यीशु सर्वशक्तिमान परमेश्वर हैं, फिर भी वह क्यों मनुष्य के रूप में आए?

परमेश्वर जब भी चाहें, वह अवश्य ही मनुष्य के रूप में प्रकट हो सकते हैं। क्योंकि सर्वशक्तिमान परमेश्वर के पास ऐसी शक्ति है कि वह शरीर रूप का धारण कर सकते हैं या उसे उतार सकते हैं। फिर क्यों परमेश्वर एक कमजोर बालक और पुत्र के रूप में स्वयं पृथ्वी…

दुनिया में ऐसे कई लोग हैं जो यीशु की इच्छा पर चलने का दावा करते हैं। तब, ऐसा क्यों है की वे यीशु के स्थापित नई वाचा को नहीं रखते?

यीशु का इस पृथ्वी पर आने का उद्देश्य मनष्यों को अनंत जीवन देना है जो अपने पापों के कारण मृत्यु के बाध्य हैं। हमें उद्धार की ओर नेतृत्व करने के लिए, यीशु ने फसह के दिन पर वई वाचा को स्थापित किया और क्रूस पर अपना लहू बहाते हुए, हमारे…

फसह

यीशु ने उनसे कहा, “मैं तुम से सच सच कहता हूं कि जब तक तुम मनुष्य के पुत्र का मांस न खाओ, और उसका लहू न पीओ, तुम में जीवन नहीं।“यूह 6:53 फसह का पर्व वह पर्व है, जिसके द्वारा विपत्ति हमें छोड़कर गुजर जाती है। यह पर्व पवित्र कैलेंडर…

अभी तुम नहीं जानते

फसह की विधि शुरू होने से पहले यीशु उठे और उन्होंने अंगोछा लेकर अपनी कमर बांधी और फिर बरतन में पानी भरा, और वह अपने चेलों के पांव धोने लगे। यह देखकर पतरस को नहीं पता था कि उसे क्या करना है, और उसने कहा, “हे प्रभु, क्या आप मेरे पांव धोते हैं?” “अभी तुम नहीं जानते कि मैं क्या कर रहा हूं, पर बाद में तुम जान जाओगे।” “नहीं, आप मेरे पांव कभी न धोने पाएंगे।” यीशु ने पतरस से कहा जो बार–बार मना कर रहा था, “यदि मैं तुम्हें न धोऊं, तो मेरे साथ तुम्हारा कुछ भी साझा नहीं।” जब यीशु खुद अपने चेलों के पांव धो चुके, तो उन्होंने बैठकर उनसे कहा, “अब मैंने तुम्हारे पांव धोए,…

मुझमें आए अच्छे बदलाव

किसी विज्ञान कथा फिल्म या कहानी में, हम अक्सर ऐसे किरदारों को देख सकते हैं जो अपनी मनमानी से किसी दूसरे की इच्छाओं को नियंत्रित करते हैं। क्या होगा यदि ऐसा असलियत में हो, और हमारी इच्छाएं किसी अनजान शक्ति के द्वारा नियंत्रित की जाती हों? अन्य दूसरे दिनों की तरह, आज भी रंजय कुमार ऑफिस में पांच मिनट देर से पहुंचा। वह पूरी सुबह नींद में रहता है, और लंच का समय आते ही उसे स्फूर्ति का एहसास होने लगता है। लंच करने के बाद, वह एक कॉफी शोप में जाकर एक कप कॉफी पीता है जिसका दाम एक समय के भोजन के दाम के बराबर है। जैसे ही वह ऑफिस से घर वापस आता है, वह स्वयं को…

जो कुछ वह तुम से कहे

गलील के काना में किसी के यहां विवाह था। विवाह में यीशु की माता थी, और यीशु और उनके चेलों को भी बुलाया गया था। भोज के दौरान दाखमधु खत्म हो गया। यीशु की माता ने सेवकों से कहा, “जो कुछ यीशु तुम से कहे, वही करना।” छह बड़े मटकों की ओर देखकर, यीशु ने सेवकों से कहा, “मटकों में पानी भर दो।” यीशु के निर्देश के अनुसार उन्होंने मटकों को लबालब भर दिया। “अब थोड़ा बाहर निकालो, और दावत का इन्तजाम कर रहे प्रधान के पास उसे ले जाओ।” सेवक मटके से पानी निकालकर उसे प्रधान के पास ले गए। पानी पहले ही से दाखरस में बदल चुका था। जब भोज के प्रधान ने वह पानी चखा जो दाखरस…

मैं भी तुम्हें दण्ड नहीं दूंगा

कुछ लोगों का समूह यीशु के पास आया जो मंदिर में लोगों को उपदेश दे रहे थे। शास्त्री और फरीसी व्यभिचार के अपराध में एक स्त्री को पकड़ लाए। उन्होंने यीशु से कहा, “व्यवस्था में मूसा ने हमें आज्ञा दी है कि ऐसी स्त्रियों पर पथराव करें। अब बता तेरा क्या कहना है?” वे यीशु को परखने के लिए यह पूछ रहे थे, ताकि वे यीशु पर दोष लगाने के लिए कोई बात पाएं। चूंकि वे यीशु को जवाब देने को मजबूर कर रहे थे, यीशु ने अपना मुंह खोला, “तुम में से जो पापी नहीं है, वही सबसे पहले इस स्त्री को पत्थर मारे।” जब लोगों ने यह सुना, तो उनके विवेक में अपराध बोध हुआ, और वे एक…

हमारे घर के मालिक कौन हैं?

एक घर अपने मालिक की गरिमा या शैली को पूरी तरह से दिखाता है। जब आप अन्य लोगों के घरों में जाते हैं, तो उनमें से कुछ घर एक हार्दिक और दोस्ताना माहौल पेश करता है, लेकिन दूसरा ठंडा और अमित्र वातावरण पेश करता है। बस कुछ ही मिनटों के लिए घर में रहकर, आप आसानी से पता लगा सकते हैं कि घर के मालिक किस तरह के व्यक्ति हैं कि क्या वह आलसी हैं या मेहनती, या क्या वह हर चीज के बारे में शांतचित्त हैं या सख्त। तो, एक घर ऐसी जगह है जो अपने मालिक के आंतरिक रूप को जसैा है वैसा ही प्रकट करता है। फिर, आइए हम इस बारे में सोचें कि हमारे घर के…

उन गलतियों को कैसे न दोहराएं जो पछतावे का कारण बनती हैं

सितंबर 2019 में, सियोल शहर में एक बस अचानक रुक गई। जिस चालक ने बस रोकी, उसने यात्रियों से क्षमा मांगी और बाहर भाग गया। यह 60 साल की एक महिला को बचाने के लिए था जो सड़क पर गिर गई थी। कुछ अन्य राहगीर उसकी मदद करने की कोशिश कर रहे थे, फिर भी वह होश में नहीं आई थी। बस चालक ने तुरंत उसको सीपीआर देना शुरू कर दिया। कुछ मिनटों के बाद, वह होश में आई और उसने फिर से सांस लेना शुरू कर दिया। तब बस चालक ने वहां मौजूद एक व्यक्ति से कहा कि वह एम्बुलेंस आने तक उसके साथ रहे, और वह अपनी बस में लौट आया। यात्री बस चालक के उस कार्य से…

प्रभु ने मुझे भेजा है ताकि तू फिर दृष्टि पाए

जब शाऊल ईसाइयों को पकड़ने के लिए दमिश्क के निकट पहुंचा, तब अचानक उसके चारों ओर आकाश से ज्योति चमकी, और उसने यीशु की आवाज सुनी। इससे वह दमिश्क में तीन दिन तक न तो कुछ देख पाया, और न ही उसने कुछ खाया या पिया। तब प्रभु ने दमिश्क में रहनेवाले हनन्याह नाम के चेले से दर्शन में कहा, “खड़ा हो और सीधी कहलाने वाली गली में जा। और वहां यहूदा के घर में जाकर तरसुस निवासी शाऊल नाम के एक व्यक्ति के बारे में पूछताछ कर क्योंकि वह प्रार्थना कर रहा है। उसने एक दर्शन में देखा है कि हनन्याह नाम के एक व्यक्ति ने घर में आकर उस पर हाथ रखे हैं ताकि वह फिर से देख…

उसके हाथ सूर्यास्त तक स्थिर रहे

मिस्र से निकलने के बाद इस्राएली सीन की मरुभूमि से चल पड़े और रपीदीम पहुंचे, तब अमालेकियों ने आकर उन पर हमला किया। अमालेकियों के खिलाफ लड़ाई करने से पहले मूसा ने यहोशू से कहा, “कुछ लोगों को चुनो और बाहर जाकर अमालेकियों से लड़ो। मैं कल परमेश्वर की लाठी हाथ में लिए हुए पहाड़ी की चोटी पर खड़ा रहूंगा।” मूसा की इस आज्ञा के अनुसार यहोशू इस्राएल के सैनिकों के साथ अमालेकियों से लड़ने लगा, और मूसा हारून और हूर को लेकर पहाड़ी की चोटी पर चढ़ गया। विजय मूसा के हाथों पर निर्भर थी। जब तक मूसा अपने हाथों को हवा में उठाता था, तब तक इस्राएल के लोग युद्ध जीत लेते थे। किन्तु जब मूसा अपने हाथों…

परमप्रधान परमेश्वर मनुष्यों के राज्यों पर शासन करते हैं

दानिय्येल राजा नबूकदनेस्सर की आज्ञानुसार उसके सामने आ खड़ा हुआ। वह राजा के सपने का अर्थ बताने के लिए बुलाया गया था। “हे बेलतशस्सर1, मैं जानता हूं कि किसी भी रहस्य को समझना तेरे लिए कठिन नहीं है। मैंने जो सपना देखा था, उसका अर्थ समझाओ जैसा पहले तू ने किया था। मेरे सामने धरती के बीचों–बीच एक वृक्ष खड़ा था। वह वृक्ष बड़ा होता हुआ एक विशाल मजबूत वृक्ष बन गया। वृक्ष की चोटी आकाश छूने लगी। वृक्ष की पत्तियां सुन्दर थीं। वृक्ष की शाखाओं पर चिड़ियों का बसेरा था, और हर किसी ने वृक्ष पर लगे भरपूर फलों को खाया। तभी एक पवित्र पहरुआ स्वर्ग से उतर आया। जब उसने ऊंचे शब्द से पुकारकर कहा, ‘वृक्ष को काट…

वे सभी एक चित होकर प्रार्थना में लगे रहे

“परन्तु जब पवित्र आत्मा तुम पर आएगा तब तुम सामर्थ्य पाओगे; और यरूशलेम और सारे यहूदिया और सामरिया में, और पृथ्वी की छोर तक मेरे गवाह होगे।” जब यीशु अंतिम वचन कहने के बाद स्वर्ग चले गए, तब उनके चेले जैतून पहाड़ से यरूशलेम लौट आए। वे उस अटारी में गए जहां वे रह रहे थे, और सभी एक चित्त होकर प्रार्थना में लगे रहे। दस दिन बाद, पिन्तेकुस्त का दिन आया। एकाएक आकाश से बड़ी आंधी की सी सनसनाहट का शब्द हुआ, और उससे सारा घर जहां वे बैठे थे, गूंज गया, और उन्हें आग की सी जीभें फटती हुई दिखाई दीं और उनमें से हर एक पर आ ठहरीं। यह ठीक वैसे ही हुआ जैसे यीशु ने कहा…

कृतज्ञता के द्वारा सुसमाचार का चमत्कारकृतज्ञता के द्वारा सुसमाचार का चमत्कार

“आपका धन्यवाद!” यह शायद एक शिष्टाचार है जो लोग आमतौर पर तब कहते हैं जब हम उनके स्टोर से कुछ खरीदते हैं। फिर भी, जब भी हम ऐसा सुनते हैं, तो हमें अच्छा लगता है और यदि हमें कुछ खरीदना होता है, तो हम दोबारा उस दुकान पर जाने की इच्छा रखते हैं। जब हम दूसरों से ऐसा कहते हैं, तब भी हम वैसा ही महसूस करते हैं; जब हम किसी ऐसे व्यक्ति के प्रति अपनी कृतज्ञता प्रकट करते हैं जिसने हमारी मदद की है या हमारे लिए कुछ अच्छा किया है, तो हमें भी अच्छा महसूस होता है। ऐसा कहा जाता है कि हमारे दैनिक जीवन में सरल कृतज्ञता के अभ्यास हमारे भीतर असीम क्षमता विकसित करने का स्रोत…

वह पूरा हाल मुझे मालूम था

सेनापति नामान जो कोढ़ की बीमारी से पीड़ित था, परमेश्वर के भक्त एलीशा के पास गया। जब नामान ने परमेश्वर के भक्त के वचन के अनुसार यरदन नदी को जाकर उसमें सात बार डुबकी लगाई, तब उसका शरीर फिर छोटे बालक के शरीर–जैसा स्वच्छ हो गया। तब उसने एलीशा को उपहार देना चाहा। “उस यहोवा की शपथ, जिसकी मैं सेवा करता हूं! मैं कुछ भी स्वीकार नहीं करूंगा।” एलीशा ने अंत तक उसके अनुरोध को स्वीकार नहीं किया, तब नामान उसे उपहार देने की इच्छा छोड़ने को विवश हो गया । जब नामान एलीशा के पास से कुछ ही दूर चला गया था, एलीशा का सेवक गेहजी नामान के पीछे दौड़ता गया। नामान ने उसे अपने पीछे दौड़ता देखा और…

यह वही हो जिसे परमेश्वर ने ठहराया हो

वह संध्या का समय था। एक यात्री जो धूल से ढका हुआ था, नगर के बाहर स्थित कुएं के पास रुका। वह अब्राहम का सेवक था जो अपने स्वामी के इकलौते बेटे, इसहाक की पत्नी खोजने के लिए कनान से बहुत दूर निकल आया। इस बूढ़े सेवक ने कुएं के पास ऊंटों को घुटनों के बल बिठाया और अपने दोनों हाथ जोड़कर प्रार्थना करने लगा: “हे यहोवा, तू मेरे स्वामी अब्राहम का परमेश्वर है। अब वह समय है जब पानी भरने के लिए नगर से लड़कियां आती हैं। जब मैं एक लड़की से पीने का पानी मांगूं, तो उस लड़की को खुशी से मुझे पानी देने दीजिए और उससे पहले कि मैं उससे मांगूं, उसे मेरे ऊंटों को भी पानी…

यीशु मसीह के नाम से

पतरस और यूहन्ना मंदिर में जा रहे थे। तभी उन्होंने एक व्यक्ति को देखा जो जन्म से ही लंगड़ा था और मंदिर के द्वार की ओर ले जाया जा रहा था। वे उसे वहां हर दिन बैठा दिया करते थे ताकि वह मंदिर में जानेवालों से भीख के पैसे मांग लिया करे। इस व्यक्ति ने जब देखा कि पतरस और यूहन्ना मंदिर में प्रवेश करने ही वाले हैं, तो उसने उनसे पैसे मांगे। तब पतरस ने कहा, “मेरे पास चांदी या सोना तो है नहीं, किन्तु जो कुछ है, मैं वह तुझे देता हूं; यीशु मसीह के नाम से चल फिर।” फिर उसने उसका दाहिना हाथ पकड़ कर उसे उठाया। तुरंत उसके पांवों और टखनों में बल आ गया। और…

हे अल्पविश्वासी, तू ने क्यों संदेह किया?

यीशु ने अपने चेलों को नाव पर चढ़ाया और झील के पार जाने के लिए विवश किया। और वह अकेले में प्रार्थना करने को पहाड़ पर चले गए। नाव झील के बीच लहरों से डगमगा रही थी, क्योंकि हवा सामने की थी। भोर के आसपास, यीशु झील पर चलते हुए उनके पास आए। चेले यीशु को झील पर चलते हुए देखकर घबरा गए और उन्हें भूत समझते हुए डर के मारे चिल्लाए, “ढाढ़स बांधो! मैं हूं, डरो मत!” यीशु ने चेलों को यकीन दिलाया। तब पतरस बहादुरी से आगे बढ़ा। “हे प्रभु, यदि तू ही है, तो मुझे अपने पास पानी पर चलकर आने की आज्ञा दे।” यीशु ने कहा, “चला आ!” तब पतरस नाव पर से उतरकर यीशु के…

प्रार्थना के बिना

यीशु मसीह के चेलों के चारों ओर बड़ी भीड़ लगी है और शास्त्री उनके साथ विवाद कर रहे हैं। यीशु ने इसे देखकर उसका कारण पूछा। तब भीड़ में से एक ने उत्तर दिया। “हे गुरु, मैंने अपने पुत्र को आपके चेलों के पास लाया था, जिस पर एक दुष्टात्मा सवार है, और उनसे उस दुष्टात्मा को बाहर निकालने का अनुरोध किया था, परन्तु वे निकाल न सके।” तब यीशु ने उसे अपने पास लाने को कहा। उसका शरीर मरोड़ने लगा और वह भूमि पर गिरकर मुंह से फेन बहाते हुए लोटने लगा। तब यीशु ने अशुद्ध आत्मा को यह कहकर डांटा। “हे गूंगी और बहिरी आत्मा, मैं तुझे आज्ञा देता हूं, उसमें से निकल आ, और उसमें फिर कभी…

विश्वासी व्यक्ति के लिए

यीशु के चेलों ने एक लड़के को, जिस पर दुष्टात्मा सवार थी, चंगा करने की कोशिश की, लेकिन वे नहीं कर सके। जब वे इसके बारे में शास्त्री के साथ विवाद कर रहे थे, उन्होंने यीशु को देखा और उनकी तरफ दौड़े। यीशु के चारों ओर बड़ी भीड़ लग गई। “तुम उनसे किस बात पर विवाद कर रहे हो?” तब भीड़ में से एक व्यक्ति ने उत्तर दिया, “हे गुरु, मैं अपने बेटे को आपके पास लाया। उस पर एक दुष्टात्मा सवार है।” बचपन से लड़के की जान को कई बार खतरा होता था; दुष्टात्मा उसे मार डालने के लिए कभी आग में गिरा देती थी तो कभी पानी में। लड़के के पिता ने चेलों से उस दुष्टात्मा को बाहर…

स्वर्ग की आशीष जो तीस चांदी के सिक्के में बेच दी

फसह से पहले यहूदा इस्करियोती प्रधान याजकों के पास गया। “यदि मैं उसे तुम्हारे हाथ में पकड़वा दूं, तो मुझे क्या दोगे?” चूंकि प्रधान याजक यीशु को जो अपनी आंखों का कांटा बन गए, पकड़कर मार डालने की साजिश रच रहे थे, उन्होंने यहूदा का स्वागत करके उसे तीस चांदी के सिक्के तौलकर दे दिए। यहूदा उसी समय से यीशु को पकड़वाने का अवसर ढूंढ़ने लगा। पतरस, यूहन्ना और मत्ती के जैसे यहूदा इस्करियोती बारह चेले में से एक था जिसे यीशु ने स्वयं चुना। उसने इतना विश्वास जीता था कि उसके पास पैसों की थैली रहती थी, और उसने यीशु के बिल्कुल पास से उनके चमत्कारी कार्यों को देखा था। वह ऐसा जीवन था जिसकी आजकल बहुत से ईसाई…