विश्वास और जीवन
यह विश्वासियों को जो मसीह की सुगंध बनने की आशा करते हैं, विश्वास का एक सही जीवन जीने में मदद करता है।
स्वर्ण पदक से भी अधिक मूल्यवान चीज
ओलंपिक खेलों में केवल स्वर्ण, रजत, और कांस्य पदक नहीं होते। एक ऐसा पदक भी होता है जिसे खेल के परिणाम से कोई लेना-देना नहीं होता और उसे तब भी जीता जा सकता है जब खिलाड़ी खेल में भाग न ले। पिअर डी कुबर्टिन पदक एक ऐसे व्यक्ति को दिया जाता है जो खेल की भावना को साकार बनाता है। पदक का नाम आधुनिक ओलंपिक खेलों के संस्थापक के नाम पर रखा गया है। ओलंपिक में कई स्वर्ण पदक जीतने वाले हैं, लेकिन 1964 में पहले बार जब इस पदक का आयोजन किया गया तब से लेकर अब तक केवल सत्रह लोगों ने कुबर्टिन पदक जीता है। इसलिए यह स्वर्ण पदक से अधिक सम्मानजनक पुरस्कार हो सकता है। जो सत्रह…
परन्तु परमेश्वर ही सब कुछ है जो बढ़ानेवाला है
एक सब्त के दिन की सुबह में, मुझे न्यूयॉर्क में एक बहन से एक टेक्स्ट मैसेज आया। “मारिया ने बपतिस्मा लिया!” जब मैंने इस मैसेज को पढ़ा, तब मैं अभिभूत हो गई और मुझे पिछले साल की बात साफ–साफ याद आई। करीब एक साल पहले, मैं न्यूयॉर्क की एक बहन के साथ प्रचार करने गई, और हमें कोलंबिया से आई मारिया मिली जो अमेरिका में यात्रा कर रही थी। हमने उसे चर्च में आमंत्रित किया तब उसने खुशी से हमारा आमंत्रण स्वीकार कर लिया। और वह माता परमेश्वर के बारे में बाइबल के वचन से बहुत आश्चर्यचकित हुई थी। उस दिन, उसने सिय्योन के सदस्यों के साथ रात का खाना भी खाया और अच्छा समय बिताया, और वह न्यू जर्सी…
बाल्टीमोर, एमडी, अमेरिका से किम सन जू
जो मुझे एक रत्न के रूप में बदलता है
भला और बुरा, सच और झूठ, ज्योति और अंधकार, सुख और दुख! यदि आपको एक पसंद है, तो आप दूसरे को नापसंद करेंगे। लेकिन, एक रिश्ता है जिसमें आपको दोनों को पसंद करना है। वह आप और मैं, प्रशंसा और फटकार, सफलता और नाकामी, और ऊंचा और नीचा है। यदि आप दूसरों के लिए खुद को बलिदान करें, तो आपका जीवन आनन्दमय होगा; और यदि आप फटकार को मन में रखें और बदलें, तो आपको बाद में सराहा जाएगा; नाकामी सफलता की नींव बनती है; और यदि आप नम्र बनें, तो आपको दूसरे लोगों के द्वारा श्रेष्ठ किया जाएगा। आप, फटकार, नाकामी, नीचा... ये ऐसी बातें लग सकती हैं जिन्हें हम अपना नहीं मानना चाहते, लेकिन यदि हम इन्हें स्वीकार…
परमेश्वर जो कुचले हुए सरकण्डे को नहीं तोड़ते
बहुत ही मुश्किल समय में मैं परमेश्वर से मिली। यदि परमेश्वर ने मेरा हाथ न थाम लिया होता, तो मेरी आत्मा के साथ क्या हुआ होता? इसके बारे में सोचकर ही मेरे दिल में सिहरन पैदा होती है। मैं आभारी थी कि मैं परमेश्वर से मिलने के बाद फिर से हंस सकी। लेकिन मनुष्य का मन बहुत धूर्त है। संसार के प्रलोभनों और सांसारिक कठिनाइयों से परेशान होने के कारण मुझ में जल्दी ही नई शक्ति कम होने लगी, जो मैंने स्वर्गीय पिता और माता की आशीष के द्वारा पाई थी। जिसने मेरी मरती हुई आत्मा को बचाया, वह परमेश्वर का वचन था जो दिखता है कि परमेश्वर का प्रेम कितना महान है। “वह कुचले हुए सरकण्डे को न तोड़ेगा,…
चियोंगजु, कोरिया से किम थे ही
सकारात्मकता का बीज बोना
यदि आप एक खेत में सलाद बोएं, तो वह सलाद का खेत बनता है; यदि आप गोभी लगाएं, तो वह गोभी के खेत में बदलता है; यदि आप फूलों के पौधे लगाएं, तो वह फूलों का बगीचा बनता है। वह इस पर निर्भर करता है कि आप किस प्रकार के बीज बोते हैं। हमारे हृदय का खेत भी वैसा ही है। जैसे अच्छा बीज अच्छा फल उत्पन्न करता है, ठीक वैसे आनन्द, आभार और आशा के फलों को उत्पन्न करने के लिए, हमें अपने हृदय में पहले सकारात्मकता का बीज बोना चाहिए। इस महीने, आइए हम सकारात्मकता का बीज बोएं, जो छोटा होने पर भी बहुमूल्य फल उत्पन्न करता है। यह स्मरण रखें कि बीज बोने के बाद, आपको ईमानदारी…
“महूका और उसके अंडों को भी खाना।”
भले ही महूका आम तौर पर किसी की थोड़ी सी उपस्थिति की आहट से उड़ जाती है, लेकिन एक समय होता है जब महूका अलग तरह से व्यवहार करती है। यह तब होता है जब वह अंडे सेती है। महूका अपने अंडों को छोड़कर कभी नहीं उड़ती। इसलिए जब आप एक महूका को अंडों पर बैठे हुए देखें, तो आप उसे पकड़ सकते हैं और अंडे भी ले सकते हैं। यह इस कहावत की शुरुआत है, “महूका और उसके अंडों को भी खाना।” यह एक कार्य करने से दोहरे लाभ पाने की खुशी का वर्णन करता है। हालांकि, यह माता के सहज प्रेम के बारे में एक दुखद कहानी है।
जैसे जमी हुई भूमि में दफनाया गया एक बीज भूमि से बाहर अंकुरित होता है
मैं अपने छोटे बेटे के साथ रहने के लिए सिहंग शहर में स्थानांतरित हुई। उस जगह को छोड़ना आसान नहीं था जहां मैं अपने पूरे जीवन में साठ वर्षों तक रही थी। लेकिन मैं वहां जाने के लिए खुश थी क्योंकि मेरा सबसे बड़ा बेटा और बेटी उस शहर में रहते थे। लेकिन एक दिन, मेरी बड़ी बेटी आई और उसने कुछ अजीब बात कही, जिससे मैं उलझन में पड़ गई। “मां, मैंने सुना है कि बाइबल में स्वर्गीय माता है।” स्वर्गीय माता? मैं दसियों सालों से कैथोलिक चर्च जाती थी, लेकिन मैंने कभी भी स्वर्गीय माता के बारे में नहीं सुना। इसलिए मैंने वह सुनने की कोशिश भी नहीं की और उसे घर भेज दिया जैसे मैं उसे बाहर…
सिहंग, कोरिया से सिन दोंग ल्ये
हाथ जो दुनिया पर शासन करता है
“वह हाथ जो पालना झुलाता है, दुनिया पर शासन करता है!” एक अमेरिकी कवि विलियम रॉस वालेस ने यह कहते हुए बच्चों पर उनकी माताओं के प्रभाव पर जोर दिया। उसने कहा, “पुरुष शक्तिशाली है; वह भूमि और समुद्र पर शासन करता है, लेकिन वह हाथ जो पालना झुलाता है, दुनिया पर शासन करता है!” वास्तव में, ज्यादातर ऐतिहासिक लोग जिन्होंने दुनिया को अपने वश में किया था, वे अपनी माताओं के द्वारा प्रभावित हुए थे। उन्होंने पालने से आरम्भ होकर उनकी माताओं के द्वारा बनाई गईं मान्यताओं के आधार पर अपने सपने संजोए, और वे विश्व इतिहास में मील का पत्थर साबित हुए। अभी, हीरो हैं जो पूरी दुनिया को प्रेम नामक एक मजबूत हथियार से हिला रहे हैं।…
पिकनिक की तरह एक मजेदार दिन
हम डेबूडो द्वीप पर एक अंगूर के खेत में किसान का हाथ बंटाने के लिए गए थे। बुछन से डेबूडो द्वीप तक एक घंटे से अधिक समय लगता है, इसलिए हम उस किसान को जितना संभव हो उतनी अधिक सहायता देने के लिए सुबह जल्दी निकल गए। सुबह–सवेरे हम उत्साहित थे जैसे कि हम एक पिकनिक पर जा रहे हों। अंगूर के खेत के किसान ने हमारा ऐसा स्वागत किया मानो वह अपने खुद के बच्चों का स्वागत कर रहा हो जो एक अलग शहर से उससे मिलने आए हैं। उसने मुस्कुराते हुए यह कहा, “यहां तक आने के लिए धन्यवाद क्योंकि फसल काटने के समय में उच्च वेतन देने पर भी मजदूरों को ढूंढ़ना बहुत मुश्किल है।” और हम…
बुछन, कोरिया से युन मी ह्यांग
शरण नगर में एक कैदी
छलन्क! कर्कश ध्वनि! एक मोटे लोहे का फाटक धीमी आवाज के साथ खुलता है। एक डॉक्यूमेन्टरी में महिला कारागार के कैदियों के जीवन को चित्रित किया गया था। ‘उनका जीवन कैसा है?’ मेरा ध्यान टीवी पर केंद्रित हो गया। व्यायाम के लिए एक दिन में तीस मिनट! केवल यही समय था जब कैदी सूरज को देख सकती थीं। वे हंसती और बात करती थीं। कुछ कैदी व्यायाम करती थीं जबकि अन्य केवल धूप में बैठी रहती थीं। यदि वे यूनिफार्म को नहीं पहनतीं, तो वे कैदियों की तरह नहीं, आम महिलाओं की तरह दिखाई देती थीं। एक कैदी ने संवाददाता से पूछा कि क्या उसका चेहरा टीवी पर दिखाया जाएगा। उसने इसलिए नहीं पूछा कि उसे इससे एतराज होगा। “यदि…
उल्सान, कोरिया से जो उन यंग
विनम्र भाषा बोलने से आपकी खुशी बनाए रखिए!
जैसे सड़क पर ड्राइविंग शिष्टाचार, भोजन शिष्टाचार, और ड्रेस कोड होते हैं जो परिस्थिति के अनुसार समायोजित किए जाते हैं, ठीक वैसे बोलने के शिष्टाचार भी होते हैं। भोजन शिष्टाचार और ड्रेस कोड पर ध्यान न देने के कारण आपको दंडित नहीं किया जाएगा। लेकिन, ड्राइविंग के मामले में, यदि आप दूसरे ड्राइवर के दृष्टिकोण का विचार न करें और लापरवाही से ड्राइव करें, तो दुर्घटना का खतरा आएगा। उसी तरह, यदि आप शब्द बोलने के शिष्टाचार का पालन न करें, तो आपके परिवार की शांति पर आपको चेतावनी संकेत मिल सकता है। यदि आप अपने बच्चे के असभ्य बातचीत को खुशमिजाज व्यक्तित्व के रूप में मानें और यदि आप अपने परिवार सदस्यों के साथ करीब होने के कारण उनसे…
एक कलाबाज गुड़िया की तरह
एक कलाबाज गुड़िया है। वह कभी नहीं गिरती; भले ही उसे धक्का दिया जाए, वह गिरते–गिरते फिर से एकदम खड़ी होती है। गिरते हुए दिखने पर भी वह तुरंत अपने आपको खड़ा करती है, क्योंकि उसका भार–केन्द्र निचले हिस्से में होता है। अगर उसका भार–केन्द्र ऊंचे हिस्से में है, तो वह गुड़िया खड़ी नहीं हो सकती; चाहे वह कितने ही यत्न से खड़ा रहना चाहती हो, वह एक तरफ झुक जाएगी और वह जमीन पर गिर जाएगी। ठीक इसी तरह से अगर हमारे मन का केंद्र भी ऊंचा रखा जाए, तो हम अपने विश्वास को खड़ा नहीं कर सकते; हमारे मन का केंद्र जितना ऊंचा हो जाता है, उतनी ही जल्दी हम गिर जाएंगे। “घमण्डी बनने का अर्थ है, सेवा…
जब मैं सोती हूं तब भी
कुछ समय पहले, मैं ने एक माता के अपने बीमार पुत्र की देखभाल करने के बारे में एक लेख पढ़ा था। उसके बेटे को ऐसी बीमारी हुई थी जिसके कारण मांसपेशियों की सिकुड़न होने लगी और सांस लेने में तकलीफ हुई। डाक्टर ने जिसने उस बीमारी का निदान किया था, बताया था कि उसके बेटे के पास अब केवल अठारह महीने बचे हैं। वह अपने बेटे को वापस अपने घर ले गई, और उसकी मांसपेशियों को आराम देने के लिए ज्यादा से ज्यादा बार उसकी छाती की मालिश करने लगी। चाहे उसका बेटा सो गया हो, तो भी वह मालिश करना बंद नहीं करती थी। समस्या तब होती थी जब माता को स्वयं सोना था। वह झपकियां लेती थी, लेकिन…
अमेरिका, पेंसिल्वेनिया, फिलाडेल्फिया से वेई वेई
एक ब्रेड द्वारा बचाया गया एक जीवन
प्रथम विश्व युद्ध के दौरान एक जर्मन सैनिक ने खाई में स्थापित हुए दुश्मन के अड्डों पर छापा मारा, जिसे दुश्मन सैनिकों को जीवित पकड़ने का मिशन सौंपा गया था। एक दुश्मन सैनिक उसके हाथ में पकड़ा गया। दुश्मन सैनिक जो भोजन करने के दौरान पकड़ा गया था, ने अनजाने में अपने हाथ में मौजूद ब्रेड उसे दे दिया। उस जर्मन सैनिक को भूख लगी थी। इसलिए उसने वह ब्रेड ली और मजे से खा लिया। फिर बदले में, उस जर्मन सैनिक ने दुश्मन सैनिक को छोड़ दिया क्योंकि वह ब्रेड के लिए आभारी था। एक छोटी ब्रेड ने सैनिक के जीवन को बचा लिया।
परीक्षा का लाभ
स्वादिष्ट टमाटर को बड़ा करने का एक अच्छा तरीका यह है कि जब एक बार फल लगना शुरू हो जाते हैं तो आप उन फलों में सूई चुभाएं। तब वे फल अपने घावों को चंगा करने के लिए जड़ से अधिक से अधिक पोषक तत्व खींच लेते हैं; ऐसा करते हुए उनमें रोग एवं कीड़ों में प्रतिरोधी क्षमता विकसित होती है, और वे पौष्टिक फल बनते हैं। उचित परीक्षा भी मनुष्यों के लिए बुरा नहीं है; बल्कि यह लाभकारी है जब हम अपने पूरे जीवन के बारे में सोचें। परीक्षा पर काबू पाने के लिए संघर्ष करते हुए, हमारी इच्छा शक्ति मजबूत होती जाती है, और उस पर काबू पाने के बाद, हम हर्षित महसूस करते हैं और जीवन के…
एक अनाड़ी चरवाहे का एहसास
मैं अमेरिका में सबसे ठंडे उत्तरी राज्यों में से एक राज्य में पैदा और बड़ा हुआ, जहां सर्दियों में तापमान माइनस 40 डिग्री सेलसियस होता है। गर्मियों में तापमान 38 डिग्री सेलसियस तक पहुंच जाता है। मेरे करीबी पड़ोसी 1.6 किमी(1 मील) दूर रहते थे, इसलिए मुझे उन सब को जानने का मौका कभी नहीं मिला। उत्तर डेकोटा में मेरे पिताजी का एक खेत था, जहां वह खेती करते थे और सुअर, गाय–बैल, घोड़े, मुर्गियां और पीरू पालते थे। एक बार मैंने पिताजी से पूछा कि भले ही खुला मैदान है और लंबी सर्दियों में चराई के लिए पर्याप्त सूखी घास है, लेकिन क्यों वह किसी भेड़ को नहीं पालते। उन्होंने कहा कि भेड़ उस तरह का पशु नहीं है…
हॉस्टन, टेक्सास, अमेरिका से एलन सेलर
एक पौधे से सीखना
गांग ही आन जो जोसियन राजवंश के प्रारंभिक वर्षों में एक प्रतिनिधिक सुलेखक और चित्रकार था, वह बागवानी का भी गहरा ज्ञानी था। उसकी पुस्तक, “यांगह्वा सोरोक” में, उसने पौधों की विशेषताएं और पौधों को उपजाने के तरीके दर्ज किए जिनकी उसने पौधों को बड़ा करते हुए खोज की। इस पुस्तक को, जिसमें गुलदाउदी, स्वीट फ्लैग और ऑर्किड जैसे 16 पौधों के बारे में जानकारियां हैं, उस पुस्तक के तुल्य माना जा सकता है जो मानवीय चरित्र निर्माण के लिए शिक्षा देती है। गांग ही आन कहता है कि फूलों और पौधों को बड़ा करने का उद्देश्य अपने मन को निर्मल करके अभिमान को दूर करना है और मन के भीतर सद्गुणों को जागृत करना है; हमें देवदार के पेड़…
यहोवा तुझ को पूंछ नहीं, किन्तु सिर ही ठहराएगा
ऑस्ट्रेलिया में आकर मुझे करीब आठ वर्ष हुए हैं। जब मैं पहले ऑस्ट्रेलिया में आया, तब मैं सत्य में एक नया सदस्य था; यानी कुछ ही महीनों पहले मैंने सत्य ग्रहण किया था। स्वर्गीय पिता और माता के प्रेम और बलिदान के बारे में समझना तो दूर, मैं बुनियादी सत्य भी पूरी तरह से नहीं जानता था। इसलिए ऐसा नहीं था कि मैं सुसमाचार सेवकों की तरह विदेश प्रचार मिशन के लिए या योजना के साथ आया था। तीन वर्षों के लिए एडिलेड में रहते हुए, मेरा विश्वास बढ़ने लगा। लगातार बाइबल का अध्ययन करते हुए और प्रचार में भाग लेते हुए, मैं महसूस कर सका कि मेरी आत्मा धीरे धीरे बढ़ रही है। सुसमाचार का मिशन और आशीष महसूस…
ब्रिसबेन, ऑस्ट्रेलिया से छवे ब्यंग–हो
समय–क्षितिज
क्षितिज वह रेखा है जहां लगता है कि पृथ्वी या समुद्र आकाश से मिलता है। और एक विशिष्ट क्षेत्र या गतिविधि के पूर्वेक्षण या संभावना को प्रतीक रूप से दिखाने के लिए इसका उपयोग किया जाता है। जब हम इसी शब्द के आगे “समय” जोड़ते हैं, तो हमें एक सिद्धांत मिलता है जो जीवन की योजना के लिए लागू होता है – उसे “समय–क्षितिज” कहा जाता है। एक अध्ययन के अनुसार, जो लोग जीवन में सफल हुए और जो लोग असफल हुए, उन दोनों के बीच का अंतर ज्यादातर इस पर निर्भर करता है कि उनका समय–क्षितिज कितना लंबा है। इसका यह मतलब निकलता है कि आपके समय–क्षितिज की लंबाई के आधार पर आपके जीवन का संकेत चिन्ह बदल सकता…
नैपकिन पर लिखा हुआ प्रेम
गर्थ कालाघन, एक अमेरिकी परिवार का आम प्रमुख, एक ऐसा प्यारा पिता है जो अपनी बेटी के लंच बाक्स को पैक करता है। हर दिन, वह अपनी बेटी के लिए अपना प्यार व्यक्त करने के लिए लंच बॉक्स के नैपकिन पर मुहावरे जैसा एक अच्छा लेख लिखता था। लेकिन, एक दिन, उसे पता चला कि उसे कैंसर हुआ है। कई आपरेशनों और पुनरावृत्ति के जरिए कैंसर से लड़ते हुए, उसे इस बात की चिंता थी कि वह एम्मा को ग्रेजुएट होते हुए नहीं देख सकेगा। इसलिए उसने 826 नैपकिन नोट्स पहले ही लिख दिए जो बेटी के उच्च विद्यालय के ग्रेजुएशन पूरा करने तक काफी थे। “प्यारी एम्मा, कभी–कभी जब मुझे एक चमत्कार की आवश्यकता होती है, मैं तुम्हारी आंखों…