगा, तो भविष्यवाणी के पूरी होने के लिए बहुत देर हो जाएगी, और उसे उस महिमा में, जो हमें देने की प्रतिज्ञा की गई, भाग लेना…
आपके वचन के अनुसार
जैसे परमेश्वर ने कहा, “तू विश्रामदिन को पवित्र मानने के लिए स्मरण रखना”, सिय्योन के सदस्य सब्त का दिन मनाते हैं। और जैसे परमेश्वर ने कहा, “आराधना के समय, स्त्री ओढ़नी से अपना सिर ढांके”, स्त्री सदस्य ओढ़नी ओढ़ती हैं। इस तरह, परमेश्वर के वचन के अनुसार किए जाते सभी कर्म ही, परमेश्वर के प्रति आज्ञाकारिता है। एक सच्चा मसीही जीवन जीने वाला वही है जो हर एक काम परमेश्वर के द्वारा दिए वचन के अनुसार करता है। परमेश्वर ने इसलिए यह कहा है कि बाइबल के वचन में कुछ न बढ़ाओ और उनमें से कुछ न निकालो, क्योंकि बाइबल में उद्धार पाने के लिए सारी सामग्रियां हैं। आइए हम यह मन में ज़्यादा गहराई से लगाएं कि यदि हम…