विश्वास और जीवन

यह विश्वासियों को जो मसीह की सुगंध बनने की आशा करते हैं, विश्वास का एक सही जीवन जीने में मदद करता है।

माता मेरी छोटी सी प्रार्थना को भी सुनती हैं

यह तब की बात है जब मेरे पहले बच्चे के जन्म को करीब पांच महीने बीत चुके थे। जब मैं सोने के लिए लेटी, तब अचानक एक विचार मेरे मन में आया और उससे मैं इतनी व्यथित हुई कि मुझे नींद भी नहीं आई। ‘मेरे मरने के बाद क्या होगा?’ न जाने क्यों अचानक यह विचार मेरे मन में आया। मुझे यह जानने की तीव्र इच्छा हुई कि मृत्यु के बाद मेरे जीवन के साथ क्या होगा। मैं शायद इसलिए मृत्यु से बचने को आतुर हो गई कि मैं अभी–अभी एक मां बनी थी जिसे अपने बच्चे के जीवन की रक्षा की जिम्मेदारी लेनी चाहिए थी। उस समय के दौरान मैं चर्च ऑफ गॉड के कुछ लोगों से मिली। वास्तव…

ओसान, कोरिया से किम ग्यंग सुक

समुद्र और माता

विशाल समुद्र का पानी भूमि से हर प्रकार की गंदी चीजों को लेने पर भी नहीं सड़ जाता। इसके कई कारण हैं, जैसे उसमें प्रदूषित पदार्थों को शुद्ध करने वाले नमक का विद्यमान होना, उसका लगातार लहरों को ऊंचा उठाते हुए गतिशील होना, उसमें रहने वाले सूक्ष्मजीवों का हानिकारक पदार्थों को विघटित करना आदि। समुद्र जो अशुद्ध और गंदी चीजों को स्वीकार करता है और उन्हें शुद्ध बनाता है, वह माता से बहुत मिलता जुलता है। माता अपने बच्चों की सभी गलतियों को ढकती और स्वीकार करती है और अनंत बलिदान और प्रेम के साथ उन्हें बदलती है। समुद्र को चीनी भाषा की लिपि में 海 लिखा जाता है और उसमें 母(माता) है। फ्रेंच भाषा की लिपि में भी माता…

प्रेम की डोर

एक जीव–विज्ञानी ने शाखाओं या झाड़ियों में रहने वाली मकड़ियों का अवलोकन करके एक रोचक खोज की। जब एक माता मकड़ी अपने बच्चों से दूर होती है, और बच्चे मकड़ियों के साथ थोड़ी–सी भी खतरनाक घटना होती है, तब माता मकड़ी पल भर में अपने बच्चों को बचाने के लिए आ जाती है। जीव–विज्ञानी इस बात को जानने के लिए बहुत उत्सुक हुए कि कैसे माता मकड़ी को इस बात का पता चल जाता है कि बच्चे खतरे में होते हैं, और वह कैसे तुरन्त अपने बच्चों के पास आ पहुंचती है। इसलिए उन्होंने मकड़ियों को बहुत ध्यान से देखा। परिणाम बहुत ही दिलचस्प था। माता मकड़ी और बच्चे मकड़ी एक बहुत ही पतली डोर से एक–दूसरे से बंधे होते…

मुट्ठी भर बीजों से

1979 में भारत के पूर्वोत्तर राज्य असम में भीषण बाढ़ आई। बाढ़ग्रस्त इलाकों में सब कुछ तबाह हो गया। फाइंग नामक एक किशोर ने उजड़े इलाकों में पेड़ लगाने का सुझाव दिया। लेकिन लोगों ने उसकी बात को नजरअंदाज किया। फाइंग ने अकेले मुट्ठी भर बांस के बीज बोए। उसके लगभग तीस वर्ष बाद मुट्ठी भर बांस के बीजों ने अनेकों प्रकार के जंगली जानवरों और पेड़–पौधों से भरा एक घना जंगल बना दिया।

सबसे बड़ा निर्णय

अगस्त 2012 में एक दिन मेरे दोस्त ने मुझे उत्पत्ति की पुस्तक के वचनों से शुरू करके बाइबल का एक चौंका देने वाला रहस्य बताया। वचनों को सुनकर मैं तो बहुत अभिभूत हो गया, लेकिन मैं सिर्फ खुश ही नहीं हो सकता था, क्योंकि मुझे यह चिंता सताती थी कि मेरे माता–पिता जिनकी कैथोलिक चर्च में उत्साहपूर्ण आस्था है, इसका विरोध करेंगे। तीन हफ्तों तक सोच–विचार करने के बाद, मैंने आखिरकार सत्य को स्वीकार कर लिया। मेरे लिए यह आसान निर्णय नहीं था, पर उस समय भी और अब भी मुझे इसका कोई पछतावा नहीं है। स्वर्गीय माता का पालन करने का निर्णय लेना मेरे जीवन में सबसे महान निर्णय था। जिस सत्य ने मेरे मन को सबसे ज्यादा रोमांचित…

इलोइलो, फिलीपींस से चाल्र्स टेसपोएर

घमण्ड

वे जो स्वस्थ होते हैं, उन्हें अपने स्वास्थ्य के प्रति बेपरवाह होने की अधिक संभावना होती है। चूंकि उनके शरीर में ऐसा कोई विशेष हिस्सा नहीं है जिसमें घाव हों, इसलिए वे आंख बंद करके अपने स्वास्थ्य के प्रति निश्चिंत रहते हैं, पर वे अचानक आकस्मिक रूप से बीमारी के शिकार होते हैं। इसलिए स्वस्थ दिखने वाले लोग भी अचानक बीमार पड़ जाते हैं। इसके विपरीत वे जो निर्बल होते हैं, वे अपने स्वास्थ्य की अच्छी तरह से देखभाल करते हैं। चूंकि वे जानते हैं कि वे निर्बल हैं, इसलिए वे स्वस्थ रहने के लिए अस्वस्थ आदतों को छोड़ने का हर संभव प्रयास करते हैं और स्वस्थ खाना खाते हुए शारीरिक रूप में तंदुरुस्त रहने का प्रयास करते हैं। “...…

माता के मन और माता के हाथों के साथ

25 अप्रैल 2015 को दोपहर 12 बजे के आसपास नेपाल में 7.8 तीव्रता का बड़ा भूकंप आया। अचानक सब कुछ हिलने लगा और ऐसा लग रहा था जैसे आसमान गिर रहा हो और जमीन धंस रही हो। सदस्य जो शांतिपूर्ण सब्त का दिन मना रहे थे, वे जबरदस्त झटके से हक्के–बक्के रह गए; वे खंभे या रेलिंग को पकड़े रहे, और कुछ सदस्य अपना संतुलन खोकर गिर गए। उस दिन तक मैंने कभी नहीं जाना था कि भूकंप कितना भयावह हो सकता है। जब झटका रुक गया, हमने बाहर निकलकर चारों तरफ देखा। अत्यधिक सौभाग्य की बात थी कि चर्च की इमारत को कुछ नुकसान नहीं हुआ था, और सभी सदस्य सुरक्षित थे। लेकिन काठमांडू के केंद्रीय भाग सहित बहुत…

काठमांडू, नेपाल से तेजेंद्र गौतम

पिता के जूते

यह तब की बात है जब मैं एक लंबे समय के बाद अपनी मां के जन्मदिन के अवसर पर अपने मायके गई थी। अपनी मां के लिए एक जन्मदिन का उपहार खरीदने के लिए मैं बाजार की ओर जाने ही वाली थी कि मैं अपने पिता से मिली जो बाहर से घर वापस आए। तब पिता के जूतों पर मेरी नजर पड़ी। वे फटे–पुराने कपड़े के जूते थे जो डोरियों से इतने कसकर बांधे हुए थे कि उसमें हवा भी नहीं जा सकती थी। “पिताजी, आपने इसी तपती गर्मी में क्यों कपड़े के जूते पहने हैं? क्या आपके पास चप्पलें नहीं हैं?” वे बिना कुछ कहे बनावटी हंसी हंसकर घर के अंदर चले गए। बाजार में मैंने अपनी मां के…

संगनाम, कोरिया से जन उन ओक

परिवार

सार्डिनिया इटली प्रायद्वीप के पश्चिम में स्थित एक द्वीप है। यह संसार में लंबी आयु वाले व्यक्यिों की उच्चतम दर के कारण प्रसिद्ध है। 16 लाख की कुल आबादी में से लगभग 250 से अधिक लोग 100 वर्ष से अधिक उम्र के हैं। शोधकर्ताओं की एक टीम ने सार्डिनिया के लोगों के लंबे जीवन जीने के राज का पता लगाने के लिए एक अध्ययन किया और पाया कि सार्डिनिया के लोगों के पास एक विशेष जीन है जो लंबी उम्र के लिए जिम्मेदार है, और यह भी पाया कि लंबी आयु वाले लोगों में एक बात सामान्य रूप से मौजूद रहती है कि वे अपने परिवार वालों के साथ रहते हैं। दो या तीन पीढ़ियां एक साथ एक ही घर…

मैंने सोचा कि इससे कुछ नहीं होगा

एक दिन मुझे एक दही फ्रिज में रखा हुआ मिला। कुछ समय पहले मैंने दही के डिब्बों का एक बंडल खरीदा था, और मुझे लगा था कि मैंने सारा दही खत्म कर दिया है, पर फ्रिज में उनमें से एक दही बचा रह गया था। भले ही उसे खाने की समय–सीमा समाप्त हो गई थी, लेकिन मैं उसे फेंक कर बर्बाद करना नहीं चाहती थी। मैंने सोचा कि दही वैसे भी एक खमीरी पेय है, तो इससे कुछ नहीं होगा। जब मैं उसे पीने वाली थी, मेरी बेटी रसोई में आई। “मां, क्या आप दही पीएंगी? क्या मुझे थोड़ा मिल सकता है?” “नहीं, यह खराब हो चुका है। तुम्हारे पेट में दर्द हो जाएगा।” “तब आपने इसे अभी तक क्यों…

छांगवन, कोरिया से जो उन जिन

मुस्कान

जिस प्रकार कोरियाई कहावत है, “मुस्कुराने से आशीषें आ जाती हैं,” मुस्कुराने से कुछ भी नुकसान नहीं होता। लेकिन विभिन्न प्रकार की मुस्कुराहटें हैं। जब हम खुश होते हैं, हमारी आंखों के चारों ओर की मांसपेशियां सिकुड़ने लगती हैं और झुर्री पड़ती है। बिना बनावटीपन के सच्ची मुस्कान को डचीन मुस्कान(Duchenne smile)कहा जाता है जिसका नाम इसे पहले खोजने वाले एक तंत्रिकाविज्ञानी के नाम पर रखा गया। डचीन मुस्कान हमारे मस्तिष्क के उस हिस्से को उत्तेजित करती है जो हमें आनंद का बोध कराता है। अमेरिका के एक विश्वविद्यालय में प्रोफेसर ने यह जानने के लिए एक प्रयोग किया कि मुस्कान जीवन की गुणवत्ता को किस तरह प्रभावित करती है। प्रोफेसर ने विश्वविद्यालय के स्नातकों के फोटो एलबम से 111…

परमेश्वर की इच्छा के अनुसार

मेरी दादी मां जिनका कैथोलिक में स्थिर विश्वास था, उनके प्रभाव में मैंने कभी भी दूसरे धर्म में जाने के बारे में नहीं सोचा। जब मेरी बहन और जीजा जी ने जो चर्च ऑफ गॉड में जाते थे, मुझे सत्य के बारे में बताया, मैं सिर्फ इतना ही समझ पाई कि बाइबल में ऐसी गोपनीय बातें भी हैं, मगर मैं और आगे पढ़ना नहीं चाहती थी। हालांकि, एक बार जब मैं अपनी बहन और जीजा जी के साथ चर्च ऑफ गॉड में गई, तब मेरा मन बदल गया। ऐसा लगता था कि उस जगह के लोग प्रेम से भरे हुए हैं। मुझे बाइबल का अध्ययन करना अच्छा लगता था। मैंने पापों की क्षमा के रहस्य के बारे में पढ़ा, और…

लॉस एंजिल्स, अमेरिका से सेलीने क्रिसटीन सांचेज

जब अलग दृष्टिकोण से देखते हैं

एक कला शिक्षक ने विद्यार्थियों को पिकासो का एक चित्र सौंपा और उनसे उसकी हूबहू नकल बनाने के लिए कहा। सभी विद्यार्थी उलझन में दिख रहे थे क्योंकि पिकासो का चित्र दो या तीन लोगों के चेहरों का मिश्रिण था। जब वे जान नहीं पा रहे थे कि कहां से शुरू करना है, शिक्षक ने उनसे उस चित्र को उलटा करने के लिए कहा और फिर उसकी नकल उतारने के लिए कहा। जब उन्होंने चित्र को उलटा कर दिया, तब वे बिना किसी कठिनाई के उसकी नकल उतारने में सक्षम हो पाए। विद्यार्थियों में मन में यह पूर्वधारणा थी कि यह चित्र क्या है, लेकिन वे चित्र को उलटा देखते हुए अपनी पूर्वधारणा से छुटकारा पाने में सक्षम हो गए…

3 सेकंड की शक्ति!

सूर्य उगता और जल्दी अस्त होता है। और एक महीना आंख झपकते ही बहुत तेजी से बीत जाता है। ऐसा लग सकता है कि उन अनगिनत समयों में से 3 सेकंड बहुत थोड़ा समय है। लेकिन इन समयों के इकट्ठे होने के द्वारा लंबा समय बन जाता है और इन थोड़े समयों में किसी जगह में एक जरूरी मैच जीता और हारा जा सकता है, किसी की जिंदगी बदली जा सकती है और नया जीवन पैदा हो सकता है। 3 सेकंड छोटा समय है, लेकिन महान भी है। अगर हम इसका अच्छे से इस्तेमाल करेंगे, तब अच्छा परिणाम ला सकेंगे, तब क्यों न हम इसका फायदा उठाएं? सबसे जरूरी तो अभ्यास में लाना है। अगर आप इसे कार्य में लाएं,…

दूसरों से पहले काम करें!

परिवार एक सबसे छोटा समुदाय है। समुदाय उन लोगों का एक समूह है जो एक साथ रहते हैं, परस्पर मिलकर काम करते हैं या एक समान उद्देश्य रखते हैं। जब बहुत लोग एक ही घर में एक साथ रहते हैं, तब कभी–कभी वे अपने काम को टाल कर, उसे दूसरों से करवाते हैं या फिर कभी–कभी आशा रखते हैं कि सबके साथ मिलकर जो काम किया जाना चाहिए, उसे उनके बदले कोई दूसरा व्यक्ति करेगा। और बहुत बार ऐसा भी होता है कि वे बेकार की बातों के लिए एक–दूसरे से होड़ लगाते हैं। इसलिए इस महीने का मिशन “दूसरों से पहले काम करना” है। इसका मतलब यह नहीं है कि आपको दूसरों से पहले स्वादिष्ट भोजन खाना या दूसरों…

बिना पैसे खर्च किए उपहार पेश करें!

जब उपहार की बात आती है, तब आप एक बॉक्स को सोचते हैं जो सुन्दर कागज में लिपटा है, और जिस पर रिबन बंधा हुआ है। लेकिन उपहार हमेशा बॉक्स में नहीं डाला जाता। किसी व्यक्ति को अपना आभार और प्रेम व्यक्त करके आनन्द और खुशी देने के लिए उपहार दिया जाता है। इसलिए यदि आप किसी को आनन्द और खुशी प्रदान करें, तो यह उसके लिए एक बढ़िया उपहार होगा, जैसे कि प्रकृति हमें ठंडी हवा, खिले हुए फूल और आकाश के मेघधनुष बिना मूल्य देती है। लोग कहते हैं कि जो बहुमूल्य है वह आंखों से दिखाई नहीं देता और पैसे से खरीदा नहीं जा सकता। इस महीने ऐसी बहुमूल्य चीज को खोजिए और अपने परिवार को दीजिए!…

यहां झिलमिलाहट आ गई!

जैसे कि बाइबल सिखाती है कि हमें अपने भले कामों के द्वारा परमेश्वर की महिमा को चमकाना चाहिए, हमने एक छोटे भले काम के द्वारा अपने पड़ोसियों को स्वर्गीय पिता और माता की महिमा दिखाने के लिए एक स्वयंसेवकों की टीम बनाई है। हमारी टीम का नाम “झिलमिलाहट” रखा गया; हम केवल अपने चर्च के आसपास के बाजार को ही नहीं, लेकिन चौड़े रास्ते और सकरी गलियों को भी साफ करना चाहते थे ताकि वे सब झिलमिला सकें। हमने तय किया कि हम हर सप्ताह गुरुवार के दिन सफाई करेंगे। “झिलमिलाता हुआ प्रेममय मन! झिलमिलाती हुई मुस्कुराहट! हम चलें! वाह!” सफाई के पहले दिन हमने जोर–जोर से नारे लगाकर सड़कों की सफाई करना आरंभ किया। हमारा चर्च एक बाजार में…

ग्वांग्जू, कोरिया से सिन गाब सन

कोका कोला की तरह नहीं, बल्कि पानी की तरह शांत रहो!

क्या आपने कभी ऐसा अनुभव किया है कि ज्यादा सोचे बिना कोका कोला की बोतल का ढक्कन खोलने पर जबरदस्त झाग निकला है? यह अनुभव सबको हुआ होगा। कभी–कभी ऐसा समय होता है जब लोग कोला की तरह बर्ताव करते हैं। यह तब होता है जब वे जलन, क्रोध या गुस्से को बर्दाश्त नहीं कर सकते। कारण चाहे जो भी हो, यदि आप गुस्से में आकर अपना आपा खो दें, तो आपको खराब और असहज महसूस होगा, और आपसे अधिक दूसरों को ज्यादा बुरा लगेगा। बहुत सी चीजें हैं जो वैसी नहीं होतीं जैसी आप चाहते हैं, और कभी–कभी आपको किसी से बातचीत करने में दिक्कत आ सकती है और उससे आप निराश हो सकते हैं, लेकिन आप हर समय…

जीवन का प्रेम फसह का प्रेम है

क्योंकि आप रक्तदान करना चाहते हैं, सिर्फ इसलिए आप रक्तदान नहीं कर सकते। उसके लिए आपकी उम्र, वजन, रक्तचाप, विदेश में रहने के अनुभव, बीमारी, चिकित्सा रिकॉर्ड आदि की जांच होती है। रक्तदान के दिन आपकी शारीरिक स्थिति अच्छी होनी चाहिए। ससान चर्च के सदस्यों ने जैसे ही सुना कि “फसह के पर्व का प्रेमदान और जीवनदान, विश्व रक्तदान रिले” गोंगजु में आयोजित होगा, वे तुरन्त अपने शरीर की देखभाल करने लगे और रक्तदान में भाग लेने की इच्छा प्रकट की। सिय्योन के सदस्य और नागरिक जो अच्छे कार्यक्रम का समर्थन करने आए थे, यानी कुल लगभग 580 लोग गोंगजु चर्च ऑफ गॉड में इकट्ठे हुए। वेटिंग रूम की सभी सीटें जल्दी भर गईं। इसलिए लोगों को नंबर दिए गए,…

ससान, कोरिया से शीन सन ह्वा

“आपके कारण” कहने के बजाय “आपका धन्यवाद” कहें

“आपके कारण” और “आपका धन्यवाद” इन दोनों शब्द, कारण–प्रभाव संबंध के बारे में बताते हैं। लेकिन, उनके अर्थ बिल्कुल विपरीत है। “आपके कारण” में किसी पर दोष लगाने जैसा नकारात्मक अर्थ है, बल्कि “आपका धन्यवाद” में धन्यवादी मन और दूसरों का आदर करने का सकारात्मक अर्थ है। “आपके कारण” का उपयोग बार–बार करना नाराजगी और असंतोष का कारण बनता है, लेकिन “आपका धन्यवाद” कहने की आदत दूसरों पर दोष लगाना बन्द करती है और सकारात्मक दृष्टिकोण रखने देती है। जब आप परीक्षण और दुख से गुजरते हैं, यह सोचने की कोशिश करें, “किसी को धन्यवाद,” तब आप निश्चित ही उस बात को खोज सकेंगे जिसके लिए आप आभारी हैं। “आपके कारण” के बजाय “आपका धन्यवाद” कहने की कोशिश कीजिए। “आपका…

“आपके कारण” कहने के बजाय “आपका धन्यवाद” कहें

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