उद्धार के कार्य को पूरा करने की शक्ति का स्रोत

हमारे भाई और बहनें विश्वास में एक मन होकर कड़ी मेहनत कर रहे हैं। परिणाम स्वरूप, दुनिया भर में 7,000 से अधिक सिय्योन अब स्थापित हुए हैं। उद्धार के इस अद्भुत कार्य को देखकर, कुछ सोच सकते हैं कि यह इसलिए संभव हुआ क्योंकि प्रधान कार्यालय के कुछ विभाग योजना बनाने में अच्छा है, और दूसरे सोच सकते हैं कि हमने ऐसे महान परिणाम इसलिए पाए हैं क्योंकि हमारे पास पादरी और मिशनरी हैं जो उत्कृष्ट नेतृत्व के साथ संपन्न हैं। लेकिन, यदि हम बाइबल के द्वारा उस पर नजर डालें, तब हम महसूस कर सकते हैं कि चाहे परमेश्वर किसी भी लोगों को नियुक्त करें, राज्य का सुसमाचार सारे जगत में प्रचार किया जाएगा, और उद्धार का कार्य परमेश्वर…

आइए हम परमेश्वर को पवित्र आराधना चढ़ाएं

आराधना परमेश्वर का भय मानने और उनकी उपासना करने के लिए महत्वपूर्ण कारक है, जिसे कभी छोड़ा नहीं जा सकता। आराधना के द्वारा परमेश्वर के लोग अपने सभी पापों की क्षमा और पवित्रता की आशीष प्राप्त करते हैं, और परमेश्वर के अधिक करीब हो सकते हैं। कुछ लोग सोचते हैं कि आराधना वह समय है जब लोग बस एक उपदेश सुनने के लिए चर्च जाते हैं। लेकिन, आराधना सिर्फ उपदेशक से धाराप्रवाह उपदेश सुनने की विधि नहीं है, लेकिन उसमें अवश्य एक आत्मिक अर्थ है जिसे हमें महसूस करना चाहिए। हर उपदेशक को सिर्फ परमेश्वर और परमेश्वर के लोगों के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभाने और परमेश्वर के वचनों के द्वारा उन्हें परमेश्वर की इच्छा बताने की जरूरत है। बाइबल…

स्वर्गीय विवाह का भोज

बाइबल हमें बताती है कि जो इस पृथ्वी पर है उसकी वास्तविकता स्वर्ग में है।(इब्र 8:5 संदर्भ) जैसे हमारी शारीरिक देह होती है, वैसे ही परमेश्वर की सन्तान के लिए भी, जो उद्धार पाकर स्वर्ग वापस जाएंगी, नए सिरे से जन्मी आत्मिक आकृति होगी। जैसे शारीरिक माता–पिता हैं जिन्होंने हमें जन्म दिया और हमारा पालन–पोषण किया, वैसे ही हमारे लिए आत्मिक माता–पिता हैं जो हमें स्वर्गीय और आत्मिक आकृति में बदल कर नया जन्म देते हैं। हम परमेश्वर की सृष्टि–योजना के द्वारा इस सच्चाई को खोज सकते हैं। प्रकृति के अनुसार दिया जाता अनन्त जीवन प्राचीन काल में पूर्वज ऐसा कहा करते थे, ‘यह सहज है, मनुष्य को स्वर्ग की इच्छा समझ कर प्रकृति के अनुसार चलना है।’ और ‘जो…

विश्व सुसमाचार और माता का समर्थन

हर कोई अपने आत्मिक घर की कमी महसूस करता है जो खुशी और हर्ष से भरपूर रहता है, और वहां जाने की कामना करता है। लेकिन स्वर्ग जाने के लिए हमें पहले पृथ्वी पर अपने दिए हुए जीवन के सही मार्ग पर पूरी तरह चलना चाहिए। जिस प्रकार इस्राएली 40 वर्ष तक जंगल के मार्ग पर चलने के बाद ही कनान देश में पहुंच सके, उसी प्रकार हम तभी स्वर्ग में पहुंच सकेंगे जब हम आत्मिक जंगल, यानी विश्वास के मार्ग पर पूरी तरह चलेंगे जिस पर पिता चले और माता आज चल रही हैं। हम अपने पापों के कारण इस पृथ्वी पर निकाल दिए गए हैं। अपनी पापी संतानों को स्वर्ग के राज्य में लौटाने के लिए, परमेश्वर ने…

आसान मार्ग और सही मार्ग

हर किसी के जीवन में हमेशा एक आसान मार्ग होता है और एक सही मार्ग होता है। जब जापान ने कोरिया को अपना उपनिवेश बनाया, कुछ लोगों ने एक आसान और आरामदायक जीवन जीने के मार्ग को चुना, लेकिन कुछ ने सही मार्ग को चुना और अपने देश की आजादी के लिए संघर्ष करते हुए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया। अपने चुनाव के अनुसार, उन्होंने पूरी तरह से अलग–अलग जीवन जिया, और अंत में उन्हें बिल्कुल अलग–अलग परिणाम मिले: पहले वाले लोगों पर देशद्रोही का कलंक लगाया गया, लेकिन दूसरे वाले लोगों को कोरियाई आजादी के सेनानी के रूप में ख्याति प्राप्त हुई, और पीढ़ी दर पीढ़ी उनके नामों को याद किया जाता है। हमारे विश्वास के जीवन में…

सबसे महान कार्य

दुनिया में विभिन्न प्रकार के काम और व्यवसाय हैं। उनमें से ऐसे बहुत से महान काम हैं जो लोगों को लाभ देते हैं और उनमें युग की चेतना जगाते हैं, और जिनका इतिहास में एक महत्वपूर्ण स्थान रहता है। तब सबसे महान कार्य क्या है? परमेश्वर वास्तव में महान हैं। वह हर एक काम भी जिसका महान परमेश्वर स्वयं प्रबंधन और नेतृत्व करते हैं, निश्चय ही महान है। परमेश्वर ने अपने महान कार्यों में से एक कार्य हमें सौंपा है। वह यह है, “संसार की सब जातियों में सुसमाचार का प्रचार करना है(मत 24:14)।” संसार की चीजों का अपना–अपना अर्थ और मूल्य है, लेकिन उनका वैभव कुछ समय के लिए बरकरार रहता है और फिर गायब हो जाता है। लेकिन…

मरियम मगदलीनी के आंसू

मत्ती में परमेश्वर का वर्णन “हमारे पिता”(मत 6:9) के रूप में किया गया है। गलातियों में परमेश्वर को “हमारी माता” के रूप में बताया गया है(गल 4:26)। 2कुरिन्थियों में हमें परमेश्वर के बेटे और बेटियां कहा गया है(2कुर 6:19)। हम बाइबल के इन सभी वचनों को एक साथ रखकर देखें तो हम जान सकते हैं कि हम स्वर्ग की संतान हैं और स्वर्गीय परिवार के सदस्य हैं जिनके पास पिता परमेश्वर और माता परमेश्वर हैं। जो भी हो, चूंकि स्वर्ग में पाप करने के कारण हमें इस पृथ्वी पर निकाल दिया गया है, इसलिए हमें यह याद नहीं है। हमारे लिए जो तीसरे आयाम में रहते हैं, यह याद करना बहुत मुश्किल है कि आत्मिक दुनिया में क्या हुआ था।…

जहां कहीं हम जाते हैं, परमेश्वर हमारे साथ होते हैं

आज हम यह विजय का समाचार सुनते हैं कि सदस्य यह विश्वास करके कि राज्य का सुसमाचार संसार के सभी लोगों को अवश्य प्रचार किया जाएगा, जहां कहीं यरूशलेम की महिमा की ज्योति चमकाते हैं, वहां बहुत सी आत्माएं परमेश्वर की बांहों में वापस आती हैं। परमेश्वर हमारे हर एक काम में मदद करते हैं जो हम उनकी पवित्र इच्छा का पालन करने के लिए करते हैं, और हमारी विजय के लिए महिमा का मार्ग तैयार करते हैं। जहां कहीं भी हम जाएं, वहां परमेश्वर ने हमारे साथ होने का वादा किया है और हमें पूरी निडरता से सुसमाचार का प्रचार करने को कहा है। मैं आशा करता हूं कि आप सामरिया और पृथ्वी की छोर तक सुसमाचार का प्रचार…

माता का हृदय और सुसमाचार

जब भी शरद ऋतु आती है, हम सड़कों पर ‘जिनको’ पेड़ों के पीले रंग के पत्तों को देख सकते हैं, जो एक सुंदर वातावरण बनाते हैं। जब हम ध्यान से पेड़ों को देखते हैं, उनमें से कुछ में अधिक फल लटके होते हैं, और कुछ दूसरों में एक भी फल नहीं होता। यह इसलिए है क्योंकि उनमें नर ‘जिनको’ पेड़ और नारी ‘जिनको’ पेड़ होते हैं, और केवल नारी पेड़ पर ही फल लगते हैं। सभी चीजों के सृष्टिकर्ता परमेश्वर की ईश्वरीय योजना बहुत ही गहरी है।(प्रक 4:11) सभी जीवित प्राणी अपनी माता के द्वारा जीवन पाते हैं और फल फलते हैं। सिय्योन में, परमेश्वर ने हमें सुसमाचार का फल फलने की अनुमति दी है; हम तभी फल फल सकते…

सुसमाचार का कार्य परमेश्वर की योजना के अनुसार होता है

परमेश्वर हमें हमेशा साहस देते हैं, ताकि हम हिम्मत जुटाकर निडर हो सकें। लेकिन जब कभी हम सुसमाचार का प्रचार करते हुए मुश्किल स्थिति का सामना करते हैं, तब हम मारे डर के जम–से जाते हैं। परमेश्वर कहते हैं, “मत डर, क्योंकि मैं तेरे संग हूं (यश 41:10)।” भले ही हम परमेश्वर के इन वचनों को सुनते हैं, लेकिन कभी–कभी हम अंदरूनी पहलू के बजाय सिर्फ बाहर से दिखाई देने वाली स्थिति पर ध्यान देते हैं। यदि सत्य के प्रचारक हिचकिचाएं या पीछे हटें, तो सुसमाचार का कार्य पूरा नहीं हो सकेगा। जब हम महसूस करें कि हमारे परमेश्वर कितने महान हैं और दृढ़ता से विश्वास करें कि परमेश्वर स्वयं सुसमाचार के कार्य की अगुवाई कर रहे हैं, सिर्फ तब…

नए सिरे से जन्मे लोग

हाल ही में पूरे संसार से ऐसी खबरों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है कि सदस्य पश्चाताप करते हुए सुंदर ढंग से एकजुट हो रहे हैं। और दुनिया के कोने–कोने से यह समाचार आ रहा है कि बहुत सदस्य जो स्वर्गीय माता के अच्छे उदाहरण और शिक्षाओं के द्वारा प्रेरित हुए हैं, आंसुओं के साथ अपनी गलती के लिए पहले माफी मांगकर समझौता कर रहे हैं और पश्चाताप का जीवन जीने का संकल्प कर रहे हैं। “माफ कीजिए” या “क्षमा कीजिए” जैसी बात अब हमारे मन में गहरी गूंज पैदा कर रही है। परमेश्वर ने कहा है कि जब स्वर्ग का राज्य निकट है, तब परमेश्वर सदस्यों के हृदयों को एक होने देंगे और हमारे कठोर हृदयों…

हमारे घर के मालिक कौन हैं?

एक घर अपने मालिक की गरिमा या शैली को पूरी तरह से दिखाता है। जब आप अन्य लोगों के घरों में जाते हैं, तो उनमें से कुछ घर एक हार्दिक और दोस्ताना माहौल पेश करता है, लेकिन दूसरा ठंडा और अमित्र वातावरण पेश करता है। बस कुछ ही मिनटों के लिए घर में रहकर, आप आसानी से पता लगा सकते हैं कि घर के मालिक किस तरह के व्यक्ति हैं कि क्या वह आलसी हैं या मेहनती, या क्या वह हर चीज के बारे में शांतचित्त हैं या सख्त। तो, एक घर ऐसी जगह है जो अपने मालिक के आंतरिक रूप को जसैा है वैसा ही प्रकट करता है। फिर, आइए हम इस बारे में सोचें कि हमारे घर के…

भविष्यवाणी की तुरही की आवाज

बाइबल ने पहले ही से भविष्यवाणी की है कि स्वर्ग के राज्य का सुसमाचार कैसे चलाया जाएगा और पूरा होगा। परमेश्वर ने बाइबल में सब कुछ लिखा है, जिसमें इस युग में होने वाली बातें और वह प्रक्रियाएं शामिल हैं जिनसे हमें स्वर्ग जाने तक गुजरना चाहिए। जब हम उन्हें एक-एक करके देखें, तो हम परमेश्वर की पूर्वनिर्धारित इच्छा देख सकते हैं जो अद्भुत है। फिर, कौन सी भविष्यवाणी पूरी होनी बाकी है और हमें अब क्या करना चाहिए? पिता आन सांग होंग ने कहा, “सैनिक तुरही की आवाज पर चलते हैं, और विश्वासी भविष्यवाणी की आवाज पर चलते हैं।” पिता के वचनों को मन की गहराई में अंकित करते हुए, हमें भविष्यवाणी की तुरही की आवाज पर ध्यान देना…

​अदृश्य दुनिया और सच्चा विश्वास​

विश्वास उद्धार के लिए आवश्यक है। बाइबल स्पष्ट रूप से उल्लेख करती है कि विश्वास के बिना लोग उद्धार नहीं पा सकते। यह इसलिए क्योंकि केवल विश्वास रखनेवाले लोग हमारे उद्धार के लिए स्थापित हुई परमेश्वर की आज्ञाओं और नियमों का पालन कर सकते हैं। परमेश्वर ने दृश्य और अदृश्य दुनिया की सृष्टि की। विश्वास की दुनिया भी अदृश्य है, इसलिए सामान्य समय में यह जानने का कोई तरीका नहीं कि हमारा विश्वास बड़ा है या छोटा। तब, हमारा विश्वास कब और कैसे प्रकट किया जाता है, और हमें किस प्रकार का विश्वास रखना चाहिए? आइए हम बाइबल की शिक्षाओं के द्वारा इसकी पुष्टि करें। अपने आप को परखो कि विश्वास में हो कि नहीं सभी ने अपने स्कूल के…

परमेश्वर की प्रतिज्ञा और स्वर्ग

पुराना वर्ष चला गया है, और एक नया वर्ष शुरू हुआ है। अतीत को देखते हुए, मुझे लगता है कि मेरे सभी दिन इतनी जल्दी बीत गए कि जैसे मैं एक ही रात की नींद से जाग गया हूं। यह मुझे याद दिलाता है कि वह दिन नजदीक आ रहा है जब हम स्वर्ग जाएंगे। हमें बहुत आभारी होना चाहिए कि हमारे लिए स्वर्ग का राज्य है। जब यीशु 2,000 वर्ष पहले इस पृथ्वी पर आए थे, तो उन्होंने सिखाया कि स्वर्ग और नरक का अस्तित्व वास्तव में है और हमसे उस मार्ग का अनुसरण करने को कहा जो उन्होंने हमारे लिए खोला था, ताकि हम सभी स्वर्ग जा सकें। फिर उन्होंने पृथ्वी पर अपने जीवन के दौरान सत्य की…

पिन्तेकुस्त का दिन

नए नियम के पिन्तेकुस्त के दिन को पुराने नियम में “सप्ताहों का पर्व” कहा जाता था। 2,000 वर्ष पहले, यीशु के पुनरुत्थान और स्वर्गारोहण के बाद, इस दिन परमेश्वर ने अपने लोगों पर पवित्र आत्मा की सामर्थ्य उंडेली, ताकि वे यीशु मसीह के बारे में गवाही दे सकें। उन्होंने संसार की सभी जातियों को स्वर्ग के राज्य के सुसमाचार का प्रचार किया, जो यीशु ने उन्हें सिखाया था। मसीह ने स्वर्गारोहण के दिन पर विश्व सुसमाचार का मिशन घोषित किया। यह पिन्तेकुस्त का दिन था जो विश्व सुसमाचार की आग को प्रज्वलित कराने के लिए एक चिंगारी बना। पिन्तेकुस्त के दिन पर चेलों पर उंडेला गया पवित्र आत्मा प्रथम चर्च के सुसमाचार के विकास के लिए प्रेरक शक्ति बन गया।…

हम मनुष्य कहां से आए हैं और कहां जा रहे हैं?

जब से मनुष्य इस पृथ्वी पर हैं, सभ्यता का विकास निरंतर हो रहा है। हालांकि, ऐसे अनगिनत रहस्य हैं जिन्हें मनुष्य हल नहीं कर सके हैं। उनमें से एक मनुष्य की आत्मा का सत्य है जिसे जानने के लिए सभी युगों के और देशों के लोग जिज्ञासु रहे हैं: इस पृथ्वी पर पैदा होने से पहले हम कहां थे? क्या मृत्यु सब बातों का अंत है या मृत्यु के बाद एक और दुनिया है? जीवन से संबंधित इन सभी सवालों के जवाब न पा सकने के कारण, वे सभी अज्ञात रूप से मृत्यु से डरते हैं; चूंकि वे नहीं जानते कि वे कहां जा रहे हैं, वे इस बात को लेकर आश्वस्त नहीं हैं कि उनके भविष्य में क्या होने…

झूठे भविष्यद्वक्ता की पहचान और सच्चा चर्च

जिस पृथ्वी के पारिस्थितिकी तंत्र में हम रहते हैं, वह इतने नाजुक और उत्कृष्ट रूप से व्यवस्थित किया गया है कि हम असहाय होकर सोचते हैं कि किसी न किसी ने तो इसका निर्माण किया है। क्या होता यदि पृथ्वी वर्तमान आकार से थोड़ी बड़ी या छोटी होती? क्या होता यदि पृथ्वी सूरज से थोड़ा करीब या दूर होती? यदि पृथ्वी का आकार या सूरज तक की दूरी में थोड़ा सा भी परिवर्तन हो जाए और यदि उपग्रह चांद का अस्तित्व न होता, तो पृथ्वी पर जीवन न होता। पृथ्वी को पानी या ऑक्सीजन की कमी होती और इसका तापमान अधिक हद तक गर्म या ठंड होता; तो जैसा अब है वैसा ही पृथ्वी का पर्यावरण मानव निवास के लिए…

वे जो क्षणभर के लिए जीते हैं और वे जो अनन्तकाल के लिए जीते हैं

बाइबल गवाही देती है कि परमेश्वर की सन्तान, जो उद्धार पाएंगी, वे स्वर्ग के नागरिक हैं।(फिलि 3:20) स्वर्गीय नागरिक होने के तौर पर, हमें अपना मन पृथ्वी की नहीं पर स्वर्ग की बातों पर लगाना चाहिए। परमेश्वर हमें, अपनी सन्तानों को, सिर्फ हमारे शारीरिक जीवन में नहीं फंसाना चाहते। इसलिए परमेश्वर हमें सिखाते हैं कि हमें उन अनन्त चीजों के लिए जीना चाहिए जो हम स्वर्ग में वापस जाकर भोगेंगे। जिस प्रकार इस पृथ्वी पर सब के पास एक देश के नागरिक होने के नाते कुछ अधिकार और कर्तव्य होते हैं, उसी प्रकार हम सभी के पास स्वर्ग के नागरिक होने के नाते कुछ अधिकार और कर्तव्य होते हैं। आइए हम देखें कि पृथ्वी पर हमारा जीवन हमारे लिए क्या…

प्रायश्चित्त के दिन का अर्थ

सब्त और तीन बार में सात पर्व इत्यादि परमेश्वर के पर्व, जिनका वर्णन बाइबल में है, वे सिर्फ पुराने नियम की व्यवस्था नहीं हैं, लेकिन उनमें से हर एक के पास मानवजाति के उद्धार के लिए महान अर्थ है। परमेश्वर सिय्योन के लोगों को बचाते हैं जो पर्व मनाते हैं और जिन्होंने पर्वों के अनुसार बलिदान(आराधना) चढ़ाकर परमेश्वर से वाचा बांधी है, उन्हें “मेरे भक्त” कहकर बुलाते हैं(यश 33:20-24; भज 50:1-5)। परमेश्वर यह भी कहते हैं कि वह अपनी संतानों को इकट्ठा करेंगे जो अंतिम दिनों में पर्व मनाने के लिए प्रयास करती हैं, और पृथ्वी के सभी लोगों में उनकी कीर्ति और प्रशंसा फैलाएंगे(सपन 3:14-20)। बाइबल में परमेश्वर की प्रतिज्ञाओं के अनुसार, लोग जो परमेश्वर के नियत पर्वों सहित…