विश्वास और जीवन

यह विश्वासियों को जो मसीह की सुगंध बनने की आशा करते हैं, विश्वास का एक सही जीवन जीने में मदद करता है।

हीरे के समान

हीरे को मणियों का बादशाह कहा जाता है और यह इस पृथ्वी पर समस्त प्राकृतिक पदार्थों में सबसे अधिक कठोर पदार्थ है। यह कोयले और पेंसिल की सामग्री यानी ग्रेफाइट की तरह कार्बन से बनता है। हालांकि हीरा, कोयला और ग्रेफाइट एक ही पदार्थ से बने होते हैं, लेकिन कोयला और ग्रेफाइट बहुत आसानी से टूट जाते हैं और इसके विपरीत हीरा पारदर्शी और चमकदार होता है और इसलिए वह अटूट प्रेम का प्रतीक बनता है। ऐसा कैसे हो सकता है? इनके बीच जो संरचनात्मक फर्क है, उसमें इसका जवाब है। कोयले और ग्रेफाइट में षट्कोण वाले कार्बन परमाणु एक दूसरे से अव्यवस्थित और समतल कण के रूप में जुड़े रहते हैं, इसलिए वे एक हल्के धक्के से भी आसानी…

सच्चे परमेश्वर से मिलना

मेरे दादा–दादी ने जो धर्म प्रचारक थे, मेरा पालन पोषण किया, और मैं उनके करीब रही। तो स्वाभाविक रूप से मेरा जीवन परमेश्वर के प्रति विश्वास से भरा था। यीशु मसीह मेरे जीवन के हीरो थे, और मैंने सोचा था कि उनके बिना मैं कुछ नहीं कर सकती। हर छोटी चीज या समस्या से बचने के लिए जब मैंने अपने उद्धारकर्ता यीशु से प्रार्थना की, तब उन्होंने हमेशा मेरी प्रार्थना का जवाब दिया। मैं दिन को स्कूल में मेहनत से पढ़ाई करती थी, और जब मैं वापस घर आती थी, मैं घर के कामों में मेरी दादी की सहायता करती थी। और रात को मैं यत्न से पढ़ाई करती थी। मेरे हर प्रयास के लिए परमेश्वर ने मेरी अधिक मदद…

वापी चाला, GJ, भारत से नीरू पेट्रीसिया

वह जो परमेश्वर ने हमें दिया है

सुदूर क्षेत्रों के खोजकर्ता कहते हैं कि उनके लिए एक दिन का सबसे कठिन समय सुबह उठने का समय है। तम्बू के अन्दर लेटकर जब वे बाहर बह रही तेज हवा की आवाज को सुनते हैं, तब वे डर जाते हैं और इसलिए उनके लिए नींद से उठकर तुरंत बिस्तर का त्याग करना कठिन है। लेकिन यदि वे उठकर बाहर जाते हैं, बहुत बार ऐसा होता है कि मौसम उतना बुरा नहीं है जितना वे सोचते हैं। हर किसी के पास ऐसा ही अनुभव है। आपने जो करने का निर्णय लिया है उसे अमल में लाने में काफी समय लगता है, लेकिन एक बार यदि आप उसे अमल में लाएं, आप महसूस करेंगे कि वह तो कुछ भी नहीं है…

मेरा पहला प्रेम अंत तक बना रहे

चूंकि मैं अपने माता–पिता की दूसरी संतान थी, इसलिए मैं कभी इसकी कल्पना नहीं कर सकती थी कि मैं पहली सन्तान की भूमिका निभाऊंगी। मगर जब मैं पंद्रह साल की थी, और जब मेरी बड़ी बहन की, जो मुझसे ज्यादा उम्र की थी, शादी हो गई, तब मुझे अपने चार छोटे भाई–बहनों की देखभाल करनी पड़ी। उस समय के दौरान मेरे परिवार की आर्थिक स्थिति बद से बदतर होती गई और इसलिए मेरे माता–पिता हमेशा मजदूरी के सिलसिले में बाहर रहते थे। तो मुझे उनके बदले घर का सारा काम संभालना पड़ता था। जैसे ही मैं स्कूल से वापस आती थी, मैं आपस में घर का काम बांट लेती थी और सारे काम को जल्दी से निपटा लेती थी। मैं…

इनचान, कोरिया से युन ह्यन सुक

परिवार का रोचक नारा बनाएं!

खिलाड़ी खेल में भाग लेते समय एक साथ कहते हैं, “जय हो, चलो!” ताकि वे एक दूसरे को प्रोत्साहित कर सकें। स्पेनी भाषा में लोग कहते हैं, “आनिमो!” यदि आप ऐसे प्रोत्साहक शब्द कहें, तो आप अपने आपको प्रोत्साहित कर सकेंगे और यह सोच सकेंगे कि मैं यह कर सकता हूं, और इससे आपको आत्मविश्वास मिलेगा। और टीम के लोगों के बीच अच्छी ऊर्जा फैल जाएगी और एकता की भावना अधिक मजबूत हो जाएगी। परिवार भी एक टीम है। आइए हम परिवार के टीमवर्क के लिए परिवार का नारा बनाएं। परिवार का नारा न केवल परिवार के टीमवर्क को मजबूत करता है, बल्कि हमें अपने परिवारवालों को सामथ्र्य और साहस देने का मौका देता है और यह आशा का संदेश…

आइए हम कहें, “हम खुश हैं!”

हाल ही में आपने कभी यह कहा है कि “मैं खुश हूं?” जब हम परेशान या असंतुष्ट होते हैं, तो हम अपनी भावनाओं को आसानी से शब्दों में व्यक्त करते हैं, लेकिन जब हम खुश या संतुष्ट होते हैं, तो हम प्राय: अपनी भावनाओं को शब्दों में व्यक्त नहीं करते। एक ऐसी कहावत है: “जब तक घंटी को कोई नहीं बजाता, तब तक वह घंटी नहीं है। और जब तक गीत को कोई नहीं गाता, तब तक वह गीत नहीं है।” खुशी के साथ भी ऐसा होगा। जब आप खुश और आनन्दित होते हैं, तो सिर्फ न हंसिए या सिर्फ खुशी की भावना को महसूस न कीजिए, परन्तु अपनी खुशी को मुंह से व्यक्त कीजिए। जैसे मनुष्य वहां बार–बार जाना…

माता मेरी छोटी सी प्रार्थना को भी सुनती हैं

यह तब की बात है जब मेरे पहले बच्चे के जन्म को करीब पांच महीने बीत चुके थे। जब मैं सोने के लिए लेटी, तब अचानक एक विचार मेरे मन में आया और उससे मैं इतनी व्यथित हुई कि मुझे नींद भी नहीं आई। ‘मेरे मरने के बाद क्या होगा?’ न जाने क्यों अचानक यह विचार मेरे मन में आया। मुझे यह जानने की तीव्र इच्छा हुई कि मृत्यु के बाद मेरे जीवन के साथ क्या होगा। मैं शायद इसलिए मृत्यु से बचने को आतुर हो गई कि मैं अभी–अभी एक मां बनी थी जिसे अपने बच्चे के जीवन की रक्षा की जिम्मेदारी लेनी चाहिए थी। उस समय के दौरान मैं चर्च ऑफ गॉड के कुछ लोगों से मिली। वास्तव…

ओसान, कोरिया से किम ग्यंग सुक

समुद्र और माता

विशाल समुद्र का पानी भूमि से हर प्रकार की गंदी चीजों को लेने पर भी नहीं सड़ जाता। इसके कई कारण हैं, जैसे उसमें प्रदूषित पदार्थों को शुद्ध करने वाले नमक का विद्यमान होना, उसका लगातार लहरों को ऊंचा उठाते हुए गतिशील होना, उसमें रहने वाले सूक्ष्मजीवों का हानिकारक पदार्थों को विघटित करना आदि। समुद्र जो अशुद्ध और गंदी चीजों को स्वीकार करता है और उन्हें शुद्ध बनाता है, वह माता से बहुत मिलता जुलता है। माता अपने बच्चों की सभी गलतियों को ढकती और स्वीकार करती है और अनंत बलिदान और प्रेम के साथ उन्हें बदलती है। समुद्र को चीनी भाषा की लिपि में 海 लिखा जाता है और उसमें 母(माता) है। फ्रेंच भाषा की लिपि में भी माता…

प्रेम की डोर

एक जीव–विज्ञानी ने शाखाओं या झाड़ियों में रहने वाली मकड़ियों का अवलोकन करके एक रोचक खोज की। जब एक माता मकड़ी अपने बच्चों से दूर होती है, और बच्चे मकड़ियों के साथ थोड़ी–सी भी खतरनाक घटना होती है, तब माता मकड़ी पल भर में अपने बच्चों को बचाने के लिए आ जाती है। जीव–विज्ञानी इस बात को जानने के लिए बहुत उत्सुक हुए कि कैसे माता मकड़ी को इस बात का पता चल जाता है कि बच्चे खतरे में होते हैं, और वह कैसे तुरन्त अपने बच्चों के पास आ पहुंचती है। इसलिए उन्होंने मकड़ियों को बहुत ध्यान से देखा। परिणाम बहुत ही दिलचस्प था। माता मकड़ी और बच्चे मकड़ी एक बहुत ही पतली डोर से एक–दूसरे से बंधे होते…

मुट्ठी भर बीजों से

1979 में भारत के पूर्वोत्तर राज्य असम में भीषण बाढ़ आई। बाढ़ग्रस्त इलाकों में सब कुछ तबाह हो गया। फाइंग नामक एक किशोर ने उजड़े इलाकों में पेड़ लगाने का सुझाव दिया। लेकिन लोगों ने उसकी बात को नजरअंदाज किया। फाइंग ने अकेले मुट्ठी भर बांस के बीज बोए। उसके लगभग तीस वर्ष बाद मुट्ठी भर बांस के बीजों ने अनेकों प्रकार के जंगली जानवरों और पेड़–पौधों से भरा एक घना जंगल बना दिया।

सबसे बड़ा निर्णय

अगस्त 2012 में एक दिन मेरे दोस्त ने मुझे उत्पत्ति की पुस्तक के वचनों से शुरू करके बाइबल का एक चौंका देने वाला रहस्य बताया। वचनों को सुनकर मैं तो बहुत अभिभूत हो गया, लेकिन मैं सिर्फ खुश ही नहीं हो सकता था, क्योंकि मुझे यह चिंता सताती थी कि मेरे माता–पिता जिनकी कैथोलिक चर्च में उत्साहपूर्ण आस्था है, इसका विरोध करेंगे। तीन हफ्तों तक सोच–विचार करने के बाद, मैंने आखिरकार सत्य को स्वीकार कर लिया। मेरे लिए यह आसान निर्णय नहीं था, पर उस समय भी और अब भी मुझे इसका कोई पछतावा नहीं है। स्वर्गीय माता का पालन करने का निर्णय लेना मेरे जीवन में सबसे महान निर्णय था। जिस सत्य ने मेरे मन को सबसे ज्यादा रोमांचित…

इलोइलो, फिलीपींस से चाल्र्स टेसपोएर

घमण्ड

वे जो स्वस्थ होते हैं, उन्हें अपने स्वास्थ्य के प्रति बेपरवाह होने की अधिक संभावना होती है। चूंकि उनके शरीर में ऐसा कोई विशेष हिस्सा नहीं है जिसमें घाव हों, इसलिए वे आंख बंद करके अपने स्वास्थ्य के प्रति निश्चिंत रहते हैं, पर वे अचानक आकस्मिक रूप से बीमारी के शिकार होते हैं। इसलिए स्वस्थ दिखने वाले लोग भी अचानक बीमार पड़ जाते हैं। इसके विपरीत वे जो निर्बल होते हैं, वे अपने स्वास्थ्य की अच्छी तरह से देखभाल करते हैं। चूंकि वे जानते हैं कि वे निर्बल हैं, इसलिए वे स्वस्थ रहने के लिए अस्वस्थ आदतों को छोड़ने का हर संभव प्रयास करते हैं और स्वस्थ खाना खाते हुए शारीरिक रूप में तंदुरुस्त रहने का प्रयास करते हैं। “...…

माता के मन और माता के हाथों के साथ

25 अप्रैल 2015 को दोपहर 12 बजे के आसपास नेपाल में 7.8 तीव्रता का बड़ा भूकंप आया। अचानक सब कुछ हिलने लगा और ऐसा लग रहा था जैसे आसमान गिर रहा हो और जमीन धंस रही हो। सदस्य जो शांतिपूर्ण सब्त का दिन मना रहे थे, वे जबरदस्त झटके से हक्के–बक्के रह गए; वे खंभे या रेलिंग को पकड़े रहे, और कुछ सदस्य अपना संतुलन खोकर गिर गए। उस दिन तक मैंने कभी नहीं जाना था कि भूकंप कितना भयावह हो सकता है। जब झटका रुक गया, हमने बाहर निकलकर चारों तरफ देखा। अत्यधिक सौभाग्य की बात थी कि चर्च की इमारत को कुछ नुकसान नहीं हुआ था, और सभी सदस्य सुरक्षित थे। लेकिन काठमांडू के केंद्रीय भाग सहित बहुत…

काठमांडू, नेपाल से तेजेंद्र गौतम

पिता के जूते

यह तब की बात है जब मैं एक लंबे समय के बाद अपनी मां के जन्मदिन के अवसर पर अपने मायके गई थी। अपनी मां के लिए एक जन्मदिन का उपहार खरीदने के लिए मैं बाजार की ओर जाने ही वाली थी कि मैं अपने पिता से मिली जो बाहर से घर वापस आए। तब पिता के जूतों पर मेरी नजर पड़ी। वे फटे–पुराने कपड़े के जूते थे जो डोरियों से इतने कसकर बांधे हुए थे कि उसमें हवा भी नहीं जा सकती थी। “पिताजी, आपने इसी तपती गर्मी में क्यों कपड़े के जूते पहने हैं? क्या आपके पास चप्पलें नहीं हैं?” वे बिना कुछ कहे बनावटी हंसी हंसकर घर के अंदर चले गए। बाजार में मैंने अपनी मां के…

संगनाम, कोरिया से जन उन ओक

परिवार

सार्डिनिया इटली प्रायद्वीप के पश्चिम में स्थित एक द्वीप है। यह संसार में लंबी आयु वाले व्यक्यिों की उच्चतम दर के कारण प्रसिद्ध है। 16 लाख की कुल आबादी में से लगभग 250 से अधिक लोग 100 वर्ष से अधिक उम्र के हैं। शोधकर्ताओं की एक टीम ने सार्डिनिया के लोगों के लंबे जीवन जीने के राज का पता लगाने के लिए एक अध्ययन किया और पाया कि सार्डिनिया के लोगों के पास एक विशेष जीन है जो लंबी उम्र के लिए जिम्मेदार है, और यह भी पाया कि लंबी आयु वाले लोगों में एक बात सामान्य रूप से मौजूद रहती है कि वे अपने परिवार वालों के साथ रहते हैं। दो या तीन पीढ़ियां एक साथ एक ही घर…

मैंने सोचा कि इससे कुछ नहीं होगा

एक दिन मुझे एक दही फ्रिज में रखा हुआ मिला। कुछ समय पहले मैंने दही के डिब्बों का एक बंडल खरीदा था, और मुझे लगा था कि मैंने सारा दही खत्म कर दिया है, पर फ्रिज में उनमें से एक दही बचा रह गया था। भले ही उसे खाने की समय–सीमा समाप्त हो गई थी, लेकिन मैं उसे फेंक कर बर्बाद करना नहीं चाहती थी। मैंने सोचा कि दही वैसे भी एक खमीरी पेय है, तो इससे कुछ नहीं होगा। जब मैं उसे पीने वाली थी, मेरी बेटी रसोई में आई। “मां, क्या आप दही पीएंगी? क्या मुझे थोड़ा मिल सकता है?” “नहीं, यह खराब हो चुका है। तुम्हारे पेट में दर्द हो जाएगा।” “तब आपने इसे अभी तक क्यों…

छांगवन, कोरिया से जो उन जिन

मुस्कान

जिस प्रकार कोरियाई कहावत है, “मुस्कुराने से आशीषें आ जाती हैं,” मुस्कुराने से कुछ भी नुकसान नहीं होता। लेकिन विभिन्न प्रकार की मुस्कुराहटें हैं। जब हम खुश होते हैं, हमारी आंखों के चारों ओर की मांसपेशियां सिकुड़ने लगती हैं और झुर्री पड़ती है। बिना बनावटीपन के सच्ची मुस्कान को डचीन मुस्कान(Duchenne smile)कहा जाता है जिसका नाम इसे पहले खोजने वाले एक तंत्रिकाविज्ञानी के नाम पर रखा गया। डचीन मुस्कान हमारे मस्तिष्क के उस हिस्से को उत्तेजित करती है जो हमें आनंद का बोध कराता है। अमेरिका के एक विश्वविद्यालय में प्रोफेसर ने यह जानने के लिए एक प्रयोग किया कि मुस्कान जीवन की गुणवत्ता को किस तरह प्रभावित करती है। प्रोफेसर ने विश्वविद्यालय के स्नातकों के फोटो एलबम से 111…

परमेश्वर की इच्छा के अनुसार

मेरी दादी मां जिनका कैथोलिक में स्थिर विश्वास था, उनके प्रभाव में मैंने कभी भी दूसरे धर्म में जाने के बारे में नहीं सोचा। जब मेरी बहन और जीजा जी ने जो चर्च ऑफ गॉड में जाते थे, मुझे सत्य के बारे में बताया, मैं सिर्फ इतना ही समझ पाई कि बाइबल में ऐसी गोपनीय बातें भी हैं, मगर मैं और आगे पढ़ना नहीं चाहती थी। हालांकि, एक बार जब मैं अपनी बहन और जीजा जी के साथ चर्च ऑफ गॉड में गई, तब मेरा मन बदल गया। ऐसा लगता था कि उस जगह के लोग प्रेम से भरे हुए हैं। मुझे बाइबल का अध्ययन करना अच्छा लगता था। मैंने पापों की क्षमा के रहस्य के बारे में पढ़ा, और…

लॉस एंजिल्स, अमेरिका से सेलीने क्रिसटीन सांचेज

जब अलग दृष्टिकोण से देखते हैं

एक कला शिक्षक ने विद्यार्थियों को पिकासो का एक चित्र सौंपा और उनसे उसकी हूबहू नकल बनाने के लिए कहा। सभी विद्यार्थी उलझन में दिख रहे थे क्योंकि पिकासो का चित्र दो या तीन लोगों के चेहरों का मिश्रिण था। जब वे जान नहीं पा रहे थे कि कहां से शुरू करना है, शिक्षक ने उनसे उस चित्र को उलटा करने के लिए कहा और फिर उसकी नकल उतारने के लिए कहा। जब उन्होंने चित्र को उलटा कर दिया, तब वे बिना किसी कठिनाई के उसकी नकल उतारने में सक्षम हो पाए। विद्यार्थियों में मन में यह पूर्वधारणा थी कि यह चित्र क्या है, लेकिन वे चित्र को उलटा देखते हुए अपनी पूर्वधारणा से छुटकारा पाने में सक्षम हो गए…

3 सेकंड की शक्ति!

सूर्य उगता और जल्दी अस्त होता है। और एक महीना आंख झपकते ही बहुत तेजी से बीत जाता है। ऐसा लग सकता है कि उन अनगिनत समयों में से 3 सेकंड बहुत थोड़ा समय है। लेकिन इन समयों के इकट्ठे होने के द्वारा लंबा समय बन जाता है और इन थोड़े समयों में किसी जगह में एक जरूरी मैच जीता और हारा जा सकता है, किसी की जिंदगी बदली जा सकती है और नया जीवन पैदा हो सकता है। 3 सेकंड छोटा समय है, लेकिन महान भी है। अगर हम इसका अच्छे से इस्तेमाल करेंगे, तब अच्छा परिणाम ला सकेंगे, तब क्यों न हम इसका फायदा उठाएं? सबसे जरूरी तो अभ्यास में लाना है। अगर आप इसे कार्य में लाएं,…