खुश परिवार के लिए मिशन
अपने सभी परिवार के सदस्यों के साथ एक-दूसरे के करीब होने के लिए एक छोटी बात को अभ्यास में लाएं।
प्यार से एक गिलास पानी दें
पानी का स्वास्थ्य पर बहुत प्रभाव पड़ता है, कि लोग यहां तक कहते हैं, “यदि आप ठीक से पानी पीएं, तो आप अच्छे स्वास्थ्य और दीर्घायु हो सकते हैं।” पानी शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालता है, रक्त परिसंचरण में मदद करता है और चयापचय को बढ़ावा देता है। इसके अलावा, यह विभिन्न प्रकार की भूमिका निभाता है, जैसे कि प्रतिरक्षा के स्तर में वृद्धि और त्वचा की स्थिति में सुधार। अमेरिकी कैंसर अनुसंधान संस्थान ने बताया कि जो लोग एक दिन में चार गिलास से अधिक पानी पीते हैं, उनमें कोलोरेक्टल कैंसर और मूत्राशयशोध होने की संभावना उन लोगों की तुलना में 50 प्रतिशत या उससे कम होती है, जो एक दिन में दो गिलास से कम पानी…
प्रेम भरी आवाज में अपने परिवारवालों को बुलाएं
एक दिन में आप अपने परिवारवालों को कितनी बार बुलाते हैं? यदि आप किसी को बुला सकते हैं और आपके पास कोई है जो आपको बुलाता है, तो यह एक सुखद बात है। बुलाने का मतलब ढूंढ़ना है, इसलिए यह बताता है कि हम अकेले नहीं हैं लेकिन दूसरों के साथ संबंधित हैं। एक कवि ने कहा, “जब मैंने उसका नाम बुलाया, तो वह मेरे पास आकर एक फूल बन गया।” लेकिन, वह एक सुंदर फूल बनेगा या एक सूख जाने वाला फूल बनेगा, यह इस पर निर्भर होता है कि आप उसे कैसे बुलाते हैं। जब कोई आपको हर्ष भरी आवाज में बुलाता है तो आप अच्छी तरह से जवाब देना चाहेंगे, लेकिन अगर कोई आपको तेज और चिड़चिड़ी…
घर के भीतर और बाहर एक जैसा व्यवहार करें!
कुछ परिवारों के मुखिया ऑफिस में अपने सहकर्मियों के साथ स्नेह व मधुरता से पेश आते हैं, लेकिन अपने परिवारों के साथ रूखेपन से पेश आते हैं। कुछ पत्नियां दूसरों के प्रति दयालु और प्रेम से भरी होती हैं, लेकिन अपने परिवारों के प्रति कठोर होती हैं। कुछ बच्चे अपने दोस्तों के साथ विचारशील व समझदार व्यक्ति के जैसा व्यवहार करते हैं, लेकिन अपने परिवारों के साथ नहीं। यदि आप सोचें, ‘वे समझेंगे क्योंकि हम एक ही परिवार हैं,’ और उनसे बिना ज्यादा सोचे–विचारे कुछ रूखी बात करें या व्यवहार करें, तो इससे उनके दिल को चोट पहुंच सकती है और उन्हें दुख हो सकता है। यह कैसा होगा, यदि इस महीने आप अपने परिवार के साथ ठीक वैसा ही…
परिवार का रोचक नारा बनाएं!
खिलाड़ी खेल में भाग लेते समय एक साथ कहते हैं, “जय हो, चलो!” ताकि वे एक दूसरे को प्रोत्साहित कर सकें। स्पेनी भाषा में लोग कहते हैं, “आनिमो!” यदि आप ऐसे प्रोत्साहक शब्द कहें, तो आप अपने आपको प्रोत्साहित कर सकेंगे और यह सोच सकेंगे कि मैं यह कर सकता हूं, और इससे आपको आत्मविश्वास मिलेगा। और टीम के लोगों के बीच अच्छी ऊर्जा फैल जाएगी और एकता की भावना अधिक मजबूत हो जाएगी। परिवार भी एक टीम है। आइए हम परिवार के टीमवर्क के लिए परिवार का नारा बनाएं। परिवार का नारा न केवल परिवार के टीमवर्क को मजबूत करता है, बल्कि हमें अपने परिवारवालों को सामथ्र्य और साहस देने का मौका देता है और यह आशा का संदेश…
आइए हम कहें, “हम खुश हैं!”
हाल ही में आपने कभी यह कहा है कि “मैं खुश हूं?” जब हम परेशान या असंतुष्ट होते हैं, तो हम अपनी भावनाओं को आसानी से शब्दों में व्यक्त करते हैं, लेकिन जब हम खुश या संतुष्ट होते हैं, तो हम प्राय: अपनी भावनाओं को शब्दों में व्यक्त नहीं करते। एक ऐसी कहावत है: “जब तक घंटी को कोई नहीं बजाता, तब तक वह घंटी नहीं है। और जब तक गीत को कोई नहीं गाता, तब तक वह गीत नहीं है।” खुशी के साथ भी ऐसा होगा। जब आप खुश और आनन्दित होते हैं, तो सिर्फ न हंसिए या सिर्फ खुशी की भावना को महसूस न कीजिए, परन्तु अपनी खुशी को मुंह से व्यक्त कीजिए। जैसे मनुष्य वहां बार–बार जाना…
3 सेकंड की शक्ति!
सूर्य उगता और जल्दी अस्त होता है। और एक महीना आंख झपकते ही बहुत तेजी से बीत जाता है। ऐसा लग सकता है कि उन अनगिनत समयों में से 3 सेकंड बहुत थोड़ा समय है। लेकिन इन समयों के इकट्ठे होने के द्वारा लंबा समय बन जाता है और इन थोड़े समयों में किसी जगह में एक जरूरी मैच जीता और हारा जा सकता है, किसी की जिंदगी बदली जा सकती है और नया जीवन पैदा हो सकता है। 3 सेकंड छोटा समय है, लेकिन महान भी है। अगर हम इसका अच्छे से इस्तेमाल करेंगे, तब अच्छा परिणाम ला सकेंगे, तब क्यों न हम इसका फायदा उठाएं? सबसे जरूरी तो अभ्यास में लाना है। अगर आप इसे कार्य में लाएं,…
दूसरों से पहले काम करें!
परिवार एक सबसे छोटा समुदाय है। समुदाय उन लोगों का एक समूह है जो एक साथ रहते हैं, परस्पर मिलकर काम करते हैं या एक समान उद्देश्य रखते हैं। जब बहुत लोग एक ही घर में एक साथ रहते हैं, तब कभी–कभी वे अपने काम को टाल कर, उसे दूसरों से करवाते हैं या फिर कभी–कभी आशा रखते हैं कि सबके साथ मिलकर जो काम किया जाना चाहिए, उसे उनके बदले कोई दूसरा व्यक्ति करेगा। और बहुत बार ऐसा भी होता है कि वे बेकार की बातों के लिए एक–दूसरे से होड़ लगाते हैं। इसलिए इस महीने का मिशन “दूसरों से पहले काम करना” है। इसका मतलब यह नहीं है कि आपको दूसरों से पहले स्वादिष्ट भोजन खाना या दूसरों…
बिना पैसे खर्च किए उपहार पेश करें!
जब उपहार की बात आती है, तब आप एक बॉक्स को सोचते हैं जो सुन्दर कागज में लिपटा है, और जिस पर रिबन बंधा हुआ है। लेकिन उपहार हमेशा बॉक्स में नहीं डाला जाता। किसी व्यक्ति को अपना आभार और प्रेम व्यक्त करके आनन्द और खुशी देने के लिए उपहार दिया जाता है। इसलिए यदि आप किसी को आनन्द और खुशी प्रदान करें, तो यह उसके लिए एक बढ़िया उपहार होगा, जैसे कि प्रकृति हमें ठंडी हवा, खिले हुए फूल और आकाश के मेघधनुष बिना मूल्य देती है। लोग कहते हैं कि जो बहुमूल्य है वह आंखों से दिखाई नहीं देता और पैसे से खरीदा नहीं जा सकता। इस महीने ऐसी बहुमूल्य चीज को खोजिए और अपने परिवार को दीजिए!…
कोका कोला की तरह नहीं, बल्कि पानी की तरह शांत रहो!
क्या आपने कभी ऐसा अनुभव किया है कि ज्यादा सोचे बिना कोका कोला की बोतल का ढक्कन खोलने पर जबरदस्त झाग निकला है? यह अनुभव सबको हुआ होगा। कभी–कभी ऐसा समय होता है जब लोग कोला की तरह बर्ताव करते हैं। यह तब होता है जब वे जलन, क्रोध या गुस्से को बर्दाश्त नहीं कर सकते। कारण चाहे जो भी हो, यदि आप गुस्से में आकर अपना आपा खो दें, तो आपको खराब और असहज महसूस होगा, और आपसे अधिक दूसरों को ज्यादा बुरा लगेगा। बहुत सी चीजें हैं जो वैसी नहीं होतीं जैसी आप चाहते हैं, और कभी–कभी आपको किसी से बातचीत करने में दिक्कत आ सकती है और उससे आप निराश हो सकते हैं, लेकिन आप हर समय…
“आपके कारण” कहने के बजाय “आपका धन्यवाद” कहें
“आपके कारण” और “आपका धन्यवाद” इन दोनों शब्द, कारण–प्रभाव संबंध के बारे में बताते हैं। लेकिन, उनके अर्थ बिल्कुल विपरीत है। “आपके कारण” में किसी पर दोष लगाने जैसा नकारात्मक अर्थ है, बल्कि “आपका धन्यवाद” में धन्यवादी मन और दूसरों का आदर करने का सकारात्मक अर्थ है। “आपके कारण” का उपयोग बार–बार करना नाराजगी और असंतोष का कारण बनता है, लेकिन “आपका धन्यवाद” कहने की आदत दूसरों पर दोष लगाना बन्द करती है और सकारात्मक दृष्टिकोण रखने देती है। जब आप परीक्षण और दुख से गुजरते हैं, यह सोचने की कोशिश करें, “किसी को धन्यवाद,” तब आप निश्चित ही उस बात को खोज सकेंगे जिसके लिए आप आभारी हैं। “आपके कारण” के बजाय “आपका धन्यवाद” कहने की कोशिश कीजिए। “आपका…
आपके परिवारवालों को अपनी मुस्कान दिखाइए!
अरस्तू ने कहा, “कोई जानवर नहीं लेकिन मनुष्य हंसता है।” कभी–कभी, जानवर भी हंसने जैसे दिखते हैं, लेकिन वास्तव में वे नहीं हंसते। भले ही उनके पास मातृ प्रेम और पितृ प्रेम की तरह पारिवारिक प्रेम है, लेकिन वे अपने परिवार को हार्दिक मुस्कान नहीं दे सकते। इसके बारे में सोचें तो, यह हमारे लिए एक महान आशीष है कि हम हमारे प्यारे परिवार की तरफ और साथ ही दूसरों की तरफ मुस्कुरा सकते हैं। हंसी के बिना, हमारा घर, स्कूल और समाज बहुत ही निर्दय होगा। हंसी संक्रामक होती है। जब एक पिता हंसते हैं, तब उनके बच्चे भी हंसते हैं; जब बच्चे हंसते हैं, तब उनकी मां भी हंसती है। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि कौन पहले…
असुविधाजनक खुशी का आनंद लें!
हमारे आसपास बहुत सी आविष्कार की गई वस्तुएं हैं जो हमारे जीवन को सुविधाजनक और समृद्ध बनाती हैं। दुकान जाए बिना यदि हम उंगली का उपयोग करें, तो हम जो चीजें चाहते हैं, वह प्राप्त कर सकते हैं। एक दूसरे को आमने सामने देखे बिना हम ऑनलाइन संवाद कर सकते हैं। लेकिन सुविधाजनक जीवन हमेशा खुशी नहीं लाता। परिवहन का विकास व्यायाम की कमी का कारण बना है क्योंकि पैदल चलने का समय कम हो गया। और सुविधाजनक स्मार्टफोन के उपयोग के कारण एक नए प्रकार का डिजिटल मनोभ्रंश उत्पन्न हुआ है। हम कभी–कभी थोड़ी सी असुविधा को भी बड़ा मानते हैं। वे सुविधा के अभ्यस्त होने से होने वाले दुष्प्रभाव हैं। इस महीने का मिशन सुविधा में छिपी हुई…
सकारात्मकता का बीज बोना
यदि आप एक खेत में सलाद बोएं, तो वह सलाद का खेत बनता है; यदि आप गोभी लगाएं, तो वह गोभी के खेत में बदलता है; यदि आप फूलों के पौधे लगाएं, तो वह फूलों का बगीचा बनता है। वह इस पर निर्भर करता है कि आप किस प्रकार के बीज बोते हैं। हमारे हृदय का खेत भी वैसा ही है। जैसे अच्छा बीज अच्छा फल उत्पन्न करता है, ठीक वैसे आनन्द, आभार और आशा के फलों को उत्पन्न करने के लिए, हमें अपने हृदय में पहले सकारात्मकता का बीज बोना चाहिए। इस महीने, आइए हम सकारात्मकता का बीज बोएं, जो छोटा होने पर भी बहुमूल्य फल उत्पन्न करता है। यह स्मरण रखें कि बीज बोने के बाद, आपको ईमानदारी…
विनम्र भाषा बोलने से आपकी खुशी बनाए रखिए!
जैसे सड़क पर ड्राइविंग शिष्टाचार, भोजन शिष्टाचार, और ड्रेस कोड होते हैं जो परिस्थिति के अनुसार समायोजित किए जाते हैं, ठीक वैसे बोलने के शिष्टाचार भी होते हैं। भोजन शिष्टाचार और ड्रेस कोड पर ध्यान न देने के कारण आपको दंडित नहीं किया जाएगा। लेकिन, ड्राइविंग के मामले में, यदि आप दूसरे ड्राइवर के दृष्टिकोण का विचार न करें और लापरवाही से ड्राइव करें, तो दुर्घटना का खतरा आएगा। उसी तरह, यदि आप शब्द बोलने के शिष्टाचार का पालन न करें, तो आपके परिवार की शांति पर आपको चेतावनी संकेत मिल सकता है। यदि आप अपने बच्चे के असभ्य बातचीत को खुशमिजाज व्यक्तित्व के रूप में मानें और यदि आप अपने परिवार सदस्यों के साथ करीब होने के कारण उनसे…
अपने परिवार के कानों को प्रसन्न करें!
स्वादिष्ट भोजन आपके मुंह को, सुंदर दृश्य आपकी आंखों को प्रसन्न करते हैं, और सुगंधित गंध आपकी नाक को प्रसन्न करती है। साथ ही, नरम स्पर्श आपकी स्पर्श की भावना को खुश करता है और सुंदर ध्वनि आपके कानों को खुश करती है। इस महीने का मिशन आपके परिवार के कानों को प्रसन्न करना है। हम कैसे उनके कानों को प्रसन्न कर सकते हैं? किसी भी तरह से आप वह कर सकते हैं - मन को शुद्ध करनेवाला मीठा संगीत, प्रकृति की सुंदर ध्वनि, या प्रशंसा और आभार के शब्द जो उन्हें बेहतर महसूस कराते हैं। पूरे महीने में अपने परिवार को केवल अच्छी चीजें सुनने दीजिए! टिप्स वह पूछें जो आपका परिवार सुनना चाहता है। वह कहें जो आपका…
भाटा पर गुस्सा, ज्वार पर हंसी!
चंद्रमा और पृथ्वी के बीच अदृश्य बल के कारण समुद्र का स्तर बार-बार बढ़ता और गिरता है। समुद्री जल किनारे से दूर बहने की घटना को भाटा कहा जाता है, और समुद्री जल किनारे की ओर बहनी घटना को ज्वार कहा जाता है। इस प्रक्रिया में समुद्र शुद्ध हो जाता है। कभी-कभी, हमारे मन की तुलना समुद्र से की जाती है, और हमें मनोवैज्ञानिक भाटा और ज्वार की आवश्यकता होती है। जब चिढ़ और क्रोध जैसी भावनात्मक अशुद्धताओं को भाटा पर दूर धकेल दिया जाता है और हंसी ज्वार पर हमारे दिल की ओर भरपूर आती है, तो हमारे मन को शुद्ध किया जाता है। हंसी सकारात्मक सोच से आती है, है न? एक महीने के लिए, आइए हम अपने…
आपके परिवार को स्वस्थ रखें!
"स्वस्थ मनुष्य के लिए हर दिन उत्सव है"(तुर्की), "अच्छी पत्नी और स्वास्थ्य मनुष्य का सर्वोत्तम धन हैं"(यू.के.), "हम स्वास्थ्य और जवानी का महत्व उनके खोने के बाद महसूस करते हैं"(अरब), "जो कोई सोचता है पैसा सब कुछ है, वह कभी बीमार नहीं पड़ा"(पश्चिम में)… हर देश के पास स्वास्थ्य के बारे में कम से कम एक कहावत है, क्योंकि हर कोई स्वास्थ्य के महत्व को जानता है। यदि आंखें, दांत, पीठ, पेट और त्वचा जैसे हमारे शरीर का एक अंग भी स्वस्थ न हो, तो हमारे पूरे शरीर में दर्द होगा। स्वास्थ्य के महत्व को चाहे आप कितना भी बताएं, यह कम ही होगा। इस महीने, आइए हम अपने परिवार के स्वास्थ्य की देखभाल करें, ठीक जैसे हम अपने खुदके…
सूर्य की रोशनी के समान अपने चेहरे को उज्ज्वल रखें
मौसम सिर्फ आसमान में नहीं होता, लेकिन चेहरे पर भी होता है। एक ठंडी नजर, एक हार्दिक मुस्कान, सूर्य की चमक जैसा उज्ज्वल चेहरा, और काले बादलों जैसा अंधेरा चेहरा... चेहरे के हाव-भाव की तुलना मौसम के साथ की जाती है। जैसे हम बिना किसी विशेष कारण के एक उज्ज्वल धूप दिन पर प्रसन्न और उत्साहित होते हैं, ठीक वैसे हमें लगता है जब हम एक उज्ज्वल चेहरे के व्यक्ति से मिलते हैं। जब दूसरा व्यक्ति उज्ज्वल चेहरे से देखता है, तब उससे आप सिर्फ प्रसन्न नहीं होते और न ही आपका हृदय कोमल होता है, लेकिन साथ ही वह आपके असुखद भावना को भी निकाल देता है, ठीक जैसे सूर्य की रोशनी काले बादलों को ढकेलती है। अब आपके…
अपने मन को खाली करें और अपने परिवार की बातों पर कान लगाएं!
एक कोरियाई पोर्टल के सर्वेक्षण के अनुसार, परिवार के सदस्यों के बीच बातचीत करने का समय दिन में बीस मिनट से भी कम है। एक ही घर में रहने के बावजूद, अपने परिवार के साथ बहुत कम समय बात करने का सबसे बड़ा कारण यह है कि उन्हें ऐसा लगता है कि कोई भी उनकी बात नहीं सुनता। परिवार को एकता में रहने के लिए, परिवार के सदस्यों को एक दूसरे के साथ पर्याप्त बात करनी चाहिए। समृद्ध और ईमानदार बातचीत करने के लिए, आपको दूसरे व्यक्ति की बात को ध्यान से सुनना चाहिए, भले ही वे छोटी चीजें हैं जैसे कि आपके बच्चे ने स्कूल में क्या अनुभव किया है, आपके पति/पत्नी ने काम पर या पड़ोसियों के साथ…
जैसा आप अपने ग्राहकों के साथ नम्र व्यवहार करते हैं वैसे ही अपने परिवार के साथ भी करें!
जब आप भोजन के लिए रेस्तरां में जाते हैं या जब आप कुछ खरीदने के लिए एक दुकान में प्रवेश करते हैं, अगर दुकान के कर्मचारी आपका गर्मजोशी से स्वागत करते हैं, तो आप बहुत अच्छा महसूस करेंगे। यहां तक कि अगर आपको कुछ उत्पाद ज्यादा पसंद नहीं आता, तो भी आप कभी-कभी दुकान के कर्मचारी के नम्र व्यवहार के कारण उसे खरीदते हैं। इस प्रकार, दयालुता शक्तिशाली है, फिर इस महीने में अपने परिवार को अपने ग्राहकों के रूप में मानकर क्यों न आप जितना संभव हो उतना नम्रता से अपने परिवार के साथ व्यवहार करें? हमेशा परिवार के प्रति दयालु रहना इतना आसान नहीं है। कभी-कभी, जब आप परेशान होते हैं, बीमार होते हैं, या जब आप अन्य…