बाइबल के वचन
बाइबल हमें उद्धार पाने में बुद्धिमान बनाती है(2तीम 3:15)। आइए हम इससे परमेश्वर की सच्ची इच्छा सीखें।
यीशु सर्वशक्तिमान परमेश्वर हैं, फिर भी वह क्यों मनुष्य के रूप में आए?
परमेश्वर जब भी चाहें, वह अवश्य ही मनुष्य के रूप में प्रकट हो सकते हैं। क्योंकि सर्वशक्तिमान परमेश्वर के पास ऐसी शक्ति है कि वह शरीर रूप का धारण कर सकते हैं या उसे उतार सकते हैं। फिर क्यों परमेश्वर एक कमजोर बालक और पुत्र के रूप में स्वयं पृथ्वी…
दुनिया में ऐसे कई लोग हैं जो यीशु की इच्छा पर चलने का दावा करते हैं। तब, ऐसा क्यों है की वे यीशु के स्थापित नई वाचा को नहीं रखते?
यीशु का इस पृथ्वी पर आने का उद्देश्य मनष्यों को अनंत जीवन देना है जो अपने पापों के कारण मृत्यु के बाध्य हैं। हमें उद्धार की ओर नेतृत्व करने के लिए, यीशु ने फसह के दिन पर वई वाचा को स्थापित किया और क्रूस पर अपना लहू बहाते हुए, हमारे…
फसह
यीशु ने उनसे कहा, “मैं तुम से सच सच कहता हूं कि जब तक तुम मनुष्य के पुत्र का मांस न खाओ, और उसका लहू न पीओ, तुम में जीवन नहीं।“यूह 6:53 फसह का पर्व वह पर्व है, जिसके द्वारा विपत्ति हमें छोड़कर गुजर जाती है। यह पर्व पवित्र कैलेंडर…
यदि उन्होंने केवल परमेश्वर को देखा होता
दस आज्ञाएं प्राप्त करने के लिए मूसा के सीनै पर्वत पर चढ़ने के बाद कई दिन बीत चुके हैं। इस्राएली जो उसके नीचे आने का इंतजार कर रहे थे, हारून के पास इकट्ठे हुए और उससे कुछ करने के लिए कहने लगे। “हमारे लिए देवता बना, जो हमारे आगे-आगे चले।” “क्योंकि उस पुरुष मूसा को जो हमें मिस्र देश से निकाल ले आया है, हम नहीं जानते कि उसे क्या हुआ।” हारून ने उन्हें शांत करने के लिए जो उन्होंने उसे मांगा, उसे कार्य में लाया। “मेरे पास सोना ले आओ।” हारून ने सोने को जो लोग लाए, ले लिया और एक बछड़ा ढालकर बनाया, और लोगों ने सोने के बछड़े के सामने होमबलि और मेलबलि चढ़ाए। उसके बाद वे…
उद्धार के कार्य को पूरा करने की शक्ति का स्रोत
हमारे भाई और बहनें विश्वास में एक मन होकर कड़ी मेहनत कर रहे हैं। परिणाम स्वरूप, दुनिया भर में 7,000 से अधिक सिय्योन अब स्थापित हुए हैं। उद्धार के इस अद्भुत कार्य को देखकर, कुछ सोच सकते हैं कि यह इसलिए संभव हुआ क्योंकि प्रधान कार्यालय के कुछ विभाग योजना बनाने में अच्छा है, और दूसरे सोच सकते हैं कि हमने ऐसे महान परिणाम इसलिए पाए हैं क्योंकि हमारे पास पादरी और मिशनरी हैं जो उत्कृष्ट नेतृत्व के साथ संपन्न हैं। लेकिन, यदि हम बाइबल के द्वारा उस पर नजर डालें, तब हम महसूस कर सकते हैं कि चाहे परमेश्वर किसी भी लोगों को नियुक्त करें, राज्य का सुसमाचार सारे जगत में प्रचार किया जाएगा, और उद्धार का कार्य परमेश्वर…
चर्च ऑफ गॉड सब्त और फसह जैसे पर्वों पर ज्यादा महत्व देता है, जो अन्य चर्च नहीं मनाते। इसका कोई विशेष कारण है?
वह परमेश्वर हैं जिन्होंने पर्वों को स्थापित करके हमें मनाने की आज्ञा दी है। परमेश्वर के द्वारा दी गई व्यवस्थाओं में से कोई भी ऐसी व्यवस्था नहीं है, जिसका हमारे उद्धार से कोई लेना–देना नहीं है और कोई मतलब नहीं है। बाइबल में दर्ज किए गए पर्व हमारे उद्धार से निकट रूप से संबंधित है। परमेश्वर के पर्वों को स्थापित करने का कारण हम सब पापी हैं जिन्होंने स्वर्ग में पाप किया और इस पृथ्वी पर नीचे गिरा दिए गए। जो कोई इस संसार में पैदा होता है, वह मृत्यु के दंड से नहीं बच सकता जो पाप की मजदूरी है। क्योंकि पाप की मजदूरी तो मृत्यु है, परन्तु परमेश्वर का वरदान हमारे प्रभु मसीह यीशु में अनन्त जीवन है।…
आइए हम परमेश्वर को पवित्र आराधना चढ़ाएं
आराधना परमेश्वर का भय मानने और उनकी उपासना करने के लिए महत्वपूर्ण कारक है, जिसे कभी छोड़ा नहीं जा सकता। आराधना के द्वारा परमेश्वर के लोग अपने सभी पापों की क्षमा और पवित्रता की आशीष प्राप्त करते हैं, और परमेश्वर के अधिक करीब हो सकते हैं। कुछ लोग सोचते हैं कि आराधना वह समय है जब लोग बस एक उपदेश सुनने के लिए चर्च जाते हैं। लेकिन, आराधना सिर्फ उपदेशक से धाराप्रवाह उपदेश सुनने की विधि नहीं है, लेकिन उसमें अवश्य एक आत्मिक अर्थ है जिसे हमें महसूस करना चाहिए। हर उपदेशक को सिर्फ परमेश्वर और परमेश्वर के लोगों के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभाने और परमेश्वर के वचनों के द्वारा उन्हें परमेश्वर की इच्छा बताने की जरूरत है। बाइबल…
मसीह का दोषपत्र: “यह यहूदियों का राजा यीशु है”
हम सब, जो सत्य में रहनेवाले परमेश्वर के लोग हैं, अच्छे से जानते हैं कि स्वर्ग में किए गए हमारे पापों को क्षमा करने के लिए, यीशु छुड़ौती के रूप में क्रूस पर बलिदान हुए। तब, स्वर्ग के राज्य में हमने किस प्रकार का पाप किया? आइए हम यीशु के छुड़ौती बलिदान के द्वारा देखें कि हमारे पाप क्या थे, जिनके कारण हमें स्वर्ग से निकाल दिया गया। जब यीशु को क्रूस पर लटकाया गया, एक दोषपत्र उनके सिर के ऊपर लगाया गया, जिसमें लिखा था, “यहूदियों का राजा।” और उसका दोषपत्र उसके सिर के ऊपर लगाया, कि “यह यहूदियों का राजा यीशु है।” मत 27:37 जब यीशु का जन्म हुआ, तब यहूदिया रोमन साम्राज्य के द्वारा नियुक्त किए गए…
यदि हम फसह मनाते हैं, तो क्या हम परमेश्वर की सुरक्षा में रह सकते हैं?
इन दिनों टीवी पर विपत्तियों को लेकर बहुत सी खबरें आती रहती हैं। शायद इस कारण मुझे अक्सर फसह का स्मरण आता है जो हमें विपत्तियों से बचने के लिए सक्षम बनाता है। जितना अधिक हम विपत्तियों की खबरें सुनते हैं, उद्धार के संदेश की अहमियत उतनी ही ज्यादा होती है। फसह को अंग्रेजी में “Passover” कहा जाता है जिसका अर्थ है, “पार होना।” जैसे कि फसह का नाम बताता है, यह एक पर्व है जो विपत्तियों को हमारे ऊपर से गुजरने देता है। क्या कोई ऐसा उदाहरण है जहां फसह मनाने वाले लोग विपत्तियों से बच गए थे? जरूर! लगभग 3,500 वर्ष पहले उस समय ऐसा मामला हुआ था जब फसह पहली बार मनाया गया था। तुम्हारा मेम्ना निर्दोष…
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भाग्य
“वे घटनाएं जो भविष्य में एक निश्चित व्यक्ति या चीज के साथ आवश्य घटित होंगी, या भविष्य में होनीवाली चीज को नियंत्रित करनेवाली गूप्त उर्जा।” यह भाग्य की व्याख्या है। सीधे शब्दों में कहें तो यह किसी चीज को सूचित करता है जो मानव शक्ति से परे है। एक भिखारी के पास जीवन का एक निराशावादी दृष्टिकोण था। उसने सोचा उसका भाग्य अमीर या महान लोगों से अलग था। उसने एक ज्ञानी आदमी से पूछा, “मेरा भाग्य क्यों उनके भाग्य से अलग है?” उस ज्ञानी आदमी ने उससे उत्तर दिया, “तुम्हारा भाग्य उनके भाग्य से अलग नहीं है। उनका जन्म तुम्हारे जैसे भाग्य के साथ हुआ।” उसकी बातों से, उस भिखारी को थोड़ा सा आशा होने लगी। वह अपने जीवन…
माइटोकॉन्ड्रिया, माता से मिली जीवन की विरासत
हम देख रहे हैं कि जीवन के लिए माइटोकॉन्ड्रिया कितने आवश्यक हैं। दिलचस्प बात यह है कि हमारी कोशिकाओं में सभी माइटोकॉन्ड्रिया हमारी माताओं से प्राप्त होते हैं; “जीवन क्या है?” भले ही यह एक दार्शनिक प्रश्न जैसा लग सकता है, परंतु इस प्रश्न का उत्तर अभी तक न मिलने के कारण इस पर बहुत से वैज्ञानिक अध्ययन कर रहे हैं। यह एक बहुत ही सामान्य सत्य है कि सभी जीवित प्राणियों में जीवन होता है। लेकिन, जीवन को एक शब्द में परिभाषित करना कोई साधारण बात नहीं है। कई विद्वानों ने जीवन को परिभाषित करने का प्रयास किया है, लेकिन वे एक संपूर्ण सिद्धांत स्थापित नहीं कर सके हैं। जीवन की वर्तमान परिभाषा, जीवन की सामान्य विशेषताओं के आधार…
माता और बच्चे को एक साथ जोड़ने वाले गर्भनाल और प्लेसेंटा।
जिन गर्भनाल और प्लेसेंटा को कभी अस्वच्छ और संक्रामक अपशिष्ट माना जाता था, उन्हें अब चिकित्सा जगत में बहुत अधिक महत्व दिया जा रहा है। इसके पीछे का कारण यह है कि इनमें प्रचुर मात्रा में स्टेम कोशिकाएं पाई गई हैं, जो विभिन्न प्रकार के ऊतकों में परिवर्तित हो सकती हैं। विशेष रूप से, गर्भनाल रक्त, जो कि गर्भनाल से प्राप्त रक्त है, में रक्त बनाने वाली स्टेम कोशिकाएं और मेसेनकाइमल स्टेम कोशिकाएं होती हैं जो हड्डियों, मांसपेशियों और अंगों का निर्माण करती हैं; वर्तमान में, इसका अध्ययन रोगों के उपचार के लिए किया जा रहा है, और कुछ तकनीकें तो पहले से ही इस्तेमाल में लाई जा रही हैं। वर्ष 2000 में, संयुक्त राज्य अमेरिका में मौली नाम की…
जो हम देखते हैं वह सबकुछ नहीं है
मनुष्यों ने आश्चर्यजनक ढंग से सभ्यताओं को "सबसे बुद्धिमान जीव" के शीर्षक तक विकसीत किया। परन्तु, हमारे पास एक बड़ी कमजोरी है जो हमारे इस ग्रह पर ‘सर्वोच्चता’ होने के माम्लों में हमें फीका कर देती है। वह कमजोरी यह है कि हम दुनिया को अपूर्ण ज्ञानेंद्रियों से समझते हैं। दूसरे शब्दों में, दुनिया के बारे में हमारी जागरूकता का स्तर हमारी ज्ञानेंद्रियों द्वारा निर्धारित किया जाता है, और हम दुनिया को उतना ही महसूस कर सकते हैं जितना कि हमारी ज्ञानेंद्रियां अनुमति देती हैं। हम अपनी पांच ज्ञानेंद्रियों से दुनिया को समझते हैं: दृष्टि, श्रवण, घ्राण, स्वाद और स्पर्श। जैसी एक कहावत है, "किसी चीज के विषय में हजार बार सुनने के बजाय एक बार देखना बेहतर होता है,"…
मैंने तेरे लिए विनती की
अंतिम फसह के भोज पर चेलों में इस मामले पर वाद-विवाद हुआ, “हम में से कौन बड़ा समझा जाता है?” यीशु दर्द भरे मन से अपने चलों को देख रहे हैं जो थोड़ी देर बाद आनेवाली यीशु की पीड़ा के बारे में कुछ नहीं जानते। “शमौन, हे शमौन! सुन, तुम सब को गेहूं की तरह फटकने के लिए शैतान ने चुन लिया है। परन्तु मैंने तेरे लिए विनती की कि तेरा विश्वास जाता न रहे, और जब तू फिरे, तो अपने भाइयों को स्थिर करना।” उसने उनसे कहा, “हे प्रभु, मैं आपके साथ बन्दीगृह जाने, वरन् मरने को भी तैयार हूं।” यीशु ने कहा, “हे पतरस, मैं तुझ से कहता हूं कि आज मुर्ग बांग न देगा जब तक तू…
इम्प्रिंटिंग और पालन पोषण: पक्षियों का अपने बच्चों के प्रति प्रेम(2)
चूं-चूं! जब आप बच्चे थे, तो आपने किसी पालतू जानवरों की दुकान पर छोटे पीले चूजों को चूं-चूं करते हुए देखा होगा। और कुछ देर तक उन प्यारे और सुंदर जीवों को देखने के बाद उनमें से किसी एक को खरीद लिया होगा। उत्साह में आपने उसकी अच्छी देखभाल करने की पूरी कोशिश की होगी, लेकिन दुर्भाग्य से कुछ ही दिनों बाद वह बीमार पड़ गया होगा और उसकी मृत्यु हो गई होगी। आपकी कोशिशों के बावजूद उनकी मृत्यु क्यों हुई? चूजे लगभग 37–38°C [98.6–100.4°F] के तापमान पर अंडे से निकलते हैं, जो मुर्गी का सेने का तापमान होता है, और इन नवजात चूजों के शरीर का तापमान 40°C [104°F] से अधिक होता है। अंडे से निकलने के बाद, मुर्गी…
स्वर्गीय विवाह का भोज
बाइबल हमें बताती है कि जो इस पृथ्वी पर है उसकी वास्तविकता स्वर्ग में है।(इब्र 8:5 संदर्भ) जैसे हमारी शारीरिक देह होती है, वैसे ही परमेश्वर की सन्तान के लिए भी, जो उद्धार पाकर स्वर्ग वापस जाएंगी, नए सिरे से जन्मी आत्मिक आकृति होगी। जैसे शारीरिक माता–पिता हैं जिन्होंने हमें जन्म दिया और हमारा पालन–पोषण किया, वैसे ही हमारे लिए आत्मिक माता–पिता हैं जो हमें स्वर्गीय और आत्मिक आकृति में बदल कर नया जन्म देते हैं। हम परमेश्वर की सृष्टि–योजना के द्वारा इस सच्चाई को खोज सकते हैं। प्रकृति के अनुसार दिया जाता अनन्त जीवन प्राचीन काल में पूर्वज ऐसा कहा करते थे, ‘यह सहज है, मनुष्य को स्वर्ग की इच्छा समझ कर प्रकृति के अनुसार चलना है।’ और ‘जो…
जीवन का भोजन, स्तन का दूध
मोरिन खुर एक पारंपरिक मंगोलियाई वाद्ययंत्र है। जब एक ऊंटनी बच्चे को जन्म देती है, तो वह भारी पीड़ा से गुजरती है। इसी कारण, वह कभी-कभी अपने बच्चे से मुंह मोड़ लेती है, भले ही बच्चा बहुत छोटा हो और चलने में असमर्थ हो। ऊंट का बच्चा अपनी मां का दूध पिए बिना जीवित नहीं रह सकता। तब चरवाहा ऊंटनी मां के तनाव को दूर करने के लिए मोरिन खुर की उदास धुन बजाता है। तब ऊंटनी मां आंसू बहाती हुई अपने बच्चे को दूध पिलाने लगती है। एक माता बच्चे को जन्म देने तक बहुत कष्ट से गुजरती है। लेकिन, प्रसव की पीड़ा दुखों का अंत नहीं होती। स्तनपान कराना भी एक कठिन काम है। एक माता को अपने…
पक्षियों का अपने बच्चों के प्रति प्रेम(1), अंडों को सेना
प्रतिभाशाली आविष्कारक थॉमस एडिसन, बचपन से ही जिज्ञासु था। एक दिन, एडिसन गायब हो गया जिससे उसका परिवार घबरा गया। बाद में पता चला कि वह हंस के अंडों को सेने के लिए लेटते हुए सो गया था। लेकिन उसकी उम्मीद के विपरीत, कोई भी अंडा नहीं फूटा। हंस के अंडे क्यों नहीं फूटे? घोंसला: बच्चों के लिए घर अंडों को सेना और उनका फूटना पक्षियों के प्रजनन की सबसे महत्वपूर्ण प्रक्रिया हैं। घोंसला बनाना अंडों को सेने की प्रक्रिया का पहला कदम है। जिस प्रकार मनुष्य को वर्षा और हवा से बचने के लिए आश्रय की आवश्यकता होती है, उसी प्रकार पक्षी को भी एक घोंसले की आवश्यकता होती है, जहां वह अपने अंडों को प्राकृतिक शत्रुओं से बचा…
मां के शरीर में जीवन का जल, एमनियोटिक द्रव
एक मिल्क पाउडर कंपनी के विज्ञापन में एक तैरता हुआ शिशु दिखाया गया था। एक नवजात शिशु को तैरते हुए देखकर, जो अभी अपना सिर भी नहीं उठा सकता, अधिकांश लोगों ने सोचा कि वह दृश्य बनाया गया होगा। लेकिन, आश्चर्यजनक रूप से वह दृश्य असली था। पानी में शिशु डरने के बजाय सहज महसूस करते हैं। नवजात शिशु तो और भी अधिक ऐसा महसूस करते हैं। वे पानी में आराम से तैर सकते हैं और अपनी आंखें खोल सकते हैं। अगर वे डूबने लगते हैं, तो पानी में हाथ-पैर मारने लगते हैं। यह कैसे संभव हो सकता है? ऐसा इसलिए है क्योंकि उन्हें यह याद रहता है कि वे नौ महीने तक अपनी मां के गर्भ में एमनियोटिक द्रव…
बाइबल की संरचना और विशेषताएं
1. बाइबल की भाषाएं “बाइबल” शब्द यूनानी भाषा में “βιβλος(Biblos = किताब)” शब्द से निकला है। (1) पुराना नियम इब्रानी भाषा में लिखा गया था। ※ पुराने नियम की कुछ पुस्तकें(एज्रा 4:8–6:18; 7:12–26; यिर्म 10:11; दान 2:4–7:28) उस अरामी[कसदी] भाषा में लिखी गई थीं जिसका उपयोग बेबीलोन में होता था। यह कहा जाता है कि बेबीलोन में बंदी बनाए जाने के बाद, यहूदी लोग इब्रानी और अरामी दोनों भाषाओं में बात करते थे। (2) नया नियम उस यूनानी भाषा में लिखा गया था जिसका उपयोग उस समय दुनिया भर में होता था। यूनानी भाषा पहली शताब्दी में रोमन साम्राज्य की आधिकारिक भाषा बन गई। ※ नया नियम इब्रानी या अरामी में नहीं, लेकिन यूनानी में इसलिए लिखा गया था, क्योंकि…
विश्व सुसमाचार और माता का समर्थन
हर कोई अपने आत्मिक घर की कमी महसूस करता है जो खुशी और हर्ष से भरपूर रहता है, और वहां जाने की कामना करता है। लेकिन स्वर्ग जाने के लिए हमें पहले पृथ्वी पर अपने दिए हुए जीवन के सही मार्ग पर पूरी तरह चलना चाहिए। जिस प्रकार इस्राएली 40 वर्ष तक जंगल के मार्ग पर चलने के बाद ही कनान देश में पहुंच सके, उसी प्रकार हम तभी स्वर्ग में पहुंच सकेंगे जब हम आत्मिक जंगल, यानी विश्वास के मार्ग पर पूरी तरह चलेंगे जिस पर पिता चले और माता आज चल रही हैं। हम अपने पापों के कारण इस पृथ्वी पर निकाल दिए गए हैं। अपनी पापी संतानों को स्वर्ग के राज्य में लौटाने के लिए, परमेश्वर ने…
मुझे कहा गया कि पुराने नियम की व्याख्या छाया के रूप में की जाती है और नए नियम की व्याख्या उसकी असलियत के रूप में की जाती है। इस पर विश्वास करने का बाइबल का क्या आधार है?
बाइबल गवाही देती है कि पुराने नियम की व्यवस्था “आनेवाली अच्छी वस्तुओं की छाया है”(इब्र 10:1)। बाइबल में यह भी कहा गया है कि परमेश्वर ने प्राचीनकाल से उस बात को बताया है जो अब तक नहीं हुई है(यश 46:10), और जो अब हो रहा है वह पहले भी हो चुका है(सभ 3:15)। ये सभी वचन दिखाते हैं कि पुराने नियम के युग में परमेश्वर ने प्रतिरूप और छाया के द्वारा पहले ही यह जानने दिया है कि वह बाद में क्या पूरा करेंगे। पुराने नियम में मलिकिसिदक और नए नियम में यीशु आइए हम कुछ उदाहरणों के द्वारा इस तथ्य की पुष्टि करें कि पुराना नियम छाया है और नया नियम उसकी असलियत है। सबसे पहले आइए हम एक…
आसान मार्ग और सही मार्ग
हर किसी के जीवन में हमेशा एक आसान मार्ग होता है और एक सही मार्ग होता है। जब जापान ने कोरिया को अपना उपनिवेश बनाया, कुछ लोगों ने एक आसान और आरामदायक जीवन जीने के मार्ग को चुना, लेकिन कुछ ने सही मार्ग को चुना और अपने देश की आजादी के लिए संघर्ष करते हुए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया। अपने चुनाव के अनुसार, उन्होंने पूरी तरह से अलग–अलग जीवन जिया, और अंत में उन्हें बिल्कुल अलग–अलग परिणाम मिले: पहले वाले लोगों पर देशद्रोही का कलंक लगाया गया, लेकिन दूसरे वाले लोगों को कोरियाई आजादी के सेनानी के रूप में ख्याति प्राप्त हुई, और पीढ़ी दर पीढ़ी उनके नामों को याद किया जाता है। हमारे विश्वास के जीवन में…