यीशु सर्वशक्तिमान परमेश्वर हैं, फिर भी वह क्यों मनुष्य के रूप में आए?

परमेश्वर जब भी चाहें, वह अवश्य ही मनुष्य के रूप में प्रकट हो सकते हैं। क्योंकि सर्वशक्तिमान परमेश्वर के पास ऐसी शक्ति है कि वह शरीर रूप का धारण कर सकते हैं या उसे उतार सकते हैं। फिर क्यों परमेश्वर एक कमजोर बालक और पुत्र के रूप में स्वयं पृथ्वी…

दुनिया में ऐसे कई लोग हैं जो यीशु की इच्छा पर चलने का दावा करते हैं। तब, ऐसा क्यों है की वे यीशु के स्थापित नई वाचा को नहीं रखते?

यीशु का इस पृथ्वी पर आने का उद्देश्य मनष्यों को अनंत जीवन देना है जो अपने पापों के कारण मृत्यु के बाध्य हैं। हमें उद्धार की ओर नेतृत्व करने के लिए, यीशु ने फसह के दिन पर वई वाचा को स्थापित किया और क्रूस पर अपना लहू बहाते हुए, हमारे…

फसह

यीशु ने उनसे कहा, “मैं तुम से सच सच कहता हूं कि जब तक तुम मनुष्य के पुत्र का मांस न खाओ, और उसका लहू न पीओ, तुम में जीवन नहीं।“यूह 6:53 फसह का पर्व वह पर्व है, जिसके द्वारा विपत्ति हमें छोड़कर गुजर जाती है। यह पर्व पवित्र कैलेंडर…

भाग्य

“वे घटनाएं जो भविष्य में एक निश्चित व्यक्ति या चीज के साथ आवश्य घटित होंगी, या भविष्य में होनीवाली चीज को नियंत्रित करनेवाली गूप्त उर्जा।” यह भाग्य की व्याख्या है। सीधे शब्दों में कहें तो यह किसी चीज को सूचित…

माइटोकॉन्ड्रिया, माता से मिली जीवन की विरासत

हम देख रहे हैं कि जीवन के लिए माइटोकॉन्ड्रिया कितने आवश्यक हैं। दिलचस्प बात यह है कि हमारी कोशिकाओं में सभी माइटोकॉन्ड्रिया हमारी माताओं से प्राप्त होते हैं; “जीवन क्या है?” भले ही यह एक दार्शनिक प्रश्न जैसा लग सकता…

माता और बच्चे को एक साथ जोड़ने वाले गर्भनाल और प्लेसेंटा।

जिन गर्भनाल और प्लेसेंटा को कभी अस्वच्छ और संक्रामक अपशिष्ट माना जाता था, उन्हें अब चिकित्सा जगत में बहुत अधिक महत्व दिया जा रहा है। इसके पीछे का कारण यह है कि इनमें प्रचुर मात्रा में स्टेम कोशिकाएं पाई गई…

जो हम देखते हैं वह सबकुछ नहीं है

मनुष्यों ने आश्चर्यजनक ढंग से सभ्यताओं को "सबसे बुद्धिमान जीव" के शीर्षक तक विकसीत किया। परन्तु, हमारे पास एक बड़ी कमजोरी है जो हमारे इस ग्रह पर ‘सर्वोच्चता’ होने के माम्लों में हमें फीका कर देती है। वह कमजोरी यह…

मैंने तेरे लिए विनती की

अंतिम फसह के भोज पर चेलों में इस मामले पर वाद-विवाद हुआ, “हम में से कौन बड़ा समझा जाता है?” यीशु दर्द भरे मन से अपने चलों को देख रहे हैं जो थोड़ी देर बाद आनेवाली यीशु की पीड़ा के…

इम्प्रिंटिंग और पालन पोषण: पक्षियों का अपने बच्चों के प्रति प्रेम(2)

चूं-चूं! जब आप बच्चे थे, तो आपने किसी पालतू जानवरों की दुकान पर छोटे पीले चूजों को चूं-चूं करते हुए देखा होगा। और कुछ देर तक उन प्यारे और सुंदर जीवों को देखने के बाद उनमें से किसी एक को…

स्वर्गीय विवाह का भोज

बाइबल हमें बताती है कि जो इस पृथ्वी पर है उसकी वास्तविकता स्वर्ग में है।(इब्र 8:5 संदर्भ) जैसे हमारी शारीरिक देह होती है, वैसे ही परमेश्वर की सन्तान के लिए भी, जो उद्धार पाकर स्वर्ग वापस जाएंगी, नए सिरे से…

जीवन का भोजन, स्तन का दूध

मोरिन खुर एक पारंपरिक मंगोलियाई वाद्ययंत्र है। जब एक ऊंटनी बच्चे को जन्म देती है, तो वह भारी पीड़ा से गुजरती है। इसी कारण, वह कभी-कभी अपने बच्चे से मुंह मोड़ लेती है, भले ही बच्चा बहुत छोटा हो और…

पक्षियों का अपने बच्चों के प्रति प्रेम(1), अंडों को सेना

प्रतिभाशाली आविष्कारक थॉमस एडिसन, बचपन से ही जिज्ञासु था। एक दिन, एडिसन गायब हो गया जिससे उसका परिवार घबरा गया। बाद में पता चला कि वह हंस के अंडों को सेने के लिए लेटते हुए सो गया था। लेकिन उसकी…

मां के शरीर में जीवन का जल, एमनियोटिक द्रव

एक मिल्क पाउडर कंपनी के विज्ञापन में एक तैरता हुआ शिशु दिखाया गया था। एक नवजात शिशु को तैरते हुए देखकर, जो अभी अपना सिर भी नहीं उठा सकता, अधिकांश लोगों ने सोचा कि वह दृश्य बनाया गया होगा। लेकिन,…

बाइबल की संरचना और विशेषताएं

1. बाइबल की भाषाएं “बाइबल” शब्द यूनानी भाषा में “βιβλος(Biblos = किताब)” शब्द से निकला है। (1) पुराना नियम इब्रानी भाषा में लिखा गया था। ※ पुराने नियम की कुछ पुस्तकें(एज्रा 4:8–6:18; 7:12–26; यिर्म 10:11; दान 2:4–7:28) उस अरामी[कसदी] भाषा…

विश्व सुसमाचार और माता का समर्थन

हर कोई अपने आत्मिक घर की कमी महसूस करता है जो खुशी और हर्ष से भरपूर रहता है, और वहां जाने की कामना करता है। लेकिन स्वर्ग जाने के लिए हमें पहले पृथ्वी पर अपने दिए हुए जीवन के सही…

मुझे कहा गया कि पुराने नियम की व्याख्या छाया के रूप में की जाती है और नए नियम की व्याख्या उसकी असलियत के रूप में की जाती है। इस पर विश्वास करने का बाइबल का क्या आधार है?

बाइबल गवाही देती है कि पुराने नियम की व्यवस्था “आनेवाली अच्छी वस्तुओं की छाया है”(इब्र 10:1)। बाइबल में यह भी कहा गया है कि परमेश्वर ने प्राचीनकाल से उस बात को बताया है जो अब तक नहीं हुई है(यश 46:10),…

आसान मार्ग और सही मार्ग

हर किसी के जीवन में हमेशा एक आसान मार्ग होता है और एक सही मार्ग होता है। जब जापान ने कोरिया को अपना उपनिवेश बनाया, कुछ लोगों ने एक आसान और आरामदायक जीवन जीने के मार्ग को चुना, लेकिन कुछ…

यीशु कौन हैं?

चौथी शताब्दी से लेकर आज तक, यीशु के स्वरूप को लेकर लगातार विवाद चल रहा है। कुछ चर्च त्रिएक से इनकार करते हुए यीशु को हमारी तरह सृष्ट किया गया एक जीव समझते हैं। कुछ चर्च कहते हैं कि यीशु…

सबसे महान कार्य

दुनिया में विभिन्न प्रकार के काम और व्यवसाय हैं। उनमें से ऐसे बहुत से महान काम हैं जो लोगों को लाभ देते हैं और उनमें युग की चेतना जगाते हैं, और जिनका इतिहास में एक महत्वपूर्ण स्थान रहता है। तब…

आत्मा के बारे में प्रेरितों के विचार

“क्या होता है जब मनुष्य मरता है?” “क्या मनुष्य के पास सच में आत्मा होती है?” “मृत्यु के बाद मनुष्य कहां जाता है?” ये अनगिनत लोगों के लिए लंबे समय से अनसुलझे सवाल थे। अनगिनत लोगों ने “मैं” के अस्तित्व…

बाइबल में हम अक्सर “मुहर” शब्द देख सकते हैं। तब मुहर क्या है और इसका हमारे साथ क्या संबंध है?

“मुहर” एक छाप है जिस पर एक व्यक्ति या संगठन का नाम उत्कीर्ण है और जिसका पहचान के प्रमाणीकरण के उद्देश्य के लिए उपयोग किया जाता है। परमेश्वर की मुहर का मतलब परमेश्वर की छाप है। सभी युगों में परमेश्वर…

हर धर्म में कुछ भोजन हैं जिन्हें खाना निषिद्ध है। मैंने सीखा है कि ईसाई धर्म में भी कुछ निषिद्ध भोजन हैं। लेकिन हर चर्च में निषिद्ध भोजन अलग–अलग होते हैं। उनमें से कौन सा सही है और बाइबल में भोजन को निषिद्ध करने का मानक क्या है?

कुछ भोजन हैं जो परमेश्वर ने अपने लोगों को खाने से मना किया है। भोजन से संबंधित नियम सृष्टि के समय से लेकर नए नियम के समय तक मौजूद है, लेकिन हमें इस बात पर ध्यान देना चाहिए कि भोजन…

परमेश्वर सिय्योन नगर में शरीर में वास करते हैं

सभी ईसाइयों को जो उद्धार और अनन्त जीवन की आशा करते हैं, एक चीज को अनदेखा नहीं करना चाहिए, और वह चीज है, परमेश्वर से मिलना। यशायाह नबी ने लिखा, “जब तक यहोवा मिल सकता है तब तक उसकी खोज…