यीशु सर्वशक्तिमान परमेश्वर हैं, फिर भी वह क्यों मनुष्य के रूप में आए?

परमेश्वर जब भी चाहें, वह अवश्य ही मनुष्य के रूप में प्रकट हो सकते हैं। क्योंकि सर्वशक्तिमान परमेश्वर के पास ऐसी शक्ति है कि वह शरीर रूप का धारण कर सकते हैं या उसे उतार सकते हैं। फिर क्यों परमेश्वर एक कमजोर बालक और पुत्र के रूप में स्वयं पृथ्वी…

दुनिया में ऐसे कई लोग हैं जो यीशु की इच्छा पर चलने का दावा करते हैं। तब, ऐसा क्यों है की वे यीशु के स्थापित नई वाचा को नहीं रखते?

यीशु का इस पृथ्वी पर आने का उद्देश्य मनष्यों को अनंत जीवन देना है जो अपने पापों के कारण मृत्यु के बाध्य हैं। हमें उद्धार की ओर नेतृत्व करने के लिए, यीशु ने फसह के दिन पर वई वाचा को स्थापित किया और क्रूस पर अपना लहू बहाते हुए, हमारे…

फसह

यीशु ने उनसे कहा, “मैं तुम से सच सच कहता हूं कि जब तक तुम मनुष्य के पुत्र का मांस न खाओ, और उसका लहू न पीओ, तुम में जीवन नहीं।“यूह 6:53 फसह का पर्व वह पर्व है, जिसके द्वारा विपत्ति हमें छोड़कर गुजर जाती है। यह पर्व पवित्र कैलेंडर…

बचाने की प्रवृत्ति

सुरंग के अंदर एक ट्रक को आग लग गई थी। ड्राइवर ने अपने ट्रक में लगे अग्निशामक यंत्र के साथ आग बुझाने के लिए एक त्वरित कदम उठाया, लेकिन वह यंत्र पर्याप्त शक्तिशाली नहीं था। उसी वक्त, पास से गुजर रही एक कार से सूट पहने तीन लोग उतरे, उन्होंने ड्राइवर को वहां से हटाया, सुरंग में लगाए गए आग बुझाने के नल को बहार निकाला, और आग बुझाना शुरू कर दिया। उन लोगों के प्रयासों से जिन्होंने आग की लाल लपटें और सुरंग में भरे धुएं का सामना किया, और दमकल की गाड़ी की मदद से जिसे वहां बुलाया गया था, तीस मिनट में आग को पूरी तरह से बुझा दिया गया। त्वरित कार्रवाई करके दुर्घटना को और बिगड़ने…

प्रचार करने का समय

परमेश्वर हमें कुछ सौंपते हैं ताकि अंत में वह हमें अच्छी वस्तुओं से आशीर्वादित कर सकें। इस समय हमें सुसमाचार का प्रचार सौंपा गया है। यह हमारे खुद के और दूसरों के उद्धार के लिए परमेश्वर का एक आशीर्वाद है। हमें इस बात को समझते हुए अपने विश्वास के मार्ग पर चलना चाहिए। 3,000 लोगों का नष्ट होना और 3,000 लोगों का उद्धार पाना मूसा के समय में, इस्राएलियों ने परमेश्वर के अनुग्रह से मिस्र के दासत्व से छुटकारा पाया और कनाना की ओर चल दिए। जब वे जंगल में से गुजर रहे थे, वे सांसारिक आचरण में फंस गए; जब मूसा दस आज्ञाओं को लेने के लिए सीनै पर्वत पर गया था, तब उन्होंने एक मूर्ति की पूजा की।…

बाइबल में, एक दृश्य है जहां यीशु ने लोगों को यह कहते हुए डांटा, “तुम व्यर्थ मेरी उपासना करते हो।” जब वे परमेश्वर की पूजा करते थे, क्यों यीशु ने कहा कि उनकी उपासना व्यर्थ है?

ऐसा सोचना आसान है कि यदि हम सिर्फ परमेश्वर की पूजा करें तो आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। हालांकि, बाइबल की शिक्षा अलग है। यीशु ने कहा कि भले ही भविष्यद्वकता उन पर उद्धारकर्ता के रूप में विश्वास करते हैं और उनके नाम से बहुत सी चीजें करते हैं, वे स्वर्ग के राज्य में प्रवेश करने के लिए असमर्थ होंगे।(मत 7:21–23) लोग जो परमेश्वर पर विश्वास करते हैं, परमेश्वर की उपासना करने के लिए उनकी आराधना करते हैं। यदि वे भविष्यद्वकता या अगुवे हैं, उन्होंने अनगिनत बार परमेश्वर की आराधना की होगी। फिर भी, वे स्वर्ग के राज्य में प्रवेश नहीं कर सकते, इसलिए उनकी आराधनाएं व्यर्थ होती हैं। 2,000 वर्ष पूर्व, इसी कारण धार्मिक नेताओं ने व्यर्थ परमेश्वर की आराधना…

निकिया की परिषद और अरियसवाद

325 ई. में, फसह के विवाद सहित मुख्य रूप से अरियसवाद के विवाद को निपटाने के लिए निकिया की परिषद की बैठक बुलाई गई। उस विवाद के कारण इतना लहू बहाया गया कि वह इतिहास में एक अंधकार का विषय बन गया है। अरियस का हठ मिस्र में अलेक्जेंड्रिया के चर्च में अरियस एक प्रेसबिटर के रूप में सर्वोच्च पदधारी व्यक्ति था। उसने एक अजीब सिद्धांत पर जोर देकर सार्वजनिक आलोचना पैदा की। वह इस प्रकार है: मसीह देहधारी लोगोस(ग्रीक में λóγoς, जिसका अर्थ है, “शब्द” या “सत्य”) मसीह परिवर्तन और पीड़ा के लिए सक्षम है। इसलिए, लोगोस परिवर्तनीय है और परमेश्वर के सदृश्य नहीं है। अरियस के हठ के अनुसार, यीशु परमेश्वर नहीं है, लेकिन सिर्फ एक जीव है,…

उनका मन जो उपकार का बदला चुकाना चाहते हैं

चीन के चोंगकिंग के पांच लोगों ने, जो कभी एक-दूसरे को नहीं जानते थे, एक संगीत समूह बनाया। उनके पास डॉक्टर, गृहिणी और अचल संपत्ति दलाल जैसे अलग-अलग पेशे और व्यक्तित्व थे और सभी संगीत से अनजान थे। फिर भी, एक पेशेवर संगीत शिक्षक द्वारा प्रशिक्षित किए जाकर, उन्होंने गिटार, बेस और मराकस(एक ताल वाद्य) को अपने हाथों में पकड़ते हुए एक प्रदर्शन के लिए लगातार अभ्यास किया। इस बैंड का नाम “एक व्यक्ति का बैंड” था। सदस्यों के पास “फिर से जन्म लेना” और “जीवन को महसूस करना” जैसे कठिन गाने बजाने की दृढ़ योजना थी बैंड का नाम सदस्यों की कहानी से उत्पन्न हुआ, जिन्होंने कुछ समय पहले मर गए दाता से श्वेत पटल, गुर्दे और यकृत प्राप्त…

छोटी शुरुआत और समृद्ध भविष्य

हम ऐसी आशा के साथ जीते हैं कि चाहे हमारी शुरुआत छोटी प्रतीत होती है, हमारा भविष्य परमेश्वर की कृपा के द्वारा समृद्ध होगा। परमेश्वर ने इस संसार में दूसरे लोगों को नहीं, लेकिन हम से प्रतिज्ञा की है। उस प्रतिज्ञा के शब्द ऐसे हैं: चाहे तेरा भाग पहले छोटा ही रहा हो, परन्तु अन्त में तेरी बहुत बढ़ती होती। अय 8:7 इस संसार में सब बातों के लिए एक समय होता है: शुरू होने का समय और समाप्त होने का समय। इसलिए, सुसमाचार के कार्य के लिए भी एक समय है। चाहे हमारे सुसमाचार के कार्य की शुरुआत छोटी थी, लेकिन जैसे जैसे वह आगे बढ़ता जाता है, वैसे वैसे वह और भी ज्यादा समृद्ध होता जाता है। पिछले…

एक स्टीम्ड बन या दो स्टीम्ड बन

मुख्य किरदार, एक हाई स्कूल का छात्र, स्कूल के बाद घर आता है और दो स्टीम्ड बन और एक नोट पाता है जो उसकी मां ने रसोई की मेज पर छोड़ा था। “उन्हें अपनी छोटी बहन के साथ साझा करना। एक एक लेना।” उसने नोट पढ़ने के बाद तुरंत उनमें से एक बन खा लिया। लेकिन, वह एक खाने से संतुष्ट नहीं हुआ और अपनी मां के नोट के बावजूद उसने दूसरा बन भी खा लिया, जो उसकी बहन के लिए था। सबूत मिटाने के लिए, उसने अपनी मां के नोट को कूड़ेदान में फेंक दिया। कुछ समय के बाद, उसकी छोटी बहन घर वापस आती है और अपनी मां के नोट को फेंका हुआ देखती है। वह गुस्सा हो…

माता-पिता के द्वारा दिया गया जीवनकाल

अब सुपर आयु वर्ग समाज आसन्न है, और स्वास्थ्य और दीर्घायु के बारे में कई खबरें सामने आती हैं: जैसे कि 120 साल से अधिक जीवित रहने के लिए गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में सूचीबद्ध लोगों की लंबी उम्र के रहस्य; दुनिया भर के लंबी आयु के गांव और उन ग्रामीणों की जीवनशैली। और यहां तक​​ कि विदेश खबर में एक कुत्ते के बारे में रिपोर्ट किया गया था कि वह जापान में 26 साल तक जीवित रहा, हाल ही में उसकी मृत्यु हुई। दूसरों की तुलना में लंबा जीवन जीना क्यों लोगों का ध्यान आकर्षित करता है? यह मानवजाति की लंबा जीवन जीने की सामान्य इच्छा के कारण होता है। यह साबित करता है कि जीवन एक रहस्य है जिसका…

परमेश्वर ने सारी छावनी को हमारे वश में कर दिया है

गिदोन और उसका सेवक फूरा दुश्मन की छावनी में छिपकर मिद्यानी सैनिकों की बातचीत सुन रहे हैं। यह परमेश्वर के वचन के कारण था जो उन्होंने मिद्यानी छावनी के विरुद्ध लड़ने के लिए 300 योद्धाओं को चुनने के बाद कहा था। “उठ, दुश्मन की छावनी पर चढ़ाई कर; क्योंकि मैं उसे तेरे हाथ कर देता हूं। परन्तु यदि तू चढ़ाई करते डरता हो, तो अपने सेवक फूरा को संग लेकर मिद्यानी छावनी के पास जाकर सुन कि वे क्या कह रहे हैं। उसके बाद तुझे उस छावनी पर चढ़ाई करने का साहस होगा।” उस रात, वे उतर गए और देखा कि मिद्यानी, अमालेकी और सब पूर्वी लोग तो टिड्डियों के समान बहुत से तराई में फैले पड़े थे। और उनके…

फसह का पर्व और परमेश्वर की मुहर

अब, इस दुनिया में बहुत सी विपत्तियां आ रही हैं: देशों के बीच में युद्ध, जातियों के बीच में संघर्ष, आतंकवाद, अकाल, भूकम्प, और मौसम में बदलाव की वजह से आने वाली जानलेवा ठंड या गर्मी। जब कभी भी ऐसी घटनाएं घटित होती हैं, लोग इस बात को न जानते हुए कि उन्हें अपने मन किस पर और कहां लगाने चाहिए, भय से थरथराते हैं। बाइबल ने पहले से विपत्तियों के विषय में भविष्यवाणी की है और यह भी बताया है कि उन विपत्तियों के आने पर लोग क्या करेंगे। क्योंकि चाहे वे खोदकर अधोलोक में उतर जाएं, तो वहां से मैं हाथ बढ़ाकर उन्हें लाऊंगा; चाहे वे आकाश पर चढ़ जाएं... चाहे वे कर्म्मेल में छिप जाएं... और चाहे…

अपनी पड़ती भूमि को जोतो

बसंत ऋतु में, सभी किसान शरद ऋतु में बंजर पड़े अपने खेतों को जोतते हैं, और सभी घास–फूस और पेड़ों की जड़ों को निकालते हैं। बीज बोने के बाद, वे उन बीजों का ख्याल रखते हैं कि वे अंकुरित हो सकें; फिर वे अच्छी खाद डालते हैं, और जब तक वे पतझड़ के मौसम में अच्छे फल नहीं पाते तब तक घास–फूस को निकालते रहते हैं। सुसमाचार के फल पैदा करने में भी वैसा ही है। क्योंकि बाइबल कहती है: अपने लिये धर्म का बीज बोओ, तब करुणा के अनुसार खेत काटने पाओगे; अपनी पड़ती भूमि को जोतो; देखो, अभी यहोवा के पीछे हो लेने का समय है, कि वह आए और तुम्हारे ऊपर उद्धार बरसाए।हो 10:12 क्या एक किसान…

चर्च ऑफ गॉड सिय्योन कहलाता है। क्या इसका कोई कारण है?

उस चर्च का नाम जिसे मसीह ने 2,000 वर्ष पहले इस धरती पर स्थापित किया, चर्च ऑफ गॉड है।(1कुर 1:2; 11:22; गल 1:13) चर्च ऑफ गॉड सिय्योन भी कहलाता है।(इब्र 12:22; प्रक 14:1) जब हम पता लगाते हैं कि सिय्योन किस प्रकार का स्थान है, हम समझ सकते हैं कि क्यों हम चर्च ऑफ गॉड को सिय्योन कहते हैं। सिय्योन यरूशलेम में एक छोटे से पहाड़ का नाम था। परमेश्वर के वाचा के संदूक को वहां रखे जाने के बाद, “सिय्योन” शब्द केवल यरूशलेम नहीं, पर इस्राएल को भी सूचित करने के लिए इस्तेमाल किया गया था।(1रा 8:1) क्यों चर्च ऑफ गॉड सिय्योन कहलाता है, इसका कारण समझने के लिए, हमें पहले राजा दाऊद और यीशु के बीच संबंध को…

यरीहो और बेबीलोन

सिय्योन के हमारे भाई-बहनों में से छात्र विद्यालय में, कर्मचारी कार्यस्थल में, सैनिक सेना में, और गृहिणियां अपने पड़ोस में पूरे उत्साह से सुसमाचार का प्रचार कर रहे हैं। क्योंकि हम अभी अपनी परिस्थितियों में पूरा मन लगाकर प्रचार कर रहे हैं, इसलिए परमेश्वर ने बेबीलोन की शक्ति को कमजोर कर दिया है। इन दिनों में वे लोग भी, जो लंबे समय से बेबीलोन में हैं, अभी बाइबल के अनुसार सत्य को ढूंढ़ रहे हैं और सत्य ग्रहण कर रहे हैं। यह सुसमाचार में एक वर्तमान प्रवृत्ति है। बाइबल की भविष्यवाणी के अनुसार बेबीलोन गिरने वाला है। बेबीलोन का पतन यहोशू के दिनों में हुए यरीहो के पतन के समान है। यह परमेश्वर का कार्य था कि यरीहो की दृढ़…

प्रेम देना

हरमन हेस नाम के एक जर्मन लेखक द्वारा लिखी गई एक परी कथा ‘ऑगस्टस’ में दिखाया गया है कि प्रेम पाने के लिए मन रखना और प्रेम देने के लिए मन रखना हमारे जीवन को कैसे प्रभावित करता है। ऑगस्टस का एक धनी परिवार के बच्चे के रूप में जन्म हुआ था। उसकी मां ने एक रहस्यमय बूढ़े आदमी से विनती की कि ऑगस्टस हर किसी से प्रेम पाए, और जैसे उसकी मां ने विनती की, उसने बड़े होने के दौरान हर किसी से प्रेम पाया। चूंकि वह लड़का केवल दूसरों से प्रेम पा रहा था, तो वह हर तरह के अपराध करते हुए घमंडी और निर्दय हो गया; यहां तक कि अन्य लोगों के प्रेम से ऊबकर और जीवन…

​झूठा दोष

1.कसदियों ने दानिय्येल के तीन साथियों पर दोष लगाया बेबीलोन के राजा, नबूकदनेस्सर ने घोषणा की कि जो मुंह के बल गिरकर सोने की मूर्ति को दण्डवत् न करेगा वह उसी घड़ी धधकते हुए भट्ठे में डाल दिया जाएगा। इसके बावजूद, दानिय्येल के तीन साथी, शद्रक, मेशक और अबेदनगो ने सोने की मूर्ति को दण्डवत् नहीं किया। उस समय, कुछ कसदियों ने जो उनसे ईर्ष्या करते थे, यह देखकर उन पर दोष लगाया और राजा को उन्हें दण्ड देने के लिए कहा। उसी समय कई एक पुरुष राजा के पास गए, और कपट से यहूदियों की चुगली खाई(दोष लगाने लगे, आइबीपी बाइबल)। दान 3:8 ※ कसदी दक्षिण बेबीलोन के एक क्षेत्र का नाम था। जब से कसदियों ने बेबीलोन पर…

जब तक परमेश्वर के सुसमाचार का राज्य स्थापित न हो जाए

संसार में लोगों के जीवन में अपने विभिन्न उद्देश्य होते हैं। वे अपने मन में आशा संजोकर भविष्य के लिए योजनाएं बनाते हैं कि वे कब एक घर खरीदेंगे, वे कैसे अपने बच्चों को पढ़ाएंगे, इत्यादि। वे नौकरी की जगह पर तभी आनन्द महसूस करते हैं जब उनके पास आशा होती है। जब उनके पास एक अच्छा पद पाने की और निकट भविष्य में एक आनन्दमय जीवन जीने की आशा होती है, तो क्या वे अपनी नौकरी की जगह पर शक्ति नहीं पाते और मेहनत से काम नहीं करते? परमेश्वर के लोगों के पास भी अपने भविष्य के लिए उद्देश्य होने चाहिए। अब, आइए हम उन योजनाओं के बारे में सोचते हुए जो हमने अपने विश्वास के जीवन के भविष्य…

महान नबी बन जाओ

बाइबल एक “नबी” का ऐसे व्यक्ति के रूप में उल्लेख करती है जो परमेश्वर की इच्छा को पहले समझता है और परमेश्वर के कार्य को पूरा करता है। परमेश्वर अपने नबियों पर अपना मर्म बिना प्रगट किए कुछ भी नहीं करते, और वह प्रत्येक युग में अपने चुने हुओं के पास बार-बार अपने नबियों को भेजते हैं(आम 3:7; यिर्म 29:19)। पुराना नियम उन नबियों के कार्यों का ठीक वर्णन करता है जिन्होंने उस समय इस्राएलियों को चेतावनी दी जब कभी वे भटक गए, परमेश्वर की सच्ची इच्छा को उन तक पहुंचाया, और आनेवाली विपत्तियों और मसीह के उद्धार की भविष्यवाणियां कीं। नया नियम भी सुसमाचार के उन नबियों के बारे में बताता है जिन्होंने मसीह के इस पृथ्वी पर आने…

अंतिम तीन इच्छाएं

सिय्योन के सदस्य सभी मानव जाति के उद्धार के लिए अभी ईमानदारी से सुसमाचार का प्रचार कर रहे हैं। भले ही प्रचार करने के हमारे प्रयास छोटे-छोटे हैं, फिर भी परमेश्वर हमारे लिए महान और अतुल्य आशीष, और पुरस्कार तैयार कर रहे हैं। यह अमेरिका में घटी एक सच्ची घटना है। एक दिन, एक कॉलेज का विद्यार्थी रास्ते पर चल रहा था। उसे प्यास लगी, और उसने एक फार्म हाउस का दरवाजा खटखटाया। तब एक लड़की बाहर आई, और उसने उससे एक ग्लास पानी मांगा। लड़की ने एक बड़े ग्लास में दूध डाल दिया और बड़े प्यार से उस विद्यार्थी को परोसा जो उसके लिए एक अजनबी था। समय गुजरा, और वह लड़की बड़ी हो गई। फिर एक दिन वह…

प्रचार हमारे तरीके पर नहीं, बल्कि हमारे मन पर निर्भर है

अगर परमेश्वर की कोई संतान परमेश्वर की इच्छा को महसूस करती है और उसे अमल में लाना चाहती है, तो यह उसकी इच्छा है कि अच्छी तरह से प्रचार करे और अच्छा फल उत्पन्न करे। यीशु ने चेलों को यह सिखाया: “मेरे पिता की महिमा इसी से होती है कि तुम बहुत सा फल लाओ”(यूह 15:8)। कुछ सदस्य जो हर संभव तरीके से फल उत्पन्न करना चाहते हैं, वे प्रचार के विशेष तरीके को ढूंढ़ने की कोशिश करते हैं। लेकिन, हम अक्सर ऐसे नए सदस्यों को देखते हैं, जो हाल ही में सत्य को ग्रहण करने पर भी और प्रचार करने के लिए अनुभवहीन होने पर भी बहुत फल पैदा करते हैं। इसके द्वारा हम महसूस कर सकते हैं कि…

जैसा बाप, वैसा बेटा

1920 में, एक महिला ने दावा किया कि वह रूस की आखिरी राजकुमारी अनास्तासिया थी। यह बोल्शेविक क्रांति के दौरान रूस के शाही परिवार की निर्दयतापूर्वक हत्या के दो साल बाद था। अनास्तासिया रूस के अंतिम सम्राट निकोलस द्वितीय की चौथी संतान थी, जो चार राजकुमारियों में सबसे अधिक प्रेम पाती थी। उसके प्रकट होने पर, रूसी शाही परिवार की शोकपूर्ण घटना के लिए सहानुभूति के साथ जनता का ध्यान आकर्षित किया गया। उस महिला का नाम एना एंडरसन था। वह विवादों के केंद्र में आ गई; वह शाही परिवार के बारे में अच्छी तरह से जानती थी और शाही परिवार के शिष्टाचार से परिचित थी, और उसके आसपास के लोगों ने उसके बारे में गवाहियां दीं। 1970 में, सत्य…