विश्वास और जीवन
यह विश्वासियों को जो मसीह की सुगंध बनने की आशा करते हैं, विश्वास का एक सही जीवन जीने में मदद करता है।
माता की शिक्षाओं में से नौवीं शिक्षा
“जिस प्रकार समुद्र सारी गंदगियों को ले लेता है और उसे साफ करता है, हमारा मन खुला और इतना सुंदर होना चाहिए जिससे हम अपने भाइयों और बहनों की गलतियों को ढंक सकें।”
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स्वर्गीय माता ने हमें बताया है कि समुद्र के समान विशाल मन एक सुंदर मन है। समुद्र के समान विशाल मन भाइयों और बहनों की गलतियों को ढक लेता है। वह आसानी से क्रोधित नहीं होता, बल्कि विनम्रता और दयालुता के साथ दूसरों को समझता है और सहन करता है। स्वर्गीय माता ऐसे मन को सुंदर मानती हैं। तो हम समुद्र के समान विशाल मन कैसे रख सकते हैं? यह हमारे गंभीर पापों को क्षमा करने वाले परमेश्वर के बारे में सोचने से संभव होता है। हम ऐसे पापी हैं जो स्वर्ग में अक्षम्य पाप करके इस पृथ्वी पर आ गए। हालांकि, परमेश्वर हमारे पापों के लिए प्रायश्चित का बलिदान बने और उन्होंने हमें क्षमा कर दिया। जब हम परमेश्वर…
माता की शिक्षाओं में से दसवीं शिक्षा
“जो भी मेमने के द्वारा मार्गदर्शन चाहता है, उसे मेमने से भी छोटा मेमना बनना चाहिए।”
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स्वर्गीय माता ने कहा कि जो कोई मेमने के द्वारा मागदर्शन चाहता है, उसे मेमने से भी छोटा मेमना बनना चाहिए। ऐसा इसलिए है क्योंकि यदि हम मेमने से छोटे नहीं बनते, तो हम जहां कहीं मेम्ना हमारा मार्गदर्शन करता है, वहां हम उसका पालन नहीं कर सकते।जब तक हम मेमने से बड़े रहेंगे, हम कुछ समय के लिए मेमने का पालन कर सकते हैं, जब तक उसका मार्गदर्शन हमारे विचारों के अनुरूप रहेगा। लेकिन, जब उसका नेतृत्व हमारे विचारों के अनुरूप नहीं रहेगा, तब हम अपने अनुसार कार्य करना शुरू कर देंगे। हमें अपने विचारों को दूर करके छोटे मेमने बनना होगा और जहां भी मेम्ना हमें मार्गदर्शन करे, वहां उसका अनुसरण करना होगा। परमेश्वर, जो मेमना हैं, उनके…
माता की शिक्षाओं में से ग्यारहवीं शिक्षा
“महान पात्र बनने की प्रक्रिया में बलिदान की आवश्यकता है।”
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परमेश्वर ने हमारी तुलना पात्रों से की है। हम छोटे पात्र में ज्यादा फल नहीं रख सकते। इसी तरह, भले ही हम कितनी भी आशीषें प्राप्त करना चाहें और महान सुसमाचार सेवकों के रूप में सेवा करना चाहें, यदि हम छोटे पात्र हैं तो हम ऐसी आशीषों को प्राप्त नहीं कर सकते। केवल जब हम बड़ा पात्र हों तब हम बहुत सी आत्माओं को गले लगा सकते हैं और पवित्र आत्मा की महान आशीषें प्राप्त कर सकते हैं। लेकिन, पात्रों के चौड़े और गहरे बनने की प्रक्रिया में बहुत अधिक पीड़ा और निर्मल होने की आवश्यकता होती है। सिय्योन में बहुत सी आत्माएं हैं; उन आत्माओं को सहन करने और गले लगाने के लिए बलिदान की आवश्यकता होती है। कुछ…
माता की शिक्षाओं में से बारहवीं शिक्षा
“परमेश्वर भी अपनी सेवा करवाने नहीं, परतु सेवा करने के लिए आए। जब हम अपनी सेवा करवाने की चाह रखे बिना, एक दूसरे की सेवा करें, तब परमेश्वर प्रसन्न होंगे।”
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हमारे परमेश्वर ने स्वयं हमें यह दिखाकर कि हमें क्या करना चाहिए, विश्वास का उदाहरण दिखाया। उनमें से एक उदाहरण दूसरों की सेवा करना है। परमेश्वर सबसे सम्मानित और पवित्र हैं, जो पूरे ब्रह्मांड में सभी प्राणियों द्वारा सेवा प्राप्त करने के योग्य हैं। फिर भी, उन्होंने हमारी सेवा की। हमें परमेश्वर के उदाहरण का अनुसरण करते हुए अपने भाइयों और बहनों की सेवा करनी चाहिए। उनमें यह वाद–विवाद भी हुआ कि उन में से कौन बड़ा समझा जाता है। उसने उनसे कहा, “अन्यजातियों के राजा उन पर प्रभुता करते हैं; और जो उन पर अधिकार रखते हैं, वे उपकारक कहलाते हैं। परन्तु तुम ऐसे न होना; वरन् जो तुम में बड़ा है, वह छोटे के समान और जो प्रधान…
माता की शिक्षाओं में से तेरहवीं शिक्षा
“हमें वर्तमान समय के कष्टों को इसलिए धैर्य से सहना चाहिए क्योंकि स्वर्ग का राज्य हमारा होगा।”
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विश्वास का जीवन जीते समय, हम कठिन और कष्टदायक क्षणों का सामना करते हैं। कभी-कभी हम सत्य के लिए सताए जाते हैं या शैतान द्वारा परखे जाते हैं; हम सिय्योन में भाइयों और बहनों के साथ कठिनाइयों का सामना करते हैं; या हम अपने दैनिक जीवन में समस्याओं का सामना करते हैं। प्रत्येक सदस्य दुःख और कठिनाई सहते हुए विश्वास के मार्ग पर चलता है। परमेश्वर ने हमें आने वाले स्वर्ग के बारे में सोचकर सभी दुखों को सहने के लिए कहा है। परमेश्वर स्वर्ग में हमारे लिए अकल्पनीय आशीष तैयार कर रहे हैं। वहां कोई शोक, पीड़ा या विलाप नहीं होगा। वहां केवल अनन्त आनंद और खुशी होगी। भले ही पृथ्वी पर हमारा जीवन कठिन हो और पीड़ाओं से…
नए वर्ष के अवसर पर परिवार की आदतें बदलें!
एक दार्शनिक ने कहा, “हम उसका परिमाण हैं जो हम बारबार करते हैं। उत्तमता कोई एक कार्य नहीं बल्कि एक आदत है।” आप आदतें बनाते हैं, लेकिन बाद में आदतें आपको बनाती हैं। अच्छी आदतें आपको सही मार्ग पर ले जाती हैं और आपको एक बेहतर व्यक्ति बनाती हैं, जबकि बुरी आदतें आपके मार्ग की बाधा बन जाती हैं। इसके अलावा, एक छोटी और तुच्छ आदत आपके करीबी परिवार के सदस्यों के साथ संघर्ष का कारण बन सकती है। जब भी नया साल शुरू होता है, हर किसी के पास नई आदतों की योजना होती है। क्यों न आप यह तय करें कि आप किन आदतों को सुधारना चाहते हैं या आप कौन सी नई आदत बनाना चाहते हैं, और…
एक धनी जिसने अनुग्रह का भुगतान किया
चीन के जिआंगशी में एक छोटे से गांव में बदलाव की हवा चली। ऊबड़–खाबड़ रास्ते अब पक्के मार्ग बन गए और ढह जानेवाली झोपड़ियों की जगह आलिशान बंगलों ने ले ली। गांव में अब बास्केटबॉल के स्टैंड, टेबल टेनिस के टेबल, और एक पुस्तकालय बनाए गए जिनका सभी नागरिक मुफ्त में इस्तेमाल कर सकता है। वहां एक भोजनालय भी है जहां बुजुर्ग लोग या कम आमदनी वाले मुफ्त में खाना खा सकते हैं। उन्हें ऐसी सुविधाओं के लिए कितनी कीमत देनी पड़ी होगी? आश्चर्यजनक रूप से, वे सब मुफ्त में हैं। शिओंग शुहुवा ने, जो वहां पैदा हुआ और बढ़ा हुआ था, गरीबी से बाहर निकलने के लिए अपने तीन भाइयों के साथ कड़ी मेहनत की और वह अमीर बन…
भावनात्मक आदतें
अमेरिका के नॉर्थवेस्टर्न विश्वविद्यालय में सामाजिक मनोवैज्ञानिक फिलिप ब्रिकमेन ने एक प्रयोग किया। जिनकी खुशियां अचानक सौभाग्य प्राप्त करके अमीर होने के कारण एकदम बढ़ गईं, और जिनकी खुशियां अचानक दुर्घटना में शरीर को लकवा होने के कारण एकदम कम हो गईं, ऐसे दोनों प्रकार के लोगों की भावनाओं में होने वाले परिवर्तनों का प्रेक्षण किया गया। कुछ समय के बाद जब फिर से उन दोनों की खुशियों की माप की गई, तो परिणाम पहले के परिणाम से बिल्कुल अलग था। जैसे–जैसे समय बीत गया, खुशियों की ऊंची मात्रा उस निम्न मात्रा तक कम हो गई. जो सौभाग्य मिलने से पहले होती थी, और खुशियों की निम्न मात्रा उस ऊंची मात्रा को लौट गई, जो दुर्घटना होने से पहले होती…
सार्थक समय
एक ऐसा मनुष्य था जिसे रात के समय मछलियां पकड़ना अच्छा लगता था। रात के मुख्य समय जब वह अपने काम के बाद घर पर आराम से विश्राम कर सकता था, वह एक सैंडविच और मछली पकड़ने का सामान लेकर धुंधले रास्ते पर निकल पड़ता था। कभी–कभी सारी रात कांटें में कोई भी मछली नहीं फंसती थी, लेकिन वह इस बात की परवाह नहीं करता था। यहां तक कि यदि वह थोड़े समय में बहुत मछलियां पकड़ लेता था, तो वह अपने पड़ोसियों को उन्हें दे देता था। उसे ऐसा करते हुए देखकर, प्रश्नात्मक ढंग से उसकी पत्नी ने उसे पूछा। “हनी, क्या आपने कुछ घंटों तक इंतजार करने के बाद उन मछलियों को नहीं पकड़ा? यदि आप सब कुछ…
प्रेम को पुनर्स्थापित करने का अवसर
“क्या परमेश्वर नीचे आ रहे हैं?” जब मैं एक बच्ची थी, तब सूरज की रोशनी को देखकर जो भूरे बादलों से उभरकर सीधे जमीन पर चमकती थी, मैं अपने मन में बात करती थी। भले ही मुझे किसी ने नहीं सिखाया, लेकिन मैं आश्वस्त थी कि परमेश्वर निश्चित रूप से अस्तित्व में हैं। इसलिए जब मैं प्राथमिक विद्यालय में थी, तो मैं एक प्रोटेस्टैंट चर्च जाती थी। विश्वविद्यालय का छात्र बनने के बाद, मैं अपने धार्मिक जीवन में उत्सुक थी; मैं प्रचार करने के लिए सड़क पर गिटार भी बजाती थी। हालांकि, जैसे–जैसे समय बीतता गया, उपदेश जो मंडराते बादल की तरह थे, बिल्कुल भी दिल को नहीं छूते थे। जब कभी भी मैं चर्च के लिए कुछ करती थी,…
सियोल, कोरिया से सिन से ही
पिट्सबर्ग, पीए, अमेरिका से रामी मैक पर्फेट
लिखना मेरे लिए हमेशा मेरी आस-पास की दुनिया को समझने का तरीका हुआ है, और मैंने कई सालों से बहुत सी डायरी लिखीं। मैंने शायद ही कभी अपनी पुरानी डायरी को वापस पढ़ा, क्योंकि वे उन संघर्षों की दर्दनाक याद दिलाती थीं जिनका हम इस धरती पर निरंतर सामना करते थे। चाहे मैंने कुछ साल पहले लिखी डायरी देखी थी, मुझे हमारे पीड़ित होने के कारण का कोई उत्तर नहीं मिला था। लेकिन लगभग एक वर्ष पहले, मैंने सत्य में रहने की आशीष प्राप्त की(मैं इसके लिए पिता और माता को सभी धन्यवाद और महिमा चढ़ाती हूं) और एक रात मैंने अपनी पुरानी डायरी पढ़ी। एक पन्ने से दूसरे पन्ने तक, ऐसा लगता था कि प्रत्येक डायरी में एक समान…
एक संक्षिप्त मार्ग
शुष्क मौसम के दौरान, अफ्रीका के मैदानों पर रहने वाले ग्नू पानी और भोजन की खोज में सैकड़ों मील दूर तक प्रवास करते हैं। एक जीव विज्ञानी ने कई वर्षों से देखा कि ग्नू एक महीने तक कैसे बड़े पैमाने पर प्रवास करते थे, और पता लगाया कि वे बिना किसी संक्षिप्त मार्ग को अपनाए एक लंबे और कठिन रास्ता पर चलते थे। यह आम तौर पर कमजोर व दुर्बल ग्नुओं पर मौत लाता था, लेकिन वे शायद ही कभी मार्ग बदलते थे। समस्या का कारण वे ग्नू थे जो आगे बढ़कर नेतृत्व करते थे। वे शायद ही कभी अपनी यात्रा का मार्ग बदलते थे, क्योंकि उन्हें उस रास्ते से जाने की आदत पड़ गई थी। वे हमेशा की तरह…
तनाव से कैसे निपटें
तनाव के कारण सभी प्रकार की बीमारियां होती हैं, और अत्यधिक तनाव के कारण मृत्यु भी हो सकती है। किसी प्रकार के तनाव के बिना जीवन जीना नामुमकिन है। लेकिन तनाव के प्रति हमारा रवैया बहुत महत्वपूर्ण है। यदि हम तनाव को बुरी चीज मानें, तो वह सच में हमारा दुश्मन बन जाएगा; लेकिन यदि हम उसे सकारात्मक रूप से सोचें, तो वह हमें किसी प्रकार की हानि नहीं पहुंचा सकता। हार्वर्ड विश्वविद्यालय ने इसके बारे में एक प्रयोग किया था। “तनाव का सामना करने में किसी प्रकार की शारीरिक प्रतिक्रिया होती है। तब आपको उसे चिंता या तनाव का सामना करने में हुई असफलता के चिन्ह के रूप में नहीं समझना चाहिए। आपके हृदय का धड़कना आपके शरीर को…
रजोनिवृत्ति जो अधेड़ उम्र की किशोरावस्था कही जाती है
‘इन दिनों मां कुछ अजीब लगती है। वह अक्सर चिढ़ जाती है। वह भावनात्मक रूप से काफी अस्थिर है और वह अक्सर कहती है कि उसका कुछ भी काम करने का मन नहीं करता। कभी-कभी वह बहुत उग्र हो जाती है, लेकिन फिर वह बिस्तर पर सुस्त हो जाती है। उसके साथ क्या हो रहा है? मां के ऐसे अजीब व्यवहार से उसके बच्चे को असहज महसूस होता है। वैसे ही एक मां को भी, अपने आप को शीशे में देखकर असहज महसूस होता है क्योंकि उसे लगता है जैसे कि एक बूढ़ी महिला शीशे के सामने बैठी हो। उसे ऐसा भी महसूस होता है कि उसका दिल अचानक तेजी से धड़कता है, और वह चाहे कितनी भी कोशिश क्यों…
आशीषें उन्हें दी जाती हैं जो विश्वास करके कार्य करते हैं
पेरू में आमेजोनास राज्य के लगभग 40,000 की आबादी वाले शहर छाछाफोयास में शॉर्ट टर्म मिशन यात्रा करने की योजना बनाई गई थी। 38 आवेदकों को चार अलग-अलग टीमों में विभाजित किया गया, और हर टीम ने पंद्रह दिनों तक प्रचार करने की योजना बनाई। प्रचार शुरू करने से पहले हमने पूरी तरह से स्वर्गीय पिता और माता पर निर्भर होकर अपना मिशन पूरा करने का संकल्प किया, और हमने एक मन होकर परमेश्वर से सहायता मांगी। पहली टीम के जाने से कुछ दिन पहले, दो उपाध्यक्षों को प्रचार स्थल पर भेजा गया, ताकि वे शाखा चर्च के लिए उचित इमारत को और प्रचार करने के लिए अच्छी जगह को देख सकें। लीमा में भी जो एक बड़ा शहर है,…
लीमा, पेरू से जॉर्ज लूइस माजा कुएवेडो
मां के हाथ का खाना, घर का बना सबसे अच्छा भोजन
अपने बच्चों से मिलने के लिए जो अपने सपनों को पूरा करने के लिए दूर देश में रह रहे हैं, उनकी मां ने उस देश में जाने के लिए दस घंटे तक उड़ान भरी। मां अपने साथ में चम्मच, कप और थाली लाईं जिनका उनके बच्चे घर में इस्तेमाल किया करते थे, और उन्होंने विदेशी में किराने का सामान खरीदकर अपने बच्चों का पसंदीदा व्यंजन पकाया। इस बात को न जानते हुए, बच्चे मेज पर बैठ गए जहां निर्माता की योजना के अनुसार उनकी "मां के हाथ का खाना" कैफेटेरिया में सेट किया गया था। परिचित व्यंजन देखकर, उनके कुछ बच्चों ने व्यंजनों की तस्वीरें लीं और धीरे-धीरे स्वाद का आनंद लिया। फिर, एप्रन पहनी हुई उनकी मां वहां प्रकट…
खोए हुए जूते
मेरी दादी हमेशा मुझे अधिक देना चाहती हैं। जब मैं प्राथमिक स्कूल में थी, तो उन्होंने मेरे लिए एक मेज खरीदी थी कि मैं मेहनत से पढ़ाई करूं। उन्होंने मेरे माध्यमिक और हाई स्कूल के दिनों में स्कूल यूनिफार्म के लिए भी पैसे चुकाए थे। जब मैं कॉलेज की छात्रा बन गई और अकेली रहती थी, तब उन्होंने मेरे लिए बहुत से व्यंजन भेजे। वह मुझसे अक्सर पूछती थीं कि मुझे कुछ चाहिए या नहीं। कुछ साल पहले कोरियाई राष्ट्रीय छुट्टी, चुसोक के दौरान मेरी दादी ने उपहार के रूप में मुझे जूते दिए। उन्होंने मेरी मौसी और मौसेरी बहन से पूछते हुए प्रचलित डिजांइन के जूते खरीदे जो मुझ पर अच्छे लग रहे हैं। जब मैं छुट्टी के बाद…
आन्यांग, कोरिया से ओ जिन हुई
49–51 का नियम
साझेदारी या उद्योग के मुनाफे को विभाजित करते समय, अगर आप मुनाफे में से 49 प्रतिशत हिस्सा लें और अपने साथी को 51 प्रतिशत हिस्सा दें, तो भले ही आपने उसे सिर्फ एक दिया है, फिर भी आपके साथी को ऐसा महसूस होगा कि उसे दो अधिक प्राप्त हुआ है। इस तरह जब हम दूसरों को सिर्फ थोड़ा सा और दें, तब हम उससे कहीं ज्यादा संतुष्टि उन्हें दे सकते हैं जितनी हमने अपेक्षा की है।
पुष्टिकरण पूर्वाग्रह: जैसा कि मैं विश्वास करना चाहता हूं
जुयंग ने सुबह अपनी कलाई घड़ी पहनने की कोशिश की, लेकिन उसे कहीं भी नहीं मिली। अचानक उसे याद आया कि पिछले दिन जिम कक्षा के दौरान उसने अपनी क्लास रूम के मेज की दराज में घड़ी रखी थी। जैसे ही वह स्कूल पहुंची, उसने पहले दराज में उसे ढूंढ़ा। लेकिन घड़ी वहां नहीं थी। चूंकि उसने लंबे समय तक अपने जेब खर्च को बचाकर घड़ी खरीदी थी, उसे बहुत निराशाजनक महसूस हुआ। तब से, वह केवल घड़ी के बारे में ही सोच रही थी। विचार करते करते, उसे अपनी सहपाठी, मीजंग की याद आई, जो कह रही थी कि उसे वह घड़ी पसंद आई और उसने पूछा था कि क्या वह घड़ी पहनकर देख सकती है। इसके अलावा, उसे…
एक ही तरफ
जिन लोगों के साथ आप प्रतिस्पर्धा में हैं, उनके साथ करीब आने का तरीका क्या है? आइए इसका जवाब इंग्लैंड में लैंकेस्टर विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं के अध्ययन से ढूंढ़ें। शोधकर्ताओं ने पहले दो पेशेवर फुटबॉल टीमों के प्रशंसकों से जो एक दूसरे के प्रतिद्वंद्वी हैं यह लिखने के लिए कहा कि वे अपनी टीम को क्यों पसंद करते हैं। फिर शोधकर्ताओं ने दूसरी जगह जाने वाले प्रशंसकों के सामने दो टीमों की वर्दी पहने वाले कुछ लोगों को गिरने दिया। उन प्रशंसकों में से जिन्होंने उस टीम की वर्दी पहने वाले लोगों की मदद की जिसे वे पसंद करते हैं, दो तिहाई लोगों ने प्रतिद्वंद्वी टीम की वर्दी पहने लोगों को नजरअंदाज कर दिया, जब वे गिर गए थे। शोधकर्ताओं…