विश्वास और जीवन

यह विश्वासियों को जो मसीह की सुगंध बनने की आशा करते हैं, विश्वास का एक सही जीवन जीने में मदद करता है।

परमेश्वर हमारे साथ सहानुभूति रखते हैं

‘क्यों परमेश्वर ने इस तरह का जीवन जिया जैसा कि लोग जीते हैं?’ यह एक जिज्ञासु सवाल था जो विश्वास का जीवन जीते हुए लंबे समय से मेरे मन में उठता था। हमारे पाप केवल मसीह के बहुमूल्य लहू के द्वारा क्षमा किए जा सकते हैं। इसी कारणवश, यदि परमेश्वर को शरीर धारण करके पृथ्वी पर आना था, तो वह पृथ्वी पर केवल कुछ पलों तक क्रूस पर चढ़ाए जाने का दर्द सहन कर सकते थे। फिर भी, क्यों उन्होंने इतने लंबे समय तक दर्द और पीड़ा को सहन करते हुए दुखमय जीवन जिया? मैं इसे आसानी से नहीं समझ सकती थी। एक दिन, संयोग से मैंने बाइबल का एक वचन पढ़ा। यह पढ़कर मुझे लगा जैसे मेरे सिर पर…

गोयांग, कोरिया से युन उन जू

सुखद और आनन्दपूर्ण स्वयंसेवा

अमेरिका के बाल्टीमोर चर्च ने वर्ष के अंत के अवसर पर वरिष्ठ नागरिकों के जीवन में उत्साह और आनंद भरने के लिए सिल्वर स्प्रिंग सनराइज नर्सिंग होम का दौरा किया और विभिन्न गीतों और नृत्य का प्रदर्शन करके वहां रहनेवाले वरिष्ठ नागरिकों का मनोरंजन किया। प्रदर्शन के दौरान उन्होंने ताली बजाई और पैर हिलाकर ताल में ताल मिलाते हुए हमारे साथ गीत गाया। एक वरिष्ठ नागरिक खड़ा भी हुआ और उसने हमारा हाथ थामकर नाचा और खुशी से मुस्कुराया। उन्होंने अपने यहां आने के लिए हमें धन्यवाद दिया और पूछा कि हम फिर कब आएंगे। हम सभी ने उज्ज्वल मुस्कान के साथ जल्दी वापस आने का वादा किया। यह मजेदार था, और हम सचमुच फिर से जाना चाहते थे। चर्च…

बाल्टीमोर, एमडी, अमेरिका से मेलिसा हटचिंस

मेल के बन्धन में बंधे हुए

मैं थोड़ा सा उग्र स्वभाव का हूं। परमेश्वर की सन्तान बनने के बाद मैं कुछ हद तक धैर्यवान और सहनशील बन गया, लेकिन मैं अभी तक पूरी तरह से नहीं बदला हूं। एक दिन मेरे तीव्र स्वभाव के कारण एक सदस्य की भावना को चोट पहुंची। मुझे अपने किए पर पछतावा हुआ, और इसका समाधान ढूंढ़ने के लिए मैं बाइबल पढ़ रहा था। तब इस वचन ने मेरा ध्यान आकर्षित किया। “सारी दीनता और नम्रता सहित, और धीरज धरकर प्रेम से एक दूसरे की सह लो। और मेल के बन्धन में आत्मा की एकता रखने का यत्न करो।” इफिसियों 4:2–3 “मेल के बन्धन में आत्मा की एकता रखने का यत्न करो” – यह वचन मेरे हृदय में गूंजता रहा। जब…

उलानबातर, मंगोलिया से डी। तुवशिनजरगल

मैंने तेरे लिये विनती की

जब मैं एक कालेज की छात्रा थी, तब मैंने बहुत सी सुसमाचार की गतिविधियों में भाग लिया था, लेकिन इनमें सबसे यादगार यह गतिविधि थी जिसमें मैंने कैंपस के लेक्चर रूम में सिय्योन के सदस्यों के साथ प्रार्थना सभा रखी थी। क्लास शुरू होने से पहले हम सुबह 8 बजे इकट्ठे होते थे। मेरा घर कॉलेज से दूर था, इसलिए मुझे प्रार्थना सभा में शामिल होने के लिए सुबह 6 बजे मेट्रो पकड़नी होती थी। भले ही बहुत बार मैं अकादमिक पेपर लिखने और परीक्षा की तैयारी करने के कारण रात को देर से सोती थी और इसलिए मैं हर वक्त थकी रहती थी, लेकिन मेरा हृदय आनन्द से भरा रहता था। हर सभा में हम बाइबल पढ़ते थे। निम्नलिखित…

वीरार पूर्व, महाराष्ट्र, भारत से किम मिन जी

प्रेम के द्वारा रची गई आशीष

मेरे परिवार के सदस्यों के बीच बहुत घनिष्ठ और आत्मीय संबंध होता है। मेरे माता–पिता मेरे साथ हमेशा एक दोस्त की तरह पेश आते हैं, और जब हम एक साथ होते हैं, तो हमेशा हंसी–खुशी का माहौल बना रहता है। मेरी सहेलियां जिनके पास बड़े भाई हैं, कहती हैं कि वे अक्सर एक दूसरे से झगड़ते और बहस करते हैं, लेकिन मेरा अपने बड़े भाई के साथ बहुत ही अच्छा रिश्ता है। शायद इसलिए अपने उच्च विद्यालय के दिनों में जब मैंने अपनी एक सहेली के द्वारा सत्य प्राप्त किया, तब सबसे पहले मेरे मन में अपने परिवार का ख्याल आया। उस समय मुझे एक ग्रामीण क्षेत्र से शहर में स्थानांतरित हुए थोड़ा ही समय बीता था, इसलिए मुझे इस…

आनयांग, कोरिया से किम ह्ये जी

सामंजस्य

ऑर्केस्ट्रा का हर एक वादक चाहे कितना भी योग्य और कौशलपूर्ण क्यों न हो, लेकिन यदि सभी वादकों के बीच ताल–लय का सामंजस्य न बैठाया जाए, तब वे भद्दी और खराब ध्वनि पेश करेंगे। यदि वादक समवेत वादन को अनदेखा करते हुए दूसरों के साथ मिलकर वाद्य न बजाएं और सिर्फ अपने खुद के वाद्य–यंत्र की ध्वनि को आगे बढ़ाएं, तो वे बढ़िया प्रदर्शन बिल्कुल नहीं कर सकेंगे। ताकि देह में फूट न पड़े, परन्तु अंग एक दूसरे की बराबर चिन्ता करें। इसलिये यदि एक अंग दु:ख पाता है, तो सब अंग उसके साथ दु:ख पाते हैं; और यदि एक अंग की बड़ाई होती है, तो उसके साथ सब अंग आनन्द मनाते हैं। इसी प्रकार तुम सब मिलकर मसीह की…

परमेश्वर सब कुछ जानते हैं

अलौकिक शक्ति के चमत्कार के बारे में अक्सर यह सवाल पूछा जाता है, “यदि आप अदृश्य हो जाते हैं, तो आप क्या करना चाहते हैं?” विभिन्न प्रकार के जवाब होते हैं, लेकिन हमेशा कुछ एक जैसे जवाब दिए जाते हैं: मुफ्त में यहां–वहां यात्रा करना, जी–भरकर अपनी मनपसंद चीजें लेना, उसके पीछे चलना जिसे वह पसंद करता है, या उसे सताना जिससे वह घृणा करता है। जवाब चाहे जो भी हो, सभी जवाबों में एक समानता है; जब वे सोचते हैं कि उन्हें कोई नहीं देखता, तो वे साधारण दिनों की अपेक्षा कुछ अलग व्यवहार करना चाहते हैं। चूंकि उन्हें कोई नहीं देखता, वे जी–भर वह चीज करना चाहते हैं जो वे करने का साहस भी नहीं कर सकते थे,…

आत्मिक रूप से अपरिपक्व शिशु से परमेश्वर की संपूर्ण सन्तान बनने तक

पहले मैंने दाई के रूप में कार्य किया। जापान में दाई गर्भधारण, प्रसव, प्रसव–उपरान्त देखभाल और नवजात शिशु के स्वास्थ्य की देखभाल के बारे में विशेष ज्ञान रखने वाली होती है। वह मेरी मां थी जिसने मेरे एक दाई बनने के निर्णय पर बहुत ज्यादा प्रभाव डाला था। जब मैं उन्हें अपनी चार सन्तानों को बड़ा करने के लिए मेहनत से काम करते हुए देखती थी, तो मैं हमेशा सोचती थी कि, ‘आखिर उन्हें अपने लिए भी समय न निकालकर अपने परिवार के लिए क्यों जीना पड़ता है? क्या मैं कभी भी अपनी मां जैसी बन सकूंगी?’ मैंने एक मां की भूमिका के बारे में गहराई से सोचना शुरू किया, और उससे मैंने तय किया कि मैं एक दाई बनूंगी।…

ओसाका, जापान से माछमोतो मिवा

अनन्त जीवन के लिए

“गुलिवर्स ट्रेवल्स” एक एंग्लो–आयरिश लेखक जोनाथन स्विफ्ट के द्वारा लिखा गया एक हास्य–व्यंग्यपूर्ण उपन्यास है, जो लिलिपूट की यात्रा नामक पहले भाग से शुरू होकर चौथे भाग तक चलता है। यह उपन्यास बच्चों की कहानी के रूप में संपादित होकर प्रकाशित हो गया, और बहुत से बच्चों ने इसे पढ़ा है। जब मैं किशोर था, तब मुझे गुलिवर्स ट्रेवल्स की पूरी कहानी पढ़ने का मौका मिला, और उसमें मेरे लिए एक बहुत ही प्रभावशाली भाग था। गुलिवर लिलिपूट और ब्रोब्डिंगनाग की यात्रा के बाद जिस तीसरे देश की ओर गया, वह एक उड़ान द्वीप है। वहां उसने किसी उच्च अधिकारी से स्ट्रल्डब्रग्स, यानी उन लोगों के बारे में सुना जो अमर हैं। गुलिवर उनकी प्रशंसा करने लगा, लेकिन जल्द ही…

ग्यंगसान, कोरिया से छवे जे उंग

मां की अनुपस्थिति से उत्पन्न खालीपन को देखभाल और प्रेम से भरते हुए

भीषण गर्मी के एक दिन गांगल्यूंग सिय्योन के लगभग 50 भाई–बहनें एक मानसिक रूप से विकलांग युवक के घर को साफ करने के लिए गए। वह युवक अपनी मां की मृत्यु के बाद अकेले ही रह रहा था। और चूंकि उसने लंबे समय से अपने घर को साफ नहीं किया, इसलिए वहां बहुत गंदगी थी। हर दीवार और फर्श पर सभी प्रकार की गंदी चीजें फैली हुई थीं, और सारे सामानों और कपड़ों पर फफूंदी जम गई थी। ऐसी जगह में किसी भी व्यक्ति का रहना असंभव लग रहा था। वहां तत्काल सफाई करने की आवश्यकता थी, नहीं तो उस युवक की जान खतरे में पड़ सकती थी। मास्क और रबर के दस्ताने पहनकर, हम कुछ टीमों में बंट गए,…

गांगल्यूंग, कोरिया से होंग सुन थे

माता–पिता का प्रेम जो लौट आई संतान के कारण खुश होते हैं

माता–पिता के लिए जो फूल के समान सुन्दर और प्रिय हैं, वे उनकी संतान हैं। माता–पिता अपनी खुशियों के स्रोत, यानी अपनी संतानों के लिए अपना जीवन तक दे सकते हैं। उनके समर्पित प्रेम की तुलना इस संसार में किसी भी चीज से नहीं की जा सकती। माता–पिता का प्रेम समझना मुश्किल है, यह शायद इसलिए है क्योंकि वह गहरे समुद्र में छिपा बहुमूल्य मणि जैसा है। जब मैं छोटा था, मेरे पिता जहां कहीं जाते थे, मुझे हमेशा अपने साथ ले जाते थे। अपने पिता के कार्यस्थल से घर वापस आते समय, जब भी मैं कुछ बच्चों को बाहर खेलते हुए देखता था, मैं भी उनके साथ खेलना चाहता था, लेकिन मेरे पिता नहीं चाहते थे कि मैं ऐसा…

काठमांडू, नेपाल से जॉन परियार

दाग

एक व्यक्ति पेट्रोल स्टेशन पर गया। वहां एक कर्मचारी ने पेट्रोल भरने के दौरान उसकी गाड़ी के सामने वाले कांच को पोंछकर साफ किया। कर्मचारी ने कहा, “हमारे पेट्रोल का उपयोग करने के लिए धन्यवाद! कुशल से जाइए।” लेकिन उस व्यक्ति ने कहा कि कांच अभी भी गंदा दिख रहा है, इसलिए वह उसे फिर से पोंछकर साफ करे। तब कर्मचारी ने जल्दी ही उसे साफ किया। “सर, अब यह साफ हो गया है। यह अच्छा दिख रहा है।” लेकिन वह व्यक्ति चिढ़ी आवाज में बोला, “यह अभी भी गंदा है। क्या तुम्हें कांच को पोंछना आता है?” कर्मचारी उस व्यक्ति को ध्यान से देखकर दुकान के अंदर गया, और वह एक नरम कपड़ा लेकर आया और उसे उस व्यक्ति…

जगह जो आपकी कल्पना से बाहर है

इंसान की कल्पना–शक्ति असीम है। जब हम उन वस्तुओं या सुंदर कलाकृतियों को देखते हैं जिनका इंसान की उत्कृष्ट कल्पना–शक्ति के द्वारा आविष्कार किया गया है, तो हमारे मुंह से अपने आप भी “वाह!” की आवाज निकलती है। यदि कोई कुछ अद्भुत कार्य करता है जिसके बारे में किसी ने कल्पना भी नहीं की है, तब लोग यह कहते हुए उसकी प्रशंसा करते हैं कि, “उसने अकल्पनीय कार्य पूरा कर लिया है,” या “यह कलाकृति कल्पना से परे है।” जैसा लिखा है, “जो बातें आंख ने नहीं देखीं और कान ने नहीं सुनीं, और जो बातें मनुष्य के चित्त में नहीं चढ़ीं, वे ही हैं जो परमेश्वर ने अपने प्रेम रखनेवालों के लिये तैयार की हैं।” 1कुर 2:9 स्वर्ग का…

जहां मुझे लौट जाना है

अपने तीन बच्चों की परवरिश करते हुए मैं शारीरिक और मानसिक रूप से बेहद थक गई थी, शायद इसलिए मैं हमेशा बीमार पड़ी थी। चूंकि बहुत रातों तक मैं सो नहीं सकी थी, इसलिए मैं डॉक्टर के पास गई। मुझे पता चला कि मैं विषाद–रोग के शुरुआती दौर में हूं। डॉक्टर ने उसके इलाज के लिए तरह–तरह की सलाह दी थी, और मैंने विभिन्न चीजें करने का प्रयास किया; मैंने नई चीजों को सीखने का समय लिया, और मैं अपने दोस्तों से मिली और उनके साथ मजेदार बातें कीं और स्वादिष्ट भोजन किया। लेकिन यद्यपि मैंने नई चीजें सीखने, भोजन करने और यात्रा करने इत्यादि में अधिक समय लिया और पैसा गंवाया, फिर भी मेरा दर्द एक जैसा रहा। जैसे…

नागोया, जापान से ओइटा, आइ

पेड़–पौधे लगाते हुए

कानोआस सिय्योन के सदस्यों ने कानोआस नगर भवन के पर्यावरण विभाग के साथ स्वयंसेवा की। हमारा काम एक पार्क में पेड़–पौधे लगाना था। कार्यक्रम के दिन पर, हम सभी सुबह जल्दी पार्क में इकट्ठे हुए। पर्यावरण विभाग के प्रधान कर्मचारी और आमंत्रित पर्यावरणविद ने हमारे प्रति कृतज्ञतापूर्वक धन्यवाद व्यक्त किया और पेड़–पौधे लगाने के महत्व के बारे में समझाया। “यह कहा जाता है कि हमें रोजाना कम से कम आठ गिलास पानी पीना चाहिए। लेकिन भविष्य में पर्यावरण–प्रदूषण के कारण हम एक दिन में एक गिलास पानी पी सकेंगे। केवल पानी ही नहीं, पर हवा भी प्रदूषित हो रही है। बहुत देशों को ताजी हवा पाने के लिए बड़ा कृत्रिम फेफड़ा बनाना होगा। अब पर्यावरण–प्रदूषण और इसकी क्षति को कम…

कानोआस, ब्राजील से ब्रूना कार्वालो डे लीमा

मेरे देश में मिला एक नया सपना

जब मैं माध्यमिक स्कूल में प्रवेश करने वाला था, मेरे परिवार की परिस्थिति एकाएक बहुत ही खराब हो गई, और मुझे अपने परिवार को छोड़कर अमेरिका में रहने वाली चाची के पास रहने जाना पड़ा; अनपेक्षित ढंग से मुझे अपने प्रेमी परिवार को छोड़कर जाना पड़ा। सौभाग्य से अपने देश की विपरीत दिशा में जीवन उतना बुरा नहीं था। स्कूल में मेरी उम्र के कोरियाई छात्र बहुत से थे, और मैं जल्दी से अमेरिकी छात्रों का भी दोस्त बन गया। मेरे अमेरिका आने के थोड़े ही समय बाद, मेरी दादी जो मेरे लिए चिंता करती रहती थी, अमेरिका में आ गई और मुझे अकेला या परदेशी जैसा महसूस नहीं होता था। लेकिन फिर भी मैं कोरिया को याद करता था।…

सोंगनाम, कोरिया से इ मिन ग्यु

प्रेम पहुंचाने का एक तरीका

जब मुझे वर्ष 2020 से पहले भारत के मुंबई में एक शॉर्ट टर्म मिशन पर जाने के लिए नियुक्त किया गया था, तो मैं आधा उत्साहित थी और आधा चिंतित थी। यह उस दबाव के कारण था कि मुझे हिंदी सीखनी पड़ेगी। यह सोचते हुए कि क्या मुझे वास्तव में हिंदी सीखनी पड़ेगी, मैंने कुछ सदस्यों से पूछा कि यदि मैं सिर्फ अंग्रेजी बोलूं तो क्या होगा। लेकिन, उन सभी ने मुझे उत्तर दिया कि जब तक मुझे हिंदी समझ नहीं आती, मुझे मुश्किल हो सकती है। आखिरकार, मुझे हिंदी सीखनी पड़ी, लेकिन हिंदी वर्णमाला एक चित्रकारी की तरह लग रही थी, जो मुझे उलझा रही थी। हिंदी में सीखने के लिए बहुत से कठिन व्याकरणिक तत्व हैं, जैसे कि…

नामयांग्जू, कोरिया से छवे ही वन

बदलाव

मैं पैदा होने से पहले ही चर्च ऑफ गॉड में जाती आई हूं। जिसका अर्थ है कि मैं बचपन से ही चर्च ऑफ गॉड की सदस्य हूं। जब मैं माध्यमिक स्कूल में थी, तब मैंने अपनी माता के विश्वास पर नहीं, परन्तु अपने स्वयं के विश्वास पर खड़ा रहना शुरू किया। जब मैं स्कूल में अपने अन्य दोस्तों से मिलती थी जिनका धर्म मुझसे अलग था, तो मैं सोचती थी कि, ‘वह कौन सा सत्य है जो स्वर्ग के राज्य तक मेरी अगुआई कर सकता है?’ इस प्रश्न का जवाब मिलने में ज्यादा समय नहीं लगा। जब मैंने मेहनत से सिय्योन में बाइबल का अध्ययन किया, तो मैं नई वाचा के सत्य को सही ढंग से समझ सकी। लेकिन जब…

आनसान, कोरिया से जांग ये जीन

लैंसडाउन में पहुंचा माता का प्रेम

हमने 1 मई को लैंसडाउन में मार्ग सफाई अभियान करने का आयोजन किया था। उसके लिए सबसे पहले, हम नगर परिषद के कूड़े प्रबंधन विभाग से अनुमति लेने के लिए गए। एक संक्षिप्त अभिवादन के बाद, हमने परिषद के एक सदस्य को अपने चर्च से परिचय कराने के लिए परिचय वीडियो दिखाया। वह अपने आदर–भाव को छिपा न सका। “आपका चर्च बहुत से अच्छे कार्य करता है। मुझे खुशी है कि मैं आपसे मिल सका।” शुरुआत में वह यह सोचकर कि हम कोई छोटा सा समूह है, हमें छोटी सी सड़क के लिए अनुमति देनेवाला था। लेकिन परिचय वीडियो देखने के बाद, उसने हमारे सफाई अभियान का स्वागत किया और हमें सफाई के लिए जिन चीजों की आवश्यकता थी, वे…

दक्षिण अफ्रीका गणराज्य में केप टाउन चर्च

खजाने के बदले में दिया गया जीवन

जहाज की यात्रा के दौरान एक शानदार जहाज चट्टान से टकराकर धीरे–धीरे डूब रहा था। चूंकि सभी यात्रियों के बैठने के लिए रक्षा–नौकाएं पर्याप्त नहीं थीं, इसलिए सबसे पहले छोटे बच्चों और स्त्रियों को नौकाओं में बैठने का हक दिया गया। एक कुलीन स्त्री जो नौका में बैठ गई थी, अचानक खड़ी हो गई जैसे उसे कुछ याद आ गया हो, और फिर तेजी से जहाज की ओर वापस दौड़ गई। एक नाविक ने हैरान होकर कहा, “मैडम! आपको पांच मिनट में वापस आना चाहिए!” उसने केबिन में जाकर जल्दी–जल्दी अपने खजाने का संदूक उठाया, और जब वह रक्षा–नौक में वापस जाने वाली थी, तब उसकी आंखें आश्चर्य से फैल गईं। क्योंकि उसने केबिन में यहां–वहां बिखरे हुए हर प्रकार…