विश्वास और जीवन
यह विश्वासियों को जो मसीह की सुगंध बनने की आशा करते हैं, विश्वास का एक सही जीवन जीने में मदद करता है।
एक साथ स्वेच्छा से सेवा करना
केप टाउन सिय्योन और बेलिविल सिय्योन के सदस्यों ने केप टाउन के केंद्र स्थल के आसपास की सड़कों को साफ करने के लिए अपनी आस्तीनें ऊपर चढ़ाईं। जब हम वहां गए, तो हमने पाया कि शहर का केंद्र स्थल साफ दिखाई देता है, लेकिन वो जगहें जो केंद्र स्थल से थोड़ी दूरी पर स्थित हैं, कूड़े के ढेर और घास एवं झाड़ियों में ढक गई हैं। सदस्यों ने उन क्षेत्रों में, जहां सफाई कर्मचारी आम तौर पर नहीं पहुंच सकते थे, सफाई का काम करने के लिए टीमें बनाईं। सदस्यों ने व्यवस्थित तरीके से सड़क से कूड़ा उठाया और घनी झाड़ियों और लम्बी–लम्बी घासों को उखाड़ा। कूड़े–कचरे को बाहर निकालने के लिए वे सीवर लाइन के पाइप में भी घुसने…
केप टाउन, दक्षिण अफ्रीका गणराज्य से पार्क उन ग्यंग
यदि आप हंसें
आम तौर पर लोग सोचते हैं, ‘मैं इसलिए हंसता हूं, क्योंकि मैं खुश हूं; मैं इसलिए कांपता हूं, क्योंकि मैं डरा हुआ हूं; मैं इसलिए नाक–भौं सिकोड़ता हूं, क्योंकि मैं थका हुआ हूं।’ लेकिन इससे विपरीत दावा किया गया। अमेरिकी मनोवैज्ञानिक विलियम जेम्स और डैनिश मनो वैज्ञानिक कार्ल लैंग ने लगभग एक ही समय में जेम्स–लैंग सिद्धांत पेश किया। इस सिद्धांत के अनुसार, आप खुश होने के कारण नहीं हंसते या उदास होने के कारण नहीं रोते, लेकिन आप हंसने के कारण खुश होते हैं और रोने के कारण उदास होते हैं। दूसरे शब्दों में, भावनाओं से शारीरिक क्रियाएं शुरू नहीं होतीं, परन्तु शारीरिक क्रियाओं से भावनाएं शुरू होती हैं। इस मनोवैज्ञानिक सिद्धांत को समझना थोड़ा कठिन हो सकता है,…
क्षमता से ज्यादा कीमती क्या है?
16 सितंबर 1976 को सोवियत संघ के एक शहर में एक बस ने अपना संतुलन खो दिया और नदी में गिर गई। फिर एक मनुष्य बिना किसी हिचकिचाहट के नदी में कूद गया। काले धुएं की वजह से वह देख नहीं सका कि उसके आगे क्या है, और वह पानी ठंडा था, लेकिन अपनी पूरी ताकत के साथ उसने यात्रियों को नदी से बाहर निकाला। शावर्ष करापेत्यां नामक वह एक प्रसिद्ध फिन तैराक था, जिसने 11 बार विश्व रिकॉर्ड तोड़े और 13 बार यूरोपीय चैम्पियनशिप और 17 बार विश्व प्रतियोगिता को जीता। 30 से भी ज्यादा बार नदी में गोताखोरी करके, उसने लगभग 30 लोगों को बचाया और फिर वह बेहोश हो गया। उस दिन से उसे निमोनिया और सेप्टिसीमिया…
आनंदित होने के लिए अभ्यास
‘काश मैं सुबह में ज्यादा सो सकता,’ ‘काश मौसम बेहतर हो जाए,’ ‘काश सुबह में खराब ट्रैफिक न हो,’ ‘मुझे आशा है कि मेरा प्रोजेक्ट सफल हो जाए,’ ‘काश मेरी पत्नी मुझे परेशान करना छोड़ दे,’ ‘काश मेरे बेटे को स्कूल में अच्छे अंक मिले’... लोग निरंतर इन चीजों को चाहते हैं। लेकिन, क्या दुनिया में सभी चीजें जिस तरह से हम चाहते, वैसी होती हैं? कभी–कभी आप सुबह में अलार्म बजने के बाद भी सोते रहते हैं और फिर जल्दबाजी में घर से निकलते हैं, लेकिन बाहर बारिश हो रही है और ट्रैफिक भयंकर होती है। इसलिए आपको काम पर पहुंचने में देर हो जाती है, और आपका मालिक जो उस दिन सामान्य से पहले ही काम पर आ…
यदि आप उड़ना चाहते हैं
कारपेंटर मधुमक्खियां सवेरे–सवेरे शहद इकट्ठा करने के लिए एक फूल से दूसरे फूल पर उड़ती हैं। उनका धड़ साधारण मधुमक्खियों की तुलना में बड़ा और मोटा होता है, लेकिन उनका धड़ बड़ा होने के बावजूद उनके पंख छोटे होते हैं। हवा के गतिविज्ञान के नजरिए से देखा जाए तो उनका बाहरी ढांचा उड़ान के लिए उपयुक्त नहीं है। तब कैसे कारपेंटर मधुमक्खियां ऐसे छोटे पंखों के साथ उड़ सकती हैं जो उड़ने के लिए उचित नहीं हैं? उसका रहस्य उनके पंखों की तेज फड़फड़ाहट में निहित है। दूसरी मधुमक्खियां जितना फड़फड़ाती हैं, यदि उतना ही कारपेंटर मधुमक्खियां अपने पंखों को फड़फड़ाएंगे, तो वे कभी उड़ नहीं सकतीं, इसलिए वे दूसरी मधुमक्खियों से अधिक जी–तोड़ मेहनत करके अपने पंखों को फड़फड़ाती…
सुसमाचार के सेवकों को खोजने के लिए
मलेशिया के केनिंगौ में शॉर्ट टर्म मिशन यात्रा करने से पहले, मुझे आशा थी कि बहुत से भाई–बहनें खोजे जाएंगे ताकि सिय्योन स्थापित हो सके और सुसमाचार अधिक से अधिक फैल सके। स्वर्गीय माता ने हमें यह आशीष का वचन दिया, “सुसमाचार के सेवकों को खोजिए जो शारीरिक और आत्मिक दोनों रूप से स्वस्थ हों और हाउस चर्च का निर्माण कीजिए।” माता के इस वचन के पूरा होने की आकांक्षा रखते हुए शॉर्ट टर्म मिशन यात्रा टीम पूर्व मलेशिया में केनिंगौ की ओर रवाना हुई। कुआलालंपुर से केनिंगौ तक कोई सीधी उड़ान नहीं थी, इसलिए हमें पहले कोटा किनाबालु में जाना और फिर केनिंगौ तक गाड़ी चलाकर जाना पड़ा जो कोटा किनाबालु से लगभग 100 किलोमीटर दूर था। तीन घंटे…
कुआलालंपुर, मलेशिया से माइकल टैन
उड़ान का भ्रम
उड़ान संचालन के लिए दो तरीके हैं – एक दृश्य उड़ान नियम है और दूसरा उपकरण उड़ान नियम। दृश्य उड़ान नियम यह है कि एक पायलट चालक सीट पर बैठकर बाहर की स्थिति देखते हुए विमान का संचालन करता है, और उपकरण उड़ान नियम यह है कि विमान का संचालन पूरी तरह से उपकरण पर निर्भर है और नियंत्रण केंद्र से निर्देश प्राप्त करना है। दृश्य उड़ान नियम के मामले में, यदि पायलट विमान को चलाने हुए विमान को उलटा करे या चक्कर काटे, तो उसे उड़ान के भ्रम में पड़ सकता है, चाहे वह कितना ही सक्षम क्यों न हो। समुद्र आसमान की तरह दिखता है, और जमीन पर रात की रोशनी आसमान के तारों की तरह दिखती है।…
एक खास फोटो
एक बेटा बाथरूम में शीशे को देखते हुए शरारतपूर्ण तरीके से अपनी जीभ को बाहर निकाल रहा है, और उसके बगल में उसका पिता शीशे में अपने बेटे को देखते हुए खुशी के साथ मुस्कुरा रहा है। उस फोटो में पिता के साथ बेटे का रिश्ता अच्छा लग रहा है, और वे दोनों अपने शरीर के ऊपरी हिस्से को दिखाते हुए एक–दूसरे के बगल में खड़े हैं। जब आप उस फोटो को ध्यान से देखते हैं, तब आप एक खास चीज को देख सकते हैं। उन दोनों के पेट पर एक सफेद नली लगाई गई है। वह बेटा “टेट्रालजी ऑफ फालोट” नामक जन्मजात हृदय रोग के साथ पैदा हुआ था। वह सामान्य लोगों की तरह मुंह के जरिए खाना नहीं…
सहानुभूति रखने वाला संवाद: आप अपने बच्चे से बातचीत कर सकते हैं
जिस घर में एक बच्चा होता है वहां कभी भी शांति नहीं रहती। जब से बच्चा लोगों की बातों के अर्थ को समझने और अपना विचार व्यक्त करने लगता है, तो माता-पिता और उसके बीच गंभीर लड़ाई शुरू हो जाती है। चाहे वह बच्चा बहुत प्यारा है, लेकिन जब वह जिद करते हुए बदमिजाजी दिखाता है, तो उसके माता-पिता चाहेंगे कि वे सब कुछ पीछे छोड़कर कहीं भी चले जाएं। शायद, बच्चे का इस प्रकार बर्ताव करना स्वाभाविक है। चूंकि वह भी एक मनुष्य है, तो उसे कुछ चीजें चाहिए और वह अपनी तरह से सोच सकता है। चाहे एक बच्चा मानसिक और शारीरिक रूप से अपरिपक्व है और उसे किसी के मार्गदर्शन की आवश्यकता होती है, लेकिन केवल उस…
ट्यूशन फीस का मानक
एक युवक जो अपने भाषण पर गर्व महसूस करता था, नेतृत्व करने के गुण सीखने के लिए एक प्रसिद्ध वक्ता के पास गया था। युवक ने आत्मविश्वास के साथ वक्ता को अपना परिचय दिया और खुद के बारे में बात करता रहा। उसकी बात समाप्त होने तक वक्ता चुपचाप उसे सुनता रहा। फिर, वक्ता ने एक शर्त रखी, “मुझे लगता है कि तुम्हें दूसरों की तुलना में ट्यूशन फीस दुगनी देनी चाहिए।” युवक ने उलझन में पड़कर पूछा, “क्यों मुझे अकेले ही दुगनी फीस देनी है?” वक्ता ने जवाब दिया, “अगर तुम महान नेता बनना चाहते हो, तो तुम्हें अपनी जीभ का ठीक से उपयोग करना सीखने से पहले अपनी जीभ को नियंत्रित करना सीखना चाहिए। चूंकि मुझे तुम्हें दूसरों…
अपने भाई–बहनों को खोजना जिन्हें अनन्त जीवन पाने के लिए निश्चित किया गया है
जब मैं किसी काम के लिए एक बहन के साथ जा रही थी, मेरी आंखें एक महिला की आंखों से जा मिलीं। उसके द्वारा अनपेक्षित रूप से पूछे गए एक प्रश्न को सुनकर हम रुक गए। “क्या आप प्रचार कर रही हैं?” हमें लगा कि वह सत्य का इंतजार कर रही थी। इसलिए हमने दूसरे काम को टाल दिया, और हम उससे बात करने लगीं। जब हमने उससे कहा कि हम चर्च ऑफ गॉड से हैं और हम स्वर्गीय माता के बारे में प्रचार कर रही हैं, तब उसकी आंखों में जिज्ञासा का भाव था। उसके पति ने भी जो घर की मरम्मत कर रहा था, दिलचस्पी दिखाई, इसलिए हमने तुरन्त उनके साथ बाइबल का अध्ययन करना शुरू किया। वे…
इलोइलो, फिलीपींस से गेनेविएवे एम. होआकिन
एक व्यक्ति के लिए किया गया बचाव कार्य
पिछले साल जून में जर्मनी के बवेरियन आल्प्स में जब एक वैज्ञानिक एक गुफा की छानबीन कर रहा था, वह पत्थर के गिरने से घायल हो गया। दुर्घटना जमीन से 1,000 मीटर नीचे हुई थी। उसकी गहराई न्यूयॉर्क के एक वर्ल्ड ट्रेड सेंटर की ऊंचाई से दुगुनी थी। उसके दो सहकर्मियों में से एक उसके साथ वहां रुका, और दूसरा 12 घंटों तक संकरे और खड़ी ढाल वाले भूलभुलैया रास्ते से चढ़कर मदद मांगने के लिए बाहर आया। उस आपदा के बारे में जानकर, जर्मन सरकार ने लोगों और औजारों को पूरी तरह से संगठित किया। उन्होंने पांच कैंप लगाए और ऑस्ट्रिया, स्विट्जरलैंड, इटली, क्रोएशिया और स्लोवेनिया जैसे पांच देशों से आए लगभग 700 डॉक्टरों और विशेषज्ञों ने बचाव कार्य…
अपने सपने को पूरा करने के लिए
एक आदमी था जिसका सपना अभिनेता बनने का था। वह अपने सपने को पूरा करने के लिए अधिक बार ऑडिशन देता था। लेकिन वह हर बार इस कारण से फेल हो जाता था कि उसके व्यक्तित्व और चेहरे में कुछ भी खास नहीं है। उसने 10 सालों तक 800 से भी अधिक बार ऑडिशन दिया। इस बीच उसे बहुत सारा काम करना पड़ा जैसे कि बारटेंडर, चौकीदार, पेंटर इत्यादि का काम। लेकिन उसने अभिनेता बनने के अपने सपने को कभी नहीं छोड़ा। एक दिन उसने एक नाटक में अपनी पूरी ऊर्जा के साथ अभिनय किया। उसके अभिनय को देखकर आलोचकों ने उसकी बहुत प्रशंसा की। उसका भविष्य उज्जवल और आशाजनक लग रहा था, लेकिन उसको अचानक एक ऐसी बुरी खबर…
नज प्रभाव (Nudge Effect)
यदि सीढ़ी और एस्केलेटर दोनों एक साथ रखे जाएं, तो ज्यादातर लोग सुविधाजनक एस्केलेटर का उपयोग करते हैं। लेकिन स्वीडन की राजधानी, स्टॉकहोम में एक मेट्रो स्टेशन है जहां सीढ़ी एस्केलेटर से ज्यादा लोकप्रिय है। ऐसा क्यों है? पहले, वहां भी दूसरे मेट्रो स्टेशन की तरह एस्केलेटर पर भीड़ लगी रहती थी। स्वीडिश सरकार ने लोगों की सेहत के लिए और एस्केलेटर पर लगी भीड़ भाड़ को रोकने के लिए लोगों को सीढ़ियों से जाने की सलाह दी, लेकिन वह बेकार थी। अनेक बार विचार–विमर्श करने के बाद, सरकार ने एक पियानो सीढ़ी तैयार की। जब सीढ़ी पर कदम रखा जाता है तब पियानो की ध्वनि निकलती है। इसलिए बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक और यहां तक कि विकलांग भी…
दुर्भावनापूर्ण टिप्पणियां रहित लेख
कुछ लोग कहते हैं कि कोई भी टिप्पणी प्राप्त न करने के बजाय दुर्भावनापूर्ण टिप्पणियां सुनना बेहतर होता है। लेकिन यदि वे खुद के बारे में दुर्भावनापूर्ण टिप्पणियां पढ़ते हैं, तो वे अपना विचार बदल देंगे। भले ही कई सारे समूह दुर्भावनापूर्ण टिप्पणियों से छुटकारा पाने की कोशिश कर रहे हैं, फिर भी ऐसी कई समस्याएं हैं जिन्हें हल किया जाना चाहिए। लेकिन एक वेबसाइट में ऐसा लेख था जिस पर कोई बुरी टिप्पणी न होने के कारण प्रसिद्ध हो गया। लेख पर ऐसा लिखा था। “यदि आप 40 साल की उम्र के मध्य या अंत में हैं और आपकी कोई बेटी है, मैं जानती हूं यह बेशर्मी की बात है, लेकिन आप मुझे सिर्फ एक बार ‘मेरी बेटी’ कहकर…
पापा का वजन कम करना
35 वर्षीय एडुआर्डो कामार्गो, जिसने अपने स्कूल के दिनों के बाद कभी व्यायाम नहीं किया था, और वह वजन घटाने में भी हमेशा विफल हो जाता था, उसने इस बार वजन कम करने का दृढ़ निश्चय किया। उसने भोजन की मात्रा कम करके सब्जियां ज्यादा खाईं, पीने की चीजों में से सिर्फ पानी पिया और एक सप्ताह में 32 किमी दौड़ने का लक्ष्य बनाया। दौड़ना इतना कठिन था कि उसे उल्टी होने लगी, लेकिन वह अपने वजन को कम करने के एकमात्र संकल्प से दौड़ता रहा। परिणाम स्वरूप, केवल दो महीनों में उसका वजन 95 किलो से 20 किलो कम हुआ। किस कारण से उसने अपने वजन को कम करने के लिए अपनी सारी ताकत लगा दी? वह अच्छे शरीर…
खेत में छिपा हुआ धन
अमेरिका में एक पार्क है जहां प्राकृतिक नजारा ज्यादा सुंदर नहीं है और पेड़ों की ठंडी छाया बड़ी मुश्किल से मिलती है। एक बंजर भूमि के समान दिखने वाला यह पार्क यात्रियों से 10 डॉलरह्यलगभग 650 रुपयेहृ का प्रवेश शुल्क लेता है। लेकिन हर साल करीब 50,000 यात्री वहां जाते हैं। उन्हें इस बारे में कोई शिकायत नहीं है। वे सिर झुकाकर सिर्फ जमीन की तरफ देखते हुए चलते हैं या गर्मी के मौसम में घंटों पसीना बहाते हुए मिट्टी को खोदते रहते हैं। अरकांसस के क्रेटर ऑफ डायमंड स्टेट पार्क में ऐसा दृश्य देखा जा सकता है। वहां हीरा खोजने के लिए लोगों को खनन का अधिकार है। 1906 में एक किसान ने वहां पहली बार हीरा खोज लिया…
बदलना आसान है
लंडन में रॉयल होलोवे विश्वविद्यालय की डॉ. बर्निस एंड्रयूज ने लगभग सौ मध्यम आयु वर्ग की महिलाओं पर एक प्रयोग किया; उनमें से 79% में कम आत्मसम्मान और उदासी रोग थी। वह चाहती थी कि वे सात सालों में कैसे बदल गईं। अनुवर्ती शोध से पता चला कि केवल 4% महिलाओं में अभी भी एक ही निदान था। यह दिखाता है कि लोग निश्चित रूप से बदल सकते हैं, चाहे वह अलग-अलग वातावरण के कारण हो या कुछ घटनाओं के कारण। हमने चिड़चिड़े लोगों को कोमल होते, और निष्क्रिय लोगों को सक्रिय होते देखा है; तो यह समझा जा सकता है। इसलिए आपको सिर्फ इसलिए निराश नहीं होना चाहिए क्योंकि आपको अपना व्यक्तित्व पसंद नहीं है। जब तक आप हार…
अब उड़ने का समय है
यह अच्छी तरह से जाना जाता है कि पक्षी अंडे देने के समय से लेकर उनके बच्चे के अंडों से निकलने तक अंडों के प्रति खुद को बहुत अधिक समर्पित करते हैं। ऐसा कहा जाता है कि पक्षी अपने शरीर को नीचे जमीन पर नहीं रखते। लेकिन वे अंडों को सेने के लिए अपने शरीर को जमीन पर चिपकाकर बैठते हैं और सभी अंडों को बराबरी से सेने के लिए अपना पूरा ध्यान लगाते हैं। एक बार जब बच्चे अंडों से निकलते हैं, तब माता–पिता पक्षी भोजन खोजने में व्यस्त हो जाते हैं। भले ही वे हर दिन अनगिनत बार भोजन लाते हैं, लेकिन वे अपने मुंह में कभी–कभार ही भोजन लाते हैं। इस तरह माता–पिता पक्षी अपने बच्चों के…
बाद में चुकाया गया प्रेम का कर्ज
एक लड़की थी जिसने द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान शरणार्थियों के रूप में गुजर–बसर करते हुए अपनी माता के साथ एक कठिन जीवन जिया। वह कुपोषण के कारण लगभग मर चुकी थी, लेकिन वह सहयोगी सेना और राहत संगठनों से राहत सामग्रियां प्राप्त करके बच सकी। बाद में वह विश्व प्रसिद्ध अभिनेत्री बनी। सेवानिवृत्ति के बाद उसने दुनिया भर की बहुत सी जगहों पर जहां राहत की जरूरत थी, जाते हुए सक्रिय रूप से स्वयंसेवा कार्य किया। “अब, मेरी बारी है कि मैं प्रेम का कर्ज चुकाऊं, जो पहले मुझे मिला था,” आड्री हेपबर्न ने यह कहा जिसे स्वर्गदूत कहकर बुलाया जाता था।