यीशु सर्वशक्तिमान परमेश्वर हैं, फिर भी वह क्यों मनुष्य के रूप में आए?

परमेश्वर जब भी चाहें, वह अवश्य ही मनुष्य के रूप में प्रकट हो सकते हैं। क्योंकि सर्वशक्तिमान परमेश्वर के पास ऐसी शक्ति है कि वह शरीर रूप का धारण कर सकते हैं या उसे उतार सकते हैं। फिर क्यों परमेश्वर एक कमजोर बालक और पुत्र के रूप में स्वयं पृथ्वी…

दुनिया में ऐसे कई लोग हैं जो यीशु की इच्छा पर चलने का दावा करते हैं। तब, ऐसा क्यों है की वे यीशु के स्थापित नई वाचा को नहीं रखते?

यीशु का इस पृथ्वी पर आने का उद्देश्य मनष्यों को अनंत जीवन देना है जो अपने पापों के कारण मृत्यु के बाध्य हैं। हमें उद्धार की ओर नेतृत्व करने के लिए, यीशु ने फसह के दिन पर वई वाचा को स्थापित किया और क्रूस पर अपना लहू बहाते हुए, हमारे…

फसह

यीशु ने उनसे कहा, “मैं तुम से सच सच कहता हूं कि जब तक तुम मनुष्य के पुत्र का मांस न खाओ, और उसका लहू न पीओ, तुम में जीवन नहीं।“यूह 6:53 फसह का पर्व वह पर्व है, जिसके द्वारा विपत्ति हमें छोड़कर गुजर जाती है। यह पर्व पवित्र कैलेंडर…

छोटे कार्यों की महान सामर्थ्य

जब लंबी सर्दियों के बाद वसंत आता है, बहुत लोग संकल्प बनाते हैं और नई चुनौती देते हैं, जैसे वे भी शीतनिद्रा से जाग उठे हों। विश्वविद्यालय के छात्र अपने सपनों को पूरा करने के लिए विदेशी भाषा सीखते हैं या लाईसेंस पाने के लिए पढ़ाई करते हैं, और कर्मचारी जो अपने तंग कार्यक्रम में व्यस्त रहते हैं, आत्म–उन्नति के लिए कुछ समय निकालते हैं। चाहे उनका संकल्प दो–तीन दिनों से अधिक टिका न रहे, लेकिन यह बात ही अपने आपमें बहुत अर्थपूर्ण है कि उन्होंने एक योजना बनाई और उसके लिए प्रयास किए। क्योंकि अक्सर लोग यह नहीं जानते कि उन्हें क्या करना है, और चाहे ऐसी चीजें होती हैं जिन्हें वे करना चाहते हैं, फिर भी उन्हें कैसे…

पोस्ट–ट्रुथ के युग में लोग झूठ पर विश्वास करते हैं

“क्या आप जानते हैं कि स्पैगेटी पेड़ पर उगती है?” 1 अप्रैल 1957 को BBC के द्वारा यह झूठी खबर का प्रसारण किया गया। शुरुआत में लोग केवल मजे के लिए झूठी खबर बनाते थे, लेकिन हाल ही में वह झूठी खबर बड़े पैमाने पर समाज पर असर डाल रही है। इंटरनेट पर समाचार लेख के रूप में लिखी गई झूठी खबर लोगों को गलत जानकारी देकर भ्रमित कर रही है। साल 2016 की ग्रीष्म ऋतु में जब अमेरिकी राष्ट्रपति का चुनाव नजदीक आ रहा था, ऐसी बहुत सी झूठी खबरों के लेख थे जो किसी एक उम्मीदवार के लिए लाभदायक और दूसरे विरोधी उम्मीदवार के लिए हानिकारक थे। कुछ संदिग्ध महसूस करके प्रेस ने उनके बारे में पता लगाया।…

उद्धार की खबर सुनकर

सदोम वह शहर था जहां पर अब्राहम का भतीजा लूत रहता था। परमेश्वर ने सदोम और अमोरा के भ्रष्ट नगरों का नाश करने को दो स्वर्गदूत भेजे। लूत के अनुरोध पर, स्वर्गदूत उसके घर में रह गए और उसे उद्धार का समाचार दिया। “क्या इस नगर में ऐसा व्यक्ति है जो तुम्हारे परिवार का है? क्या तुम्हारे दामाद, बेटे, बेटियां या अन्य कोई तुम्हारे परिवार का व्यक्ति है? यदि इस नगर में तुम्हारे परिवार का है तो उन सभों को लेकर इस स्थान से निकल जाओ। परमेश्वर ने हम लोगों को इस नगर को नष्ट करने के लिए भेजा है। यह नगर जल्द ही नष्ट हो जाएगा।” इसलिए लूत बाहर गया और अपनी बेटियों से विवाह करने वाले दामादों को…

माता का हृदय और सुसमाचार

जब भी शरद ऋतु आती है, हम सड़कों पर ‘जिनको’ पेड़ों के पीले रंग के पत्तों को देख सकते हैं, जो एक सुंदर वातावरण बनाते हैं। जब हम ध्यान से पेड़ों को देखते हैं, उनमें से कुछ में अधिक फल लटके होते हैं, और कुछ दूसरों में एक भी फल नहीं होता। यह इसलिए है क्योंकि उनमें नर ‘जिनको’ पेड़ और नारी ‘जिनको’ पेड़ होते हैं, और केवल नारी पेड़ पर ही फल लगते हैं। सभी चीजों के सृष्टिकर्ता परमेश्वर की ईश्वरीय योजना बहुत ही गहरी है।(प्रक 4:11) सभी जीवित प्राणी अपनी माता के द्वारा जीवन पाते हैं और फल फलते हैं। सिय्योन में, परमेश्वर ने हमें सुसमाचार का फल फलने की अनुमति दी है; हम तभी फल फल सकते…

इब्रानी भाषा बोलनेवाले और यूनानी भाषा बोलनेवाले

उन दिनों में जब चेलों की संख्या बहुत बढ़ने लगी, तब यूनानी भाषा बोलनेवाले इब्रानी भाषा बोलनेवालों पर कुड़कुड़ाने लगे, कि प्रतिदिन की सेवकाई में हमारी विधवाओं की सुधि नहीं ली जाती। प्रे 6:1 प्रेरितों के 6वें अध्याय में इब्रानी भाषा बोलनेवाले और यूनानी भाषा बोलनेवाले हैं। आइए हम एक एक करके देखें कि इब्रानी भाषा बोलनेवाले और यूनानी भाषा बोलनेवाले कौन हैं। इब्रानी भाषा बोलनेवाले वे लोग थे, जो इब्रानी भाषा(प्रथम चर्च के दिनों में अरामी भाषा) का उपयोग करते थे, और यूनानी भाषा बोलनेवाले वे लोग थे, जो यूनानी भाषा का उपयोग करते थे। अरामी भाषा और यहूदी करीब 600 ईसा पूर्व में यहूदियों को बेबीलोन में बंदी बनाया गया था, जहां वे 70 वर्ष तक दासत्व में…

सुसमाचार पर गवाही देने की सेवा पूरा करने के लिए

प्रेरित पौलुस कुरिन्थुस, इफिसुस, मकिदुनिया, यूनान, त्रोआस, अस्सुस और मितुलेने से होकर मिलेतुस तक पहुंचा। पौलुस ने विभिन्न क्षेत्रों में सुसमाचार का प्रचार किया। जहां कहीं भी वह गया, वहां उसने निन्दकों के द्वारा बहुत सी धमकियों और अत्याचारों का सामना किया। उसने कई बार मृत्यु के आसपास का अनुभव किया। अब एशिया माइनर को छोड़कर यरूशलेम जाने का समय आ गया। वह नहीं जानता था कि यरूशलेम में कितनी अधिक परीक्षाएं उसका इंतजार कर रही हैं। पौलुस इफिसुस से आए प्राचीनों से कहता है, “पवित्र आत्मा यह कहते हुए मुझे सचेत करता रहता है कि बंदीगृह और क्लेश मेरी प्रतीक्षा कर रहे हैं। किन्तु मेरे लिए मेरे प्राणों का कोई मूल्य नहीं है। मैं तो बस अपनी दौड़ को…

इस्राएल

1. याकूब का दूसरा नाम एक रात, परमेश्वर ने स्वप्न में याकूब से अपनी मां के भाई लाबान के घर को छोड़कर अपनी जन्मभूमि पर लौटने के लिए कहा। इसलिए याकूब अपने सभी परिवारवालों को और पशुओं को संग लेकर अपनी जन्मभूमि के लिए निकला। अपने घर लौटने के मार्ग पर, जब वह यब्बोक नदी पर पहुंचा, तो उसने अपने परिवारवाले और अपना सब कुछ नदी के पार सुरक्षित जगह में उतार दिया। तो याकूब अकेला रह गया, तब एक पुरुष आकर पौ फटने तक उससे मल्लयुद्ध करता रहा। जब उसने देखा कि वह याकूब पर प्रबल नहीं होता, तब उसकी जांघ की नस को छुआ, और याकूब की जांघ की नस उससे मल्लयुद्ध करते ही करते चढ़ गई। तब…

मैं ऐसी बड़ी दुष्टता करके परमेश्वर का अपराधी क्यों बनूं?

यूसुफ जिसे उसके ईष्र्यालु भाइयों ने एक दास के रूप में बेच दिया था, वह उस पोतीपर के घर में सेवा करने लगा जो मिस्र का हाकिम और अंगरक्षकों का प्रधान था। परमेश्वर यूसुफ के साथ रहते थे, इसलिए यूसुफ हर काम में कामयाब रहता था। पोतीपर ने यह देखकर उसे अपने घर का अधिकारी बनाया और अपना सब कुछ उसके हाथ में सौंप दिया। तो परमेश्वर यूसुफ के कारण पोतीपर के घर में आशीष देने लगे। यूसुफ ईमानदारी व वफादारी से अपने स्वामी के घर की देखभाल करता था। लेकिन एक दिन उसे संकट का सामना करना पड़ा। पोतीपर की पत्नी की नजर यूसुफ को रिझाने–लुभाने में लग गई। परन्तु यूसुफ ने उस प्रलोभन को ठुकरा दिया और कहा,…

सुसमाचार का कार्य परमेश्वर की योजना के अनुसार होता है

परमेश्वर हमें हमेशा साहस देते हैं, ताकि हम हिम्मत जुटाकर निडर हो सकें। लेकिन जब कभी हम सुसमाचार का प्रचार करते हुए मुश्किल स्थिति का सामना करते हैं, तब हम मारे डर के जम–से जाते हैं। परमेश्वर कहते हैं, “मत डर, क्योंकि मैं तेरे संग हूं (यश 41:10)।” भले ही हम परमेश्वर के इन वचनों को सुनते हैं, लेकिन कभी–कभी हम अंदरूनी पहलू के बजाय सिर्फ बाहर से दिखाई देने वाली स्थिति पर ध्यान देते हैं। यदि सत्य के प्रचारक हिचकिचाएं या पीछे हटें, तो सुसमाचार का कार्य पूरा नहीं हो सकेगा। जब हम महसूस करें कि हमारे परमेश्वर कितने महान हैं और दृढ़ता से विश्वास करें कि परमेश्वर स्वयं सुसमाचार के कार्य की अगुवाई कर रहे हैं, सिर्फ तब…

ये मेरी व्यवस्था पर चलेंगे कि नहीं

मिस्र से बाहर निकलने के बाद, इस्राएलियों की सारी मण्डली भोजन समाप्त होने पर मूसा और हारून के विरुद्ध कुड़कुड़ाने लगी। “यह हमारे लिए अच्छा होता कि परमेश्वर ने हम लोगों को मिस्र में मार डाला होता। मिस्र में हम लोगों के पास खाने को बहुत था। हम लोगों के पास वह सारा भोजन था जिसकी हमें आवश्यकता थी। किन्तु अब तुम हमें मरुभूमि में ले आए हो। हम सभी यहां भूख से मर जाएंगे।” तब परमेश्वर ने मूसा से कहा, “मैं आकाश से भोजन गिराऊंगा। वह भोजन तुम लोगों के खाने के लिए होगा। हर एक दिन लोग बाहर जाएंगे और उस दिन खाने की जरूरत के लिए भोजन इकट्ठा करेंगे, इससे मैं उनकी परीक्षा करूंगा कि ये मेरी…

नए सिरे से जन्मे लोग

हाल ही में पूरे संसार से ऐसी खबरों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है कि सदस्य पश्चाताप करते हुए सुंदर ढंग से एकजुट हो रहे हैं। और दुनिया के कोने–कोने से यह समाचार आ रहा है कि बहुत सदस्य जो स्वर्गीय माता के अच्छे उदाहरण और शिक्षाओं के द्वारा प्रेरित हुए हैं, आंसुओं के साथ अपनी गलती के लिए पहले माफी मांगकर समझौता कर रहे हैं और पश्चाताप का जीवन जीने का संकल्प कर रहे हैं। “माफ कीजिए” या “क्षमा कीजिए” जैसी बात अब हमारे मन में गहरी गूंज पैदा कर रही है। परमेश्वर ने कहा है कि जब स्वर्ग का राज्य निकट है, तब परमेश्वर सदस्यों के हृदयों को एक होने देंगे और हमारे कठोर हृदयों…

हमारी आंखें परमेश्वर की ओर लगी हैं

यह समाचार सुनने पर कि मोआबी और अम्मोनी लोग मूनियों के साथ यहूदा के विरुद्ध युद्ध आरम्भ करने आ रहे हैं, राजा यहोशापात ने पूरे यहूदा में उपवास का समय घोषित किया। यहूदा के लोग परमेश्वर के भवन में इकट्ठे हुए, और यहोशापात ने नए आंगन के सामने खड़ा होकर प्रार्थना की। “हे परमेश्वर, आप सभी राष्ट्रों में सभी राज्यों पर शासन करते हैं। अम्मोनी, मोआबी और सेईर के पहाड़ी देश के लोग इस देश में से जिसका अधिकार आपने हमें दिया है, हमें बाहर निकालने के लिए आ रहे हैं। हम लोग उस विशाल सेना के विरुद्ध कोई शक्ति नहीं रखते, और हम नहीं जानते कि क्या करें! परन्तु हमारी आंखें परमेश्वर की ओर लगी हैं।” तब परमेश्वर का…

अभी तुम नहीं जानते

फसह की विधि शुरू होने से पहले यीशु उठे और उन्होंने अंगोछा लेकर अपनी कमर बांधी और फिर बरतन में पानी भरा, और वह अपने चेलों के पांव धोने लगे। यह देखकर पतरस को नहीं पता था कि उसे क्या करना है, और उसने कहा, “हे प्रभु, क्या आप मेरे पांव धोते हैं?” “अभी तुम नहीं जानते कि मैं क्या कर रहा हूं, पर बाद में तुम जान जाओगे।” “नहीं, आप मेरे पांव कभी न धोने पाएंगे।” यीशु ने पतरस से कहा जो बार–बार मना कर रहा था, “यदि मैं तुम्हें न धोऊं, तो मेरे साथ तुम्हारा कुछ भी साझा नहीं।” जब यीशु खुद अपने चेलों के पांव धो चुके, तो उन्होंने बैठकर उनसे कहा, “अब मैंने तुम्हारे पांव धोए,…

मुझमें आए अच्छे बदलाव

किसी विज्ञान कथा फिल्म या कहानी में, हम अक्सर ऐसे किरदारों को देख सकते हैं जो अपनी मनमानी से किसी दूसरे की इच्छाओं को नियंत्रित करते हैं। क्या होगा यदि ऐसा असलियत में हो, और हमारी इच्छाएं किसी अनजान शक्ति के द्वारा नियंत्रित की जाती हों? अन्य दूसरे दिनों की तरह, आज भी रंजय कुमार ऑफिस में पांच मिनट देर से पहुंचा। वह पूरी सुबह नींद में रहता है, और लंच का समय आते ही उसे स्फूर्ति का एहसास होने लगता है। लंच करने के बाद, वह एक कॉफी शोप में जाकर एक कप कॉफी पीता है जिसका दाम एक समय के भोजन के दाम के बराबर है। जैसे ही वह ऑफिस से घर वापस आता है, वह स्वयं को…

जो कुछ वह तुम से कहे

गलील के काना में किसी के यहां विवाह था। विवाह में यीशु की माता थी, और यीशु और उनके चेलों को भी बुलाया गया था। भोज के दौरान दाखमधु खत्म हो गया। यीशु की माता ने सेवकों से कहा, “जो कुछ यीशु तुम से कहे, वही करना।” छह बड़े मटकों की ओर देखकर, यीशु ने सेवकों से कहा, “मटकों में पानी भर दो।” यीशु के निर्देश के अनुसार उन्होंने मटकों को लबालब भर दिया। “अब थोड़ा बाहर निकालो, और दावत का इन्तजाम कर रहे प्रधान के पास उसे ले जाओ।” सेवक मटके से पानी निकालकर उसे प्रधान के पास ले गए। पानी पहले ही से दाखरस में बदल चुका था। जब भोज के प्रधान ने वह पानी चखा जो दाखरस…

मैं भी तुम्हें दण्ड नहीं दूंगा

कुछ लोगों का समूह यीशु के पास आया जो मंदिर में लोगों को उपदेश दे रहे थे। शास्त्री और फरीसी व्यभिचार के अपराध में एक स्त्री को पकड़ लाए। उन्होंने यीशु से कहा, “व्यवस्था में मूसा ने हमें आज्ञा दी है कि ऐसी स्त्रियों पर पथराव करें। अब बता तेरा क्या कहना है?” वे यीशु को परखने के लिए यह पूछ रहे थे, ताकि वे यीशु पर दोष लगाने के लिए कोई बात पाएं। चूंकि वे यीशु को जवाब देने को मजबूर कर रहे थे, यीशु ने अपना मुंह खोला, “तुम में से जो पापी नहीं है, वही सबसे पहले इस स्त्री को पत्थर मारे।” जब लोगों ने यह सुना, तो उनके विवेक में अपराध बोध हुआ, और वे एक…

हमारे घर के मालिक कौन हैं?

एक घर अपने मालिक की गरिमा या शैली को पूरी तरह से दिखाता है। जब आप अन्य लोगों के घरों में जाते हैं, तो उनमें से कुछ घर एक हार्दिक और दोस्ताना माहौल पेश करता है, लेकिन दूसरा ठंडा और अमित्र वातावरण पेश करता है। बस कुछ ही मिनटों के लिए घर में रहकर, आप आसानी से पता लगा सकते हैं कि घर के मालिक किस तरह के व्यक्ति हैं कि क्या वह आलसी हैं या मेहनती, या क्या वह हर चीज के बारे में शांतचित्त हैं या सख्त। तो, एक घर ऐसी जगह है जो अपने मालिक के आंतरिक रूप को जसैा है वैसा ही प्रकट करता है। फिर, आइए हम इस बारे में सोचें कि हमारे घर के…

उन गलतियों को कैसे न दोहराएं जो पछतावे का कारण बनती हैं

सितंबर 2019 में, सियोल शहर में एक बस अचानक रुक गई। जिस चालक ने बस रोकी, उसने यात्रियों से क्षमा मांगी और बाहर भाग गया। यह 60 साल की एक महिला को बचाने के लिए था जो सड़क पर गिर गई थी। कुछ अन्य राहगीर उसकी मदद करने की कोशिश कर रहे थे, फिर भी वह होश में नहीं आई थी। बस चालक ने तुरंत उसको सीपीआर देना शुरू कर दिया। कुछ मिनटों के बाद, वह होश में आई और उसने फिर से सांस लेना शुरू कर दिया। तब बस चालक ने वहां मौजूद एक व्यक्ति से कहा कि वह एम्बुलेंस आने तक उसके साथ रहे, और वह अपनी बस में लौट आया। यात्री बस चालक के उस कार्य से…

प्रभु ने मुझे भेजा है ताकि तू फिर दृष्टि पाए

जब शाऊल ईसाइयों को पकड़ने के लिए दमिश्क के निकट पहुंचा, तब अचानक उसके चारों ओर आकाश से ज्योति चमकी, और उसने यीशु की आवाज सुनी। इससे वह दमिश्क में तीन दिन तक न तो कुछ देख पाया, और न ही उसने कुछ खाया या पिया। तब प्रभु ने दमिश्क में रहनेवाले हनन्याह नाम के चेले से दर्शन में कहा, “खड़ा हो और सीधी कहलाने वाली गली में जा। और वहां यहूदा के घर में जाकर तरसुस निवासी शाऊल नाम के एक व्यक्ति के बारे में पूछताछ कर क्योंकि वह प्रार्थना कर रहा है। उसने एक दर्शन में देखा है कि हनन्याह नाम के एक व्यक्ति ने घर में आकर उस पर हाथ रखे हैं ताकि वह फिर से देख…

उसके हाथ सूर्यास्त तक स्थिर रहे

मिस्र से निकलने के बाद इस्राएली सीन की मरुभूमि से चल पड़े और रपीदीम पहुंचे, तब अमालेकियों ने आकर उन पर हमला किया। अमालेकियों के खिलाफ लड़ाई करने से पहले मूसा ने यहोशू से कहा, “कुछ लोगों को चुनो और बाहर जाकर अमालेकियों से लड़ो। मैं कल परमेश्वर की लाठी हाथ में लिए हुए पहाड़ी की चोटी पर खड़ा रहूंगा।” मूसा की इस आज्ञा के अनुसार यहोशू इस्राएल के सैनिकों के साथ अमालेकियों से लड़ने लगा, और मूसा हारून और हूर को लेकर पहाड़ी की चोटी पर चढ़ गया। विजय मूसा के हाथों पर निर्भर थी। जब तक मूसा अपने हाथों को हवा में उठाता था, तब तक इस्राएल के लोग युद्ध जीत लेते थे। किन्तु जब मूसा अपने हाथों…