यीशु सर्वशक्तिमान परमेश्वर हैं, फिर भी वह क्यों मनुष्य के रूप में आए?

परमेश्वर जब भी चाहें, वह अवश्य ही मनुष्य के रूप में प्रकट हो सकते हैं। क्योंकि सर्वशक्तिमान परमेश्वर के पास ऐसी शक्ति है कि वह शरीर रूप का धारण कर सकते हैं या उसे उतार सकते हैं। फिर क्यों परमेश्वर एक कमजोर बालक और पुत्र के रूप में स्वयं पृथ्वी…

दुनिया में ऐसे कई लोग हैं जो यीशु की इच्छा पर चलने का दावा करते हैं। तब, ऐसा क्यों है की वे यीशु के स्थापित नई वाचा को नहीं रखते?

यीशु का इस पृथ्वी पर आने का उद्देश्य मनष्यों को अनंत जीवन देना है जो अपने पापों के कारण मृत्यु के बाध्य हैं। हमें उद्धार की ओर नेतृत्व करने के लिए, यीशु ने फसह के दिन पर वई वाचा को स्थापित किया और क्रूस पर अपना लहू बहाते हुए, हमारे…

फसह

यीशु ने उनसे कहा, “मैं तुम से सच सच कहता हूं कि जब तक तुम मनुष्य के पुत्र का मांस न खाओ, और उसका लहू न पीओ, तुम में जीवन नहीं।“यूह 6:53 फसह का पर्व वह पर्व है, जिसके द्वारा विपत्ति हमें छोड़कर गुजर जाती है। यह पर्व पवित्र कैलेंडर…

सुंदर निशान

यदि आप किसी पेड़ के तने को काटकर उसके अनुप्रस्थ काट को देखें, तो आपको पेड़ के संकेन्द्रित वार्षिक छल्लों का एक पैटर्न दिखाई देगा। जब मौसम बदलता है और वृद्धि की गति में अंतर होता है, तब पेड़ के छल्ले बनते हैं। वसंत और गर्मियों के बीच, जब कोशिका विभाजन तीव्र होता है, तब पेड़ के अंदर की लकड़ी की बनावट नरम होती है और रंग उज्ज्वल होता है, जबकि गर्मियों के अंत में या शरद ऋतु में कोशिका विभाजन धीमा हो जाता है, जिसके परिणामस्वरूप लकड़ी की बनावट सख्त हो जाती है और रंग गाढ़ा हो जाता है। जब यह प्रक्रिया दोहराई जाती है, तब पेड़ के तने में पेड़ के छल्लों का एक अद्वितीय पैटर्न बनता है।…

“होशन्ना, दाऊद का पुत्र!”

यीशु अपने चेलों के साथ यरूशलेम के पास पहुंचे, तब उन्होंने अपने दो चेलों को गधे का बच्चा ले आने का आदेश दिया, ताकि जो वचन भविष्यद्वक्ता के द्वारा कहा गया था वह पूरा हो सके। जैसे यीशु ने कहा था, वैसे ही चेले गधे का बच्चा ले आए। चेलों ने उस पर अपने कपड़े डाले, और यीशु उस पर बैठ गए। भीड़ में बहुत से लोगों ने अपने वस्त्र मार्ग में बिछा दिए, और दूसरे लोग पेड़ों से डालियां काट लाए और उन्हें मार्ग में बिछा दिया। जो लोग यीशु के आगे चल रहे थे और जो लोग यीशु के पीछे चल रहे थे, वे सब पुकार कर यह कह रहे थे, “होशन्ना, दाऊद का पुत्र! धन्य है वह…

सवेरे की प्रार्थना

बहुत सवेरे यीशु उठकर किसी एकांत स्थान पर चले गए और वहां प्रार्थना करने लगे। शमौन और उसके साथी उन्हें ढूंढ़ने निकले। “सब लोग आपको ढूंढ़ रहे हैं!” यीशु ने उनसे कहा, “आओ हम दूसरे नगरों में जाएं ताकि मैं वहां भी प्रचार कर सकूं। क्योंकि मैं इसी के लिए आया हूं।” यीशु सारे गलील में उनके आराधनालयों में जाकर प्रचार करते रहे। पिछली रात भर यीशु बहुत व्यस्त थे, क्योंकि उन्होंने तरह–तरह के रोगों से पीड़ित बहुत से लोगों को चंगा किया था और बहुत से लोगों को दुष्टात्माओं से छुटकारा दिलाया था। भले ही उन्हें शरीर में बहुत थकान महसूस हो रही थी, फिर भी उन्होंने सवेरे पौ फटने से पहले उठकर प्रार्थना के साथ अपने दिन की…

बादल और शरीर

पुराने नियम में मसीह के आने के बारे में बहुत सी भविष्यवाणियां थीं। 2,000 वर्ष पहले धार्मिक नेताओं के लिए यीशु को मसीह के रूप में स्वीकार करना बहुत मुश्किल था, क्योंकि वह गुप्त रूप से आए थे। इसलिए प्रेरित यूहन्ना ने इस प्रकार लिखा: “जो आत्मा मान लेती है कि यीशु मसीह शरीर में होकर आया है वह परमेश्वर की ओर से है, और जो आत्मा यीशु को नहीं मानती, वह परमेश्वर की ओर से नहीं; और वही तो मसीह के विरोधी की आत्मा है (1यूह 4:2–3)।” यह दिखाता है कि उस समय यह विश्वास करना बहुत कठिन था कि मसीह शरीर में आए। इसलिए एक महत्वपूर्ण सिद्धांत जो प्रथम चर्च के संतों के पास था, वह यह था…

हमेशा पहली मानसिकता के साथ

जब शमूएल न्यायी के रूप में इस्राएल की अगुवाई करता था, इस्राएलियों ने उससे अपने ऊपर शासन करने के लिए एक राजा को नियुक्त करने का आग्रह किया। तब परमेश्वर ने उसे आदेश दिया कि वह इस्राएल के प्रत्येक गोत्र में से हजार–हजार पुरुषों को परमेश्वर के सामने खड़ा करे। शमूएल परमेश्वर के वचन के अनुसार सभी गोत्रों को निकट लाया और चिट्ठी डाली। बारह गोत्रों में से बिन्यामीन का गोत्र चुना गया, और बिन्यामीन के गोत्र में से मत्री का परिवार चुना गया और उनमें से कीश का पुत्र शाउल चुना गया। लोगों ने शाऊल को इधर–उधर ढूंढ़ा पर वह नहीं मिला। “क्या शाऊल यहां नहीं आया है?” लोगों ने जो शाऊल को नहीं ढूंढ़ पाए, परमेश्वर से इस…

यह कौन है?

यीशु नाव पर चढ़कर समुद्र के तट पर भीड़ को परमेश्वर के वचन की शिक्षा दे रहे थे। शाम होने पर, उन्होंने अपने चेलों से कहा कि झील के उस पार चलो। चेलों ने यीशु को नाव पर चढ़ाया, और अन्य नावें उसके पीछे चलीं। उस समय, एक बड़ी आंधी आई, और लहरें नाव पर यहां तक लगीं कि वह पानी से भरी जाती थी। डरे हुए चेले यीशु के पास आए, जो नाव के पिछले भाग में सो रहे थे, और उन्होंने यीशु को जगाया। “हे गुरु, क्या तुझे चिन्ता नहीं कि हम नष्ट हुए जाते हैं?” तब यीशु ने उठकर आंधी को डांटा, और पानी से कहा, “शान्त रह, थम जा!” और आंधी थम गई और बड़ा चैन…

जीवन बचाने के लिए हमें क्या चाहिए

2016 में रियो डी जेनेरियो ओलंपिक खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाले मैक हॉर्टन को उसके एक प्रशंसक से ईमेल मिला। उसमें ऐसा संदेश था कि उसके ऊपरी छाती पर तिल पहले से बड़ा और उसका रंग गहरा हो गया जिससे त्वचा कैंसर होने का संदेह हुआ। हॉर्टन तुरंत अस्पताल गया और डॉक्टर ने कहा कि यह तिल मेलेनोमा में विकसित हो सकता है। मेलेनोमा त्वचा कैंसर का एक प्रकार है जो तब विकसित होता है जब मेलानोसाइट्स अनियंत्रित रूप से बढ़ने लगते हैं। यह एक घातक बीमारी है, लेकिन इसके कोई लक्षण नहीं होते, इसलिए जब तक आप अपनी त्वचा पर पूरा ध्यान नहीं देते, तब तक आप इस बीमारी का सटीक रूप से पता नहीं लगा सकते। अपने…

निवासस्थान

1. दस आज्ञाएं और निवासस्थान जब मूसा ने सीनै पर्वत पर पत्थर की पटियाएं पाईं जिन पर दस आज्ञाएं लिखी थीं, परमेश्वर ने उसे स्वर्ग का निवास दिखाया था। जब मूसा पर्वत पर से नीचे आया, तो उसने इस्राएल के लोगों को परमेश्वर के वचन कह सुनाए। उस समय वह निवास बनाने की जरुरत थी जहां दस आज्ञाओं की पटियाओं को रखा जा सके। इसलिए मूसा ने लोगों से निवास बनाने के लिए सोना, चांदी, मलमल, सूती कपड़ा जैसी चीजें इकट्ठी करने को कहा। लोग प्रतिदिन स्वेच्छा से भेंट लेकर आने लगे, और निवास बनाने के लिए इकट्ठी हुईं चीजें जरुरत से भी ज्यादा हो गईं, इसलिए मूसा ने उनसे और भेंट न लाने के लिए कहा। (निर्ग 35:4–36:7) बसलेल,…

क्योंकि उन्होंने परमेश्वर का भय माना

जब याकूब के वंशज मिस्र में रहते थे, दिनों–दिन इस्राएलियों की संख्या बढ़ती गई, और उनकी संख्या मिस्रियों से अधिक हो गई। इस पर मिस्र के राजा को संकट की भावना महसूस हुई और उसने शिप्रा और पूआ नामक दो इब्री धाइयों को बुलवाकर कहा, “जब तुम इब्री स्त्रियों को बच्चा जनने में सहायता करो, तब यदि लड़की पैदा हो तो उसे जीवित रहने दो, लेकिन यदि लड़का पैदा हो तो तुम लोग उसे मार डालो।” यदि वे राजा का यह आदेश न मानतीं, तो वे मृत्यु से नहीं बच सकती थीं। लेकिन उन धाइयों ने परमेश्वर का भय माना और मिस्र के राजा का आदेश न मानकर सभी लड़कों को जीवित रहने दिया। मिस्र का राजा यह सुनकर बहुत…

स्थापन पर्व

स्थापन पर्व यहूदियों का एक त्योहार था जो किसलेव नामक महीने के 25 वें दिन पर मनाया जाता था; यह मूसा के नियम का नहीं है। यरूशलेम में स्थापन पर्व मनाया जा रहा था; और जाड़े की ऋतु थी। यीशु मन्दिर में सुलैमान के ओसारे में टहल रहा था। यूह 10:22–23 यूनान साम्राज्य (ग्रीस) जिसने मादी–फारस साम्राज्य को हराया था, वह सिकंदर महान की मृत्यु के बाद चार सेनापतियों के द्वारा चार अलग अलग राज्यों में विभाजित हुआ था: कैसेन्डर का राज्य (मैसेडोनिया), सेल्युकुस का राज्य (सीरिया), लीसीमाचुस का राज्य (एशिया माइनर), और टॉलेमी का राज्य (मिस्र)। इन राज्यों के प्रत्येक राजा ने सिंकदर का उत्तराधिकारी होने का दावा किया। कुछ समय बाद, एशिया माइनर में लीसीमाचुस का राज्य सीरिया…

दुनिया की सबसे सटीक घड़ी

सबसे अच्छा इत्र बनाने के लिए, लोग सुबह की ओस सूखने से पहले आधी रात से सुबह दो बजे तक गुलाब का फूल तोड़ते हैं; क्योंकि गुलाब में सबसे अच्छी सुगंध भोर के समय होती है जब अंधेरा और ठंडा होता है। फिर क्यों भोर के समय गुलाब अधिक सुगंधित होते हैं? वे कैसे जानते हैं कि यह कौन सा समय है और सुगंध का उत्सर्जन कैसे करते हैं? ऐसा केवल गुलाब ही नहीं करते। हर दिन दोपहर के आसपास, आपका पेट ऐसे गुर्राता है जैसे उसे समय का पता हो। आप दोपहर का खाना खाते हैं, वापस आते हैं, और फिर से काम करना शुरू करते हैं। लेकिन फिर दोपहर करीब 3 बजे, आपको नींद आने लगती है, जैसे…

वाचा का महत्व

हमारे जीवन में सब कुछ वादों से चलता है: जैसे कि नौकरी करना, शादी करना, खरीदना और बेचना आदि। पुराने दिनों में, हमारा समाज वस्तु विनिमय प्रणाली पर आधारित था। आजकल, इस प्रणाली को नकद, चेक या क्रेडिट कार्ड का उपयोग करके एक मौद्रिक प्रणाली में बदल दिया गया है। कुछ कागज़ों को बेकार समझकर फेंक दिया जाता है, जबकि कुछ कागज़ का उपयोग सौ या हजार रुपये जैसे उच्च मूल्य के साथ किया जाता है। एक ही कागज़ के टुकड़े के अलग-अलग मूल्य क्यों होते हैं? ऐसा इसलिए है क्योंकि उन्हें अलग-अलग अनुबंध या वादे दिए गए हैं। इस तरह, परमेश्वर और हमारे बीच का संबंध भी वाचा के द्वारा बनाए रखा जाता है। 1. बपतिस्मा के माध्यम से…

अनन्त जीवन की बातें तो आपके ही पास हैं

यीशु ने तिबिरियास की झील के पार पांच रोटियों और दो मछलियों से पांच हजार लोगों को खिलाया। लोग अद्भुत चमत्कार देखकर चकित हुए और नावों पर चढ़कर कफरनहूम तक यीशु के पीछे हो लिए। “हे रब्बी, आप यहां कब आए?” “तुम मुझे इसलिए ढूंढ़ते हो कि तुम रोटियां खाकर तृप्त हुए। नाशवान् भोजन के लिए परिश्रम न करो, परन्तु उस भोजन के लिए परिश्रम करो जो अनन्त जीवन तक ठहरता है।” “आपके वचन के अनुसार करने के लिए हमें क्या करना चाहिए?” “मुझ पर विश्वास करो।” जब यीशु यह कह ही चुके थे, तब लोगों की भीड़ ने यीशु से एक चिन्ह दिखाने के लिए कहा कि वे उसे देखकर उन पर विश्वास कर सकें। “हमारे बापदादों ने जंगल…

पश्चाताप करो! तभी तुम्हारा अधर्म तुम्हारे ठोकर खाने का कारण न होगा।

जैसे ही शास्त्री कानून की पुस्तक पढ़ी, राजा ने अपने कपड़े फाड़ दिये और विलाप करने लगा। योशिय्याह के सिंहासन पर बैठने के अठारह साल बाद, उसने कानून की किताब के शब्दों को सुनने के बाद शोक मनाया जो उसने भगवान के मंदिर को हुए नुकसान की मरम्मत करते समय खोजा था। अंत में, राजा अपनी प्रजा को आदेश देता है। “मेरे और लोगों और सारे यहूदा की ओर से जाओ, और परमेश्वर से पूछो कि इस पुस्तक में लिखे शब्दों का क्या अर्थ है। “परमेश्‍वर का क्रोध बड़ा है, इसलिये कि हमारे बापदादों ने इस पुस्‍तक की बातें न सुनीं, और जो कुछ इस पुस्‍तक में हमारे लिये लिखा है, वह सब न किया।” जब सेवक भविष्यवक्ता के पास…

मेरी भेड़ें मेरा शब्द सुनती हैं

यहूदियों के एक राष्ट्रीय पर्व, यानी स्थापन पर्व के दिन जब यीशु मन्दिर के ओसारे में टहल रहे थे, तब यहूदियों ने यीशु को घेर लिया और बोले, “तू हमारे मन को कब तक दुविधा में रखेगा? यदि तू मसीह है, तो हमें साफ–साफ बता दे।” “मैं तुम्हें बता चुका हूं और तुम विश्वास नहीं करते। वे काम जिन्हें मैं अपने पिता के नाम से कर रहा हूं, स्वयं मेरी साक्षी हैं। परन्तु तुम लोग इसलिए विश्वास नहीं करते क्योंकि तुम मेरी भेड़ों में से नहीं हो। मेरी भेड़ें मेरा शब्द सुनती हैं, और वे मेरे पीछे पीछे चलती हैं। मैं और पिता एक हैं।” यह सुनकर यहूदियों ने यीशु पर मारने के लिए पत्थर उठा लिए। “मैंने तुम्हें अपने…

मैंने अपने परमेश्वर की पूरी रीति से बात मानी

लंबे समय का जंगल का जीवन समाप्त करने के बाद, इस्राएलियों ने आखिरकार कनान में प्रवेश किया। परमेश्वर की आज्ञा के अनुसार सभी गोत्रों ने यह तय करने के लिए चिट्ठी डाली कि वे भूमि का कौन–सा हिस्सा ले लेंगे। जब यरदन के पश्चिमी भाग को बांटने का समय आया, तब कालेब यहोशू के पास आया। कालेब ने कहा, “अब मैं पचासी वर्ष का हो गया हूं। मैं अब भी उतना ही शक्तिशाली हूं जितना शक्तिशाली मैं उस समय था, जब मूसा ने कनान देश का भेद लेने के लिए मुझे भेजा था। इसलिए वह पहाड़ी प्रदेश(हेब्रोन) मुझको दे दो जिसे यहोवा ने बहुत पहले मुझे देने का वचन दिया था। मैं जानता हूं कि वहां शक्तिशाली अनाकी लोग रहते…

परमेश्वर का उद्धार

जब इस्राएल की सेना पलिश्तियों के बड़े सैन्य बल से डरकर कांप रही थी, तब शाऊल का पुत्र योनातान अपने पिता से बिना कुछ कहे एक युवा सैनिक को लेकर पलिश्तियों के डेरे के पास चला गया। “आओ, हम उनके पास जाएं! परमेश्वर अवश्य ही हमें विजय दिलाएंगे। हमारा उद्धार करने से परमेश्वर को कुछ भी रोक नहीं सकता, इससे कोई अन्तर नहीं पड़ता है कि हमारे पास बहुत से सैनिक हैं या थोड़े से सैनिक।” “आगे चलिए, मैं आपका पालन करूंगा।” “यदि पलिश्ती लोग हमसे कहते हैं, ‘तुम वहीं रुको जब तक हम तुम्हारे पास आते हैं,’ तो हम उसी स्थान पर रुक जाएंगे और उनके पास ऊपर नहीं चढ़ेंगे। परन्तु यदि वे यह कहते हैं, ‘हमारे पास चढ़…

परमेश्वर की कृपादृष्टि मुझ पर हुई

जब नहेम्याह ने यह सुना कि यरूशलेम की शहरपनाह टूटी हुई है, तब वह बहुत व्याकुल था। कुछ दिनों तक प्रार्थना करने के बाद, उसे अपने राजा अर्तक्षत्र का पूरा समर्थन मिला, और वह यरूशलेम मंदिर का पुनर्निर्माण करने का सपना लेकर यहूदा में लौट आया। नहेम्याह यरूशलेम में पहुंचा, और उसने यरूशलेम की टूटी पड़ी हुई शहरपनाह को देखा और यहूदियों को बुलाकर कहा, “आप सब जानते हैं कि अब हम कैसी दुर्दशा में हैं। यरूशलेम उजाड़ पड़ा है तथा उसके फाटक आग से जले हुए हैं। आओ, हम यरूशलेम की शहरपनाह का फिर से निर्माण करें। इससे हमें भविष्य में फिर कभी लज्जित नहीं रहना पड़ेगा।” जब नहेम्याह ने लोगों से यह कहा कि परमेश्वर की कृपादृष्टि उस…

सेवा करने वाला प्रधान बनेगा

Tयाकूब और यूहन्ना की माता यीशु के पास पहुंची और उसने झुककर प्रणाम किया। “तू क्या चाहती है?” “मेरे दो पुत्रों को आपके राज्य में एक आपके दाहिनी ओर और दूसरा आपके बाईं ओर बैठने दीजिए।” यह सुनकर बाकी दस चेले याकूब और यूहन्ना पर क्रुद्ध हुए। तब यीशु ने उन्हें अपने पास बुलाकर कहा, “तुम जानते हो कि संसार के हाकिम लोगों पर प्रभुता करते हैं और अपनी शक्ति दिखाना चाहते हैं। लेकिन तुम्हारे बीच ऐसा नहीं होना चाहिए। जो कोई प्रधान होना चाहे, वह अपने आपको दास बनाओ। मैं भी सेवा कराने नहीं; बल्कि सेवा करने और बहुतों के छुटकारे के लिए अपने प्राण देने आया है।” चेले चाहते थे कि परमेश्वर के राज्य में वे प्रधान बनें,…

हम तुम्हें सुसमाचार सुनाने आए हैं

पौलुस और बरनबास लुस्त्रा में पहुंचे, और वे सुसमाचार का प्रचार कर रहे हैं। वहां एक व्यक्ति था जो लंगड़ा था और चल नहीं पाता था। वह पौलुस की बातों को ध्यान से सुन रहा था। पौलुस ने उस पर दृष्टि गड़ाई और देखा कि चंगा हो जाने का विश्वास उसमें है, तो उसके पास जाकर उसने ऊंचे शब्द से कहा, “अपने पैरों पर सीधा खड़ा हो जा!” तब वह तुरन्त उठकर चलने–फिरने लगा। जब लोगों ने पौलुस का यह काम देखा, तब वे बहुत हैरान हुए और पुकार कर कहने लगे, “देवता हमारे बीच मनुष्यों का रूप धारण करके उतर आए हैं!” मंदिर के याजक ने बैल और फूलों के हार फाटकों पर लाए, और वह लोगों के साथ…