सिय्योन की खुशबू
सत्य के वचन सुनकर विश्वास द्वारा बदल गए सदस्यों की प्रेरणादायक कहानियां
अत्याचार आशीष में बदल गया
चिलचिलाती गर्मी और तेज धूप में भी जो त्वचा भी छील सकती थी, भाइयों और बहनों ने एक मन से प्रचार समारोह में भाग लिया। उनकी सिय्योन की सुगंध पूरे उत्तर भारत में फैल गई। मैं शिलांग चर्च की एक अनुग्रहपूर्ण कहानी साझा करना चाहता हूं। कई महीने पहले, प्रचार करते समय शिलांग चर्च के दो युवा वयस्क सदस्यों को प्रोटेस्टेंट चर्च के एक पादरी और कुछ सदस्यों द्वारा गंभीर रूप से सताया गया था। उस समय आसपास में कई राहगीर थे। उनमें से, एक महिला वयस्क ने घर लौटने के मार्ग पर उन्हें देखा और अपने निरंतर बहते आंसुओं को रोक नहीं पाई क्योंकि उसे दिल टूटने का एहसास हुआ था। उसे पता नहीं था कि उसे ऐसा क्यों…
भारत में शिलांग चर्च
जब आप उत्सुकता से प्रार्थना करते हैं
पंद्रह साल की उम्र में बपतिस्मा लेने और सच्चाई प्रान्त करने के बाद मेरा जीवन पूरी तरह से बदल गया है। चूंकि मेरा व्यवहार पहले जैसा नहीं था, तो मेरे आस-पास के हर व्यत्कि ने कहा, “तुम आजकल बहुत अलग हो।” भले ही मेरे दोस्तों, परिवार, या रिश्तेदारों ने मुझसे पूछा, “तुम कहां जा रहे हो?” या “तुम्हारे साथ क्या हो रहा है?” लेकिन मैंने उन्हें कोई जवाब नहीं दिया। इसका कारण यह था कि मुझे डर था यदि उन्हें पता चले कि मैं चर्च ऑफ गॉड में जाता हूं तो मेरी हंसी उड़ाई जाएगी। लेकिन बाइबल की भविश्यवाणियों का अध्ययन करने के बाद, जो एक मात्रा या एक बिन्दु को भी छोड़े बिना पूरी हुईं, मैं बस और अधिक…
पुडुचेरी, भारत से राकेश कुमारकुंता रथिनम
सिय्योन की महिला पुरोहित कर्मचारी का खुशहाल मार्ग
मैं अपने परिवार में सबसे बड़ी बेटी हूं, और मेरे माता-पिता ने शमूएल नबी की माता के समान हमेशा मुझे परमेश्वर को अर्पित करना चाहा। मेरे माता-पिता ने मुझे धर्मशास्त्रीय स्कूल में भेज दिया ताकि मैं पादरी बनकर परमेश्वर की सेवा कर सकूं। सत्य प्राप्त करने से पहले, मेरा सपना पादरी बनना था जो परमेश्वर की सेवा करता है। भारत में, पादरियों को समाज में मान्यता मिलती है; उन्हें ईसाइयों के द्वारा परम जीव के रूप में सम्मान किया जाता और सेवा की जाती है। जब उनका किसी निश्चित संगठन में पंजीकृत होता है तो उन्हें अधिक आमदनी की गारंटी दी जाती है। इससे ज्यादा, मुझ में परमेश्वर की सेवा करने का जुनून था। लेकिन मुझे इस बात पर गर्व…
ठाणे, भारत से एंजेला बेरी
माता-पिता के हृदय से और सैनिक की मानसिकता से
मेरा जन्म एक गरीब किसान के परिवार में आठ बच्चों के सबसे छोटे बेटे के रूप में हुआ था। मैं बचपन से ही इस बात को लेकर हमेशा चिंतित रहता था कि बिना भूखे रहे जीने के लिए मुझे क्या करना चाहिए। बहुत विचार करने के बाद, मैंने पेशेवर सैनिक बनने का निर्णय लिया। चूंकि मुझे वैसे भी सेना में जाना पड़ा, इसलिए मैं अपने चचेरे भाई के समान विशेष बल में एक गैर-कमीशन अधिकारी बनना चाहता था। मुझे लगा कि मासिक वेतन प्राप्त करते हुए अपने जीवन को स्थिर बनाना अच्छा होगा। लेकिन, मेरे चचेरे भाई ने यह कहते हुए मुझे रोका कि वह बहुत कठिन होगा। इसलिए मैंने विशेष बल में भर्ती होना छोड़ दिया। इसके बजाय, मैंने…
पाजु ,कोरिया से पार्क इन सब
माता के प्रेम के साथ मेथी पुरी
अप्रैल 2019, मैंने कोरिया में आयोजित ‘महिला पुरोहित कर्मचारी के लिए वैश्विक लीडरशिप सम्मेलन’ में भाग लिया। जब मैं भारत वापस आई, तो मैंने गहराई से सोचा कि चर्च को खुशहाल बनाने के लिए क्या करना है और मैं एक महिला पुरोहित कर्मचारी सदस्य के रूप में कैसे सुसमाचार के काम का समर्थन कर सकती हूं। मेरा एक विचार यह था कि मैं उन सदस्यों के लिए माता का प्रेम कैसे पहुंचाऊं, जो चर्च से बहुत दूर रहते हैं और वे जिनसे हम कभी-कभार ही मिल सकते हैं। नवी मुंबई, जहां सिय्योन स्थित है, महंगे किराए के लिए अच्छी तरह से जाना जाता है। चूंकि एक व्यक्ति के लिए एक परिवार के लिए पर्याप्त पैसा बनाना मुश्किल है, गृहिणियां भी…
सानपाडा, नवी मुंबई, एमएच, भारत से संग जु ही
चूंकि परमेश्वर सुसमाचार का नेतृत्व करते हैं और हमारे सदस्य हैं जो सुसमाचार के लिए खुद को समर्पित करते हैं
वर्तमान में, मैं ब्राजील के साओ पाउलो में एक मिशनरी के रूप में अपने सुसमाचार के कर्तव्य को पूरा कर रहा हूं। मैंने परमेश्वर के अनुग्रह का अनुभव करने के द्वारा सीखा है कि मुझे सुसमाचार के लिए किस मानसिकता की आवश्यकता है। इसलिए मैं एलोहिस्ट में इस लेख के माध्यम से उस अहसास को साझा करना चाहूंगा। साओ पाओलो चर्च रिबराव प्रेटू में शाखा चर्च का प्रबंधन करता है। 2019 में, रिबराव प्रेटू शाखा चर्च को परमेश्वर के अनुग्रह के तहत एक नया मंदिर प्रदान किया गया था। हम आभारी थे लेकिन साथ ही मंदिर के निर्माण को लेकर चिंतित थे। चूंकि रिबराव प्रेटू साओ पाउलो से 300 किमी दूर था, इसलिए साओ पाउलो के सदस्यों के लिए उसके…
साओ पाउलो, ब्राजील से सल यून दक
सबसे मूल्यवान कार्य
‘क्या यीशु वास्तव में परमेश्वर हैं? क्या परमेश्वर का असतित्व है?’ एक ईसाई परिवार में बढ़ते हुए मैंने अपने स्कूल वर्षों के दौरान एक चर्च में जाता था, लेकिन जैसा मैंने हाई स्कूल में जाकर जीव विज्ञान और क्रम-विकास को सीखा, मुझे परमेश्वर के अस्तित्व पर संदेह होने लगा। विज्ञान में, यहां तक कि एक साधारण सिद्धांत का भी सबूत है जो उसे साबित करता है। लेकिन ऐसा लगता था कि परमेश्वर के अस्तित्व को साबित करने के लिए कोई सबूत नहीं था। मैं बाइबल को नहीं समझ सकता था और विश्वास करने के लिए बहुत सारे कठिन हिस्से थे। यद्यपि मैं परमेश्वर पर विश्वास नहीं कर सकता था, मैं परमेश्वर से यह प्रार्थना करते हुए मुश्किल से अपना विश्वास…
डेनवर, सीओ, अमेरिका से नटनेल अससेफ सेलटीन
परमेश्वर के प्रेम का एहसास करते हुए
यह उस समय के आसपास था जब मेरी बहन प्रोटेस्टेंट चर्च जाती थी। एक दिन, वह अपने पूरे शरीर पर चोट के साथ घर वापस आई। हैरान होकर, मैंने उससे पूछा कि क्या हुआ। उसने बताया कि उसे चर्च के धार्मिक क्रिया के दौरान चोटें लगी हैं। ‘सदस्यों को चोट पहुंचाने वाला चर्च कैसे सही हो सकता है? मुझे यकीन है कि कोई परमेश्वर नहीं हैं!’ मैं चर्च पर अविश्वास करने लगा और यह निष्कर्ष निकाला कि परमेश्वर का अस्तित्व नहीं है। मेरी बहन ने भी उस चर्च में जाना बंद कर दिया। जैसे-जैसे समय बीत गया और मेरी बहन ने चर्च ऑफ गॉड नामक एक चर्च में जाना शुरू कर दिया। मैं यह बिल्कुल समझ नहीं पा रही थी…
इनचान, कोरिया से कांग यन सुक
एक लंबे इंतजार के बाद
मैं और मेरे पति एक छोटा सा खाद्य व्यापार करते हैं। हम आम तौर पर सुबह 6 बजे से शाम 4 बजे तक काम करते हैं, लेकिन एक दिन दोपहर 2 बजे के आसपास हम काम से निकल गए और घर आ गए क्योंकि मुझे जुकाम हो गया और बहुत बीमार थी। लेटने और थोड़ा आराम करने के लिए जब मैं खिड़की बंद कर रही थी, तब मैंने कुछ लोगों को घर-घर जाते हुए देखा। चूंकि वह बहुत ही भीषण गर्मी का दिन था, तो मुझे आश्चर्य हुआ कि वे झुलसाने वाली धूप के नीचे क्या कर रहे हैं। जब उन्होंने मेरे दरवाजे पर दस्तक दी, तो मैंने अपने पति से तुरंत दरवाजा खोलने के लिए कहा। फिर उसने मुझसे…
फेरा डे सैन्टाना, ब्राजील से एलिसेंजेला डे ओलिविरा सिल्वा असुनकाओ
परमेश्वर के अनुग्रह का बदला चुकाने का समय जिन्होंने लंबे समय तक मेरा इंतजार किया
बंजर जंगल में जहां एक पौधे का बढ़ना भी मुश्किल था, मन्ना जो परमेश्वर ने इस्राएलियों को भेजा, एक चमत्कार का भोजन था। लेकिन चूंकि उन्होंने चालीस वर्षों तक हर समय मन्ना खाया, वे मन्ना को निकम्मी रोटी के रूप में मानने लगे। जब मैं पांच महीने का था, तब मेरे माता-पिता ने सत्य को ग्रहण किया और कुछ साल बाद उन्होंने नबी के मार्ग पर चलने का फैसला किया। उसके कारण मैं सिय्योन में बहुत से भाइयों और बहनों के प्रेम और देखभाल में बड़ा हुआ। सिय्योन में मेरा जीवन खुशी से भरा था, लेकिन मेरे स्कूल के दिनों के दौरान मेरा जीवन थोड़ा-थोड़ा बदलने लगा। जब हर सप्ताहांत में मेरे सभी दोस्त मिलकर मजे से खेलते थे, मुझे…
सियॉन्गनाम, कोरिया से स जुन यंग
माता को मन में रखकर मैं जागृत हुई
दस वर्षों में पहली बार मैंने अपने दादा जी का 80वां जन्मदिन मनाने के लिए अपने गांव का दौरा किया। मेरी याद में दादा जी सख्त और मजबूत थे और वह बहुत मेहनती भी थे, इसलिए वह कटनी के समय के अलावा अपनी फसलों की देखभाल अकेले ही किया करते थे। मुझे यकीन था कि वह बहुत मजबूत और स्वस्थ हैं। लेकिन दस वर्षों के बाद, मैं उन्हें देखकर चकित हो गई क्योंकि वह बहुत कमजोर हो गए थे। वह मुश्किल से हिल सकते थे और अधिक बात भी नहीं कर सकते थे। वह ज्यादातर समय अपनी दोलन-कुर्सी पर ही रहते थे और सोते थे। और जब उन्हें खड़े होना या बैठना होता था, तब उन्हें सहायता की जरूरत पड़ती…
मंडलुयोंग, फिलीपींस से जो मैरी सुपोलो
प्रत्येक आत्मा के उद्धार के लिए एक अद्भुत योजना
जीवन में घटित होने वाली बहुत सी बातों में कुछ बातें केवल साधारण घटनाएं होती हैं, जबकि कुछ बातें जीवन को बदलने वाली घटनाएं होती हैं। मैं यह कह सकता हूं कि अपनी पत्नी से मिलना मेरे जीवनकाल में घटी सबसे महत्वपूर्ण घटना थी, क्योंकि मैंने अपनी पत्नी के द्वारा एलोहीम परमेश्वर को ग्रहण किया। मेरी पत्नी दक्षिण अमेरीकी देश कोलम्बिया से है। जब वह हाई स्कूल की छात्रा थी, उसका परिवार कनाडा में आकर बस गया। पहले वे विंडसर में पहुंचे, लेकिन जल्द ही उन्होंने क्यूबेक के मॉन्ट्रियल में शिफ्ट करने की योजना बनाई। लेकिन उनकी योजना के अनुसार चीजें नहीं हुई थीं, इसलिए वे मॉन्ट्रियल के बजाय एडमोंटन में पहुंच गए। मेरी पत्नी ने जो उस वक्त एक…
एडमोंटन, कनाडा से जोशुआ माइकल दिम
सबसे बहुमूल्य कार्य, सबसे विशेष आशीषें
अन्य कोरियाई पिताओं की तरह, मैं भोर में तारों को देखते हुए काम पर जाता था और देर रात को फिर से तारों को देखते हुए घर वापस आता था। ऐसे दिनों की शृंखला में मेरी जिन्दगी गुजर रही थी। उस समय मैं नहीं जानता था कि बहुत दूर के तारों से जड़ी हुई वह दुनिया क्या है और वे तारे किसके लिए चमक रहे हैं। मैंने एक परिवार का मुखिया होने के नाते किसी से सहायता मांगे बिना सिर्फ अपने परिवार को एक आरामदायक जीवन देने का लक्ष्य रखा था। इस लक्ष्य के साथ, मैं पूरे साल एक भी छुट्टी लिए बिना कड़ी मेहनत करता था। अपनी पत्नी से सत्य के वचन सुनने के बाद मेरे मन में यह…
ऑस्टिन टाउन, भारत से छवे सु ह्यन
प्रेरितों के काम की नई पुस्तक के नायक बनने की आशा करते हुए
‘ओ परमेश्वर, यदि मैं स्वर्ग जा सकती हूं, तो मैं कुछ भी करूंगी। कृपया मुझे अपने उद्धार का यकीन होने दीजिए।' यह वह बात थी जिसे मैं हमेशा प्रार्थना करते समय जरूर कहती थी, क्योंकि भले मैं चर्च जाती थी, लेकिन मुझे अपने उद्धार का यकीन नहीं था। मैं छोटी बच्ची थी, लेकिन मुझे नरक जाने से इतना डर लगता था कि मैं गिरजाघर की सारी सभा, स्तुति-आराधनाओं और भोर की आराधनाओं में शामिल होती थी। मैं हर दिन बाइबल भी पढ़ती थी और इंतजार करती थी कि मुझे स्वर्ग जाने का यकीन हो। एक सर्दी के दिन मैं दो स्वर्गदूतों से मिली जो सत्य का प्रचार कर रहे थे, और मैंने सब्त का दिन, फसह का पर्व और दूसरे…
सैंटियागो डे लॉस कैबेलोस, डोमिनिकन गणराज्य से सोंग ह्ये जु
प्रेम को पुनर्स्थापित करने का अवसर
“क्या परमेश्वर नीचे आ रहे हैं?” जब मैं एक बच्ची थी, तब सूरज की रोशनी को देखकर जो भूरे बादलों से उभरकर सीधे जमीन पर चमकती थी, मैं अपने मन में बात करती थी। भले ही मुझे किसी ने नहीं सिखाया, लेकिन मैं आश्वस्त थी कि परमेश्वर निश्चित रूप से अस्तित्व में हैं। इसलिए जब मैं प्राथमिक विद्यालय में थी, तो मैं एक प्रोटेस्टैंट चर्च जाती थी। विश्वविद्यालय का छात्र बनने के बाद, मैं अपने धार्मिक जीवन में उत्सुक थी; मैं प्रचार करने के लिए सड़क पर गिटार भी बजाती थी। हालांकि, जैसे–जैसे समय बीतता गया, उपदेश जो मंडराते बादल की तरह थे, बिल्कुल भी दिल को नहीं छूते थे। जब कभी भी मैं चर्च के लिए कुछ करती थी,…
सियोल, कोरिया से सिन से ही
पिट्सबर्ग, पीए, अमेरिका से रामी मैक पर्फेट
लिखना मेरे लिए हमेशा मेरी आस-पास की दुनिया को समझने का तरीका हुआ है, और मैंने कई सालों से बहुत सी डायरी लिखीं। मैंने शायद ही कभी अपनी पुरानी डायरी को वापस पढ़ा, क्योंकि वे उन संघर्षों की दर्दनाक याद दिलाती थीं जिनका हम इस धरती पर निरंतर सामना करते थे। चाहे मैंने कुछ साल पहले लिखी डायरी देखी थी, मुझे हमारे पीड़ित होने के कारण का कोई उत्तर नहीं मिला था। लेकिन लगभग एक वर्ष पहले, मैंने सत्य में रहने की आशीष प्राप्त की(मैं इसके लिए पिता और माता को सभी धन्यवाद और महिमा चढ़ाती हूं) और एक रात मैंने अपनी पुरानी डायरी पढ़ी। एक पन्ने से दूसरे पन्ने तक, ऐसा लगता था कि प्रत्येक डायरी में एक समान…
रेडियो तरंग पर यात्रा करते हुए विश्व की ओर बहता जीवन का गीत
रविवार रात 10 बजे का समय वह समय है जब लोग छुट्टी की मस्ती को पीछे छोड़कर अगले दिन के लिए तैयारी करते हैं। इस शांतिपूर्ण और तारों भरी रात में, स्टूडियो के स्क्रीन पर ऑन एयर की लाल बत्ती चालू है, और तीन घंटे का रेडियो प्रसारण होता है जो दुनिया को प्रकाशित करता है और आत्माओं को पुनर्जीवित करता है। यह न्यू सांग रेडियो है। नए गीतों की सुंदर और शानदार धुन और सिय्योन की सुगंध जो दुनिया भर से आती है, रेडियो तरंग के माध्यम से प्रसारित होती है, और यह हमें एलोहीम परमेश्वर का वह अनुग्रह महसूस कराती है जो पृथ्वी के विपरीत दिशा में भी फैलता है। नया गीत उन संतों का संगीत है जो…
न्यूयॉर्क, अमेरिका से न्यू सांग रेडियो(नया गीत रेडियो) प्रसारण टीम
माता का प्रेम, मेरे जीवन का एक मोड़
मेरा जन्म फिनलैंड में एक नास्तिक परिवार में हुआ। अपने बचपन में जब मैं अपने घर के आंगन में झूला झूल रही थी, अचानक मेरे मन में विचार आया कि एक दिन मेरे मरने का समय आएगा। मैं उस विचार को बिल्कुल सहन नहीं कर सकी और इस तथ्य को स्वीकार करना कठिन था कि किसी दिन मेरा अस्तित्व नहीं होगा। मैं हमेशा यह जानने के लिए उत्सुक रहती थी कि क्यों मैं इस पृथ्वी पर रहती हूं, मेरे जीवन का उद्देश्य क्या है और मरने के बाद मेरे साथ क्या होगा। किशोरावस्था के शुरू होने पर यह सवाल बड़ा होता गया, लेकिन मुझे कहीं भी उसका जवाब नहीं मिल सकता था। व्यावसायिक स्कूल से ग्रेजुएट होने के बाद, मैं…
हेलसिंकी, फिनलैंड से पेट्रा इडा एमिलिया रुकोजारवी
एक आत्मा की अगुवाई करने तक
सत्य को ग्रहण करने से पहले, मैंने बहुत बार परमेश्वर पर विश्वास करने की कोशिश की, परन्तु मुझे विश्वास नहीं आया। मैंने सोचा, ‘एक धार्मिक विश्वास रखना शायद मेरी चीज नहीं होगी। क्या मैं मरने के बाद ही परमेश्वर से मिल सकूंगी?’ मुझमें तरह–तरह के विचारों की बाढ़ आई, और मेरे मन पर निराशा की छाया पड़ी। हर दिन मैं खुद से पूछती थी, “इस जीवन के समाप्त होने पर मेरे साथ क्या होगा? मैं कहां जाऊंगी?” मैं अपना सारा समय और सारी ऊर्जा पढ़ाई में लगाते हुए सोचती थी कि, ‘यही वह है जो मुझे करने की जरूरत है,’ और खुद को सांत्वना देती थी। लेकिन हमेशा मुझ पर खालीपन हावी रहता था, और मैं बिल्कुल भी खुश नहीं…
लीमा, पेरू से मारिया क्लेओफे कुचिलिओ गुटिएरेज
परमेश्वर के करीब जाकर
जब मैं माध्यमिक स्कूल की पहली कक्षा में था, मैंने सिय्योन में गहराई से बाइबल सीखा। वास्तव में, जब मैं छोटा था, मैंने अपने परिवार के साथ चर्च जाना शुरू कर दिया था, लेकिन वह पहली बार था कि मैंने गंभीरता से परमेश्वर के वचनों का अध्ययन किया। मुझे हमेशा इस बात पर गर्व था कि भले ही मैं उम्र में छोटा हूं, मैं कुछ हद तक बाइबल जानता हूं। लेकिन, बाइबल की भविष्यवाणियों और उनकी पूर्णता ने जो मैंने उस दिन देखा था, मुझे ऐसा महसूस कराया जैसे मैंने कभी भी बाइबल नहीं पढ़ा हो। बाइबल उन सबूतों से भरी थी जिनसे मैं इनकार नहीं कर सका, और परमेश्वर वास्तव में मौजूद थे। मैं बहुत खुश था कि मुझे…
सियोल, कोरिया से ली प्यंग ह्वा