बाइबल के वचन
बाइबल हमें उद्धार पाने में बुद्धिमान बनाती है(2तीम 3:15)। आइए हम इससे परमेश्वर की सच्ची इच्छा सीखें।
यीशु सर्वशक्तिमान परमेश्वर हैं, फिर भी वह क्यों मनुष्य के रूप में आए?
परमेश्वर जब भी चाहें, वह अवश्य ही मनुष्य के रूप में प्रकट हो सकते हैं। क्योंकि सर्वशक्तिमान परमेश्वर के पास ऐसी शक्ति है कि वह शरीर रूप का धारण कर सकते हैं या उसे उतार सकते हैं। फिर क्यों परमेश्वर एक कमजोर बालक और पुत्र के रूप में स्वयं पृथ्वी…
दुनिया में ऐसे कई लोग हैं जो यीशु की इच्छा पर चलने का दावा करते हैं। तब, ऐसा क्यों है की वे यीशु के स्थापित नई वाचा को नहीं रखते?
यीशु का इस पृथ्वी पर आने का उद्देश्य मनष्यों को अनंत जीवन देना है जो अपने पापों के कारण मृत्यु के बाध्य हैं। हमें उद्धार की ओर नेतृत्व करने के लिए, यीशु ने फसह के दिन पर वई वाचा को स्थापित किया और क्रूस पर अपना लहू बहाते हुए, हमारे…
फसह
यीशु ने उनसे कहा, “मैं तुम से सच सच कहता हूं कि जब तक तुम मनुष्य के पुत्र का मांस न खाओ, और उसका लहू न पीओ, तुम में जीवन नहीं।“यूह 6:53 फसह का पर्व वह पर्व है, जिसके द्वारा विपत्ति हमें छोड़कर गुजर जाती है। यह पर्व पवित्र कैलेंडर…
जिन्हें ज्योति और नमक का मिशन सौंपा है
पिछली गर्मियों में, मैंने यूरोप में स्थित चर्च ऑफ गॉड का दौरा किया। वहां मैं बहुत भाइयों और बहनों से मिल सका, जिन्होंने परमेश्वर की इच्छा का पालन करते हुए बड़े जोश के साथ सुसमाचार के लिए दिन–रात कड़ी मेहनत की। उन्होंने मुझे बहुत सी चीजों का मार्मिक एहसास कराया है। अगर मैं यूरोप के दौरे के दौरान प्राप्त अनुभूत भाव को संक्षेप में कहूं, तो यूरोप अंधेरी जगह थी जहां सत्य की ज्योति अभी तक पूरी तरह से नहीं चमकी है। चूंकि वह गहरे अंधेरे में था, बाइबल का सत्य प्रदूषित और विकृत किया गया। लेकिन लोगों ने उसे बिल्कुल भी महसूस नहीं किया। एक बड़े पुराने चर्च के बाहर दर्जनों मूर्तियां लगी थीं, और वहां पर लोग उद्धार…
यरूशलेम की महिमा संसार में प्रकट करो
बाइबल की भविष्यवाणी में से हर एक पिछले समय संपूर्ण रूप से पूरी हुई है, और अब, इस समय भी पूरी होती जा रही है। कुछ भविष्यवाणी भी, जो अब तक पूरी नहीं हुई, थोड़ी ही देरी में परमेश्वर की योजना के अनुसार पूरी हो जाएगी। अब, हमारे सामने बची हुई एक सब से महत्वपूर्ण भविष्यवाणी यह है कि यरूशलेम की महिमा पूरे विश्व में सारे लोगों में फैल जाएगी। यद्यपि यह भविष्यवाणी बाइबल में लिखी है, तो भी यदि कोई यह पूरी होने के लिए परमेश्वर से विनती नहीं करेगा और कोशिश नहीं करेगा, तो भविष्यवाणी के पूरी होने के लिए बहुत देर हो जाएगी, और उसे उस महिमा में, जो हमें देने की प्रतिज्ञा की गई, भाग लेना…
आपके वचन के अनुसार
जैसे परमेश्वर ने कहा, “तू विश्रामदिन को पवित्र मानने के लिए स्मरण रखना”, सिय्योन के सदस्य सब्त का दिन मनाते हैं। और जैसे परमेश्वर ने कहा, “आराधना के समय, स्त्री ओढ़नी से अपना सिर ढांके”, स्त्री सदस्य ओढ़नी ओढ़ती हैं। इस तरह, परमेश्वर के वचन के अनुसार किए जाते सभी कर्म ही, परमेश्वर के प्रति आज्ञाकारिता है। एक सच्चा मसीही जीवन जीने वाला वही है जो हर एक काम परमेश्वर के द्वारा दिए वचन के अनुसार करता है। परमेश्वर ने इसलिए यह कहा है कि बाइबल के वचन में कुछ न बढ़ाओ और उनमें से कुछ न निकालो, क्योंकि बाइबल में उद्धार पाने के लिए सारी सामग्रियां हैं। आइए हम यह मन में ज़्यादा गहराई से लगाएं कि यदि हम…
आइए हम सुयोग्य विश्वासी बनें
परमेश्वर इस पृथ्वी पर आए ताकि वह मनुष्यजाति को, जिसके लिए पापों के कारण मरना नियुक्त किया गया था, अनन्त स्वर्ग के राज्य की ओर ले जा सकें, और परमेश्वर ने इस बात की ओर हमारा मार्गदर्शन किया कि हम स्वर्ग की ओर देखते हुए इस पृथ्वी पर सबसे सुयोग्य जीवन जीएं। इसलिए बाइबल कहती है कि चांदी के लिए कुठाली, और सोने के लिए भट्ठी होती है, परन्तु मनों को परमेश्वर जांचते हैं।(नीत 17:3) परमेश्वर हमारे मनों को इसलिए जांचते हैं, क्योंकि वह अपनी संतानों को जांचने–परखने की प्रक्रिया के द्वारा उन्हें शुद्ध सोने से अधिक बहुमूल्य और चमकदार बनाना चाहते हैं। आइए हम बाइबल के द्वारा देखें कि परमेश्वर इस पृथ्वी पर सबसे सुयोग्य जीवों के रूप में…
जब तक तुम में मसीह का रूप न बन जाए
उस दिन जब हम अपने परिश्रमों से विश्राम पाएंगे, हम में से हर एक अपने पिछले दिनों के परिश्रमों की याद करेगा। जब सुसमाचार का प्रत्येक कार्य, जो हमने संसार में किया है, स्वर्ग में लिखा जाएगा, तब यह देखा जाएगा कि हमने स्वर्ग की आशीष पाने के योग्य मसीही जीवन जिया है या नहीं। इसके साथ हमारा न्याय किया जाएगा। इस से पहले कि बचाव का दिन भूसी के समान जाता रहे, हमें सोचना चाहिए कि हमने स्वर्ग जाने के लिए अभी तक क्या तैयार नहीं किया है। जब दस कुंवारियों का दृष्टान्त देखें, पांच कुंवारियों ने तैयार होने से दुल्हे का स्वागत किया, लेकिन पांच कुंवारियां तैयार न होने से विवाह भोज में नहीं जा सकीं।(मत 25:1–13) स्वर्ग…
संसार की ओर जाग उठने की पुकार
हम बाइबल में देख सकते हैं कि जब बहुत सी आत्माओं को योना की पुकार और पतरस के प्रचार जैसी जाग उठने की पुकार लगाई गई तो उन्हें उद्धार की ओर ले आया गया। जैसे मुर्गा भोर के आगमन की पूर्व सूचना देने और लोगों को जगाने के लिए बांग देता है, वैसे ही परमेश्वर के लोगों को इस अंधकारमय और धुंधले संसार को सुसमाचार के प्रचार की पुकार से जगाना चाहिए। आत्मिक रूप से यह अव्यवस्था और अंधकार का युग है। जब तक हम संसार के प्रति जाग उठने की पुकार नहीं लगाएंगे, कोई भी आत्मिक रूप से इस वर्तमान समय को नहीं पहचान पाएगा। हमें एक ऊंची और साफ आवाज के साथ, आत्मिक रूप से गहरी नींद में…
एक दूसरे की सेवा करो
“पृथ्वी यहोवा के ज्ञान से भर जाएगी”(यश 11:9 संदर्भ)। आज, यह आशीषित व महिमामय भविष्यवाणी हर पल सच हो रही है। परमेश्वर की इच्छा यह है कि सभी लोग पश्चाताप करके उद्धार पाएं। इस इच्छा के अनुरूप संसार का उद्धार करने के लिए ‘विश्व उद्धार आंदोलन’ तेज़ किया जा रहा है। तो, आइए हम सोचें कि अब हमें क्या करना चाहिए। बाइबल कहती है कि परमेश्वर के लोग वे हैं जो परमेश्वर की आज्ञाओं को मानते और यीशु पर विश्वास रखते हैं।(प्रक 14:12) जब सिय्योन के सदस्य ‘आज्ञा’ शब्द के बारे में सोचते हैं, तो उनके मन में जो पहले आता है वह ‘नई वाचा की व्यवस्था’ है। परमेश्वर की आज्ञाओं में ऐसी व्यवस्थाएं हैं जिनका मसीहियों को नियमित रूप…
हमें परमेश्वर का प्रेम जानने दे
परमेश्वर हमें विविध आज्ञाएं देता है और हमें कहता है कि इसका पालन करें। यह न तो परमेश्वर अपने लिए है और न ही कट्टर तरीके से हमारी आज़ादी को बाधित करने के लिए है। परमेश्वर की आज्ञा का पालन करना, भाई और बहनों को प्रेम देना, प्रचार करना ... आदि, इन में कुछ भी नहीं है जो प्रेम के आधारित नहीं है। परमेश्वर के सभी वचन के पीछे परमेश्वर का अदृश्य प्रेम होता है। परमेश्वर जो पापी सन्तानों को बचाने के लिए आया परमेश्वर के प्रेम को थोड़ा सा समझने के लिए, सब से पहले हमें आत्मा के विषय में जानना चाहिए। यदि हम आत्मा के सिद्धांत को न समझ लें, तो हम यह नहीं जान सकते कि मानव…
चांदी का मैल दूर करो
जैसे–जैसे हम दिन प्रतिदिन ज़िन्दगी जी रहे हैं, परमेश्वर का राज्य अधिक पास आ रहा है। स्वर्ग दिन प्रतिदिन पास आ रहा है, फिर भी, यदि अभी तक हमारे अन्दर गन्दगी फैली हुई है, तो हम ऐसी अपवित्र आत्मा के साथ परमेश्वर के राज्य में कभी प्रवेश नहीं कर सकेंगे। जैसा परमेश्वर पवित्र है, वैसे परमेश्वर के लोग भी पवित्र हैं।(1पत 1:15–16; 2:9 संदर्भ) स्वर्गीय पिता और माता के अनन्त राज्य में जाने के लिए, हमें अपने अन्दर उस गन्दगी को दूर करना चाहिए जिससे परमेश्वर प्रसन्न नहीं होता। जैसे ही हम अपने अन्दर जमी हुई सारी गन्दगियों को हटाएंगे, तभी हम स्वर्ग से आत्मिक अनुग्रह और कृपा पाकर, स्वर्ग के राज्य में वापस जाएंगे। चांदी का मैल दूर कर…
वचन के करीब रहो
बाइबल में अगर हम विश्वास के उन पूर्वजों के जीवन को देखें, जिनसे परमेश्वर ने प्रेम किया और जिन्होंने उद्धार पाया, तो हम जान सकेंगे कि उनमें एक समानता थी और वह यह थी कि वे हमेशा परमेश्वर के वचन के करीब रहे और उन्होंने उसके वचन को संपूर्ण माना। उनकी तरह, हमें भी वचन के करीब रहना चाहिए ताकि हम अनन्त स्वर्ग के राज्य में प्रवेश कर सकें। मनुष्य अपने करीबी लोगों से प्रभावित होता है। अगर कोई एयरकंडिशनर के नजदीक रहे, तो उससे ठंडी हवा दी जाती है, और अगर वह हीटर के नजदीक रहे, तो उससे गर्म हवा दी जाती है। उसी तरह से, अगर कोई परमेश्वर के नजदीक रहे, तो उससे परमेश्वर की जीवन की ऊर्जा…
संसार को बचाने वाले मनुष्य बनो
हम कैसे एक योग्य और मूल्यवान जीवन जी सकते हैं? बहुत से दार्शनिकों ने स्वार्थ केन्द्रित और अहं केन्द्रित जीवन जीने के बजाय, मानवजाति की भलाई के लिए सहकारी जीवन जीने के बारे में ज्यादा सोचा है। मोंटेसक्यू नामक 18वीं सदी के एक फ्रांसीसी दार्शनिक ने ये मशहूर शब्द कहे: “यदि मैं ऐसी किसी चीज को जानता जो मेरे लिए लाभकारी है लेकिन मेरे परिवार के लिए हानिकारक है, तो मैं अपने विचार से उसे निकालता। यदि मैं ऐसी किसी चीज को जानता जो मेरे परिवार के लिए फायदेमंद है लेकिन मेरे देश के लिए नुकसानदेह है, तो मैं उसे भूल जाने की कोशिश करता। और यदि मैं ऐसी किसी चीज को जानता जो मेरे देश के लिए फलप्रद है…
एक मनुष्य की आज्ञाकारिता और एक मनुष्य का आज्ञा–उल्लंघन
परमेश्वर के अनन्त राज्य में पहुंचने के लिए, हमें हमेशा अपने विश्वास को मज़बूत करना चाहिए, और अपने जीवन में स्वर्गीय पिता और माता की इच्छा को हमेशा पहला स्थान देना चाहिए। यदि हमने परमेश्वर के वचनों में से कोई वचन अब तक, न माना हो, तो पछताकर पूरी तरह से आज्ञाकारी रहना है। सिय्योन में प्रत्येक व्यक्ति, जो इस युग में सुसमाचार का नबी है, अधिक महत्वपूर्ण होता है। क्योंकि एक मनुष्य के आज्ञा न मानने से, परमेश्वर के सुसमाचार के कार्य में बाधाएं डाली जा सकती हैं, और एक मनुष्य के आज्ञा मानने से, परमेश्वर की आशीष और अनुग्रह के द्वारा सुसमाचार के कार्य में तेज़ी लायी जा सकती है। आदम का आज्ञा–उल्लंघन बाइबल में इसका ठोस उदाहरण…
परमेश्वर से नम्रता सीखें
बाइबल की भविष्यवाणी के अनुसार, बहुत से लोग सिय्योन में इकट्ठे हो रहे हैं। उनमें से कुछ सदस्य अपने पापी स्वभाव व बुरी आदत को त्याग कर, स्वर्ग का ईश्वरीय स्वभाव धारण किए हुए हैं और अपने जीवन को परिवर्तित करने का प्रयास कर रहे हैं। और कुछ सदस्य अभी तक अपने पापों की गन्दगी को, जो संसार से जमी हुई थी, नहीं निकाल पाए हैं। इसलिए हमें, जो पहले बुलाए गए हैं, उन सदस्यों के प्रति, जो सत्य में आए हैं लेकिन जिन्हें स्वभाव को सुधारना है, अनुग्रहकारी बात व स्वभाव का अच्छा आदर्श बनना चाहिए। सिय्योन की सन्तान के जो आवश्यक प्रेम के गुण हैं, उनमें से नम्रता के बारे में परमेश्वर के वचन के द्वारा सीखेंगे जो…
बन्धुआई से लौटे हुए सब लोगों ने झोपड़ियों का पर्व मनाया
सम्बल्लत और तोबियाह के रुकावट के बावजूद, इस्राएलियों ने एक हाथ में हथियार पकड़कर दूसरे हाथ से मंदिर बनाने का काम करते हुए आखिरकार यरूशलेम मंदिर के निर्माण कार्य को पूरा किया। जब सातवां महीना आया, खुशी से भरे हुए लोग एक मन होकर, भोर के समय से जलफाटक के सामने वाले चौक में इकट्ठे हुए, और उन्होंने एज्रा शास्त्री को व्यवस्था की पुस्तक ले आने को कहा। एज्रा ने बड़ी आवाज से व्यवस्था के वचन को पढ़ा। तब लोग उसे सुनकर और समझकर रोते रहे। उसके बाद जब घराने के मुख्य-मुख्य पुरुष, याजक और लेवीय लोगों ने व्यवस्था की पुस्तक के अनुसार झोपड़ियों के पर्व को मनाने की घोषणा की, तब लोगों ने डालियां ले आकर झोपड़ियां बनाईं और…
यहोवा का सन्दूक
बाइबल पुराने नियम और नए नियम से, अर्थात् पुरानी वाचा और नई वाचा से, जो परमेश्वर ने मानव को दीं, बनी है। पुराने नियम, यानी पुरानी वाचा के केंद्र में पवित्रस्थान था। और परम पवित्रस्थान में, जो पवित्रस्थान में सब से महत्वपूर्ण स्थान था, वाचा का सन्दूक था। वाचा के सन्दूक में पत्थर की पटियाएं रखी थीं, जिस पर दस आज्ञाएं लिखी हुई थीं। परमेश्वर की व्यवस्था रखी जाने से यह व्यवस्था का सन्दूक कहलाता था, और परमेश्वर की साक्षी रखी जाने से यह साक्षीपत्र का सन्दूक कहलाता था। सामान्यत: यह पवित्र सन्दूक कहलाया जाता है। पुराने नियम के इतिहास में वाचा के सन्दूक के मुताबिक अनेक घटनाएं लिखी हैं। ये वाचा के सन्दूक के महत्व के बारे में जानकारी…
परीक्षा पर जय पाओ
हम जो स्वर्ग की ओर विश्वास के द्वारा दौड़ रहे हैं, हमारे सामने कभी न कभी परीक्षाएं और बाधाएं आती हैं। जब हम इस परीक्षा पर विजयी होते हैं, तभी आत्मिक कनान, स्वर्ग तक सुरक्षित रूप से जा सकते हैं। लेकिन परीक्षा को न सह कर बीच में अपनी दौड़ को रोकें, तो स्वर्ग हम से दूर हो जाएगा। हमारे अपने विश्वास को मजबूत करना और बढ़ाना भी महत्वपूर्ण है। लेकिन इससे ज्यादा यह जरूरी होता है कि परीक्षा पर विजयी होने की दृढ़ इच्छा रखकर अनन्त स्वर्ग तक लगातार दौड़ें। जब कोई मसीही जीवन शुरू करता है, उसी समय से उस पर परीक्षा आती है, और स्वर्ग जितना हमारे पास आता है, उतनी ज्यादा परीक्षा कठोर बनती है। आइए…
पाप की मज़दूरी मृत्यु है
बाइबल कहती है कि मृत्यु सब मनुष्यों में फैल गई, क्योंकि सब ने पाप किया।(रो 5:12) इस पर जो परमेश्वर पर विश्वास नहीं करते हैं, उन्हें बुरा लगता है और वे कभी–कभी झींकते हुए बोलते हैं कि ‘चर्च में लोगों को क्यों पापी कहा जाता है?’ लेकिन दरअसल, सब मनुष्य मूल रूप से पापी हैं। हम परमेश्वर पर विश्वास करते हैं, और हम उस परमेश्वर के अनुग्रह के लिए धन्यवाद देते हुए स्तुति चढ़ाते हैं जिसने हम पापियों को मृत्यु से बचाया। परन्तु आइए हम अपने आप से प्रश्न पूछें– “इस बात में हां–हां करते हुए भी कि मैं पापी हूं, क्या मैं अपने पाप को पूरी तरह से जानता हूं? और क्या यह न जानते हुए भी मैं पछता…
सुसमाचार के सैनिक
बाइबल में युद्ध का इतिहास बहुत बार लिखा गया है। युद्ध की हार–जीत इस पर निर्भर करती थी कि परमेश्वर इस्राएलियों के साथ था या नहीं। बाइबल में ऐसा उल्लेख क्यों किया गया है? यह हमें इसकी शिक्षा देता है कि हमें किस विश्वास और रवैए से आत्मिक युद्ध करना चाहिए। परमेश्वर ने सुसमाचार के सैनिक के रूप में हमें बुलाया है। आइए हम जांच करें कि सुसमाचार के सैनिक के लिए किस मानसिक रवैए और तैयारी की आवश्यकता है, और इस समय सुसमाचार के सैनिक के रूप में शस्त्र–सज्जित करें। सैनिक के चुनाव के लिए परमेश्वर का मानदण्ड हमें गिदोन के समय के इतिहास में यह दृश्य मिलता है जिसमें परमेश्वर ने सैनिकों को चुना। इस्राएली मिद्यान के अधीन…
माता के द्वारा सौंपा गया कार्य
जो विश्वास के एक सही मार्ग पर चलते हैं, वे निश्चय ही एक विशेष बदलाव पाते हैं। जब लोग परमेश्वर पर विश्वास करना शुरू करते हैं, तब वे कैसे बच सकते हैं और स्वर्ग जा सकते हैं, इसके बारे में सोचते हैं। जैसे-जैसे वे नई वाचा के सत्य में अपने उद्धार के विषय में विश्वस्त हो जाते हैं, वे परमेश्वर के हृदय के सदृश होने लगते हैं जो सारी मानव जाति को बचाना चाहते हैं। यदि पहले हम केवल अपने बारे में चिन्ता करते थे, तो अब हमें पूरे संसार की ओर देखना चाहिए। परमेश्वर ने हमें उद्धार और दूसरे बहुत से आशीर्वाद दिए हैं। यदि हम सत्य में हैं और पिता और माता पर विश्वास करते हैं, तो हमें…
सन्तुष्ट रहना सीख लो
हाल ही में, सुसमाचार विदेश में बहुत ही जल्दी प्रसारित किया जा रहा है। क्योंकि सिय्योन परिवार के सदस्य प्रत्येक परिस्थिति में संतोषी रहते हैं और हमेशा परमेश्वर को धन्यवाद देते हैं, इसी कारण परमेश्वर उन्हें पवित्र आत्मा की शक्ति बढ़ाने पर बल दे रहा है। आर्थिक और सांस्कृतिक हर दृष्टि से सुसमाचार का प्रचार करना बिल्कुल आसान नहीं है, फिर भी सिय्योन के सदस्य खुश मन से और स्वेच्छा से सुसमाचार की सेवा कर रहे हैं। हरेक सदस्य कहता है कि जितनी मुश्किल और कठिन स्थिति होती है, उतना ही ज्यादा उसे महसूस होता है कि पिता और माता उसके साथ है। वे दुख और पीड़ा में भी कुड़कुड़ाए बिना निरन्तर खुशी रहते हैं और धन्यवाद देते हैं, तो…