विश्वास और जीवन
यह विश्वासियों को जो मसीह की सुगंध बनने की आशा करते हैं, विश्वास का एक सही जीवन जीने में मदद करता है।
आत्मिक रूप से अपरिपक्व शिशु से परमेश्वर की संपूर्ण सन्तान बनने तक
पहले मैंने दाई के रूप में कार्य किया। जापान में दाई गर्भधारण, प्रसव, प्रसव–उपरान्त देखभाल और नवजात शिशु के स्वास्थ्य की देखभाल के बारे में विशेष ज्ञान रखने वाली होती है। वह मेरी मां थी जिसने मेरे एक दाई बनने के निर्णय पर बहुत ज्यादा प्रभाव डाला था। जब मैं उन्हें अपनी चार सन्तानों को बड़ा करने के लिए मेहनत से काम करते हुए देखती थी, तो मैं हमेशा सोचती थी कि, ‘आखिर उन्हें अपने लिए भी समय न निकालकर अपने परिवार के लिए क्यों जीना पड़ता है? क्या मैं कभी भी अपनी मां जैसी बन सकूंगी?’ मैंने एक मां की भूमिका के बारे में गहराई से सोचना शुरू किया, और उससे मैंने तय किया कि मैं एक दाई बनूंगी।…
ओसाका, जापान से माछमोतो मिवा
अनन्त जीवन के लिए
“गुलिवर्स ट्रेवल्स” एक एंग्लो–आयरिश लेखक जोनाथन स्विफ्ट के द्वारा लिखा गया एक हास्य–व्यंग्यपूर्ण उपन्यास है, जो लिलिपूट की यात्रा नामक पहले भाग से शुरू होकर चौथे भाग तक चलता है। यह उपन्यास बच्चों की कहानी के रूप में संपादित होकर प्रकाशित हो गया, और बहुत से बच्चों ने इसे पढ़ा है। जब मैं किशोर था, तब मुझे गुलिवर्स ट्रेवल्स की पूरी कहानी पढ़ने का मौका मिला, और उसमें मेरे लिए एक बहुत ही प्रभावशाली भाग था। गुलिवर लिलिपूट और ब्रोब्डिंगनाग की यात्रा के बाद जिस तीसरे देश की ओर गया, वह एक उड़ान द्वीप है। वहां उसने किसी उच्च अधिकारी से स्ट्रल्डब्रग्स, यानी उन लोगों के बारे में सुना जो अमर हैं। गुलिवर उनकी प्रशंसा करने लगा, लेकिन जल्द ही…
ग्यंगसान, कोरिया से छवे जे उंग
मां की अनुपस्थिति से उत्पन्न खालीपन को देखभाल और प्रेम से भरते हुए
भीषण गर्मी के एक दिन गांगल्यूंग सिय्योन के लगभग 50 भाई–बहनें एक मानसिक रूप से विकलांग युवक के घर को साफ करने के लिए गए। वह युवक अपनी मां की मृत्यु के बाद अकेले ही रह रहा था। और चूंकि उसने लंबे समय से अपने घर को साफ नहीं किया, इसलिए वहां बहुत गंदगी थी। हर दीवार और फर्श पर सभी प्रकार की गंदी चीजें फैली हुई थीं, और सारे सामानों और कपड़ों पर फफूंदी जम गई थी। ऐसी जगह में किसी भी व्यक्ति का रहना असंभव लग रहा था। वहां तत्काल सफाई करने की आवश्यकता थी, नहीं तो उस युवक की जान खतरे में पड़ सकती थी। मास्क और रबर के दस्ताने पहनकर, हम कुछ टीमों में बंट गए,…
गांगल्यूंग, कोरिया से होंग सुन थे
माता–पिता का प्रेम जो लौट आई संतान के कारण खुश होते हैं
माता–पिता के लिए जो फूल के समान सुन्दर और प्रिय हैं, वे उनकी संतान हैं। माता–पिता अपनी खुशियों के स्रोत, यानी अपनी संतानों के लिए अपना जीवन तक दे सकते हैं। उनके समर्पित प्रेम की तुलना इस संसार में किसी भी चीज से नहीं की जा सकती। माता–पिता का प्रेम समझना मुश्किल है, यह शायद इसलिए है क्योंकि वह गहरे समुद्र में छिपा बहुमूल्य मणि जैसा है। जब मैं छोटा था, मेरे पिता जहां कहीं जाते थे, मुझे हमेशा अपने साथ ले जाते थे। अपने पिता के कार्यस्थल से घर वापस आते समय, जब भी मैं कुछ बच्चों को बाहर खेलते हुए देखता था, मैं भी उनके साथ खेलना चाहता था, लेकिन मेरे पिता नहीं चाहते थे कि मैं ऐसा…
काठमांडू, नेपाल से जॉन परियार
दाग
एक व्यक्ति पेट्रोल स्टेशन पर गया। वहां एक कर्मचारी ने पेट्रोल भरने के दौरान उसकी गाड़ी के सामने वाले कांच को पोंछकर साफ किया। कर्मचारी ने कहा, “हमारे पेट्रोल का उपयोग करने के लिए धन्यवाद! कुशल से जाइए।” लेकिन उस व्यक्ति ने कहा कि कांच अभी भी गंदा दिख रहा है, इसलिए वह उसे फिर से पोंछकर साफ करे। तब कर्मचारी ने जल्दी ही उसे साफ किया। “सर, अब यह साफ हो गया है। यह अच्छा दिख रहा है।” लेकिन वह व्यक्ति चिढ़ी आवाज में बोला, “यह अभी भी गंदा है। क्या तुम्हें कांच को पोंछना आता है?” कर्मचारी उस व्यक्ति को ध्यान से देखकर दुकान के अंदर गया, और वह एक नरम कपड़ा लेकर आया और उसे उस व्यक्ति…
जगह जो आपकी कल्पना से बाहर है
इंसान की कल्पना–शक्ति असीम है। जब हम उन वस्तुओं या सुंदर कलाकृतियों को देखते हैं जिनका इंसान की उत्कृष्ट कल्पना–शक्ति के द्वारा आविष्कार किया गया है, तो हमारे मुंह से अपने आप भी “वाह!” की आवाज निकलती है। यदि कोई कुछ अद्भुत कार्य करता है जिसके बारे में किसी ने कल्पना भी नहीं की है, तब लोग यह कहते हुए उसकी प्रशंसा करते हैं कि, “उसने अकल्पनीय कार्य पूरा कर लिया है,” या “यह कलाकृति कल्पना से परे है।” जैसा लिखा है, “जो बातें आंख ने नहीं देखीं और कान ने नहीं सुनीं, और जो बातें मनुष्य के चित्त में नहीं चढ़ीं, वे ही हैं जो परमेश्वर ने अपने प्रेम रखनेवालों के लिये तैयार की हैं।” 1कुर 2:9 स्वर्ग का…
जहां मुझे लौट जाना है
अपने तीन बच्चों की परवरिश करते हुए मैं शारीरिक और मानसिक रूप से बेहद थक गई थी, शायद इसलिए मैं हमेशा बीमार पड़ी थी। चूंकि बहुत रातों तक मैं सो नहीं सकी थी, इसलिए मैं डॉक्टर के पास गई। मुझे पता चला कि मैं विषाद–रोग के शुरुआती दौर में हूं। डॉक्टर ने उसके इलाज के लिए तरह–तरह की सलाह दी थी, और मैंने विभिन्न चीजें करने का प्रयास किया; मैंने नई चीजों को सीखने का समय लिया, और मैं अपने दोस्तों से मिली और उनके साथ मजेदार बातें कीं और स्वादिष्ट भोजन किया। लेकिन यद्यपि मैंने नई चीजें सीखने, भोजन करने और यात्रा करने इत्यादि में अधिक समय लिया और पैसा गंवाया, फिर भी मेरा दर्द एक जैसा रहा। जैसे…
नागोया, जापान से ओइटा, आइ
पेड़–पौधे लगाते हुए
कानोआस सिय्योन के सदस्यों ने कानोआस नगर भवन के पर्यावरण विभाग के साथ स्वयंसेवा की। हमारा काम एक पार्क में पेड़–पौधे लगाना था। कार्यक्रम के दिन पर, हम सभी सुबह जल्दी पार्क में इकट्ठे हुए। पर्यावरण विभाग के प्रधान कर्मचारी और आमंत्रित पर्यावरणविद ने हमारे प्रति कृतज्ञतापूर्वक धन्यवाद व्यक्त किया और पेड़–पौधे लगाने के महत्व के बारे में समझाया। “यह कहा जाता है कि हमें रोजाना कम से कम आठ गिलास पानी पीना चाहिए। लेकिन भविष्य में पर्यावरण–प्रदूषण के कारण हम एक दिन में एक गिलास पानी पी सकेंगे। केवल पानी ही नहीं, पर हवा भी प्रदूषित हो रही है। बहुत देशों को ताजी हवा पाने के लिए बड़ा कृत्रिम फेफड़ा बनाना होगा। अब पर्यावरण–प्रदूषण और इसकी क्षति को कम…
कानोआस, ब्राजील से ब्रूना कार्वालो डे लीमा
मेरे देश में मिला एक नया सपना
जब मैं माध्यमिक स्कूल में प्रवेश करने वाला था, मेरे परिवार की परिस्थिति एकाएक बहुत ही खराब हो गई, और मुझे अपने परिवार को छोड़कर अमेरिका में रहने वाली चाची के पास रहने जाना पड़ा; अनपेक्षित ढंग से मुझे अपने प्रेमी परिवार को छोड़कर जाना पड़ा। सौभाग्य से अपने देश की विपरीत दिशा में जीवन उतना बुरा नहीं था। स्कूल में मेरी उम्र के कोरियाई छात्र बहुत से थे, और मैं जल्दी से अमेरिकी छात्रों का भी दोस्त बन गया। मेरे अमेरिका आने के थोड़े ही समय बाद, मेरी दादी जो मेरे लिए चिंता करती रहती थी, अमेरिका में आ गई और मुझे अकेला या परदेशी जैसा महसूस नहीं होता था। लेकिन फिर भी मैं कोरिया को याद करता था।…
सोंगनाम, कोरिया से इ मिन ग्यु
प्रेम पहुंचाने का एक तरीका
जब मुझे वर्ष 2020 से पहले भारत के मुंबई में एक शॉर्ट टर्म मिशन पर जाने के लिए नियुक्त किया गया था, तो मैं आधा उत्साहित थी और आधा चिंतित थी। यह उस दबाव के कारण था कि मुझे हिंदी सीखनी पड़ेगी। यह सोचते हुए कि क्या मुझे वास्तव में हिंदी सीखनी पड़ेगी, मैंने कुछ सदस्यों से पूछा कि यदि मैं सिर्फ अंग्रेजी बोलूं तो क्या होगा। लेकिन, उन सभी ने मुझे उत्तर दिया कि जब तक मुझे हिंदी समझ नहीं आती, मुझे मुश्किल हो सकती है। आखिरकार, मुझे हिंदी सीखनी पड़ी, लेकिन हिंदी वर्णमाला एक चित्रकारी की तरह लग रही थी, जो मुझे उलझा रही थी। हिंदी में सीखने के लिए बहुत से कठिन व्याकरणिक तत्व हैं, जैसे कि…
नामयांग्जू, कोरिया से छवे ही वन
बदलाव
मैं पैदा होने से पहले ही चर्च ऑफ गॉड में जाती आई हूं। जिसका अर्थ है कि मैं बचपन से ही चर्च ऑफ गॉड की सदस्य हूं। जब मैं माध्यमिक स्कूल में थी, तब मैंने अपनी माता के विश्वास पर नहीं, परन्तु अपने स्वयं के विश्वास पर खड़ा रहना शुरू किया। जब मैं स्कूल में अपने अन्य दोस्तों से मिलती थी जिनका धर्म मुझसे अलग था, तो मैं सोचती थी कि, ‘वह कौन सा सत्य है जो स्वर्ग के राज्य तक मेरी अगुआई कर सकता है?’ इस प्रश्न का जवाब मिलने में ज्यादा समय नहीं लगा। जब मैंने मेहनत से सिय्योन में बाइबल का अध्ययन किया, तो मैं नई वाचा के सत्य को सही ढंग से समझ सकी। लेकिन जब…
आनसान, कोरिया से जांग ये जीन
लैंसडाउन में पहुंचा माता का प्रेम
हमने 1 मई को लैंसडाउन में मार्ग सफाई अभियान करने का आयोजन किया था। उसके लिए सबसे पहले, हम नगर परिषद के कूड़े प्रबंधन विभाग से अनुमति लेने के लिए गए। एक संक्षिप्त अभिवादन के बाद, हमने परिषद के एक सदस्य को अपने चर्च से परिचय कराने के लिए परिचय वीडियो दिखाया। वह अपने आदर–भाव को छिपा न सका। “आपका चर्च बहुत से अच्छे कार्य करता है। मुझे खुशी है कि मैं आपसे मिल सका।” शुरुआत में वह यह सोचकर कि हम कोई छोटा सा समूह है, हमें छोटी सी सड़क के लिए अनुमति देनेवाला था। लेकिन परिचय वीडियो देखने के बाद, उसने हमारे सफाई अभियान का स्वागत किया और हमें सफाई के लिए जिन चीजों की आवश्यकता थी, वे…
दक्षिण अफ्रीका गणराज्य में केप टाउन चर्च
खजाने के बदले में दिया गया जीवन
जहाज की यात्रा के दौरान एक शानदार जहाज चट्टान से टकराकर धीरे–धीरे डूब रहा था। चूंकि सभी यात्रियों के बैठने के लिए रक्षा–नौकाएं पर्याप्त नहीं थीं, इसलिए सबसे पहले छोटे बच्चों और स्त्रियों को नौकाओं में बैठने का हक दिया गया। एक कुलीन स्त्री जो नौका में बैठ गई थी, अचानक खड़ी हो गई जैसे उसे कुछ याद आ गया हो, और फिर तेजी से जहाज की ओर वापस दौड़ गई। एक नाविक ने हैरान होकर कहा, “मैडम! आपको पांच मिनट में वापस आना चाहिए!” उसने केबिन में जाकर जल्दी–जल्दी अपने खजाने का संदूक उठाया, और जब वह रक्षा–नौक में वापस जाने वाली थी, तब उसकी आंखें आश्चर्य से फैल गईं। क्योंकि उसने केबिन में यहां–वहां बिखरे हुए हर प्रकार…
अपनी दादी के साथ तिल के पौधों को फटकते हुए
फसल की कटाई के मौसम के दौरान मैं अपनी दादी के घर गई थी। आमतौर पर मैं अगले दिन नौकरी पर जाने के लिए वहां से जल्दी निकल जाती हूं, लेकिन उस दिन मैंने फैसला किया कि मैं तिल के पौधों को फटकने में उनकी मदद करने के बाद थोड़ा देर से वहां से निकल जाऊंगी। तेंदू फल के खेत को जहां तेंदू यहां–वहां गिर गए थे, पार करने के बाद, जब मैं पके हुए तिल के खेत में पहुंची, मुझे ज्ञात हुआ कि काम मेरी उम्मीद से कुछ ज्यादा है। पहाड़ पर स्थित खेत में तिल के पौधों के गट्ठे बांधे हुए थे, जैसे बच्चे खेल के मैदान में एक पंक्ति में खड़े हों। “दादी, क्या हम इन सभी…
आनयांग, कोरिया से जन यंग सन
अच्छे कार्य का अर्थ
जैसे–जैसे हमारे स्वयंसेवा करने का दिन निकट आ रहा था, हमारी चिंता बढ़ रही थी, क्योंकि ऐसे सदस्य ज्यादा नहीं थे जो स्वयंसेवा कार्य में भाग ले सकते थे। हमने सोचा था कि स्वयंसेवकों की कमी के कारण कुछ समस्या हो सकती है। लेकिन कार्यक्रम के दिन अपेक्षा से ज्यादा भाई और बहनें एकत्रित हो गए। चाहे मौसम गर्म था, लेकिन हमने उत्साह के साथ सफाई अभियान किया। हरारे में एक उद्यान के प्रत्येक कोने की सफाई करते समय, बहुत से लोग हमारे पास आए। जब वे हमारे पास आकर पूछते थे कि हम कहां से हैं और चिलचिलाती धूप में भी चमकती मुस्कान के साथ कूड़ा क्यों उठा रहे हैं, तब हमने उन्हें चर्च ऑफ गॉड के बारे में…
जिम्बाब्वे में हरारे चर्च
क्योंकि मैं उनसे प्रेम करती हूं
सुबह से बरसात की आवाज बहुत अच्छी सुनाई देती है। यह मुझे उस समय की याद दिलाती है जब लंबे समय पहले मैं चर्च ऑफ गॉड के सदस्यों से मिली थी। जहां तक मुझे याद है, दुनिया के भविष्य को लेकर जिससे मुझे डर लगता था, मैंने पहले कभी किसी के साथ वैसी ईमानदार बातचीत नहीं की। मुझे बौद्ध धर्म के मंदिर जाने का शौक था और यही मेरा विश्वास था कि यदि मैं दूसरों को कोई नुकसान न पहुंचाकर अच्छा जीवन जीऊंगी, तो मैं स्वर्गलोक जाऊंगी। बेशक मेरा जीवन तो इतना काफी अच्छा नहीं था कि मेरे हाथ में उस बात की गारंटी थी, फिर भी मैंने विश्वास किया कि मैं अपना बाकी जीवन अच्छा काम करते हुए बिताऊंगी।…
गिम्हे, कोरिया से यांग संग रिम
अंत में तेरा भला ही होगा
17 फरवरी 2016 को मेरे बेटे का प्राथमिक स्कूल से ग्रेजुएशन पूरा हो गया। उसके ग्रेजुएशन समारोह में मेरे साथ भाग लेने के लिए मेरे पति ने भी छुट्टी ले ली जो घर से दो घंटे की दूरी पर काम करता था। ग्रेजुएशन समारोह में ग्रेजुएट हुए छात्रों के नाम एक–एक करके बुलाए गए, और उन्हें ग्रेजुएशन के प्रमाणपत्र दिए गए। कुछ छात्रों को पुरस्कार प्राप्त करने के लिए मंच पर बुलाया गया, और मेरा बेटा उनमें से एक था। मैं इतनी खुश थी कि मेरी आंखों में आंसू उमड़ आए। लोग शायद ऐसा सोच सकते हैं कि उसे एक शैक्षिक उत्कृष्टता पुरस्कार या ऐसा ही कुछ और प्राप्त हुआ है, लेकिन उसे जो प्राप्त हुआ, वह एक एथलेटिक पुरस्कार…
गुमी, कोरिया से इ सुन दक
एक आत्मा भी खोए बिना
सिरैक्यूज़ में स्थानांतरित होने के लगभग एक महीने बाद, मुझे ब्यूटी पार्लर में जाने की जरूरत थी, इसलिए मैंने इंटरनेट पर अपने पड़ोस में एक कोरियाई ब्यूटी पार्लर की तलाश की। सौभाग्य से, मुझे एक साल पहले खुला एक ब्यूटी पार्लर मिला जो अपने घर से दूर नहीं था। मैंने फोन करके रिजर्वेशन कराया और अगली सुबह वहां गई। भले ही मैं समय पर पहुंची, लेकिन हेयरड्रेसर वहां नहीं थी। उसके पति ने मुझ से माफी मांगी, मुझे इंतजार करने के लिए कहा, और थोड़ी देर बाद अपनी पत्नी को लाया। जब वह मेरे बाल बना रही थी, हम ने कई चीजों के बारे बातें कीं और चर्च के बारे में बात करने लगे। उसने मुझसे पूछा कि मैं किस…
न्यू विंडसर, एनवाई, अमेरिका से किम हे-यन
पहले चिंता करो, बाद में खुशी मनाओ
यह चीनी मुहावरा “यूयांग रू जि(ऑन यूयांग टावर)” नामक एक निबंध में लिखा है जो चीन के उत्तरी सोंग राजवंश के एक प्रख्यात प्रधानमंत्री फैन झोंगयान के द्वारा लिखा गया था। इसका मतलब है, “एक आदरणीय व्यक्ति दूसरों के चिंता करने से पहले देश के भविष्य के बारे में चिंता करता है और दूसरों को पहले खुशी मिलने के बाद ही, वह अपने लिए खुशी खोजता है।” इस मुहावरे का जिक्र अक्सर उन लोगों की मानसिकता पर जोर देने के लिए किया जाता है जिन्हें देश का कुछ महान काम सौंपा गया है। बाइबल में भी एक ऐसा आदर्श व्यक्ति है। वह प्रेरित पौलुस है। सुसमाचार का प्रचार करने के दौरान, भले ही उसने बहुत से खतरों का सामना किया…
ऑर्केस्ट्रा से मेल सीखना
वर्ष 1975 में वेनेजुएला के एक गरीब गांव में एक विशेष मीटिंग शुरू हुई। वह उस “एल सिस्तेमा ऑर्केस्ट्रा” की एक मीटिंग थी, जिसका संगीतकार और अर्थशास्त्री डॉक्टर हजोस एंटोनियो अबरेउ ने 11 गरीब बच्चों को इकट्ठा करके गठन किया। डॉक्टर अबरेउ ने इसलिए इसका गठन किया क्योंकि वह चाहता था कि सड़कों पर हर प्रकार के अपराधों में शामिल होने के खतरे में रहने वाले बच्चे संगीत के द्वारा मन की शांति पाएं और मिलजुलकर रहना सीखें। 40 साल के बाद, “एल सिस्तेमा” एक मुफ्त प्रशिक्षण कार्यक्रम बन गया है जिसमें 30 देशों में 3 लाख से अधिक बच्चे संगीत सीखते हैं। “एल सिस्तेमा” ऑर्केस्ट्रा पर आधारित है जिसमें सभी वादक मिलकर वाद्य बजाते हैं। बच्चे मिलजुलकर वाद्य बजाते…