कृपा से बुलाए गए

लम्बे समय पहले, चीन के हान राजवंश में, हान जीन नामक एक सेनापति हुआ करता था जो पूरे राज्य की सेना की अगुआई करता था। वह बहुत ही आत्मविश्वासी था, और एक बार उसने कहा था, “जितनी ज्यादा सेना होगी, उतना ही अच्छा होगा।” हालांकि, राजा के द्वारा बुलाए जाने से पहले वह नीचले दर्जे का एक छोटा सा सिपाही ही था। हान राजवंश के पहले राजा के द्वारा बुलाए जाने के बाद, वह एक बड़ी उपाधि के साथ प्रधान सेनापति बन गया। यदि उसे राजा के द्वारा बुलाया न गया होता, तो वह अब तक इतिहास में एक नायक के रूप में याद न किया गया होता और केवल एक छोटे दर्जे का सिपाही ही रहा होता। उसी तरह…

रहस्यों का रहस्य

बाइबल की 66 पुस्तकें पढ़ते समय हमें सबसे बड़ा मुश्किल विषय है कि मसीह को पहचान कर उस पर विश्वास करना है। इसलिए बाइबल कहती है कि मसीह को जानना ही बाइबल का सब से बड़ा रहस्य है। 2,000 साल पहले, इस्राएली रोम के अत्याचार और उत्पीड़न से दुख पा रहे थे। उन्हें एक आशा थी कि बाइबल में भविष्यवाणी किया गया मसीह आकर उन्हें दुखों से छुड़ाए। यह आशा ही उनके जीवन को सम्भाले रखती थी। लंबे समय तक वे उत्सुकता से मसीह का इन्तजार करते हुए रोम के अत्याचार को सहते आए थे। लेकिन जब मसीह यानी यीशु उनके सामने आए तब इस्राएलियों ने मसीह से जिसकी उन्होंने आशा से गहरी प्रतीक्षा की, विद्रोह किया, अंतत: क्रूस पर…

अंत तक परमेश्वर के प्रति विश्वासयोग्य रहो

हम स्वर्ग के अनंत जीवन की आस लगाते हुए परमेश्वर पर विश्वास करते हैं। हालांकि, बिना परिश्रम के हम अनंत जीवन नहीं प्राप्त कर सकते; बिना श्रम के हमें अनंत जीवन का मुकुट नहीं दिया जा सकता। अंत तक परमेश्वर के प्रति विश्वासयोग्य रहने का दृढ़ संकल्प लेते हुए जब हम विश्वास करते हैं, तब हम जीवन का मुकुट प्राप्त कर सकते हैं। इस संसार में बहुत से लोग भक्ति का भेष तो धरते हैं, पर उसकी भीतरी शक्ति को नकार देते हैं। वे धर्म के दिखावटी रूप का पालन तो करते हैं, किन्तु वास्तव में वे विश्वास नहीं रखते और आसानी से गिर जाते हैं। जब मेंह बरसता है, और बाढ़ें आती हैं, और आन्धियां चलती हैं – जब…

दासों की मानसिकता और पुत्रों की मानसिकता

हम ऐसे सेवक हैं जिन्हें परमेश्वर ने योग्य ठहराकर सुसमाचार का कार्य सौंपा है, और हम परमेश्वर के महान मिशन में भाग ले रहे हैं। फिर, सुसमाचार के कार्य के प्रति हमारा रवैया कैसा है? यह बहुत ही महत्वपूर्ण बात है। हम आत्मिक लवनेवालों के रूप में जो सुसमाचार के बीज फैलाते हैं और गेहूं इकट्ठे करते हैं, हमारे पास कौन सी मानसिकता है, दासों की मानसिकता या पुत्रों की मानसिकता? क्या हम सिर्फ आंगनों पर चलते हुए दासों की मानसिकता के साथ काम नहीं कर रहे हैं? दासों की मानसिकता और पुत्रों की मानसिकता में बड़ा अंतर है। पुत्र की मानसिकता वाला मनुष्य परमेश्वर के साथ दुख उठाता है कि उनके साथ महिमा भी पाए आइए हम ऐसा मानें…

धर्मी कौन है?

इस दुनिया के असंख्य लोग परमेश्वर पर विश्वास करने का दावा करते हैं। हालांकि, परमेश्वर कहते हैं कि कोई धर्मी नहीं, एक भी नहीं; कोई भलाई करनेवाला नहीं, एक भी नहीं। जैसा लिखा है: “कोई धर्मी नहीं, एक भी नहीं... कोई परमेश्वर का खोजनेवाला नहीं... कोई भलाई करनेवाला नहीं, एक भी नहीं। रो 3:10–12 धर्मी कौन है जिसे परमेश्वर स्वीकार करते हैं? बाइबल कहती है कि धर्मी को छोड़कर, कोई परमेश्वर का खोजनेवाला और परमेश्वर के पास आनेवाला नहीं है। मानव जाति के पूर्वज, आदम ने पाप करने से पहले परमेश्वर को ढूंढ़ा, और वह उनके पास गया। लेकिन भले और बुरे के ज्ञान के वृक्ष का फल खाने के द्वारा उसने पाप किया, और उसके बाद जब परमेश्वर ने…

प्रभु! मैं एक पापी मनुष्य हूं!

हमने स्वर्ग में पाप किया, और हम इस शरणनगर, पृथ्वी पर निकाल दिए गए थे। यह बहुत स्वाभाविक है कि हम अपने निज देश की अभिलाषा करते हैं। हम सभी उत्साह से स्वर्ग में वापस जाने की इच्छा रखते हैं, पर हम आसानी से भूल जाते हैं कि हम पापी हैं। अब आइए हम देखें कि हम पापियों का, जिन्हें पश्चाताप करने की जरूरत है, कर्तव्य क्या है, ताकि हम स्वर्ग के राज्य में लौट सकें। पापी होने की पहचान और बोध होना आवश्यक है बहुत से लोग खुद के बारे में नहीं जानते। हम भी नहीं जानते थे कि हम कौन हैं: पृथ्वी पर हमारे आने की वजह क्या था? क्यों हम अपने 70 या 80 वर्षों के जीवनकाल…

बड़ा पात्र बन जाओ

पूर्व दिशा से शुरू हुआ परमेश्वर का मुहर लगाने का कार्य, अब बहुतायत से फल उत्पन्न कर रहा है। बहुत सी जातियां और लोग सिय्योन से निकलते सत्य के वचनों को सुनने के लिए, सिय्योन की ओर आ रहे हैं। पूरे संसार में सुसमाचार का सक्रिय रूप से प्रचार हो रहा है। सत्य की ज्योति जो यीशु के प्रथम आगमन के समय चमकी ज्योति से भी सात गुना अधिक प्रकाशमान है, अब शीघ्रता से सभी महाद्वीपों और महासागरों में फैल रही है। दुनिया के सभी कोनों में सुसमाचार को पहुंचते देखकर, हमें महसूस होता है कि यह भविष्यवाणी पूरी हो रही है कि “पृथ्वी की छोर तक तुम मेरे गवाह होगे।” और राज्य का यह सुसमाचार सारे जगत में प्रचार…

फिलो से

ग्रीक भाषा के शब्द ‘ (फिलो से)’ का अर्थ होता है, “मैं आपसे प्रेम करता हूं।” यह पतरस का उत्तर था जब यीशु ने उसे तीन बार पूछा था कि “क्या तू मुझ से प्रेम रखता है?” क्या तू मुझ से प्रेम रखता है? आज, इस संसार के सभी कोनों में बहुत से अपराध हो रहे हैं। विगत समय की तुलना में आज अपराध और भी क्रूर और भयंकर हो गए हैं। लोगों ने इंसानियत को खो दिया है, और यहां तक कि वे अपनी मूलभूत नैतिकता को भी भूल गए हैं। इसका कारण यह है कि उनका खुद के प्रति और दूसरों के प्रति प्रेम ठण्डा पड़ गया है। यहां तक कि बहुत से ईसाई परमेश्वर का पालन नहीं…

लोग जो परमेश्वर के सरूप हैं

सिय्योन के लोग परमेश्वर के और उनके परमेश्वरत्व के सरूप होते हैं। अपने आपको देखते हुए हम जान सकते हैं कि जब हमने विश्वास की शुरुआत की थी, हम अब उस समय से और ज्यादा परमेश्वर के सरूप हो गए हैं, क्योंकि हम लगातार परमेश्वर में आत्मिक रूप से बढ़ रहे हैं। मैं उस दिन का इंतजार कर रहा हूं जब सिय्योन के सभी लोग संपूर्ण रूप से परमेश्वर के सरूप हो जाएंगे। सन्तान अपने माता–पिता के सरूप होती हैं अब जरा अपनी सन्तानों को ध्यान से देखिए। क्या वे आपके समान नहीं दिखते? अपने माता–पिता के बारे में सोचिए। क्या आप शारीरिक रूप–रंग और व्यक्तित्व दोनों ओर से उनके सरूप नहीं हैं? जैसा कि कहा जाता है, “खून बोलता…

अपने जीवन का अंदाज़ सुसमाचार के सुयोग्य होने दे

अब, जैसे कि परमेश्वर ने योजना की थी, सुसमाचार का कार्य संपूर्ण हो रहा है; हमारे स्वर्गीय परिवार के बहुत सदस्य जो पूरे संसार में बिखर गए थे, अब सिय्योन की ओर आ रहे हैं। सुसमाचार का और परमेश्वर के पवित्र नाम का प्रचार करने वालों के पांव अब और तेज़ी से चल रहे हैं। परमेश्वर को बहुत धन्यवाद! मैं अच्छे से जानता हूं कि अब सुसमाचार का प्रचार करना सिय्योन के सभी भाइयों और बहनों में एक रीति बन गया है। अब, परमेश्वर की शिक्षाओं के द्वारा, आइए हम इस बात पर विचार करें कि कैसे हम सुसमाचार के सुयोग्य जीवन जी सकते हैं। कुछ देने में पाने से ज्यादा आशीष है हम प्रार्थना करने, अध्ययन करने और प्रचार…

आत्मिक दुनिया को देखो

हम इस पृथ्वी पर स्वर्गीय घर की आशा करते हुए, मुसाफिर के समान जी रहे हैं। इस दृश्य और सीमित संसार में शरीर पहनने के कारण, हम आसानी से बाहरी चीजों में तल्लीन हो जाते हैं कि हम आत्मिक दुनिया के बारे में नहीं सोच सकते। जब हम शारीरिक चीजों में लिप्त हो जाते हैं, हम परमेश्वर के पूर्व विचार को नहीं समझ सकते; हम अपने विश्वास में आगे नहीं बढ़ सकते, और यहां तक कि जो विश्वास हमारे पास है वह भी धीरे धीरे शांत हो जाता है। विश्वास के हमारे पूर्वजों ने कहा है कि अदृश्य दुनिया का अस्तित्व है और वह एक अनन्त दुनिया है। और हम तो देखी हुई वस्तुओं को नहीं परन्तु अनदेखी वस्तुओं को…

प्रचार करने का समय

परमेश्वर हमें कुछ सौंपते हैं ताकि अंत में वह हमें अच्छी वस्तुओं से आशीर्वादित कर सकें। इस समय हमें सुसमाचार का प्रचार सौंपा गया है। यह हमारे खुद के और दूसरों के उद्धार के लिए परमेश्वर का एक आशीर्वाद है। हमें इस बात को समझते हुए अपने विश्वास के मार्ग पर चलना चाहिए। 3,000 लोगों का नष्ट होना और 3,000 लोगों का उद्धार पाना मूसा के समय में, इस्राएलियों ने परमेश्वर के अनुग्रह से मिस्र के दासत्व से छुटकारा पाया और कनाना की ओर चल दिए। जब वे जंगल में से गुजर रहे थे, वे सांसारिक आचरण में फंस गए; जब मूसा दस आज्ञाओं को लेने के लिए सीनै पर्वत पर गया था, तब उन्होंने एक मूर्ति की पूजा की।…

छोटी शुरुआत और समृद्ध भविष्य

हम ऐसी आशा के साथ जीते हैं कि चाहे हमारी शुरुआत छोटी प्रतीत होती है, हमारा भविष्य परमेश्वर की कृपा के द्वारा समृद्ध होगा। परमेश्वर ने इस संसार में दूसरे लोगों को नहीं, लेकिन हम से प्रतिज्ञा की है। उस प्रतिज्ञा के शब्द ऐसे हैं: चाहे तेरा भाग पहले छोटा ही रहा हो, परन्तु अन्त में तेरी बहुत बढ़ती होती। अय 8:7 इस संसार में सब बातों के लिए एक समय होता है: शुरू होने का समय और समाप्त होने का समय। इसलिए, सुसमाचार के कार्य के लिए भी एक समय है। चाहे हमारे सुसमाचार के कार्य की शुरुआत छोटी थी, लेकिन जैसे जैसे वह आगे बढ़ता जाता है, वैसे वैसे वह और भी ज्यादा समृद्ध होता जाता है। पिछले…

फसह का पर्व और परमेश्वर की मुहर

अब, इस दुनिया में बहुत सी विपत्तियां आ रही हैं: देशों के बीच में युद्ध, जातियों के बीच में संघर्ष, आतंकवाद, अकाल, भूकम्प, और मौसम में बदलाव की वजह से आने वाली जानलेवा ठंड या गर्मी। जब कभी भी ऐसी घटनाएं घटित होती हैं, लोग इस बात को न जानते हुए कि उन्हें अपने मन किस पर और कहां लगाने चाहिए, भय से थरथराते हैं। बाइबल ने पहले से विपत्तियों के विषय में भविष्यवाणी की है और यह भी बताया है कि उन विपत्तियों के आने पर लोग क्या करेंगे। क्योंकि चाहे वे खोदकर अधोलोक में उतर जाएं, तो वहां से मैं हाथ बढ़ाकर उन्हें लाऊंगा; चाहे वे आकाश पर चढ़ जाएं... चाहे वे कर्म्मेल में छिप जाएं... और चाहे…

अपनी पड़ती भूमि को जोतो

बसंत ऋतु में, सभी किसान शरद ऋतु में बंजर पड़े अपने खेतों को जोतते हैं, और सभी घास–फूस और पेड़ों की जड़ों को निकालते हैं। बीज बोने के बाद, वे उन बीजों का ख्याल रखते हैं कि वे अंकुरित हो सकें; फिर वे अच्छी खाद डालते हैं, और जब तक वे पतझड़ के मौसम में अच्छे फल नहीं पाते तब तक घास–फूस को निकालते रहते हैं। सुसमाचार के फल पैदा करने में भी वैसा ही है। क्योंकि बाइबल कहती है: अपने लिये धर्म का बीज बोओ, तब करुणा के अनुसार खेत काटने पाओगे; अपनी पड़ती भूमि को जोतो; देखो, अभी यहोवा के पीछे हो लेने का समय है, कि वह आए और तुम्हारे ऊपर उद्धार बरसाए।हो 10:12 क्या एक किसान…

परमेश्वर के बुलाए लोग

बाइबल के इतिहास के द्वारा हम जान सकते हैं कि सर्वशक्तिमान परमेश्वर ने अपनी सन्तानों को बुलाया था और उनके द्वारा अपने महान कार्य संपन्न किए थे। प्रत्येक युग में, परमेश्वर ने जो सब वस्तुओं के सृजनहार हैं यहोशू, शमूएल, दाऊद, पतरस और यूहन्ना जैसे विश्वास के पूर्वर्जों को बुलाया और उन्हें उन्नत किया ताकि परमेश्वर के वचन की ज्योति ठंडी न जाए परन्तु लगातार चमकती रहे। इस अंतिम युग में, परमेश्वर ने हमें अपने महान कार्य के लिए बुलाया है। आइए हम बाइबल के इतिहास के द्वारा यह जानें कि परमेश्वर के बुलावे के योग्य होने के लिए हमें किस प्रकार का रवैया रखना चाहिए। सारी सामर्थ्य परमेश्वर से है जब परमेश्वर अपने काम करने वालों को बुलाते हैं,…

मसीह आन सांग होंग का आगमन

2,000 वर्ष पहले, मानवजाति को बचाने के लिए यीशु का जन्म इस पृथ्वी पर हुआ था। 30 वर्ष की आयु में उनका बपतिस्मा हुआ था, और उन्होंने लगभग साढ़े तीन सालों की अपनी सेवकाई के दौरान नई वाचा के सुसमाचार का प्रचार किया। अपने मिशन को पूरा करने के बाद, वह स्वर्ग को चले गए। जब मसीह स्वर्ग को चले गए, तब उन्होंने इस पृथ्वी पर वापस आने की प्रतिज्ञा की(प्रे 1:6–11)। वर्ष 2018 मसीह आन सांग होंग जो बाइबल की भविष्यवाणियों के अनुसार दूसरी बार आए यीशु हैं, उनके जन्मदिवस की 100वीं सालगिरह का अर्थपूर्ण वर्ष है। आइए हम बाइबल के द्वारा खोजें कि क्यों परमेश्वर इस पृथ्वी पर आए। अंधेरी दुनिया जहां सत्य अस्पष्ट है यीशु के स्वर्गारोहण…

क्यों चर्च ऑफ गॉड सच्चा चर्च है?

दुनिया में कई अलग–अलग प्रकार के चर्च और ईसाई संप्रदाय हैं, लेकिन सच्चे चर्च को खोजना कठिन है जो प्रथम चर्च के नमूने के अनुसार मसीह की शिक्षाओं का पालन करता है। लेकिन, बहुत से ईसाई यह नहीं जानते; वे विश्वास करते हैं कि अपना चर्च सच्चा है और वहां बिना शर्त के उद्धार दिया जाता है। वह चर्च ऑफ गॉड है जिसे यीशु ने स्थापित किया और जहां प्रेरित जाते थे। चर्च ऑफ गॉड, जिसमें आज हम उपस्थित होते हैं, एकमात्र सच्चा चर्च है जिसे परमेश्वर ने पिता के युग और पुत्र के युग से गुजरकर इस पवित्र आत्मा के युग में मानवजाति को बचाने के लिए स्थापित किया। आइए हम बाइबल की भविष्यवाणियों और ऐतिहासिक रिकॉर्ड के द्वारा…

परमेश्वर हमें देखते हैं

बाइबल की भविष्यवाणी के अनुसार परमेश्वर का वचन दुनिया भर में तेजी से फैल रहा है। चूंकि सत्य इतनी जल्दी से प्रचार किया जा रहा है, तो ज्यादा से ज्यादा लोग सिय्योन में इकट्ठा हो रहे हैं। इसलिए, अब भी कुछ सदस्य हैं जिनके पास ऐसी आदतें होती हैं जो उन्होंने संसार से सीखी थीं। चूंकि हमने सत्य को ग्रहण किया, हम परमेश्वर में खुदको थोड़ा थोड़ा करके संसार की गंदगी को साफ कर रहे हैं, इसलिए हम ईमानदार व्यक्तित्व और व्यवहार के साथ संपूर्ण जीव में बदल सकते हैं जो परमेश्वर चाहते हैं। बाइबल के द्वारा, आइए हम परमेश्वर की उत्सुक इच्छा को जांचें जो अपनी संतान को पूरी तरह फिर से जन्म लेना चाहते हैं। परमेश्वर हर एक…

हमारी आत्मा का उद्धार, अनन्त जीवन को खोजो

बाइबल हमें कहती है कि हमारे विश्वास का प्रतिफल हमारी आत्माओं का उद्धार है(1पत 1:8)। यदि हम परमेश्वर पर विश्वास करते हुए भी उद्धार पाने में नाकाम रहें, तो हमारा विश्वास व्यर्थ है और हम किसी और की तुलना में अधिक दयनीय होंगे। बाइबल कहती है कि एकमात्र जगह जहां उद्धार न पानेवाले लोग जाएंगे, वह नरक है—अनन्त यातना की जगह। इसलिए, हमें अपने उद्धार के मामले को गंभीरता से लेने की जरूरत है। सबसे ऊपर, हमें परमेश्वर के बारे में जानने की जरूरत है जो हमारी आत्माओं को बचाते हैं। 2,000 वर्ष पहले, बहुत से लोग परमेश्वर पर विश्वास करने का दावा करते थे, लेकिन वे परमेश्वर को नहीं जानते थे। यह इसलिए क्योंकि परमेश्वर जो बाइबल की भविष्यवाणी…