यीशु सर्वशक्तिमान परमेश्वर हैं, फिर भी वह क्यों मनुष्य के रूप में आए?

परमेश्वर जब भी चाहें, वह अवश्य ही मनुष्य के रूप में प्रकट हो सकते हैं। क्योंकि सर्वशक्तिमान परमेश्वर के पास ऐसी शक्ति है कि वह शरीर रूप का धारण कर सकते हैं या उसे उतार सकते हैं। फिर क्यों परमेश्वर एक कमजोर बालक और पुत्र के रूप में स्वयं पृथ्वी…

दुनिया में ऐसे कई लोग हैं जो यीशु की इच्छा पर चलने का दावा करते हैं। तब, ऐसा क्यों है की वे यीशु के स्थापित नई वाचा को नहीं रखते?

यीशु का इस पृथ्वी पर आने का उद्देश्य मनष्यों को अनंत जीवन देना है जो अपने पापों के कारण मृत्यु के बाध्य हैं। हमें उद्धार की ओर नेतृत्व करने के लिए, यीशु ने फसह के दिन पर वई वाचा को स्थापित किया और क्रूस पर अपना लहू बहाते हुए, हमारे…

फसह

यीशु ने उनसे कहा, “मैं तुम से सच सच कहता हूं कि जब तक तुम मनुष्य के पुत्र का मांस न खाओ, और उसका लहू न पीओ, तुम में जीवन नहीं।“यूह 6:53 फसह का पर्व वह पर्व है, जिसके द्वारा विपत्ति हमें छोड़कर गुजर जाती है। यह पर्व पवित्र कैलेंडर…

परमेश्वर का उद्धार

जब इस्राएल की सेना पलिश्तियों के बड़े सैन्य बल से डरकर कांप रही थी, तब शाऊल का पुत्र योनातान अपने पिता से बिना कुछ कहे एक युवा सैनिक को लेकर पलिश्तियों के डेरे के पास चला गया। “आओ, हम उनके पास जाएं! परमेश्वर अवश्य ही हमें विजय दिलाएंगे। हमारा उद्धार करने से परमेश्वर को कुछ भी रोक नहीं सकता, इससे कोई अन्तर नहीं पड़ता है कि हमारे पास बहुत से सैनिक हैं या थोड़े से सैनिक।” “आगे चलिए, मैं आपका पालन करूंगा।” “यदि पलिश्ती लोग हमसे कहते हैं, ‘तुम वहीं रुको जब तक हम तुम्हारे पास आते हैं,’ तो हम उसी स्थान पर रुक जाएंगे और उनके पास ऊपर नहीं चढ़ेंगे। परन्तु यदि वे यह कहते हैं, ‘हमारे पास चढ़…

परमेश्वर की कृपादृष्टि मुझ पर हुई

जब नहेम्याह ने यह सुना कि यरूशलेम की शहरपनाह टूटी हुई है, तब वह बहुत व्याकुल था। कुछ दिनों तक प्रार्थना करने के बाद, उसे अपने राजा अर्तक्षत्र का पूरा समर्थन मिला, और वह यरूशलेम मंदिर का पुनर्निर्माण करने का सपना लेकर यहूदा में लौट आया। नहेम्याह यरूशलेम में पहुंचा, और उसने यरूशलेम की टूटी पड़ी हुई शहरपनाह को देखा और यहूदियों को बुलाकर कहा, “आप सब जानते हैं कि अब हम कैसी दुर्दशा में हैं। यरूशलेम उजाड़ पड़ा है तथा उसके फाटक आग से जले हुए हैं। आओ, हम यरूशलेम की शहरपनाह का फिर से निर्माण करें। इससे हमें भविष्य में फिर कभी लज्जित नहीं रहना पड़ेगा।” जब नहेम्याह ने लोगों से यह कहा कि परमेश्वर की कृपादृष्टि उस…

सेवा करने वाला प्रधान बनेगा

Tयाकूब और यूहन्ना की माता यीशु के पास पहुंची और उसने झुककर प्रणाम किया। “तू क्या चाहती है?” “मेरे दो पुत्रों को आपके राज्य में एक आपके दाहिनी ओर और दूसरा आपके बाईं ओर बैठने दीजिए।” यह सुनकर बाकी दस चेले याकूब और यूहन्ना पर क्रुद्ध हुए। तब यीशु ने उन्हें अपने पास बुलाकर कहा, “तुम जानते हो कि संसार के हाकिम लोगों पर प्रभुता करते हैं और अपनी शक्ति दिखाना चाहते हैं। लेकिन तुम्हारे बीच ऐसा नहीं होना चाहिए। जो कोई प्रधान होना चाहे, वह अपने आपको दास बनाओ। मैं भी सेवा कराने नहीं; बल्कि सेवा करने और बहुतों के छुटकारे के लिए अपने प्राण देने आया है।” चेले चाहते थे कि परमेश्वर के राज्य में वे प्रधान बनें,…

हम तुम्हें सुसमाचार सुनाने आए हैं

पौलुस और बरनबास लुस्त्रा में पहुंचे, और वे सुसमाचार का प्रचार कर रहे हैं। वहां एक व्यक्ति था जो लंगड़ा था और चल नहीं पाता था। वह पौलुस की बातों को ध्यान से सुन रहा था। पौलुस ने उस पर दृष्टि गड़ाई और देखा कि चंगा हो जाने का विश्वास उसमें है, तो उसके पास जाकर उसने ऊंचे शब्द से कहा, “अपने पैरों पर सीधा खड़ा हो जा!” तब वह तुरन्त उठकर चलने–फिरने लगा। जब लोगों ने पौलुस का यह काम देखा, तब वे बहुत हैरान हुए और पुकार कर कहने लगे, “देवता हमारे बीच मनुष्यों का रूप धारण करके उतर आए हैं!” मंदिर के याजक ने बैल और फूलों के हार फाटकों पर लाए, और वह लोगों के साथ…

सुसमाचार की ज्योति और बिजली

ये सब बातें यीशु ने दृष्टान्तों में लोगों से कहीं, और बिना दृष्टान्त वह उनसे कुछ न कहता था, कि जो वचन भविष्यद्वक्ता के द्वारा कहा गया था, वह पूरा हो: “मैं दृष्टान्त कहने को अपना मुंह खोलूंगा: मैं उन बातों को जो जगत की उत्पत्ति से गुप्त रही हैं प्रगट करूंगा।” मत 13:34–35 यीशु ने अपनी प्यारी संतानों के लिए स्वर्ग के राज्य का रहस्य दृष्टांत में बताया। यह इसलिए था कि सिर्फ कुछ लोगों को परमेश्वर के रहस्य को जानने का अधिकार दिया गया है और दूसरों को नहीं। आइए हम बाइबल के दृष्टान्त–संबंधी शब्दों में से बिजली और सुसमाचार के बीच के संबंध का अध्ययन करें। क्योंकि जैसे बिजली पूर्व से निकलकर पश्चिम तक चमकती है, वैसे…

हारून की रीति और मलिकिसिदक की रीति

बाइबल में याजक के दो प्रकार के दल(रीति) हैं: हारून की रीति और मलिकिसिदक की रीति। 1. हारून की रीति हारून की रीति एक याजक के दल की रीति है, जिसमें याजक पुरानी वाचा के नियम और विधियों के अनुसार परमेश्वर को बलिदान चढ़ाते थे। हारून लेवीय गोत्र का था, इसलिए हारून की रीति को लेवीय याजक पद(लेवियों की रीति) भी कहा जाता है। अब्राहम से, जो विश्वास का पूर्वज था, इसहाक उत्पन्न हुआ, इसहाक से याकूब उत्पन्न हुआ, और याकूब से 12 पुत्र उत्पन्न हुए। याकूब और उसकी पत्नी लिआ का तीसरा बेटा लेवी था। जब याकूब का बेटा यूसुफ मिस्र का शासक बन गया, तब याकूब और उसका परिवार मिस्र में चले गए, और उन्होंने 430 सालों के…

इस्राएल का इतिहास

इस्राएल का इतिहास पढ़ने का कारण हमें इस्राएल का इतिहास इसलिए पढ़ना चाहिए क्योंकि शारीरिक इस्राएलियों के इतिहास में वो चीजें हैं जो हम आत्मिक इस्राएलियों के साथ घटित होंगी। शारीरिक इस्राएलियों के इतिहास में भविष्यवाणी संबंधी बातों के द्वारा हम पहले ही समझ सकते हैं कि हमारे साथ क्या घटित होगा। इसलिए, आइए हम परमेश्वर की संतान के रूप में हमारे पद और स्थिति को दृढ़ रखें और विश्वास की ऐसी मानसिकता का निर्माण करें जो हमें परमेश्वर के बेटे और बेटियों के रूप में रखनी चाहिए। इस्राएल का इतिहास निम्नानुसार वर्गीकृत किया जा सकता है: आदम से लेकर नूह तक नूह से लेकर अब्राहम तक अब्राहम से लेकर मूसा तक निर्गमन से लेकर कनान में प्रवेश और न्यायियों…

भविष्यवाणी की तुरही की आवाज

बाइबल ने पहले ही से भविष्यवाणी की है कि स्वर्ग के राज्य का सुसमाचार कैसे चलाया जाएगा और पूरा होगा। परमेश्वर ने बाइबल में सब कुछ लिखा है, जिसमें इस युग में होने वाली बातें और वह प्रक्रियाएं शामिल हैं जिनसे हमें स्वर्ग जाने तक गुजरना चाहिए। जब हम उन्हें एक-एक करके देखें, तो हम परमेश्वर की पूर्वनिर्धारित इच्छा देख सकते हैं जो अद्भुत है। फिर, कौन सी भविष्यवाणी पूरी होनी बाकी है और हमें अब क्या करना चाहिए? पिता आन सांग होंग ने कहा, “सैनिक तुरही की आवाज पर चलते हैं, और विश्वासी भविष्यवाणी की आवाज पर चलते हैं।” पिता के वचनों को मन की गहराई में अंकित करते हुए, हमें भविष्यवाणी की तुरही की आवाज पर ध्यान देना…

परमेश्वर ने मुझे हंसने दिया है

“तुम्हारी पत्नी सारा पुत्र को जन्म देगी। तुम उसका नाम इसहाक रखना... वही तेरा वारिस ​होगा।” वह प्रतिज्ञा पूरी की गई, जो परमेश्वर ने पहले उस अब्राहम से की थी जिसके पास कोई संतान नहीं थी। 100 वर्षीय अब्राहम को बूढ़ी सारा से पुत्र उत्पन्न हुआ। अब्राहम ने परमेश्वर की इच्छा के अनुसार अपने पुत्र का नाम इसहाक रखा। उस सारा के लिए, जो संतान उत्पन्न करने की आशा न रख सकती थी, इसहाक का उत्पन्न होना एक चमत्कार ही था। सारा अपनी हंसी को रोक नहीं पाई। “परमेश्वर ने मुझे हंसने दिया है। इसलिये इस खबर को सुननेवाले भी मेरे साथ खुश होंगे। कोई भी यह नहीं सोचता था कि सारा अब्राहम को उसके बुढ़ापे के लिए उसे एक…

​अदृश्य दुनिया और सच्चा विश्वास​

विश्वास उद्धार के लिए आवश्यक है। बाइबल स्पष्ट रूप से उल्लेख करती है कि विश्वास के बिना लोग उद्धार नहीं पा सकते। यह इसलिए क्योंकि केवल विश्वास रखनेवाले लोग हमारे उद्धार के लिए स्थापित हुई परमेश्वर की आज्ञाओं और नियमों का पालन कर सकते हैं। परमेश्वर ने दृश्य और अदृश्य दुनिया की सृष्टि की। विश्वास की दुनिया भी अदृश्य है, इसलिए सामान्य समय में यह जानने का कोई तरीका नहीं कि हमारा विश्वास बड़ा है या छोटा। तब, हमारा विश्वास कब और कैसे प्रकट किया जाता है, और हमें किस प्रकार का विश्वास रखना चाहिए? आइए हम बाइबल की शिक्षाओं के द्वारा इसकी पुष्टि करें। अपने आप को परखो कि विश्वास में हो कि नहीं सभी ने अपने स्कूल के…

परमेश्वर की प्रतिज्ञा और स्वर्ग

पुराना वर्ष चला गया है, और एक नया वर्ष शुरू हुआ है। अतीत को देखते हुए, मुझे लगता है कि मेरे सभी दिन इतनी जल्दी बीत गए कि जैसे मैं एक ही रात की नींद से जाग गया हूं। यह मुझे याद दिलाता है कि वह दिन नजदीक आ रहा है जब हम स्वर्ग जाएंगे। हमें बहुत आभारी होना चाहिए कि हमारे लिए स्वर्ग का राज्य है। जब यीशु 2,000 वर्ष पहले इस पृथ्वी पर आए थे, तो उन्होंने सिखाया कि स्वर्ग और नरक का अस्तित्व वास्तव में है और हमसे उस मार्ग का अनुसरण करने को कहा जो उन्होंने हमारे लिए खोला था, ताकि हम सभी स्वर्ग जा सकें। फिर उन्होंने पृथ्वी पर अपने जीवन के दौरान सत्य की…

पिन्तेकुस्त का दिन

नए नियम के पिन्तेकुस्त के दिन को पुराने नियम में “सप्ताहों का पर्व” कहा जाता था। 2,000 वर्ष पहले, यीशु के पुनरुत्थान और स्वर्गारोहण के बाद, इस दिन परमेश्वर ने अपने लोगों पर पवित्र आत्मा की सामर्थ्य उंडेली, ताकि वे यीशु मसीह के बारे में गवाही दे सकें। उन्होंने संसार की सभी जातियों को स्वर्ग के राज्य के सुसमाचार का प्रचार किया, जो यीशु ने उन्हें सिखाया था। मसीह ने स्वर्गारोहण के दिन पर विश्व सुसमाचार का मिशन घोषित किया। यह पिन्तेकुस्त का दिन था जो विश्व सुसमाचार की आग को प्रज्वलित कराने के लिए एक चिंगारी बना। पिन्तेकुस्त के दिन पर चेलों पर उंडेला गया पवित्र आत्मा प्रथम चर्च के सुसमाचार के विकास के लिए प्रेरक शक्ति बन गया।…

एक मन होकर परमेश्वर से प्रार्थना की

पतरस और यूहन्ना जो यीशु का प्रचार कर रहे थे, याजकों, मन्दिर के सरदारों और सदूकियों के द्वारा पकड़े गए। भले ही उन दोनों को धमकी दी गई और कहा गया, “यीशु के नाम से कुछ भी न बोलना और न सिखाना,” फिर भी उन्होंने निर्भयता के साथ मसीह की इच्छा का प्रचार किया। हाकिमों को पतरस और यूहन्ना को दण्ड देने का कोई रास्ता नहीं मिल सका, इसलिए उन्होंने उन्हें छोड़ दिया। पतरस और यूहन्ना छूटकर यीशु पर विश्वास करने वाले अपने ही लोगों के पास वापस आ गए और उनसे जो कुछ प्रधान याजकों और पुरनियों ने कहा था, वह सब उनको सुना दिया। यह सुनकर उन्होंने एक मन होकर ऊंचे शब्द से परमेश्वर से प्रार्थना की। “हे…

हम मनुष्य कहां से आए हैं और कहां जा रहे हैं?

जब से मनुष्य इस पृथ्वी पर हैं, सभ्यता का विकास निरंतर हो रहा है। हालांकि, ऐसे अनगिनत रहस्य हैं जिन्हें मनुष्य हल नहीं कर सके हैं। उनमें से एक मनुष्य की आत्मा का सत्य है जिसे जानने के लिए सभी युगों के और देशों के लोग जिज्ञासु रहे हैं: इस पृथ्वी पर पैदा होने से पहले हम कहां थे? क्या मृत्यु सब बातों का अंत है या मृत्यु के बाद एक और दुनिया है? जीवन से संबंधित इन सभी सवालों के जवाब न पा सकने के कारण, वे सभी अज्ञात रूप से मृत्यु से डरते हैं; चूंकि वे नहीं जानते कि वे कहां जा रहे हैं, वे इस बात को लेकर आश्वस्त नहीं हैं कि उनके भविष्य में क्या होने…

दोनों का जीवन एक दूसरे पर निर्भर रहता है

ग्यारह पुरुष मिस्र देश के प्रशासक यूसुफ के सामने भूमि तक झुककर मुंह के बल गिर पड़े। यूसुफ ने उन्हें कड़ी फटकार लगाई क्योंकि उनमें से एक के बोरे से यूसुफ के चांदी का कटोरा मिल गया था। “तुम लोगों ने यह कैसा काम किया है?” यूसुफ ने उन्हें कड़ाई से डांटा। लेकिन यह सब उस योजना के अनुसार हुआ जो यूसुफ ने पहले से बनाई थी। लंबे समय पहले, यूसुफ अपने भाइयों के द्वारा मिस्र में बेचा गया था, लेकिन वह पूरे मिस्र देश का प्रशासक बन गया जो एक देश को संभालता था। जब भयंकर अकाल पड़ा, और यूसुफ अपने देश के सब भण्डारों को खोलकर अनाज बेच रहा था, तब उसके भाई भी अनाज मोल लेने के…

झूठे भविष्यद्वक्ता की पहचान और सच्चा चर्च

जिस पृथ्वी के पारिस्थितिकी तंत्र में हम रहते हैं, वह इतने नाजुक और उत्कृष्ट रूप से व्यवस्थित किया गया है कि हम असहाय होकर सोचते हैं कि किसी न किसी ने तो इसका निर्माण किया है। क्या होता यदि पृथ्वी वर्तमान आकार से थोड़ी बड़ी या छोटी होती? क्या होता यदि पृथ्वी सूरज से थोड़ा करीब या दूर होती? यदि पृथ्वी का आकार या सूरज तक की दूरी में थोड़ा सा भी परिवर्तन हो जाए और यदि उपग्रह चांद का अस्तित्व न होता, तो पृथ्वी पर जीवन न होता। पृथ्वी को पानी या ऑक्सीजन की कमी होती और इसका तापमान अधिक हद तक गर्म या ठंड होता; तो जैसा अब है वैसा ही पृथ्वी का पर्यावरण मानव निवास के लिए…

वे जो क्षणभर के लिए जीते हैं और वे जो अनन्तकाल के लिए जीते हैं

बाइबल गवाही देती है कि परमेश्वर की सन्तान, जो उद्धार पाएंगी, वे स्वर्ग के नागरिक हैं।(फिलि 3:20) स्वर्गीय नागरिक होने के तौर पर, हमें अपना मन पृथ्वी की नहीं पर स्वर्ग की बातों पर लगाना चाहिए। परमेश्वर हमें, अपनी सन्तानों को, सिर्फ हमारे शारीरिक जीवन में नहीं फंसाना चाहते। इसलिए परमेश्वर हमें सिखाते हैं कि हमें उन अनन्त चीजों के लिए जीना चाहिए जो हम स्वर्ग में वापस जाकर भोगेंगे। जिस प्रकार इस पृथ्वी पर सब के पास एक देश के नागरिक होने के नाते कुछ अधिकार और कर्तव्य होते हैं, उसी प्रकार हम सभी के पास स्वर्ग के नागरिक होने के नाते कुछ अधिकार और कर्तव्य होते हैं। आइए हम देखें कि पृथ्वी पर हमारा जीवन हमारे लिए क्या…

प्रायश्चित्त के दिन का अर्थ

सब्त और तीन बार में सात पर्व इत्यादि परमेश्वर के पर्व, जिनका वर्णन बाइबल में है, वे सिर्फ पुराने नियम की व्यवस्था नहीं हैं, लेकिन उनमें से हर एक के पास मानवजाति के उद्धार के लिए महान अर्थ है। परमेश्वर सिय्योन के लोगों को बचाते हैं जो पर्व मनाते हैं और जिन्होंने पर्वों के अनुसार बलिदान(आराधना) चढ़ाकर परमेश्वर से वाचा बांधी है, उन्हें “मेरे भक्त” कहकर बुलाते हैं(यश 33:20-24; भज 50:1-5)। परमेश्वर यह भी कहते हैं कि वह अपनी संतानों को इकट्ठा करेंगे जो अंतिम दिनों में पर्व मनाने के लिए प्रयास करती हैं, और पृथ्वी के सभी लोगों में उनकी कीर्ति और प्रशंसा फैलाएंगे(सपन 3:14-20)। बाइबल में परमेश्वर की प्रतिज्ञाओं के अनुसार, लोग जो परमेश्वर के नियत पर्वों सहित…

मेरी खोज करो

परमेश्वर ने मानव जाति से कहा, “मेरी खोज करो।” परमेश्वर की खोज करने के लिए, हमें उनका ज्ञान रखना चाहिए। बाइबल में दिए गए सारे संकेतों के द्वारा हमें यह जानना चाहिए कि परमेश्वर कहां निवास करते हैं और यह कि जब परमेश्वर इस पृथ्वी पर आएंगे तो क्या ले आएंगे। केवल तब ही हम परमेश्वर को खोजकर सही तरह से ग्रहण कर सकेंगे। परमेश्वर इस पृथ्वी पर आ चुके हैं, लेकिन अब तक भी दुनिया में बहुत से चर्च परमेश्वर को न तो जानते और न ही उनकी खोज करते। यदि बाइबल कहती है कि परमेश्वर सिय्योन में निवास करते हैं, तो हमें जानना चाहिए कि सिय्योन किसे संकेत करता है, और यदि बाइबल कहती है कि परमेश्वर सिय्योन…

चर्च ऑफ गॉड वर्ल्ड मिशन सोसाइटी दुनिया भर के सभी लोगों को आशा देता है

0:00
0:00 0:00

प्लेबैक गति

1x

यह आवाज़ AI द्वारा उत्पन्न है। कुछ भिन्नताएँ हो सकती हैं।