यीशु सर्वशक्तिमान परमेश्वर हैं, फिर भी वह क्यों मनुष्य के रूप में आए?

परमेश्वर जब भी चाहें, वह अवश्य ही मनुष्य के रूप में प्रकट हो सकते हैं। क्योंकि सर्वशक्तिमान परमेश्वर के पास ऐसी शक्ति है कि वह शरीर रूप का धारण कर सकते हैं या उसे उतार सकते हैं। फिर क्यों परमेश्वर एक कमजोर बालक और पुत्र के रूप में स्वयं पृथ्वी…

दुनिया में ऐसे कई लोग हैं जो यीशु की इच्छा पर चलने का दावा करते हैं। तब, ऐसा क्यों है की वे यीशु के स्थापित नई वाचा को नहीं रखते?

यीशु का इस पृथ्वी पर आने का उद्देश्य मनष्यों को अनंत जीवन देना है जो अपने पापों के कारण मृत्यु के बाध्य हैं। हमें उद्धार की ओर नेतृत्व करने के लिए, यीशु ने फसह के दिन पर वई वाचा को स्थापित किया और क्रूस पर अपना लहू बहाते हुए, हमारे…

फसह

यीशु ने उनसे कहा, “मैं तुम से सच सच कहता हूं कि जब तक तुम मनुष्य के पुत्र का मांस न खाओ, और उसका लहू न पीओ, तुम में जीवन नहीं।“यूह 6:53 फसह का पर्व वह पर्व है, जिसके द्वारा विपत्ति हमें छोड़कर गुजर जाती है। यह पर्व पवित्र कैलेंडर…

क्योंकि उन्होंने परमेश्वर का भय माना

जब याकूब के वंशज मिस्र में रहते थे, दिनों–दिन इस्राएलियों की संख्या बढ़ती गई, और उनकी संख्या मिस्रियों से अधिक हो गई। इस पर मिस्र के राजा को संकट की भावना महसूस हुई और उसने शिप्रा और पूआ नामक दो इब्री धाइयों को बुलवाकर कहा, “जब तुम इब्री स्त्रियों को बच्चा जनने में सहायता करो, तब यदि लड़की पैदा हो तो उसे जीवित रहने दो, लेकिन यदि लड़का पैदा हो तो तुम लोग उसे मार डालो।” यदि वे राजा का यह आदेश न मानतीं, तो वे मृत्यु से नहीं बच सकती थीं। लेकिन उन धाइयों ने परमेश्वर का भय माना और मिस्र के राजा का आदेश न मानकर सभी लड़कों को जीवित रहने दिया। मिस्र का राजा यह सुनकर बहुत…

स्थापन पर्व

स्थापन पर्व यहूदियों का एक त्योहार था जो किसलेव नामक महीने के 25 वें दिन पर मनाया जाता था; यह मूसा के नियम का नहीं है। यरूशलेम में स्थापन पर्व मनाया जा रहा था; और जाड़े की ऋतु थी। यीशु मन्दिर में सुलैमान के ओसारे में टहल रहा था। यूह 10:22–23 यूनान साम्राज्य (ग्रीस) जिसने मादी–फारस साम्राज्य को हराया था, वह सिकंदर महान की मृत्यु के बाद चार सेनापतियों के द्वारा चार अलग अलग राज्यों में विभाजित हुआ था: कैसेन्डर का राज्य (मैसेडोनिया), सेल्युकुस का राज्य (सीरिया), लीसीमाचुस का राज्य (एशिया माइनर), और टॉलेमी का राज्य (मिस्र)। इन राज्यों के प्रत्येक राजा ने सिंकदर का उत्तराधिकारी होने का दावा किया। कुछ समय बाद, एशिया माइनर में लीसीमाचुस का राज्य सीरिया…

वाचा का महत्व

हमारे जीवन में सब कुछ वादों से चलता है: जैसे कि नौकरी करना, शादी करना, खरीदना और बेचना आदि। पुराने दिनों में, हमारा समाज वस्तु विनिमय प्रणाली पर आधारित था। आजकल, इस प्रणाली को नकद, चेक या क्रेडिट कार्ड का उपयोग करके एक मौद्रिक प्रणाली में बदल दिया गया है। कुछ कागज़ों को बेकार समझकर फेंक दिया जाता है, जबकि कुछ कागज़ का उपयोग सौ या हजार रुपये जैसे उच्च मूल्य के साथ किया जाता है। एक ही कागज़ के टुकड़े के अलग-अलग मूल्य क्यों होते हैं? ऐसा इसलिए है क्योंकि उन्हें अलग-अलग अनुबंध या वादे दिए गए हैं। इस तरह, परमेश्वर और हमारे बीच का संबंध भी वाचा के द्वारा बनाए रखा जाता है। 1. बपतिस्मा के माध्यम से…

अनन्त जीवन की बातें तो आपके ही पास हैं

यीशु ने तिबिरियास की झील के पार पांच रोटियों और दो मछलियों से पांच हजार लोगों को खिलाया। लोग अद्भुत चमत्कार देखकर चकित हुए और नावों पर चढ़कर कफरनहूम तक यीशु के पीछे हो लिए। “हे रब्बी, आप यहां कब आए?” “तुम मुझे इसलिए ढूंढ़ते हो कि तुम रोटियां खाकर तृप्त हुए। नाशवान् भोजन के लिए परिश्रम न करो, परन्तु उस भोजन के लिए परिश्रम करो जो अनन्त जीवन तक ठहरता है।” “आपके वचन के अनुसार करने के लिए हमें क्या करना चाहिए?” “मुझ पर विश्वास करो।” जब यीशु यह कह ही चुके थे, तब लोगों की भीड़ ने यीशु से एक चिन्ह दिखाने के लिए कहा कि वे उसे देखकर उन पर विश्वास कर सकें। “हमारे बापदादों ने जंगल…

पश्चाताप करो! तभी तुम्हारा अधर्म तुम्हारे ठोकर खाने का कारण न होगा।

जैसे ही शास्त्री कानून की पुस्तक पढ़ी, राजा ने अपने कपड़े फाड़ दिये और विलाप करने लगा। योशिय्याह के सिंहासन पर बैठने के अठारह साल बाद, उसने कानून की किताब के शब्दों को सुनने के बाद शोक मनाया जो उसने भगवान के मंदिर को हुए नुकसान की मरम्मत करते समय खोजा था। अंत में, राजा अपनी प्रजा को आदेश देता है। “मेरे और लोगों और सारे यहूदा की ओर से जाओ, और परमेश्वर से पूछो कि इस पुस्तक में लिखे शब्दों का क्या अर्थ है। “परमेश्‍वर का क्रोध बड़ा है, इसलिये कि हमारे बापदादों ने इस पुस्‍तक की बातें न सुनीं, और जो कुछ इस पुस्‍तक में हमारे लिये लिखा है, वह सब न किया।” जब सेवक भविष्यवक्ता के पास…

मेरी भेड़ें मेरा शब्द सुनती हैं

यहूदियों के एक राष्ट्रीय पर्व, यानी स्थापन पर्व के दिन जब यीशु मन्दिर के ओसारे में टहल रहे थे, तब यहूदियों ने यीशु को घेर लिया और बोले, “तू हमारे मन को कब तक दुविधा में रखेगा? यदि तू मसीह है, तो हमें साफ–साफ बता दे।” “मैं तुम्हें बता चुका हूं और तुम विश्वास नहीं करते। वे काम जिन्हें मैं अपने पिता के नाम से कर रहा हूं, स्वयं मेरी साक्षी हैं। परन्तु तुम लोग इसलिए विश्वास नहीं करते क्योंकि तुम मेरी भेड़ों में से नहीं हो। मेरी भेड़ें मेरा शब्द सुनती हैं, और वे मेरे पीछे पीछे चलती हैं। मैं और पिता एक हैं।” यह सुनकर यहूदियों ने यीशु पर मारने के लिए पत्थर उठा लिए। “मैंने तुम्हें अपने…

मैंने अपने परमेश्वर की पूरी रीति से बात मानी

लंबे समय का जंगल का जीवन समाप्त करने के बाद, इस्राएलियों ने आखिरकार कनान में प्रवेश किया। परमेश्वर की आज्ञा के अनुसार सभी गोत्रों ने यह तय करने के लिए चिट्ठी डाली कि वे भूमि का कौन–सा हिस्सा ले लेंगे। जब यरदन के पश्चिमी भाग को बांटने का समय आया, तब कालेब यहोशू के पास आया। कालेब ने कहा, “अब मैं पचासी वर्ष का हो गया हूं। मैं अब भी उतना ही शक्तिशाली हूं जितना शक्तिशाली मैं उस समय था, जब मूसा ने कनान देश का भेद लेने के लिए मुझे भेजा था। इसलिए वह पहाड़ी प्रदेश(हेब्रोन) मुझको दे दो जिसे यहोवा ने बहुत पहले मुझे देने का वचन दिया था। मैं जानता हूं कि वहां शक्तिशाली अनाकी लोग रहते…

परमेश्वर का उद्धार

जब इस्राएल की सेना पलिश्तियों के बड़े सैन्य बल से डरकर कांप रही थी, तब शाऊल का पुत्र योनातान अपने पिता से बिना कुछ कहे एक युवा सैनिक को लेकर पलिश्तियों के डेरे के पास चला गया। “आओ, हम उनके पास जाएं! परमेश्वर अवश्य ही हमें विजय दिलाएंगे। हमारा उद्धार करने से परमेश्वर को कुछ भी रोक नहीं सकता, इससे कोई अन्तर नहीं पड़ता है कि हमारे पास बहुत से सैनिक हैं या थोड़े से सैनिक।” “आगे चलिए, मैं आपका पालन करूंगा।” “यदि पलिश्ती लोग हमसे कहते हैं, ‘तुम वहीं रुको जब तक हम तुम्हारे पास आते हैं,’ तो हम उसी स्थान पर रुक जाएंगे और उनके पास ऊपर नहीं चढ़ेंगे। परन्तु यदि वे यह कहते हैं, ‘हमारे पास चढ़…

परमेश्वर की कृपादृष्टि मुझ पर हुई

जब नहेम्याह ने यह सुना कि यरूशलेम की शहरपनाह टूटी हुई है, तब वह बहुत व्याकुल था। कुछ दिनों तक प्रार्थना करने के बाद, उसे अपने राजा अर्तक्षत्र का पूरा समर्थन मिला, और वह यरूशलेम मंदिर का पुनर्निर्माण करने का सपना लेकर यहूदा में लौट आया। नहेम्याह यरूशलेम में पहुंचा, और उसने यरूशलेम की टूटी पड़ी हुई शहरपनाह को देखा और यहूदियों को बुलाकर कहा, “आप सब जानते हैं कि अब हम कैसी दुर्दशा में हैं। यरूशलेम उजाड़ पड़ा है तथा उसके फाटक आग से जले हुए हैं। आओ, हम यरूशलेम की शहरपनाह का फिर से निर्माण करें। इससे हमें भविष्य में फिर कभी लज्जित नहीं रहना पड़ेगा।” जब नहेम्याह ने लोगों से यह कहा कि परमेश्वर की कृपादृष्टि उस…

सेवा करने वाला प्रधान बनेगा

Tयाकूब और यूहन्ना की माता यीशु के पास पहुंची और उसने झुककर प्रणाम किया। “तू क्या चाहती है?” “मेरे दो पुत्रों को आपके राज्य में एक आपके दाहिनी ओर और दूसरा आपके बाईं ओर बैठने दीजिए।” यह सुनकर बाकी दस चेले याकूब और यूहन्ना पर क्रुद्ध हुए। तब यीशु ने उन्हें अपने पास बुलाकर कहा, “तुम जानते हो कि संसार के हाकिम लोगों पर प्रभुता करते हैं और अपनी शक्ति दिखाना चाहते हैं। लेकिन तुम्हारे बीच ऐसा नहीं होना चाहिए। जो कोई प्रधान होना चाहे, वह अपने आपको दास बनाओ। मैं भी सेवा कराने नहीं; बल्कि सेवा करने और बहुतों के छुटकारे के लिए अपने प्राण देने आया है।” चेले चाहते थे कि परमेश्वर के राज्य में वे प्रधान बनें,…

हम तुम्हें सुसमाचार सुनाने आए हैं

पौलुस और बरनबास लुस्त्रा में पहुंचे, और वे सुसमाचार का प्रचार कर रहे हैं। वहां एक व्यक्ति था जो लंगड़ा था और चल नहीं पाता था। वह पौलुस की बातों को ध्यान से सुन रहा था। पौलुस ने उस पर दृष्टि गड़ाई और देखा कि चंगा हो जाने का विश्वास उसमें है, तो उसके पास जाकर उसने ऊंचे शब्द से कहा, “अपने पैरों पर सीधा खड़ा हो जा!” तब वह तुरन्त उठकर चलने–फिरने लगा। जब लोगों ने पौलुस का यह काम देखा, तब वे बहुत हैरान हुए और पुकार कर कहने लगे, “देवता हमारे बीच मनुष्यों का रूप धारण करके उतर आए हैं!” मंदिर के याजक ने बैल और फूलों के हार फाटकों पर लाए, और वह लोगों के साथ…

सुसमाचार की ज्योति और बिजली

ये सब बातें यीशु ने दृष्टान्तों में लोगों से कहीं, और बिना दृष्टान्त वह उनसे कुछ न कहता था, कि जो वचन भविष्यद्वक्ता के द्वारा कहा गया था, वह पूरा हो: “मैं दृष्टान्त कहने को अपना मुंह खोलूंगा: मैं उन बातों को जो जगत की उत्पत्ति से गुप्त रही हैं प्रगट करूंगा।” मत 13:34–35 यीशु ने अपनी प्यारी संतानों के लिए स्वर्ग के राज्य का रहस्य दृष्टांत में बताया। यह इसलिए था कि सिर्फ कुछ लोगों को परमेश्वर के रहस्य को जानने का अधिकार दिया गया है और दूसरों को नहीं। आइए हम बाइबल के दृष्टान्त–संबंधी शब्दों में से बिजली और सुसमाचार के बीच के संबंध का अध्ययन करें। क्योंकि जैसे बिजली पूर्व से निकलकर पश्चिम तक चमकती है, वैसे…

हारून की रीति और मलिकिसिदक की रीति

बाइबल में याजक के दो प्रकार के दल(रीति) हैं: हारून की रीति और मलिकिसिदक की रीति। 1. हारून की रीति हारून की रीति एक याजक के दल की रीति है, जिसमें याजक पुरानी वाचा के नियम और विधियों के अनुसार परमेश्वर को बलिदान चढ़ाते थे। हारून लेवीय गोत्र का था, इसलिए हारून की रीति को लेवीय याजक पद(लेवियों की रीति) भी कहा जाता है। अब्राहम से, जो विश्वास का पूर्वज था, इसहाक उत्पन्न हुआ, इसहाक से याकूब उत्पन्न हुआ, और याकूब से 12 पुत्र उत्पन्न हुए। याकूब और उसकी पत्नी लिआ का तीसरा बेटा लेवी था। जब याकूब का बेटा यूसुफ मिस्र का शासक बन गया, तब याकूब और उसका परिवार मिस्र में चले गए, और उन्होंने 430 सालों के…

इस्राएल का इतिहास

इस्राएल का इतिहास पढ़ने का कारण हमें इस्राएल का इतिहास इसलिए पढ़ना चाहिए क्योंकि शारीरिक इस्राएलियों के इतिहास में वो चीजें हैं जो हम आत्मिक इस्राएलियों के साथ घटित होंगी। शारीरिक इस्राएलियों के इतिहास में भविष्यवाणी संबंधी बातों के द्वारा हम पहले ही समझ सकते हैं कि हमारे साथ क्या घटित होगा। इसलिए, आइए हम परमेश्वर की संतान के रूप में हमारे पद और स्थिति को दृढ़ रखें और विश्वास की ऐसी मानसिकता का निर्माण करें जो हमें परमेश्वर के बेटे और बेटियों के रूप में रखनी चाहिए। इस्राएल का इतिहास निम्नानुसार वर्गीकृत किया जा सकता है: आदम से लेकर नूह तक नूह से लेकर अब्राहम तक अब्राहम से लेकर मूसा तक निर्गमन से लेकर कनान में प्रवेश और न्यायियों…

भविष्यवाणी की तुरही की आवाज

बाइबल ने पहले ही से भविष्यवाणी की है कि स्वर्ग के राज्य का सुसमाचार कैसे चलाया जाएगा और पूरा होगा। परमेश्वर ने बाइबल में सब कुछ लिखा है, जिसमें इस युग में होने वाली बातें और वह प्रक्रियाएं शामिल हैं जिनसे हमें स्वर्ग जाने तक गुजरना चाहिए। जब हम उन्हें एक-एक करके देखें, तो हम परमेश्वर की पूर्वनिर्धारित इच्छा देख सकते हैं जो अद्भुत है। फिर, कौन सी भविष्यवाणी पूरी होनी बाकी है और हमें अब क्या करना चाहिए? पिता आन सांग होंग ने कहा, “सैनिक तुरही की आवाज पर चलते हैं, और विश्वासी भविष्यवाणी की आवाज पर चलते हैं।” पिता के वचनों को मन की गहराई में अंकित करते हुए, हमें भविष्यवाणी की तुरही की आवाज पर ध्यान देना…

परमेश्वर ने मुझे हंसने दिया है

“तुम्हारी पत्नी सारा पुत्र को जन्म देगी। तुम उसका नाम इसहाक रखना... वही तेरा वारिस ​होगा।” वह प्रतिज्ञा पूरी की गई, जो परमेश्वर ने पहले उस अब्राहम से की थी जिसके पास कोई संतान नहीं थी। 100 वर्षीय अब्राहम को बूढ़ी सारा से पुत्र उत्पन्न हुआ। अब्राहम ने परमेश्वर की इच्छा के अनुसार अपने पुत्र का नाम इसहाक रखा। उस सारा के लिए, जो संतान उत्पन्न करने की आशा न रख सकती थी, इसहाक का उत्पन्न होना एक चमत्कार ही था। सारा अपनी हंसी को रोक नहीं पाई। “परमेश्वर ने मुझे हंसने दिया है। इसलिये इस खबर को सुननेवाले भी मेरे साथ खुश होंगे। कोई भी यह नहीं सोचता था कि सारा अब्राहम को उसके बुढ़ापे के लिए उसे एक…

​अदृश्य दुनिया और सच्चा विश्वास​

विश्वास उद्धार के लिए आवश्यक है। बाइबल स्पष्ट रूप से उल्लेख करती है कि विश्वास के बिना लोग उद्धार नहीं पा सकते। यह इसलिए क्योंकि केवल विश्वास रखनेवाले लोग हमारे उद्धार के लिए स्थापित हुई परमेश्वर की आज्ञाओं और नियमों का पालन कर सकते हैं। परमेश्वर ने दृश्य और अदृश्य दुनिया की सृष्टि की। विश्वास की दुनिया भी अदृश्य है, इसलिए सामान्य समय में यह जानने का कोई तरीका नहीं कि हमारा विश्वास बड़ा है या छोटा। तब, हमारा विश्वास कब और कैसे प्रकट किया जाता है, और हमें किस प्रकार का विश्वास रखना चाहिए? आइए हम बाइबल की शिक्षाओं के द्वारा इसकी पुष्टि करें। अपने आप को परखो कि विश्वास में हो कि नहीं सभी ने अपने स्कूल के…

परमेश्वर की प्रतिज्ञा और स्वर्ग

पुराना वर्ष चला गया है, और एक नया वर्ष शुरू हुआ है। अतीत को देखते हुए, मुझे लगता है कि मेरे सभी दिन इतनी जल्दी बीत गए कि जैसे मैं एक ही रात की नींद से जाग गया हूं। यह मुझे याद दिलाता है कि वह दिन नजदीक आ रहा है जब हम स्वर्ग जाएंगे। हमें बहुत आभारी होना चाहिए कि हमारे लिए स्वर्ग का राज्य है। जब यीशु 2,000 वर्ष पहले इस पृथ्वी पर आए थे, तो उन्होंने सिखाया कि स्वर्ग और नरक का अस्तित्व वास्तव में है और हमसे उस मार्ग का अनुसरण करने को कहा जो उन्होंने हमारे लिए खोला था, ताकि हम सभी स्वर्ग जा सकें। फिर उन्होंने पृथ्वी पर अपने जीवन के दौरान सत्य की…

पिन्तेकुस्त का दिन

नए नियम के पिन्तेकुस्त के दिन को पुराने नियम में “सप्ताहों का पर्व” कहा जाता था। 2,000 वर्ष पहले, यीशु के पुनरुत्थान और स्वर्गारोहण के बाद, इस दिन परमेश्वर ने अपने लोगों पर पवित्र आत्मा की सामर्थ्य उंडेली, ताकि वे यीशु मसीह के बारे में गवाही दे सकें। उन्होंने संसार की सभी जातियों को स्वर्ग के राज्य के सुसमाचार का प्रचार किया, जो यीशु ने उन्हें सिखाया था। मसीह ने स्वर्गारोहण के दिन पर विश्व सुसमाचार का मिशन घोषित किया। यह पिन्तेकुस्त का दिन था जो विश्व सुसमाचार की आग को प्रज्वलित कराने के लिए एक चिंगारी बना। पिन्तेकुस्त के दिन पर चेलों पर उंडेला गया पवित्र आत्मा प्रथम चर्च के सुसमाचार के विकास के लिए प्रेरक शक्ति बन गया।…

एक मन होकर परमेश्वर से प्रार्थना की

पतरस और यूहन्ना जो यीशु का प्रचार कर रहे थे, याजकों, मन्दिर के सरदारों और सदूकियों के द्वारा पकड़े गए। भले ही उन दोनों को धमकी दी गई और कहा गया, “यीशु के नाम से कुछ भी न बोलना और न सिखाना,” फिर भी उन्होंने निर्भयता के साथ मसीह की इच्छा का प्रचार किया। हाकिमों को पतरस और यूहन्ना को दण्ड देने का कोई रास्ता नहीं मिल सका, इसलिए उन्होंने उन्हें छोड़ दिया। पतरस और यूहन्ना छूटकर यीशु पर विश्वास करने वाले अपने ही लोगों के पास वापस आ गए और उनसे जो कुछ प्रधान याजकों और पुरनियों ने कहा था, वह सब उनको सुना दिया। यह सुनकर उन्होंने एक मन होकर ऊंचे शब्द से परमेश्वर से प्रार्थना की। “हे…

एक मन होकर परमेश्वर से प्रार्थना की

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