बाइबल के वचन
बाइबल हमें उद्धार पाने में बुद्धिमान बनाती है(2तीम 3:15)। आइए हम इससे परमेश्वर की सच्ची इच्छा सीखें।
यीशु सर्वशक्तिमान परमेश्वर हैं, फिर भी वह क्यों मनुष्य के रूप में आए?
परमेश्वर जब भी चाहें, वह अवश्य ही मनुष्य के रूप में प्रकट हो सकते हैं। क्योंकि सर्वशक्तिमान परमेश्वर के पास ऐसी शक्ति है कि वह शरीर रूप का धारण कर सकते हैं या उसे उतार सकते हैं। फिर क्यों परमेश्वर एक कमजोर बालक और पुत्र के रूप में स्वयं पृथ्वी…
दुनिया में ऐसे कई लोग हैं जो यीशु की इच्छा पर चलने का दावा करते हैं। तब, ऐसा क्यों है की वे यीशु के स्थापित नई वाचा को नहीं रखते?
यीशु का इस पृथ्वी पर आने का उद्देश्य मनष्यों को अनंत जीवन देना है जो अपने पापों के कारण मृत्यु के बाध्य हैं। हमें उद्धार की ओर नेतृत्व करने के लिए, यीशु ने फसह के दिन पर वई वाचा को स्थापित किया और क्रूस पर अपना लहू बहाते हुए, हमारे…
फसह
यीशु ने उनसे कहा, “मैं तुम से सच सच कहता हूं कि जब तक तुम मनुष्य के पुत्र का मांस न खाओ, और उसका लहू न पीओ, तुम में जीवन नहीं।“यूह 6:53 फसह का पर्व वह पर्व है, जिसके द्वारा विपत्ति हमें छोड़कर गुजर जाती है। यह पर्व पवित्र कैलेंडर…
मरियम मगदलीनी के आंसू
मत्ती में परमेश्वर का वर्णन “हमारे पिता”(मत 6:9) के रूप में किया गया है। गलातियों में परमेश्वर को “हमारी माता” के रूप में बताया गया है(गल 4:26)। 2कुरिन्थियों में हमें परमेश्वर के बेटे और बेटियां कहा गया है(2कुर 6:19)। हम बाइबल के इन सभी वचनों को एक साथ रखकर देखें तो हम जान सकते हैं कि हम स्वर्ग की संतान हैं और स्वर्गीय परिवार के सदस्य हैं जिनके पास पिता परमेश्वर और माता परमेश्वर हैं। जो भी हो, चूंकि स्वर्ग में पाप करने के कारण हमें इस पृथ्वी पर निकाल दिया गया है, इसलिए हमें यह याद नहीं है। हमारे लिए जो तीसरे आयाम में रहते हैं, यह याद करना बहुत मुश्किल है कि आत्मिक दुनिया में क्या हुआ था।…
भोजन जो हम खा सकते हैं, और भोजन जो हमें नहीं खाना है
यहूदी धर्म जो मूसा की व्यवस्था का पालन करता है, और ईसाई धर्म जो मसीह की व्यवस्था का पालन करता है, उनके बीच बहुत से अंतर हैं। उनमें से एक है, भोजन के बारे में नियम। आइए हम अदन वाटिका के समय से शुरू होकर मूसा की व्यवस्था के युग से गुजरकर प्रथम चर्च के युग तक, कालानुक्रम के अनुसार भोजन के नियमों का अध्ययन करें और फिर उस शिक्षा को देखें जिसका हमें इस नए नियम के युग में पालन करना चाहिए। हर युग में दिया गया भोजन 1. अदन वाटिका में दिया गया भोजन अदन वाटिका में, परमेश्वर ने मानवजाति को भोजन के लिए बीजवाले सब पौधे और सब फल दिए। फिर परमेश्वर ने उनसे कहा, “सुनो, जितने…
मूर्तियों से दूर रहोमूर्तियों से दूर रहो
मूर्ति एक दृश्य या अदृश्य प्रतिमा है, जिसे शैतान ने इसलिए बनाया है कि हम परमेश्वर से दूर होकर उसकी उपासना करें। एक झूठा सिद्धांत जो हमें सत्य का पालन करने से रोकता है, वह भी एक प्रकार की मूर्ति है। व्यापक अर्थ में हर चीज जिसे हम परमेश्वर से अधिक प्रिय मानते हैं, एक मूर्ति है। इस समय, आइए हम विस्तार से देखें कि मूर्ति क्या है। 1.दृश्य मूर्तियां “तू अपने लिए कोई मूर्ति खोदकर न बनाना, न किसी की प्रतिमा बनाना, जो आकाश में, या पृथ्वी पर, या पृथ्वी के जल में है। तू उनको दण्डवत् न करना, और न उनकी उपासना करना...” निर्ग 20:4–5 परमेश्वर के द्वारा सृजा गया अंतरिक्ष असीम है; वह मानव ज्ञान से भी…
पापों की क्षमा और उद्धार के बीच में क्या अंतर है?
पापों की क्षमा और उद्धार का अर्थ एक ही है। हम अपने मूल को महसूस करने के बाद इसे आसानी से समझ सकते हैं। उद्धार जिसकी हमें जरूरत है, वह पापों की क्षमा है “उद्धार” शब्द का अर्थ है, किसी को कठिनाई या खतरे से बचाना। बीमारी से पीड़ित किसी व्यक्ति को चंगा होने में मदद करना या फिर उस व्यक्ति को बचाना जिसकी जान को खतरा है, एक प्रकार का उद्धार है। लेकिन उद्धार जो परमेश्वर हमें प्रदान करते हैं, वह शरीर का नहीं, बल्कि आत्मा का उद्धार है, और हमारी आत्माओं का उद्धार ही हमारे विश्वास का प्रतिफल है। उससे तुम बिन देखे प्रेम रखते हो, और अब तो उस पर बिन देखे भी विश्वास करके ऐसे आनन्दित…
डर को विश्वास में बदलो
जब इस्राएली सात वर्ष तक मिद्यानियों के वश में कर दिए गए, तब इस्राएल के पास जो दुखों में परमेश्वर को पुकार रहा था, परमेश्वर ने अपना दूत भेजा, ताकि वह इस्राएलियों को छुड़ानेवाले न्यायी चुन सके। परमेश्वर का दूत आया और एक बांज के पेड़ के नीचे बैठा, जो ओप्रा में अबीएजेरी योआश का था। उस समय योआश का पुत्र गिदोन छिपे–छिपे एक दाखरस के कुण्ड में गेहूं झाड़ रहा था कि उसे मिद्यानियों से छिपा रखे। परमेश्वर ने दूत के द्वारा उससे कहा, “जाओ और मिद्यानी लोगों से इस्राएल को छुड़ाओ। मैं तुझे भेजता हूं।” गिदोन ने जाना कि परमेश्वर ने उसे इस्राएल के नेता के रूप में चुना। लेकिन उसे पता नहीं था कि क्या करना है।…
सर्वोत्तम टीमवर्क के साथ स्वर्ग की ओर
जंगली हंस अंग्रेजी वर्णमाला के अक्षर वी के आकार में झुंड बनाकर लंबी उड़ान भरते हैं। उनके वी के आकार में झुंड बनाने के पीछे कुछ कारण होता है। जब सबसे आगे रहने वाला हंस अपने पंखों को फड़फड़ाता है, तब हवा में भंवर उत्पन्न उत्पन्न होता है और वह भंवर पीछे जाते–जाते ऊर्जा उत्पन्न करता है। इसके द्वारा पीछे उड़नेवाले हंस सबसे आगे वाले हंस की तुलना में ज्यादा आसानी से उड़ान भर सकते हैं। लेकिन वी के आकार को पूरे समय बनाए रखना सबसे आगे वाले लीडर–पक्षी के लिए बहुत मुश्किल काम होता है। जंगली हंस इस समस्या को समझदारी से सुलझाते हैं। एक निश्चित लीडर को नियुक्त करने के बजाय, वे बारी–बारी से लीडर की जगह लेते…
जहां कहीं हम जाते हैं, परमेश्वर हमारे साथ होते हैं
आज हम यह विजय का समाचार सुनते हैं कि सदस्य यह विश्वास करके कि राज्य का सुसमाचार संसार के सभी लोगों को अवश्य प्रचार किया जाएगा, जहां कहीं यरूशलेम की महिमा की ज्योति चमकाते हैं, वहां बहुत सी आत्माएं परमेश्वर की बांहों में वापस आती हैं। परमेश्वर हमारे हर एक काम में मदद करते हैं जो हम उनकी पवित्र इच्छा का पालन करने के लिए करते हैं, और हमारी विजय के लिए महिमा का मार्ग तैयार करते हैं। जहां कहीं भी हम जाएं, वहां परमेश्वर ने हमारे साथ होने का वादा किया है और हमें पूरी निडरता से सुसमाचार का प्रचार करने को कहा है। मैं आशा करता हूं कि आप सामरिया और पृथ्वी की छोर तक सुसमाचार का प्रचार…
क्या सच में आत्मा का अस्तित्व है?
आत्मा धर्म के दायरे से परे लंबे अरसे से लोगों के बीच में चर्चा और बहस का विषय रही है। हाल ही में एक प्रसिद्ध ब्रिटिश भौतिक वैज्ञानिक ने कहा, “मौत के बाद की दुनिया सिर्फ उन लोगों के द्वारा रचित एक परी की कहानी है जो मृत्यु से डरते हैं,” और उसका यह बयान भी विवाद का विषय बन गया। जो सोचते हैं कि मृत्यु के बाद सब कुछ समाप्त हो जाता है, उन लोगों के लिए आत्मा और कुछ नहीं बल्कि मनुष्यों की कल्पना से बनाई गई चीज है। सिर्फ नास्तिक ही नहीं, बल्कि आस्तिक भी जो परमेश्वर पर विश्वास करने का दावा करते हैं, यह जोर देते हैं कि आत्मा नहीं होती। जैसे 2,000 वर्ष पहले सदूकियों…
छोटे कार्यों की महान सामर्थ्य
जब लंबी सर्दियों के बाद वसंत आता है, बहुत लोग संकल्प बनाते हैं और नई चुनौती देते हैं, जैसे वे भी शीतनिद्रा से जाग उठे हों। विश्वविद्यालय के छात्र अपने सपनों को पूरा करने के लिए विदेशी भाषा सीखते हैं या लाईसेंस पाने के लिए पढ़ाई करते हैं, और कर्मचारी जो अपने तंग कार्यक्रम में व्यस्त रहते हैं, आत्म–उन्नति के लिए कुछ समय निकालते हैं। चाहे उनका संकल्प दो–तीन दिनों से अधिक टिका न रहे, लेकिन यह बात ही अपने आपमें बहुत अर्थपूर्ण है कि उन्होंने एक योजना बनाई और उसके लिए प्रयास किए। क्योंकि अक्सर लोग यह नहीं जानते कि उन्हें क्या करना है, और चाहे ऐसी चीजें होती हैं जिन्हें वे करना चाहते हैं, फिर भी उन्हें कैसे…
पोस्ट–ट्रुथ के युग में लोग झूठ पर विश्वास करते हैं
“क्या आप जानते हैं कि स्पैगेटी पेड़ पर उगती है?” 1 अप्रैल 1957 को BBC के द्वारा यह झूठी खबर का प्रसारण किया गया। शुरुआत में लोग केवल मजे के लिए झूठी खबर बनाते थे, लेकिन हाल ही में वह झूठी खबर बड़े पैमाने पर समाज पर असर डाल रही है। इंटरनेट पर समाचार लेख के रूप में लिखी गई झूठी खबर लोगों को गलत जानकारी देकर भ्रमित कर रही है। साल 2016 की ग्रीष्म ऋतु में जब अमेरिकी राष्ट्रपति का चुनाव नजदीक आ रहा था, ऐसी बहुत सी झूठी खबरों के लेख थे जो किसी एक उम्मीदवार के लिए लाभदायक और दूसरे विरोधी उम्मीदवार के लिए हानिकारक थे। कुछ संदिग्ध महसूस करके प्रेस ने उनके बारे में पता लगाया।…
उद्धार की खबर सुनकर
सदोम वह शहर था जहां पर अब्राहम का भतीजा लूत रहता था। परमेश्वर ने सदोम और अमोरा के भ्रष्ट नगरों का नाश करने को दो स्वर्गदूत भेजे। लूत के अनुरोध पर, स्वर्गदूत उसके घर में रह गए और उसे उद्धार का समाचार दिया। “क्या इस नगर में ऐसा व्यक्ति है जो तुम्हारे परिवार का है? क्या तुम्हारे दामाद, बेटे, बेटियां या अन्य कोई तुम्हारे परिवार का व्यक्ति है? यदि इस नगर में तुम्हारे परिवार का है तो उन सभों को लेकर इस स्थान से निकल जाओ। परमेश्वर ने हम लोगों को इस नगर को नष्ट करने के लिए भेजा है। यह नगर जल्द ही नष्ट हो जाएगा।” इसलिए लूत बाहर गया और अपनी बेटियों से विवाह करने वाले दामादों को…
माता का हृदय और सुसमाचार
जब भी शरद ऋतु आती है, हम सड़कों पर ‘जिनको’ पेड़ों के पीले रंग के पत्तों को देख सकते हैं, जो एक सुंदर वातावरण बनाते हैं। जब हम ध्यान से पेड़ों को देखते हैं, उनमें से कुछ में अधिक फल लटके होते हैं, और कुछ दूसरों में एक भी फल नहीं होता। यह इसलिए है क्योंकि उनमें नर ‘जिनको’ पेड़ और नारी ‘जिनको’ पेड़ होते हैं, और केवल नारी पेड़ पर ही फल लगते हैं। सभी चीजों के सृष्टिकर्ता परमेश्वर की ईश्वरीय योजना बहुत ही गहरी है।(प्रक 4:11) सभी जीवित प्राणी अपनी माता के द्वारा जीवन पाते हैं और फल फलते हैं। सिय्योन में, परमेश्वर ने हमें सुसमाचार का फल फलने की अनुमति दी है; हम तभी फल फल सकते…
इब्रानी भाषा बोलनेवाले और यूनानी भाषा बोलनेवाले
उन दिनों में जब चेलों की संख्या बहुत बढ़ने लगी, तब यूनानी भाषा बोलनेवाले इब्रानी भाषा बोलनेवालों पर कुड़कुड़ाने लगे, कि प्रतिदिन की सेवकाई में हमारी विधवाओं की सुधि नहीं ली जाती। प्रे 6:1 प्रेरितों के 6वें अध्याय में इब्रानी भाषा बोलनेवाले और यूनानी भाषा बोलनेवाले हैं। आइए हम एक एक करके देखें कि इब्रानी भाषा बोलनेवाले और यूनानी भाषा बोलनेवाले कौन हैं। इब्रानी भाषा बोलनेवाले वे लोग थे, जो इब्रानी भाषा(प्रथम चर्च के दिनों में अरामी भाषा) का उपयोग करते थे, और यूनानी भाषा बोलनेवाले वे लोग थे, जो यूनानी भाषा का उपयोग करते थे। अरामी भाषा और यहूदी करीब 600 ईसा पूर्व में यहूदियों को बेबीलोन में बंदी बनाया गया था, जहां वे 70 वर्ष तक दासत्व में…
सुसमाचार पर गवाही देने की सेवा पूरा करने के लिए
प्रेरित पौलुस कुरिन्थुस, इफिसुस, मकिदुनिया, यूनान, त्रोआस, अस्सुस और मितुलेने से होकर मिलेतुस तक पहुंचा। पौलुस ने विभिन्न क्षेत्रों में सुसमाचार का प्रचार किया। जहां कहीं भी वह गया, वहां उसने निन्दकों के द्वारा बहुत सी धमकियों और अत्याचारों का सामना किया। उसने कई बार मृत्यु के आसपास का अनुभव किया। अब एशिया माइनर को छोड़कर यरूशलेम जाने का समय आ गया। वह नहीं जानता था कि यरूशलेम में कितनी अधिक परीक्षाएं उसका इंतजार कर रही हैं। पौलुस इफिसुस से आए प्राचीनों से कहता है, “पवित्र आत्मा यह कहते हुए मुझे सचेत करता रहता है कि बंदीगृह और क्लेश मेरी प्रतीक्षा कर रहे हैं। किन्तु मेरे लिए मेरे प्राणों का कोई मूल्य नहीं है। मैं तो बस अपनी दौड़ को…
इस्राएल
1. याकूब का दूसरा नाम एक रात, परमेश्वर ने स्वप्न में याकूब से अपनी मां के भाई लाबान के घर को छोड़कर अपनी जन्मभूमि पर लौटने के लिए कहा। इसलिए याकूब अपने सभी परिवारवालों को और पशुओं को संग लेकर अपनी जन्मभूमि के लिए निकला। अपने घर लौटने के मार्ग पर, जब वह यब्बोक नदी पर पहुंचा, तो उसने अपने परिवारवाले और अपना सब कुछ नदी के पार सुरक्षित जगह में उतार दिया। तो याकूब अकेला रह गया, तब एक पुरुष आकर पौ फटने तक उससे मल्लयुद्ध करता रहा। जब उसने देखा कि वह याकूब पर प्रबल नहीं होता, तब उसकी जांघ की नस को छुआ, और याकूब की जांघ की नस उससे मल्लयुद्ध करते ही करते चढ़ गई। तब…
मैं ऐसी बड़ी दुष्टता करके परमेश्वर का अपराधी क्यों बनूं?
यूसुफ जिसे उसके ईष्र्यालु भाइयों ने एक दास के रूप में बेच दिया था, वह उस पोतीपर के घर में सेवा करने लगा जो मिस्र का हाकिम और अंगरक्षकों का प्रधान था। परमेश्वर यूसुफ के साथ रहते थे, इसलिए यूसुफ हर काम में कामयाब रहता था। पोतीपर ने यह देखकर उसे अपने घर का अधिकारी बनाया और अपना सब कुछ उसके हाथ में सौंप दिया। तो परमेश्वर यूसुफ के कारण पोतीपर के घर में आशीष देने लगे। यूसुफ ईमानदारी व वफादारी से अपने स्वामी के घर की देखभाल करता था। लेकिन एक दिन उसे संकट का सामना करना पड़ा। पोतीपर की पत्नी की नजर यूसुफ को रिझाने–लुभाने में लग गई। परन्तु यूसुफ ने उस प्रलोभन को ठुकरा दिया और कहा,…
सुसमाचार का कार्य परमेश्वर की योजना के अनुसार होता है
परमेश्वर हमें हमेशा साहस देते हैं, ताकि हम हिम्मत जुटाकर निडर हो सकें। लेकिन जब कभी हम सुसमाचार का प्रचार करते हुए मुश्किल स्थिति का सामना करते हैं, तब हम मारे डर के जम–से जाते हैं। परमेश्वर कहते हैं, “मत डर, क्योंकि मैं तेरे संग हूं (यश 41:10)।” भले ही हम परमेश्वर के इन वचनों को सुनते हैं, लेकिन कभी–कभी हम अंदरूनी पहलू के बजाय सिर्फ बाहर से दिखाई देने वाली स्थिति पर ध्यान देते हैं। यदि सत्य के प्रचारक हिचकिचाएं या पीछे हटें, तो सुसमाचार का कार्य पूरा नहीं हो सकेगा। जब हम महसूस करें कि हमारे परमेश्वर कितने महान हैं और दृढ़ता से विश्वास करें कि परमेश्वर स्वयं सुसमाचार के कार्य की अगुवाई कर रहे हैं, सिर्फ तब…
ये मेरी व्यवस्था पर चलेंगे कि नहीं
मिस्र से बाहर निकलने के बाद, इस्राएलियों की सारी मण्डली भोजन समाप्त होने पर मूसा और हारून के विरुद्ध कुड़कुड़ाने लगी। “यह हमारे लिए अच्छा होता कि परमेश्वर ने हम लोगों को मिस्र में मार डाला होता। मिस्र में हम लोगों के पास खाने को बहुत था। हम लोगों के पास वह सारा भोजन था जिसकी हमें आवश्यकता थी। किन्तु अब तुम हमें मरुभूमि में ले आए हो। हम सभी यहां भूख से मर जाएंगे।” तब परमेश्वर ने मूसा से कहा, “मैं आकाश से भोजन गिराऊंगा। वह भोजन तुम लोगों के खाने के लिए होगा। हर एक दिन लोग बाहर जाएंगे और उस दिन खाने की जरूरत के लिए भोजन इकट्ठा करेंगे, इससे मैं उनकी परीक्षा करूंगा कि ये मेरी…
नए सिरे से जन्मे लोग
हाल ही में पूरे संसार से ऐसी खबरों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है कि सदस्य पश्चाताप करते हुए सुंदर ढंग से एकजुट हो रहे हैं। और दुनिया के कोने–कोने से यह समाचार आ रहा है कि बहुत सदस्य जो स्वर्गीय माता के अच्छे उदाहरण और शिक्षाओं के द्वारा प्रेरित हुए हैं, आंसुओं के साथ अपनी गलती के लिए पहले माफी मांगकर समझौता कर रहे हैं और पश्चाताप का जीवन जीने का संकल्प कर रहे हैं। “माफ कीजिए” या “क्षमा कीजिए” जैसी बात अब हमारे मन में गहरी गूंज पैदा कर रही है। परमेश्वर ने कहा है कि जब स्वर्ग का राज्य निकट है, तब परमेश्वर सदस्यों के हृदयों को एक होने देंगे और हमारे कठोर हृदयों…
हमारी आंखें परमेश्वर की ओर लगी हैं
यह समाचार सुनने पर कि मोआबी और अम्मोनी लोग मूनियों के साथ यहूदा के विरुद्ध युद्ध आरम्भ करने आ रहे हैं, राजा यहोशापात ने पूरे यहूदा में उपवास का समय घोषित किया। यहूदा के लोग परमेश्वर के भवन में इकट्ठे हुए, और यहोशापात ने नए आंगन के सामने खड़ा होकर प्रार्थना की। “हे परमेश्वर, आप सभी राष्ट्रों में सभी राज्यों पर शासन करते हैं। अम्मोनी, मोआबी और सेईर के पहाड़ी देश के लोग इस देश में से जिसका अधिकार आपने हमें दिया है, हमें बाहर निकालने के लिए आ रहे हैं। हम लोग उस विशाल सेना के विरुद्ध कोई शक्ति नहीं रखते, और हम नहीं जानते कि क्या करें! परन्तु हमारी आंखें परमेश्वर की ओर लगी हैं।” तब परमेश्वर का…